Explainer: एयर इंडिया विमान क्रैश की वजह अब तक क्यों नहीं आई सामने, रिपोर्ट कहां फंसी; जांच कहां तक पहुंची?

Explainer: एयर इंडिया विमान क्रैश की वजह अब तक क्यों नहीं आई सामने, रिपोर्ट कहां फंसी; जांच कहां तक पहुंची? इस दुर्घटना की कड़वी यादें आज भी देशवासियों के जेहन में हैं। एक साल पूरा होने के बाद भी हादसे में शिकार हुए लोगों के परिजनों को आज तक यह नहीं पता चला कि उनके अपने कैसे एक विमान दुर्घटना का शिकार हो गए? आखिर इस पूरी घटना में चूक किसकी थी? मामले की जांच का क्या हुआ? केंद्र सरकार और अलग-अलग जांच एजेंसियों की तरफ से भी इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही हादसे की वजह बताने वाली रिपोर्ट को सामने रख सकती है। 12 जून, एक साल पहले यानी वर्ष 2025 में यह वही तारीख थी, जब एअर इंडिया का अहमदाबाद से लंदन जा रहा विमान हवाई अड्डे से उड़ान भरने के चंद पलों के बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। दरअसल, इस हादसे में 239 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। ऐसे में यह जानना अहम है कि 12 जून 2025 के दिन आखिर विमान हादसे का पूरा घटनाक्रम क्या था? इस हादसे को लेकर हुई जांच में जो शुरुआती रिपोर्ट जारी हुई, उसमें क्या-क्या कहा गया था? आखिर कैसे उस रिपोर्ट को लेकर विवाद शुरू हो गए? विमान हादसे को लेकर क्या-क्या कॉन्सपिरेसी थ्योरी स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

14 जून को दिल्ली पहुंचेंगे CM शुभेंदु अधिकारी: TMC के बागी सांसदों से करेंगे मुलाकात, क्या है BJP की रणनीति?

राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा और बागी सांसदों से मुलाकात एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। बागी गुट लोकसभा स्पीकर के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन करने की तैयारी में है। उससे ठीक पहले शुभेंदु अधिकारी के साथ होने वाली यह बैठक बेहद निर्णायक साबित हो सकती है। जगदीश बसुनिया के बयान ने साफ कर दिया है कि बागी धड़ा अब पूरी तरह से आर-पार के मूड में आ चुका है।बागी टीएमसी सांसदों की लोकसभा स्पीकर के साथ होने वाली बैठक से ठीक पहले यह मुलाकात होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। शुभेंदु अधिकारी खुद इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार का दिन दिल्ली की सियासत के लिए बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस बैठक के बाद बागी सांसदों का अगला कदम क्या होगा।राजनीतिक पंडितों के मुताबिक, इस पूरे खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी की एक बहुत बड़ी और सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के बाद भाजपा अब दिल्ली में भी ममता बनर्जी को पूरी तरह कमजोर कर देना चाहती है। भाजपा की सीधी कोशिश यह है कि बागी सांसदों को साथ लेकर लोकसभा में टीएमसी के दबदबे को खत्म किया जाए। यही वजह है कि खुद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी दिल्ली आकर इन बागियों से मुलाकात करेंगे, ताकि इन बागी सांसदों को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पाले में लाकर केंद्र में अपनी ताकत को और मजबूत किया जा सके।दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पार्टी की हालत एक के बाद एक ढहते ताश के पत्तों जैसी हो गई है। पहले बंगाल विधानसभा में करीब 60 विधायकों न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

आ गया अल नीनो: मानसून सीजन में भी गर्मी से झुलसेगा पूरा देश, रूठेंगे बादल और पानी-पानी को तरसेंगे राज्य!

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अब हवाओं का रुख भी बदल रहा है। वायुमंडल ने भी इस समुद्री गर्मी पर असर दिखाना शुरू कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि समुद्र और वायुमंडल का पूरा सिस्टम अब अल नीनो की गिरफ्त में आ चुका है।सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 में केंद्रीय उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का पानी बहुत ज्यादा गर्म हो गया। इसका तापमान अल नीनो की तय दहलीज से ऊपर निकल गया है। मौसम विभाग के विशेष फोरकास्ट सिस्टम (एमएमसीएफएस) ने नए अनुमान लगाए हैं। इन अनुमानों के अनुसार, जैसे-जैसे मानसून का सीजन आगे बढ़ेगा, अल नीनो का खतरा और खतरनाक होता जाएगा।इस पूरे सिस्टम की निगरानी के लिए वैज्ञानिक ‘निनो 3.4 सूचकांक’ का इस्तेमाल करते हैं। इस तीन महीने के औसत सूचकांक में +0.5 डिग्री से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसी बढ़ोतरी को आधार मानकर भारत में अल नीनो की शुरुआत की ऑफिशियल घोषणा की गई है। इसके साथ ही समुद्र के नीचे भी तापमान बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है। यही बढ़ा हुआ तापमान आने वाले महीनों में समुद्र की सतह पर और गर्मी बढ़ाएगा।सरल शब्दों में कहें तो अल नीनो एक प्राकृतिक मौसमी बदलाव है। इसमें भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर की सतह का पानी सामान्य से बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है। भारत के मानसून के लिए इसे कभी भी अच्छा नहीं माना जाता है। इतिहास गवाह है कि जब-जब अल नीनो आता है, भारत में मानसून कमजोर हो जाता है।इसकी वजह से देश में मानसूनी बारिश कम होती है। गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। कई राज्यों में लंबे समय तक सूखा रहता है। कुछ साल में तो इसकी वजह से भीषण अकाल और सूखे की स्थिति भी बनी है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि भारतीय मानसून सिर्फ अल नीनो के भरोसे नहीं रहता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

UP: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में राज्यमंत्री ने लगाए जय श्री राम और हर-हर महादेव के नारे, सामने आया वीडियो

उत्तर प्रदेश के उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने एएमयू के कैनेडी हॉल में जय श्री राम और हर-हर महादेव के नारे लगाए। वहां उपस्थित लोगों ने भी उत्साहपूर्वक उनके साथ नारे लगाए। उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कैनेडी हॉल में औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। कार्यक्रम केंद्र सरकार में प्रधानमंत्री के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में था। राज्य सरकार में मुख्यमंत्री के नौ वर्ष का कार्यकाल भी पूर्ण हुआ था। इन दोनों महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए यह गोष्ठी रखी गई थी।राज्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के संग्रहालय और मौलाना आजाद पुस्तकालय का भ्रमण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने के प्रयासों की प्रशंसा की। दिनेश प्रताप सिंह ने इस कार्य को बेहद प्रशंसनीय बताया। उन्होंने कहा कि इतिहास को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। संग्रहालय में उन्होंने गौतम बुद्ध की प्राचीन प्रतिमा सहित कई दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 1 min · National Desk

नाविकों पर अमेरिकी हमले से भड़का भारत: US राजनयिक को फिर किया तलब, MEA ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि नागरिक जहाजों के खिलाफ इस प्रकार के घातक बल का उपयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य है। राजनयिक वार्ता के दौरान अमेरिकी पक्ष को स्पष्ट रूप से बताया गया कि इस तरह की हिंसक घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं। यह क्षेत्रीय स्थिरता को भी सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। भारत ने अमेरिका से कहा है कि वह भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए, जिससे नागरिक जीवन को कोई नुकसान पहुंचे।बता दें कि इन अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत हो गई है। भारत सरकार ने यह स्वीकार किया है कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन हमलों की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि ये हमले अमेरिकी नौसेना की तरफ से हुए थे। भारत ने कहा कि इस तरह से नागरिकों की जान जाना पूरी तरह से टाला जा सकता था।अमेरिकी सेना ने इस हफ्ते एक के बाद एक तीन जहाजों को निशाना बनाया। पहला हमला आठ जून को पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर ‘मारिवेक्स’ पर हुआ। इस पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। यह जहाज पूरी तरह ठप हो गया, लेकिन सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। दूसरा हमला 10 जून को पलाऊ के ही दूसरे टैंकर सेटेबेलो पर हुआ। इस हमले में जहाज पर मौजूद 24 भारतीयों में से तीन नाविकों की मौत हो गई। तीसरा हमला गुरुवार 11 जून को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले टैंकर ‘जलवीर’ पर हुआ। इस पर 20 भारतीय सवार थे।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इनमें से दो जहाजों पर अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) की ओर से प्रतिबंध लगाए गए थे। वहीं एक अन्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Retail Inflation: खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93% पर; जानिए क्यों आम आदमी की जेब पर पड़ रहा बोझ

खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से देश में खुदरा महंगाई दर बढ़कर मई महीने में 3.93% पर पहुंच गई है। महंगाई में तेजी के बावजूद यह लगातार 16वें महीने में आरबीआई की सीमा 4% से नीचे बनी रही। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। क्या है खुदरा महंगाई बढ़ने का कारण? देश में महंगाई ने एक बार फिर आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ाया है। मई महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93 फीसदी हो गई है। यह पिछले महीने अप्रैल की 3.48 फीसदी से अधिक है। मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि इसका कारण बनी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खाद्य महंगाई मई में 4.78 फीसदी रही। अप्रैल में यह 4.2 फीसदी थी। यह वृद्धि सीधे तौर पर रसोई के बजट को प्रभावित कर रही है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को अधिक खर्च करना पड़ रहा है। खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर इसका अधिक असर दिख रहा है। महंगाई का यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। सरकार ने रिजर्व बैंक को महंगाई को चार फीसदी पर रखने का लक्ष्य दिया है। इसमें दो फीसदी ऊपर या नीचे का मार्जिन भी शामिल है। यह लक्ष्य अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। बढ़ती महंगाई से आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। मई 2026 में किन वस्तुओं की कीमतें सबसे अधिक बढ़ीं? कीमती धातु के आभूषण, टमाटर और अदरक उन पांच वस्तुओं में शामिल हैं। किशमिश और मुनक्का भी अधिक महंगाई वाली वस्तुओं की सूची में हैं। इन वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। यह सीधे तौर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: एयर इंडिया विमान क्रैश का एक साल, जानें उस भयावह दिन का पूरा घटनाक्रम, कहां तक पहुंची हादसे की जांच

Explainer: एअर इंडिया विमान क्रैश का एक साल, जानें उस भयावह दिन का पूरा घटनाक्रम, कहां तक पहुंची हादसे की जांच इस दुर्घटना की कड़वी यादें आज भी देशवासियों के जेहन में हैं। एक साल पूरा होने के बाद भी हादसे में शिकार हुए लोगों के परिजनों को आज तक यह नहीं पता चला कि उनके अपने कैसे एक विमान दुर्घटना का शिकार हो गए? आखिर इस पूरी घटना में चूक किसकी थी? मामले की जांच का क्या हुआ? केंद्र सरकार और अलग-अलग जांच एजेंसियों की तरफ से भी इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कहा गया है। हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही हादसे की वजह बताने वाली रिपोर्ट को सामने रख सकती है। 12 जून, एक साल पहले यानी वर्ष 2025 में यह वही तारीख थी, जब एअर इंडिया का अहमदाबाद से लंदन जा रहा विमान हवाई अड्डे से उड़ान भरने के चंद पलों के बाद हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। दरअसल, इस हादसे में 239 यात्रियों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। ऐसे में यह जानना अहम है कि 12 जून 2025 के दिन आखिर विमान हादसे का पूरा घटनाक्रम क्या था? इस हादसे को लेकर हुई जांच में जो शुरुआती रिपोर्ट जारी हुई, उसमें क्या-क्या कहा गया था? आखिर कैसे उस रिपोर्ट को लेकर विवाद शुरू हो गए? विमान हादसे को लेकर क्या-क्या कॉन्सपिरेसी थ्योर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Jaspal Rana: राहुल गांधी और जसपाल का पुराना रिश्ता, शूटिंग रेंज से शुरू हुई दोस्ती, फिर इस मोड़ पर हुआ और गहरा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और जसपाल राणा का पुराना संबंध है। शूटिंग रेंज से दोनों की दोस्ती की शुरुआत हुई। दोनों ने एक साथ नारायण सिंह राणा से शूटिंग की बारीकियां सीखी। शायद यही कारण था कि भाजपा से लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद जसपाल राणा ने 2012 में कांग्रेस के लिए बतौर स्टार प्रचारक प्रचार भी किया। भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज और कोच जसपाल राणा के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित कई नेताओं ने उनके निधन पर दुख व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने भी उनके निधन की खबर पर दुख जताते हुए लिखा कि भारत के सबसे बेहतरीन शूटिंग चैंपियन और कई पीढ़ियों के एथलीट को प्रेरणा देने वाले मेंटर जसपाल राणा जी के निधन से बहुत दुख हुआ। बेहतरीन काम के लिए उनका समर्पण और भारतीय खेलों में उनके बहुत बड़े योगदान ने हमारे देश पर एक अमिट छाप छोड़ी है।उनके परिवार, प्रियजनों और पूरी खेल बिरादरी के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। राहुल गांधी और जसपाल राणा का रिश्ता निशानेबाजी से जुड़ा था। शूटिंग के दिनों से जसपाल राणा राहुल गांधी के करीबी रहे। खेल के मैदान से राजनीति तक दोनों की दोस्ती खास रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 1 min · National Desk

मोदी सरकार के 12 साल: सीएम योगी बोले- पीएम मोदी ने देश को पॉलिसी पैरालिसिस और भ्रष्टाचार के दौर से बाहर निकाला

01:47 PM, 12-Jun-2026 पीएम मोदी ने देश को भ्रष्टाचार और पॉलिसी पैरालिसिस के दौर से बाहर निकाला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएम मोदी ने देश को पॉलिसी पैरालिसिस और भ्रष्टाचार से बाहर निकाला। 2014 के पहले भारत आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था। योजनाएं भ्रष्टाचार के कारण दम तोड़ देती थीं पर अब भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था में बदल चुका है। मोदी जी के नेतृत्व के कारण ही देश को आत्मविश्वास का एहसास हुआ। यही कारण है कि देश की सेनाएं अब दुश्मनों के घर में घुसकर वार कर रही हैं। दुनिया भारत की धमक को महसूस कर रही है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया है। इसके लिए प्रदेश की जनता की तरफ से मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं और ये कामना करता हूं कि उनका नेतृत्व देश को निरंतर मिलता रहे। 01:36 PM, 12-Jun-2026 पीएम मोदी देश की आस्था को सम्मान देने वाले पहले प्रधानमंत्री सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लोगों की आस्था को सम्मान देने का काम किया है। पीएम मोदी राम मंदिर के शिलान्यास, लोकार्पण और ध्वजारोहण समारोह में शामिल हुए। ऐसा करके देश की आस्था को सम्मानित किया। वहीं, आजादी के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए और जब राष्ट्रपति ने शामिल होने की कोशिश की तो उन्हें रोकने का प्रयास किया। 01:35 PM, 12-Jun-2026 पीएम मोदी ने कई बार दिया अपनी नेतृत्वक्षमता का प्रमाण सीएम योगी ने कहा कि ये पीएम मोदी की नेतृत्वक्षमता का ही प्रभाव है कि जब भी उन्होंने देश से आह्वान किया पूरा देश एक साथ खड़ा हुआ। कोरोना की त्रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk

Bengal Politics: 'यही स्वभाव ममता की ताकत और कमजोरी भी', मणिशंकर अय्यर ने बताया तृणमूल में टूट का बड़ा कारण

तृणमूल कांग्रेस में कथित टूट को लेकर मणिशंकर अय्यर ने कहा कि काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लगभग 20 लोकसभा सांसदों ने अलग संसदीय समूह बना लिया है और भाजपा नीत एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। इसके अलावा तीन राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दिया है और 80 में से 60 से अधिक विधायक भी अलग गुट में शामिल हो गए हैं। यह घटनाक्रम विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के कुछ ही सप्ताह बाद सामने आया है। अय्यर ने कहा कि घटनाएं जिस तेजी से हुई हैं, वह चौंकाने वाली हैं, लेकिन उन्हें इस स्थिति पर पूरी तरह आश्चर्य नहीं है।मणिशंकर अय्यर ने कहा कि ममता बनर्जी भारतीय राजनीति की बेहद असाधारण नेता हैं। उनके अनुसार ममता का आत्मविश्वास और संघर्ष करने की क्षमता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। उन्होंने याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल में वामपंथी शासन को खत्म कर सत्ता तक पहुंचने के लिए ममता बनर्जी ने 12 से 13 वर्षों तक लगातार संघर्ष किया था। अय्यर ने कहा कि हर दिन और हर स्तर पर लड़ने की उनकी क्षमता ने उन्हें एक बड़े जननेता के रूप में स्थापित किया। यही कारण है कि आज भी वह भारतीय राजनीति की सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिनी जाती हैं।अय्यर का मानना है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर असुरक्षा की भावना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जो नेता आज ममता बनर्जी से दूरी बना रहे हैं, उनमें से अधिकांश का अपना मजबूत राजनीतिक आधार नहीं था। उनकी पहचान और राजनीतिक ताकत काफी हद तक ममता बनर्जी के नेतृत्व से जुड़ी हुई थी। अय्यर के अनुसार अब ये नेता अपने लिए नए राजनीतिक अवसर तलाश रहे हैं और इसी कारण बड़ी संख्या में पार्टी छोड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे बदलाव ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 12, 2026 · 2 min · National Desk