अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने कहा, पिछले दो-तीन दिनों से मेरी मां-बहन रो रहे थे कि कि तुम वापस आ जाओगे तो ये लोग तुम्हें अंदर डाल देंगे। मेरे घर वापस आने से उन्हें डर लग रहा था। ये अकेले मेरी मांग का डर नहीं है। इस देश में जो भी बच्चा, छात्र, युवा राजनीति के ऊपर और इस सरकार के खिलाफ बोलेगा तो उसकी मां को डर लगता है कि मेरे बेटे को कहीं ये अंदर न डाल दें। कब तक हम ऐसे डर के जिएंगे। एक बार इनको बता दो कि इनकी डर की राजनीति से अब हम डरने वाले नहीं हैं। सीजेपी ने क्या कहा? सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि अगर सात दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे देश में फैल जाएगा। सीजेपी प्रवक्ता आशीष रांका और सौरव दास ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा और शासन से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की व्यापक मुहिम की शुरुआत है। संगठन ने दावा किया कि यह आंदोलन मई में ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुआ था और इंस्टाग्राम पर इसके 22 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हैं। सीजेपी ने कहा कि देशभर के युवाओं को परीक्षा और भर्ती में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। प्रवक्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते या प्रधानमंत्री उन्हें नहीं हटाते तो आंदोलन देशभर में फैलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों से समर्थन संदेश मिल रहे हैं और संगठन एक हफ्ते बाद आगे की रणनीति तय करेगा। सीजेपी ने दावा किया कि 6 जून 2026 का दिन देश की राजनीति में बदलाव के रूप में याद रखा जाएगा। संगठन ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षा प्रणाली में सुधार और ‘रीसेट’ की मांग को लेकर शुरू किय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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