UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा, नीट अभ्यर्थियों को बस किराये में मिलेगी 50 प्रतिशत छूट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी मोहर्रम को लेकर कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि यह मातम का अवसर है, शक्ति प्रदर्शन का नहीं। मोहर्रम के दौरान किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपरा की शुरुआत तथा कानफोड़ू डीजे, ढोल-ताशों के अनियंत्रित प्रयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने शांति भंग करने के प्रयासों पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा भी की। मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) तथा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक मोहर्रम की व्यवस्थाओं को लेकर पहले से संवाद स्थापित करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की घटना न होने पाए।पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कानफोड़ू डीजे, ढोल एवं ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उन्होंने कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। साथ ही किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव के लिए ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी की आस्था का सम्मान किया जाए, लेकिन नई परंपरा का सृजन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।मुख्यमंत्री ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 17, 2026 · 2 min · National Desk

G7 Summit: 'कई भारतीयों ने गंवाई जान', ट्रंप की मौजूदगी में PM मोदी ने उठाया नाविकों की मौत का मुद्दा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष ने पश्चिम एशिया में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान पहुंचाया है।” उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।” वैश्विक समुद्री व्यापार पर क्या बोले पीएम मोदी? समुद्री व्यापार में नाविकों की भूमिका का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “वैश्विक समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित बने रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना काम कर सकें।” जी7 शिखर सम्मेलन में “नए साझेदारी संबंधों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की पुनर्बहाली” विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में भरोसे को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया पहले से कहीं अधिक आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर है।उन्होंने कहा, “किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि अब केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। सफल साझेदारियां केवल विश्वास और विश्वसनीयता की नींव पर ही खड़ी की जा सकती हैं। आज सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति कोई खनिज, तकनीक या बाजार नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।“प्रधानमंत्री ने कहा कि देशों को यह भरोसा होना चाहिए कि तकनीक, आपूर्ति श्रृंखलाएं और वैश्विक संस्थाएं दबाव या बहिष्कार का साधन बनने के बजाय सामूहिक हितों की सेवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 17, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में बढ़ीं स्कूल की छुट्टियां: हीटवेव के बीच सरकार का नया आदेश, जानें अब छात्रों को कब जाना होगा विद्यालय

शिक्षकों को रहना होगा उपस्थित हालांकि, विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारियों के लिए 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। इस दौरान लेसन प्लान तैयार करने, मिड-डे मील की व्यवस्था, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता, विद्यालय परिसर, रसोई और शौचालयों की साफ-सफाई, पेयजल की व्यवस्था तथा स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब को क्रियाशील रखने जैसे कार्य पूरे किए जाएंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 16, 2026 · 1 min · National Desk

G7 शिखर सम्मेलन: 16 महीने बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात, वैश्विक मंच पर दिखी गर्मजोशी

पिछले कुछ समय से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक शुल्कों और बयानों को लेकर कुछ तल्खी चल रही थी, जिसे सुधारने के लिए हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत का दौरा भी किया था। लेकिन पिछले ही हफ्ते ओमान के तट के पास एक व्यापारिक जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद दोनों देशों के रणनीतिक रिश्तों में एक नया तनाव पैदा हो गया है। ऐसे गंभीर माहौल और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा चुनौतियों के बीच, बुधवार को होने वाली इस द्विपक्षीय वार्ता पर अब पूरी दुनिया की नजरें टिक गई हैं, जहां पीएम मोदी इस वैश्विक मंच पर अन्य कई विश्व नेताओं के साथ भी बैठकें करेंगे।बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी की यह मुलाकात एक बेहद संवेदनशील और जटिल भू-राजनीतिक माहौल के बीच हुई है। इस समय पश्चिम एशिया में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की ओर से लागू की गई नाकेबंदी ने भारत के वाणिज्यिक हितों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। ऐसे में इस शिखर सम्मेलन ने भारत को एक सीधा और मजबूत मंच दिया है। इसके जरिए भारत समुद्री सुरक्षा से जुड़ी अपनी चिंताओं को सीधे अमेरिका के सामने रख सकता है।इस जी7 शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता और स्वच्छ ऊर्जा जैसे विषयों पर केंद्रित है। लेकिन इस महामंच पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की आपसी केमिस्ट्री ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह बातचीत दर्शाती है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी कितनी गहरी है। दोनों देश आर्थिक मोर्चे पर एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ वे तात्कालिक भू-राजनीतिक घर्षण बिंदुओं और सुरक्षा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 16, 2026 · 2 min · National Desk

G7 Summit France Live: PM मोदी फ्रांस के एवियन पहुंचे; चीन से निर्यात, यूरोपीय मुद्दों पर भी हो सकती है चर्चा

03:03 PM, 16-Jun-2026 प्रधानमंत्री स्विटजरलैंड के जिनेवा पहुंचे, यहां से जाएंगे फ्रांस #WATCH | Switzerland | Prime Minister Narendra Modi lands in Geneva. He was recieved by the Swiss President Guy Parmelin. PM Modi will travel to Evian, France, to participate in the G7 Summit. (Source: DD) pic.twitter.com/BhNJSA4eVd — ANI (@ANI) June 16, 2026 प्रधानमंत्री स्विटजरलैंड के जिनेवा पहुंच गए हैं। यहां से वे फ्रांस के शहर एवियन रवान होंगे। स्विस प्रेसिडेंट गाय पारमेलिन ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। 02:01 PM, 16-Jun-2026 जी7 देशों की बैठक से पहले आई दिलचस्प तस्वीरें जी7 देशों की बैठक शुरू होने से पहले कई दिलचस्प तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में मेजबान देश के राष्ट्रपति मैक्रों यूक्रेन के समकक्ष वोलोदिमीर जेलेंस्की, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई अन्य नेताओं का स्वागत करते दिखे। तस्वीरों में इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी और उनके कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी को भी देखा गया। 01:52 PM, 16-Jun-2026 क्या है जी-7 सम्मेलन, इसका क्या इतिहास? जी7 के गठन की कहानी भी काफी दिलचस्प है। दरअसल, 1970 का दौर, वह समय था, जब पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था तेल के बढ़ते दामों की वजह से मुश्किल में थी। खासकर तेल पैदा करने वाले देशों के संगठन- ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (ओपेक) यानी पेट्रोल निर्यातक देशों के संगठन की मनमानी की वजह से। ओपेक की तरफ से तेल के निर्यात पर लगी पाबंदियों का असर ऐसा हुआ कि तब अमेरिका के वित्त मंत्री जॉर्ज शुल्ज ने एक बैठक बुला ली। पहली बैठक में छह देश इकट्ठा हुए और आर्थिक संकटों से निपटने पर चर्चा की। फैसला हुआ कि एक साल बाद यह देश फिर म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 16, 2026 · 2 min · National Desk

ममता ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा: भवानीपुर में हार पर रार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जीत को दी चुनौती

2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को अपने इस पुराने गढ़ में करारी हार का सामना करना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया। इस अप्रत्याशित हार ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। इस चुनावी नतीजे के बाद से ही टीएमसी खेमे में भारी असंतोष और बेचैनी देखी जा रही है।हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में ममता बनर्जी ने बेहद गंभीर मांगें रखी हैं। कानूनी याचिका के जरिए उन्होंने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र के सभी चुनाव संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का आग्रह किया है। इसमें मतदान से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ईवीएम शामिल हैं। ममता बनर्जी का कहना है कि इन उपकरणों और दस्तावेजों को तुरंत सील किया जाए ताकि इनके साथ कोई छेड़छाड़ या इन्हें नष्ट न किया जा सके।यह लगातार दूसरा आम चुनाव है जब ममता बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी के हाथों अपनी हार को अदालत में चुनौती दी है। इससे पहले 2021 के नंदीग्राम विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भी उन्होंने याचिका दायर की थी। वह याचिका अभी भी कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित है। 2026 के विधानसभा चुनावों में मिली इस हार ने टीएमसी के भीतर एक बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। इस हार के साथ ही पश्चिम बंगाल में टीएमसी का 15 साल पुराना शासन भी समाप्त हो गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 16, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: सपा के गढ़ में ओवैसी ने घोषित किए प्रत्याशी, बन सकते हैं नए राजनीतिक समीकरण; 2027 के लिए ये है प्लान

इस सभा से पहले और बाद में भाजपा व सहयोगी दलों ने ओवैसी के बयानों का विरोध किया है। सुभासपा के नेताओं ने महाराजा सुहेलदेव की विरासत को लेकर एआईएमआईएम की राजनीति पर सवाल उठाए। इस कारण बहराइच की सभा केवल राजनीतिक कार्यक्रम न रहकर वैचारिक- ऐतिहासिक बहस का केंद्र भी बन गई। कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजभर ने ओवैसी को नसीहत दी कि जब वे यूपी आएं तो अपने नेताओं को इतिहास और मर्यादित भाषा का ज्ञान भी दें। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एआईएमआईएम के एक नेता महाराजा सुहेलदेव के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि अगर सुहेलदेव राजा होते तो बहराइच में उनका कोई किला होता। - राजभर ने सोशल मीडिया पर लिखा, ओवैसी साहब, अब जब आप यूपी आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी दे दीजिएगा। उन्होंने कहा कि यही वो भूमि है जहां चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर ने विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ संघर्ष किया था। महाराजा सुहेलदेव केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल और राजभर समाज के गौरव के प्रतीक हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 16, 2026 · 1 min · National Desk

PM मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान: अब तक 33 देशों ने किया सम्मानित, जानें कब-कब बढ़ा भारत का मान

#WATCH | Slovakia confers its highest honour, The Order of the White Double Cross (1st Class) on PM Narendra Modi. Slovakian President Peter Pellegrin presents him with the honour. This is the 33rd global honour bestowed by a country upon PM Modi. The Order of the White Double… pic.twitter.com/Xdi7kXV5rr— ANI (@ANI) June 15, 2026 ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ स्लोवाक गणराज्य का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। यह सम्मान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति द्वारा विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है। यह सम्मान उन विदेशी नेताओं और हस्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने में असाधारण योगदान दिया हो। साथ ही, देश के विदेश नीति संबंधी हितों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय समर्थन दिया हो।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए हैं। इसके साथ उनके नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है। उन्होंने नॉर्वे का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ प्रदान किया गया। यह प्रधानमंत्री को मिलने वाला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।स्वीडन ने पीएम मोदी को अपने अत्यंत प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ से सम्मानित किया। स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया ने पीएम मोदी को यह सम्मान सौंपा। पीएम मोदी को यह सम्मान भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, तकनीकी, रक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने के लिए दिया गया।सऊदी अरब ने साल 2016 में प्रधान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

Sonam Raghuvanshi: 'मैं शिलांग में हूं, नेपाल नहीं भागी', जमानत के बाद पहली बार सामने आई, इंदौर आने पर ये बोली

राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी जमानत मिलने के बाद कोर्ट से बाहर है। उन्होंने ईस्ट मोजो को दिए साक्षात्कार में कहा कि, “मैं शिलांग में हूं। मेरे बारे में अफवाह फैलाई जा रही है कि मैं नेपाल चली गई। जिन शर्तों पर मुझे जमानत मिली है, उनका मैंने पूरा पालन किया है। केस खत्म होने तक मैं इंदौर भी नहीं आऊंगी।” सोनम ने कहा कि वह शिलांग में कहां रुकी हुई हैं, इसका खुलासा वह सुरक्षा कारणों से नहीं करेंगी। खुद पर लगे हत्या के आरोप को लेकर उन्होंने कहा, “अभी इस केस का ट्रायल चल रहा है। इस बारे में कोई टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा।“सोनम ने कहा कि उनका खर्च कैसे चल रहा है, इस बारे में भी वह कोई खुलासा नहीं करेंगी। यह उनका निजी मामला है। दरअसल, राजा रघुवंशी के भाई विपिन ने आरोप लगाया था कि सोनम संभवतः नेपाल भाग गई है। उनके वकील भी नेपाल के हैं। उन्होंने इसमें मदद की है। इसके बाद सोनम सोमवार को मीडिया के सामने आईं और अपनी बात रखी।जमानत मिलने के बाद सोनम जेल से बाहर हैं और उनकी जमानत रद्द करने के लिए भी कोर्ट में याचिका लगाई गई है। जिस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन कोर्ट ने अभी कोई फैसला नहीं दिया है। सरकार की तरफ से कोर्ट के समक्ष सोनम को मिली जमानत का विरोध करते हुए तर्क रखा गया है कि इस हत्याकांड में सोनम मुख्य आरोपी हैं। योजना बनाने से लेकर वह मौके पर मौजूद थीं। वह अपना अपराध कबूल भी कर चुकी हैं। सिर्फ प्रकरण दर्ज करते समय हुई टाइपिंग की गलती की वजह से उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती।उधर, राजा के भाई विपिन का कहना है कि यह हत्याकांड देशभर में चर्चित रहा है और तीन राज्यों की पुलिस इससे जुड़ी है, इसलिए इसकी सीबीआई जांच भी होनी चाहिए। इस माम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान-अमेरिका डील: शांति समझौता या चुनावी चाल? आपूर्ति शृंखला पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई PM ने भारत को किया आगाह

यरुशलम सेंटर फॉर सिक्योरिटी एंड फॉरेन अफेयर्स (जेसीएफए) के सीईओ सागिव स्टैनबर्ग ने इस समझौते की असलियत पर सीधे उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि यह कोई स्थायी शांति समझौता नहीं है। यह अमेरिका में होने वाले आगामी मध्यावधि चुनावों को देखकर किया गया महज 60 दिनों का एक अस्थायी युद्धविराम है। स्टैनबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन इस युद्ध में अपना कोई भी मुख्य लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है। इस ढील से ईरान को भारी मात्रा में पैसा मिलेगा। ईरान इस पैसे का इस्तेमाल हिजबुल्ला और हूतियों जैसे अपने खतरनाक प्रॉक्सी संगठनों को दोबारा मजबूत करने में करेगा। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस सौदे में ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है।दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने भी इस समझौते को लेकर दुनिया को आगाह किया है। उन्होंने ईरान को एक ‘सर्वनाशकारी शासन’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस बात का पूरा जोखिम है कि यह समझौता बहुत जल्द टूट जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि युद्ध रुकने से वैश्विक स्थिरता को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिलेगी। लेकिन ईरान जैसी ताकतों पर लंबे समय के लिए भरोसा नहीं किया जा सकता।स्कॉट मॉरिसन ने वैश्विक व्यापार और आपूर्ति शृंखला में हो रही गंदी राजनीति पर सबसे गंभीर चिंता जताई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया अब उस खतरनाक दौर में है जहां जरूरी आर्थिक आपूर्ति शृंखलाओं को एक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने भारत और ऑस्ट्रेलिया से अपील की कि वे केवल तेल, गैस या ईंधन ही नहीं, बल्कि डाटा, सबमरीन केबल और अंतरिक्ष जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी आत्मनिर्भरता को तेजी से बढ़ाएं। उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 15, 2026 · 2 min · National Desk