प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष ने पश्चिम एशिया में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान पहुंचाया है।” उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।” वैश्विक समुद्री व्यापार पर क्या बोले पीएम मोदी? समुद्री व्यापार में नाविकों की भूमिका का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “वैश्विक समुद्री व्यापार के माध्यम से सभी देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने जोर देकर कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित बने रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना काम कर सकें।” जी7 शिखर सम्मेलन में “नए साझेदारी संबंधों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की पुनर्बहाली” विषय पर आयोजित आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में भरोसे को सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया पहले से कहीं अधिक आपस में जुड़ी और एक-दूसरे पर निर्भर है।उन्होंने कहा, “किसी भी देश की ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि अब केवल उसकी सीमाओं के भीतर तय नहीं होती। सफल साझेदारियां केवल विश्वास और विश्वसनीयता की नींव पर ही खड़ी की जा सकती हैं। आज सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति कोई खनिज, तकनीक या बाजार नहीं, बल्कि आपसी विश्वास है।“प्रधानमंत्री ने कहा कि देशों को यह भरोसा होना चाहिए कि तकनीक, आपूर्ति श्रृंखलाएं और वैश्विक संस्थाएं दबाव या बहिष्कार का साधन बनने के बजाय सामूहिक हितों की सेवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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