04:13 PM, 06-Jun-2026 पांच बजे तक शिक्षा मंत्री दें अपना इस्तीफा- अभिजीत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे। 01:31 PM, 06-Jun-2026 सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का किया समर्थन लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद समेत परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। वांगचुक ने कहा कि उनका मुद्दा सिर्फ नीट या सीबीएसई तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दशकों से दूरदराज के सरकारी स्कूलों की शिक्षा सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात नहीं बदलने से निराशा बढ़ी है। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे और सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक और सीबीएसई मूल्यांकन विवाद समेत परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए किया जा रहा है। वांगचुक ने कहा कि उनका मुद्दा सिर्फ नीट या सीबीएसई तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की श …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Cockroach Janta Party Protest LIVE: अभिजीत दिपके ने दी डेडलाइन, कहा- पांच बजे तक इस्तीफा दें धर्मेंद्र प्रधान
04:13 PM, 06-Jun-2026 पांच बजे तक शिक्षा मंत्री दें अपना इस्तीफा- अभिजीत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि शाम पांच बजे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। ऐसा नहीं हुआ तो पीछे नहीं हटेंगे। अगले शनिवार फिर जुटेंगे। अपने शहरों में आवाज उठाएंगे।