Congress: जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम क्यों नहीं? कांग्रेस ने सरकार पर 'गहरी साजिश' का लगाया आरोप

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने एक गहरी साजिश के तहत जाति जनगणना से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कैटेगरी को जान-बूझकर हटा दिया है। पार्टी के ओबीसी विभाग के प्रमुख अनिल जयहिंद ने सोमवार को कहा कि जनगणना प्रश्नावली में ओबीसी के लिए अलग कॉलम न रखना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। इससे ओबीसी समुदाय की आबादी के सही आंकड़े दर्ज नहीं हो पाते हैं।जयहिंद ने कहा कि वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जाति जनगणना कराने के बजाय, सरकार एक ऐसी प्रक्रिया अपना रही है जिससे ओबीसी को सरकारी आंकड़ों से बाहर करने का रास्ता बनता है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि असल में एक ‘मनुवादी’ (जाति-पदानुक्रम वाली) व्यवस्था काम कर रही है।14 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए जयहिंद ने बताया कि प्रश्नावली के 10वें सवाल में ओबीसी कैटेगरी को लिस्ट करने के लिए कोई कॉलम नहीं है। वहीीं, कांग्रेस नेता सुभाषिनी शरद यादव ने कहा कि जनगणना में जातियों की सही पहचान होनी चाहिए, क्योंकि देश के अलग-अलग इलाकों में जातियों का स्वरूप और उनकी मौजूदगी अलग-अलग होती है।14 अगस्त 2026 को, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय ने जनसंख्या जनगणना के लिए 40 सवालों वाला एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें सवाल नंबर 10 सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसमें ‘अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बारे में पूछा गया है। 2027 की जनगणना में जाति दर्ज करने का यही एकमात्र तरीका है।इस जनगणना में जाति से जुड़ा सवाल एक बड़ा बदलाव है। आजाद भारत में पहली बार, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा दूसरी जातियों की भी गिनती की जाएगी। 2011 की जनगणना म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 77450 पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में भी 57.65 अंक की गिरावट आई और यह 24,230.45 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार क्यों गिर रहे हैं? भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेज नुकसान दर्ज किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने के कारण यह गिरावट आई है। सेंसेक्स लगातार तीसरे सत्र में गिरा है। निफ्टी में लगातार छठे सत्र में नुकसान हुआ है। शुरुआती कारोबार में रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.68 पर आ गया। निवेशकों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है। इस गिरावट ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भारतीय बाजार प्रभावित हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए मुख्य कारक बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच विरोधाभासी स्थितियां जल्द समाधान की उम्मीदों को कमजोर कर रही हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के जुलाई बैठक के कार्यवृत्त पर भी है। इससे वैश्विक ब्याज दर के दृष्टिकोण पर संकेत मिल सकते हैं। वैश्विक बाजार कैसे प्रदर्शन कर रहे हैं? वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:54 बजे तक S&P 500 वायदा 0.1 फीसदी गिरा। जापान का Nikkei 225 वायदा (OSE) 1.3 फीसदी नीचे आया। जापान का Topix भी 0.3 फीसदी गिर गया। हांगकांग का Hang Seng 0.6 फीसदी नीचे रहा। इन बाजारों में भी निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी। अन्य प्रमुख बाजारों का क्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में IPS अफसर की मां का कत्ल: हमेशा खुला रहता था घर का छोटा दरवाजा, इस एक सवाल ने उलझा दी पूरी कहानी

1 of 13 IPS officer mother murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा धमरूआ गांव निवासी इंद्रावती का शव रविवार सुबह करीब 10 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में उनके घर में मिला था। उनके मुंह से खून बह रहा था और शरीर से जेवर गायब थे। एसपी आशुतोष मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस अधीक्षक (हेडक्वार्टर) के पद पर तैनात आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती (91) की हत्या के मामले में पुलिस आसपास ग्रामीणों से पूछताछ में जुटी है। इंद्रावती के संपर्क में रहने वाले लोगों और उनके मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है। हालांकि अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुबूत नहीं लगा है। घर के आसपास व गांव में सीसीटीवी कैमरा न होने से पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। 2 of 13 IPS officer mother murder - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी देर रात शव का पोस्टमॉर्टम हुआ था, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका। हालांकि, शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। विसरा सुरक्षित रखा गया है। सूत्रों के अनुसार सोमवार को एसओजी, सर्विलांस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर दोबारा गहन जांच की और मौके से उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया। 3 of 13 एसपी की मां की हत्या के बाद मौके पर जमा लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी पुलिस टीमों ने ग्रामीणों, रिश्तेदारों और आसपास के गांवों के लोगों स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

भाजपा संगठन विस्तार: नितिन नवीन की टीम में दिखी पीडीए की काट, यूपी के आठ चेहरों को शामिल करने के हैं ये मायने

भाजपा की नवीन राष्ट्रीय टीम में चुनाव के मुहाने पर खड़े यूपी की भागीदारी को तरजीह दी गई है। यही नहीं, टीम में पिछड़े, दलित और मुस्लिम समाज के प्रमुख चेहरों पर दांव भी लगाया गया है। साफ है कि भाजपा 2027 की जंग के लिए विपक्ष के पीडीए को ध्वस्त करने के हथियार सजाने में जुट गई है। लंबे इंतजार के बाद घोषित भाजपा की राष्ट्रीय टीम में यूपी के आठ चेहरों को शामिल कर राज्य का सियासी संतुलन साधे रखने की कोशिश की गई है। इनमें उपाध्यक्ष, महामंत्री और मंत्री पद पर दो-दो लोगों तथा दो को अलग-अलग मोर्चों का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।एक तिहाई से अधिक यानी तीन महिलाओं को शामिल करके भाजपा ने बड़ी चाल चली है। पार्टी नेतृत्व ने छह महीने बाद यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण पर पार्टी की प्रतिबद्धता के प्रचार को विश्वसनीयता देने का आधार तैयार किया है।भाजपा ने अगड़े, पिछड़े और दलित को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास भी किया है। जातियों के संतुलन के लिहाज से देखें तो यूपी के आठ चेहरों में तीन ओबीसी (यादव, कुर्मी, मौर्य), एक ब्राह्मण, एक पारसी, एक दलित और दो मुस्लिम को जगह मिली है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

Explainer: कितना बड़ा है भारत का ड्रोन बाजार, खेती-रेलवे से लेकर रक्षा तक कैसे बढ़ रहा इसका इस्तेमाल?

आगे की योजना क्या है? आगे सरकार का जोर सिर्फ ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ाने पर नहीं, बल्कि देश में ड्रोन से जुड़े पूरे उद्योग को मजबूत करने पर है। आईबीईएफ के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 240 मिलियन डॉलर यानी 2,219 करोड़ रुपये के ड्रोन प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन कार्यक्रम का प्रस्ताव है। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2027-28 तक ड्रोन क्षेत्र में 40 प्रतिशत स्थानीयकरण हासिल करना है। इस योजना में खासतौर पर ड्रोन के पुर्जे, सॉफ्टवेयर और सेवाओं पर ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा अगले तीन वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव है। भारत में कितने ड्रोन और पायलट हैं? 9 फरवरी 2026 तक भारत में 38,575 ड्रोन पंजीकृत थे और उन्हें विशिष्ट पहचान संख्या दी गई थी। वहीं 39,890 रिमोट पायलट प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके थे। देश में 244 प्रशिक्षण संस्थानों को डीजीसीए की मंजूरी मिली थी। ड्रोन से कैसे खुले रोजगार के मौके? ड्रोन उद्योग में रोजगार सिर्फ पायलट बनने तक सीमित नहीं है। इसके साथ ड्रोन बनाने, सॉफ्टवेयर विकसित करने, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार करने, ड्रोन की मरम्मत, आंकड़ों का विश्लेषण और सर्वे जैसे काम जुड़े हैं। सरकार का स्वायन कार्यक्रम ड्रोन और मानव रहित विमान तकनीक के क्षेत्र में कौशल विकास पर काम कर रहा है। इसके तहत 857 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं और 26,000 से ज्यादा लोगों को फायदा हुआ है। छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए निडार जैसे कार्यक्रम भी हैं, जिनमें स्वचालित ड्रोन के नए इस्तेमाल पर काम करने का अवसर मिलता है। इसमें 40 लाख रुपये की पुरस्कार राशि और स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए सहायता का प्रावधान है। आईबीईएफ के अनुमान के मुताबिक, इस क्षेत्र से 1.20 लाख से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: झारखंड में परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच पर अड़े छात्र; मस्क को केंद्र की चेतावनी; बढ़ी नौसेना की ताकत

देशभर में राजनीति, प्रशासन, मौसम, सुरक्षा, शिक्षा और अपराध से जुड़ी कई अहम खबरें सुर्खियों में रहीं। झारखंड में करीब एक महीने से चल रहे छात्र आंदोलन को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परीक्षा रद्द करने का एलान किया और मंत्री इरफान अंसारी ने आंदोलनकारी देवेंद्र महतो समेत छात्रों का अनशन खत्म कराया, हालांकि सीबीआई जांच की मांग पर आंदोलन जारी है। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। वहीं, एलन मस्क के एक्स पर सरकारी कंटेंट कार्रवाई को अधिक पारदर्शी बनाने के फैसले के बाद केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों का पालन करना होगा। भाजपा में नई टीम के बाद अब संसदीय बोर्ड में संभावित बदलाव और योगी आदित्यनाथ तथा देवेंद्र फडणवीस जैसे नामों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है। नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के सनातन धर्म को राष्ट्रीय पहचान से जोड़ने वाले बयान ने हिंदू राष्ट्र की बहस को फिर हवा दे दी है। पूर्वी भारत में भारी बारिश से बंगाल और ओडिशा में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। रक्षा क्षेत्र में भारतीय नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सी गार्डियन ड्रोन लेने का 1,943 करोड़ रुपये का समझौता हुआ है। दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर से कथित मारपीट के मामले में पीएचडी छात्र को निलंबित किया गया है। गुजरात में ईडी ने फर्जी सरकारी दफ्तर और रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामलों में 152.5 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। नाबालिग की शादी और मां बनने का मामला भी सामने आया है। मनोरंजन में काजल राघवानी और तेज प्रताप यादव से जुड़ा रियलिटी शो चर्चा में है, जबकि त्विषा शर्मा मामले में …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र ने प्रोफेसर को पीटा: प्रशासन ने हमलवार को किया निलंबित, सामने आया हिंसा का VIDEO

दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय में प्रो. अनुपम झा के साथ कथित शारीरिक मारपीट के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी छात्र शुभम सिंह का तत्काल प्रभाव से निलंबन कर दिया है। विश्वविद्यालय के अनुसार सुबह 10:30 बजे उमंग भवन में हुई घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्राप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई। शुभम सिंह ने विधि संकाय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में पीएचडी शोधार्थी के रूप में दाखिला लिया था। वहीं पीड़ित शिक्षक ने इस मामले की शिकायत मौरिस नगर थाने में दी है। पीएचडी छात्र शुभम सिंह निलंबित निलंबन आदेश में कहा गया है कि शुभम सिंह को तत्काल प्रभाव से विधि संकाय से निलंबित किया जाता है। साथ ही, दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम, 1922 के अध्यादेश 15 बी के तहत उनके विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इंटेक ने डीयू कुलपति को लिखा पत्र इस घटना को लेकर इंडियन नेशनल टीचर्स कांग्रेस (इंटेक) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिख घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने कहा कि किसी शिक्षक के साथ परिसर में शारीरिक हिंसा की घटना को केवल सामान्य अनुशासनात्मक मामला नहीं माना जा सकता। इंटेक ने की कड़ी कार्रवाई की मांग इंटेक ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र के खिलाफ विश्वविद्यालय के नियमों, अध्यादेशों और लागू नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि जांच में संज्ञेय अपराध के तथ्य सामने आते हैं तो उचित कार्रवाई की जाए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

JPSC-JSSC आंदोलन: झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, TDPL की सभी परीक्षाएं और परिणाम रद्द; सीएम सोरेन ने किया एलान

VIDEO | Jharkhand CM Hemant Soren says, “Today, we held a special Cabinet meeting to bring this matter to a conclusion. After considering all aspects and finding solutions to the issues, we have decided to cancel all examinations conducted by TDPL, the results published by TDPL,… pic.twitter.com/vPGtEHLSzK — Press Trust of India (@PTI_News) August 17, 2026 झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हमने इस मामले को अंतिम रूप देने के लिए विशेष कैबिनेट बैठक की। सभी पहलुओं पर विचार करने और समस्याओं का समाधान तलाशने के बाद हमने फैसला लिया है कि टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, टीडीपीएल द्वारा जारी किए गए परिणाम तथा टीडीपीएल के माध्यम से किसी भी उम्मीदवार का चयन या भागीदारी रद्द की जाती है। इस संबंध में टीडीपीएल द्वारा की गई सभी गतिविधियां भी रद्द कर दी गई हैं।जेपीएससी विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र से भी मामला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया था। राहुल गांधी ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेने और उनके समाधान की दिशा में पहल करने की बात कही थी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

Twisha Sharma Case: CBI का खुलासा- त्विषा ने गिरिबाला-समर्थ की प्रताड़ना से दी जान, चलेगा दहेज हत्या का केस

दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी 11 पन्नों की फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि की है कि शव पर मारपीट या संघर्ष के कोई निशान नहीं थे, जो किसी भी तरह से हत्या की ओर संकेत करें। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 22 मई के आदेश पर, एम्स के फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल बोर्ड ने 24 मई को त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया था। बोर्ड ने तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि यह मामला आत्महत्या का ही है। 10 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो गई है। ये भी पढ़ें- साजिश नहीं, प्रताड़ना का नतीजा भले ही जांच एजेंसी ने हत्या के आरोपों को खारिज कर दिया हो, लेकिन सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में त्विषा की सास, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और पति अधिवक्ता समर्थ सिंह को दोषी माना है। सीबीआई की जांच में यह सिद्ध हुआ है कि ससुराल पक्ष द्वारा की गई दहेज प्रताड़ना ही त्विषा की मौत का मुख्य कारण बनी। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ बीएनएस की धारा धारा 80 (2) यानी दहेज हत्या, धारा 85 यानी पति या रिश्तेदारों द्वारा महिला के साथ क्रूरता, धारा 108 यानी आत्महत्या के लिए उकसाना और धारा 3 (5) यानी दहेज का लेनदेन के अलावा, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत प्रकरण में चालान प्रस्तुत किया है। 12 मई की शाम शुरू हुआ कॉल और मैसेज का सिलसिला सीबीआई के मुताबिक 12 मई की शाम करीब 7:51 बजे ट्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

चुनाव में काले धन के इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: जब्ती की सूचना 24 घंटे में देने का निर्देश, और क्या कहा?

न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एनके सिंह की पीठ ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा, “इस पसंद को प्रभावित करने वाले किसी भी बाहरी कारक में लोकतंत्र के मूल स्वरूप को कमजोर करने की क्षमता है।” पीठ ने कहा कि जब अवैध धन शामिल होता है तो व्यक्ति की ओर से किया गया चुनाव स्वतंत्र नहीं रहता। उसकी पसंद मौद्रिक या अन्य तरह के लाभ से प्रभावित हो जाती है। कभी ये लाभ वास्तविक होते हैं तो कभी भ्रामक वादों के रूप में होते हैं।पीठ ने कहा, “चुनावी प्रक्रिया में काला धन, यानी जिस मुद्दे पर हम यहां विचार कर रहे हैं, ऐसा ही एक पहलू है जो लोकतंत्र, कानून के शासन और खुद चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करता है।” शीर्ष अदालत ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया में संदिग्ध धन के प्रसार और उसे दूषित करने का मुद्दा कोई हाल की घटना नहीं है। इसे बार-बार पहचाना गया है।चुनाव प्रक्रिया के दौरान नकदी और संपत्ति की जब्ती का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि “जब्ती करने वाले प्राधिकारी को 24 घंटे के भीतर इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट या सक्षम क्षेत्राधिकार वाली अदालत को देनी होगी।” साथ ही लिखित कारणों में यह बताना होगा कि जब्त नकदी या अन्य संपत्ति का संदिग्ध चुनावी अपराध से प्रथम दृष्टया क्या संबंध है।पीठ की ओर से फैसला लिखने वाले न्यायमूर्ति संजय करोल ने कहा कि जब प्राथमिकी दर्ज हो जाती है तो जांच अधिकारी को हर संभव प्रयास करके एक साल के भीतर जांच पूरी करनी होगी। पीठ ने निर्देश दिया, “यदि यह समयसीमा पार होती है तो इसके कारण दर्ज किए जाएंगे और भारत निर्वाचन आयोग को बताए जाएंगे।“यह आदेश कर्नाटक सरकार की ओर से दायर एक याचिका पर आया। यह मामला 2014 के लोकसभ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 17, 2026 · 2 min · National Desk