इमरान खान को राहत: 'प्राइवेट अस्पताल में कराएं पूर्व पीएम की मेडिकल जांच', पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान को इलाज और स्वास्थ्य जांच के लिए निजी अस्पताल ले जाने का आदेश दिया है। अदालत ने यह निर्देश मंगलवार को इमरान खान की आंखों की बीमारी से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया। तीन सदस्यीय पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस शाहिद वहीद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 73 वर्षीय इमरान खान को अगले कुछ दिनों में इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए। अदालत ने कहा कि यह आदेश कैदी के मौलिक अधिकारों और उसकी सेहत एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

Kangana Ranaut On Congress: ‘इतना तो पाकिस्तानी नागरिक नहीं तड़पते…’, अब कांग्रेस पर कंगना ने साधा निशाना

मामले पर क्या बोलीं कंगना? सीपीपी चेयरपर्सन सोनिया गांधी पर एआईसीसी हेडक्वार्टर में ‘वंदे मातरम’ को पूरा गाने पर आपत्ति जताने वाले आरोपों पर कंगना ने कहा, ‘वंदे मातरम भारत की चेतना का प्रतीक है। एक कलाकार के तौर पर, मैं समझती हूं कि कला और कविता का लोगों पर क्या असर हो सकता है। इसके प्रति जिस तरह का विरोध और नफरत दिखाई गई है, और इसे गाने से रोकने की जो कोशिशें की गई हैं, वे बहुत चिंताजनक हैं।’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

'पूरे देश में बदलेगा सिस्टम’: छात्रों की हड़ताल खत्म होने पर राहुल ने जताई खुशी, कहा- सबने संयम से काम लिया

झारखंड के छात्रों और राज्य सरकार के बीच सोमवार रात सहमति बन गई। अब इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। यह खबर सुनकर अच्छा लगा। कांग्रेस नेता ने क्या कहा? लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा,’मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम बरता और अपनी बात रखी। यही सही तरीका है, जब छात्र सवाल उठाएं, तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए। हम देश के हर छात्र के साथ खड़े हैं। हम इस रिकवरी सिस्टम को पूरी तरह बदल देंगे। ताकि हर छात्र को अपनी मेहनत का पूरा फल मिले और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अधिकार मिले। यह सिस्टम पूरे देश में बदलेगा। अब एक ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा जो छात्रों को आगे बढ़ाए। न कि उन्हें पीछे रोके। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर क्या आरोप लगाया? इसके साथ ही कांग्रेस ने मंगलवार को मोदी सरकार पर जाति जनगणना को बाधित करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही पूछा कि 2027 की जनगणना में जाति चयन के लिए ड्रॉप-डाउन मेनू क्यों शामिल नहीं किया गया है। वहीं, केंद्र ने सितंबर 2021 में सर्वोच्च न्यायालय में अपने हलफनामे में इसकी सिफारिश की थी। विपक्षी दल ने क्या दावा किया? विपक्षी दल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने 30 अप्रैल, 2025 को जाति जनगणना की घोषणा करके पूरी तरह से यू-टर्न लिया था। इसके साथ ही अब वे अपने पहले के यू-टर्न पर भी यू-टर्न ले रहे हैं। कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 21 सितंबर, 2021 को मोदी सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में एक हलफनामा दायर कर जाति जनगणना की याचिका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: पेपर लीक के आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की मांग, शीर्ष अदालत ने केंद्र-राज्यों से मांगा जवाब

प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों से जवाब मांगा है। याचिका में पेपर लीक में शामिल आरोपियों और उनके परिवार के सदस्यों की चल-अचल संपत्ति की जांच कर उसे जब्त करने के निर्देश देने की मांग की गई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने मंगलवार को अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की जनहित याचिका पर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

मनप्रीत के सहारे मालवा पर नजर: भाजपा के लिए ब्रिज बने बादल, शिअद के लिए चुनौती; पंजाब के चेहरों को जिम्मेदारी

मनप्रीत के सहारे मालवा पर नजर: भाजपा के लिए ब्रिज बने बादल, शिअद के लिए चुनौती; पंजाब के चेहरों को जिम्मेदारी मनप्रीत बादल की राजनीतिक पूंजी में बादल परिवार से संबंध, लंबा प्रशासनिक अनुभव और मालवा की राजनीति की समझ शामिल है। वह अकाली दल, अपनी पार्टी और कांग्रेस में रहने के बाद अब भाजपा में महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक पहुंचे हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रो. कुणाल के अनुसार, मनप्रीत बादल की नियुक्ति असंतुष्ट नेताओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। उनके पुराने अकाली संपर्क, खासकर मालवा क्षेत्र में, भाजपा को उन कार्यकर्ताओं तक पहुंचा सकते हैं जो अकाली दल से संतुष्ट नहीं हैं। मनप्रीत बादल की राजनीतिक पूंजी में बादल परिवार से संबंध, लंबा प्रशासनिक अनुभव और मालवा की राजनीति की समझ शामिल है। वह अकाली दल, अपनी पार्टी और कांग्रेस में रहने के बाद अब भाजपा में महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारी तक पहुंचे हैं।राजनीतिक विश्लेषक प्रो. कुणाल के अनुसार, मनप्रीत बादल की नियुक्ति असंतुष्ट नेताओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। उनके पुराने अकाली संपर्क, खासकर मालवा क्षेत्र में, भाजपा को उन कार्यकर्ताओं तक पहुंचा सकते हैं जो अकाली दल से संतुष्ट नहीं हैं। भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व पंजाब वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। यह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 1 min · National Desk

Himachal News: हिमाचल में घटेगा आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों का कैडर, केंद्र को लिखा पत्र

आईएएस-आईपीएस का कैडर घटाकर 200 करोड़ बचाने का दावा जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा: राकेश जमवाल भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने हिमाचल प्रदेश में आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों का कैडर घटाने के प्रदेश सरकार के फैसले पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं, वित्तीय कुप्रबंधन और कथित भ्रष्टाचार से जनता का ध्यान भटकाने के लिए छोटे-छोटे फैसलों को बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। सरकार का यह रवैया नाखून कटाकर शहीद होने जैसा है। राकेश जमवाल ने कहा कि इससे भी गंभीर विषय यह है कि हिमाचल के अनेक वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकार इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली, राजनीतिक हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था के कारण प्रशासनिक तंत्र में घुटन का वातावरण बनता जा रहा है। राकेश जमवाल ने कहा कि एक तरफ सरकार 100 या 200 करोड़ रुपये बचाने के दावे कर रही है, दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल पर टैक्स और सेस बढ़ाकर जनता पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है। बिजली, पानी, राशन, बस किराया, सीमेंट और स्टांप ड्यूटी सहित अनेक मदों में जनता का खर्च बढ़ा है। उन्होंने कहा कि महंगाई और टैक्स के माध्यम से जनता की जेब से पैसा निकालकर फिर 200 करोड़ रुपये की कथित बचत का प्रचार करना आर्थिक सुधार नहीं बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

CJI: TISS के दीक्षांत समारोह में चीफ गेस्ट नहीं होंगे सीजेआई; किस शख्सियत को मिला न्योता, कब होगा कार्यक्रम?

पहले यह दीक्षांत समारोह 2 अगस्त को होना था। सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाया गया था। हालांकि, समारोह से सिर्फ दो दिन पहले टीआईएसएस ने इसे टाल दिया था। संस्थान ने इसके पीछे ‘अचानक सामने आई परिस्थितियों’ को वजह बताया था।इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान ने कहा था कि दीक्षांत समारोह ‘अनुकूल माहौल’ में नहीं हो सकता है। उसने यह भी कहा था कि समारोह कराने से छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों, गणमान्य लोगों और मेहमानों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता था। इससे कैंपस की सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती थीं।टीआईएसएस ने समारोह टालने के पीछे की कोई खास वजह नहीं बताई थी। हालांकि, छात्रों और अधिकारियों ने सीजेआई के तय दौरे से जुड़े संभावित विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी।अब 22 अगस्त को होने वाले दीक्षांत समारोह के निमंत्रण में सीजेआई सूर्य कांत की जगह डॉ. सीएस प्रमेश को मुख्य अतिथि बनाया गया है। अचानक समारोह टलने से डिग्री लेने वाले छात्रों और उनके परिवारों में चिंता पैदा हो गई थी। इनमें से कई लोग 2 अगस्त के समारोह के लिए यात्रा की व्यवस्था पहले ही कर चुके थे।इसके बाद टीआईएसएस ने कहा था कि समारोह टलने से प्रभावित छात्रों को उनकी स्थिति के आधार पर आर्थिक मदद दी जाएगी। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, यह मदद हर छात्र के मामले को अलग-अलग देखकर दी जाएगी। अब 86वां दीक्षांत समारोह 22 अगस्त को होगा।यह विवाद तब शुरू हुआ, जब राष्ट्रीय विधि अध्ययन एवं अनुसंधान अकादमी (नालसार) के कुछ छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रोफेसरों को पत्र लिखा। छात्रों ने दीक्षांत समारोह में सीजेआई सूर्य कांत को मुख्य अतिथि बनाने के किसी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

'हद से ज्यादा सख्ती': बॉम्बे हाईकोर्ट ने FDA को लगाई फटकार, 5 लाख का मुआवजा देने का क्यों दिया आदेश?

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र एफडीए को पुणे की एक मिठाई की दुकान को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। दुकान का लाइसेंस 98 प्रतिशत नियमों का पालन करने की रिपोर्ट के बावजूद सस्पेंड रखा गया था, जिससे उसे नुकसान हुआ। कोर्ट ने कहा कि रेगुलेटर की मंशा तो अच्छी है, लेकिन वह हद से ज्यादा कर रहा है। कोर्ट ने क्या कहा? एक्टिंग चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखाड की बेंच ने कहा कि फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का खाने-पीने की जगहों और होटलों के लाइसेंस सस्पेंड करने का आदेश एक अजीब पॉलिसी और गलत था। इस बीच, एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि वे जवाब देने से पहले आदेश की जांच करेंगे। गुरुनानक डेयरी एंड स्वीट्स नाम की दुकान ने एफडीए की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसके साथ ही कहा था कि जून में बंद होने के बाद से उसे 8.74 लाख रुपये के रेवेन्यू का नुकसान हुआ है। बेंच ने दुकान को अपना कारोबार फिर से शुरू करने की इजाजत देते हुए विभाग को आदेश दिया कि वह मालिकों को एक महीने के अंदर 5 लाख रुपये का मुआवजा दे। ‘जरूरत से ज्यादा सख्ती कर रहे’ बेंच ने कहा, ‘हमने देखा है कि आपकी नीयत अच्छी है और कोई विभाग कम से कम हरकत में तो आया। लेकिन आप जरूरत से ज्यादा सख्ती कर रहे हैं। जब आपको (री-इंस्पेक्शन रिपोर्ट में) 98 प्रतिशत नियमों का पालन होता दिखा, तो आपको तुरंत लाइसेंस का सस्पेंशन रद्द कर देना चाहिए था।’ याचिका में क्या कहा गया है? याचिका में कहा गया है कि फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद एफडीए के एक फूड सेफ्टी ऑफिसर ने 12 जून को दुकान का निरीक्षण किया और साफ-सफाई व स्टाफ की हाइजीन को लेकर चिंता जताई। उसी द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

Congress: जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम क्यों नहीं? कांग्रेस ने सरकार पर 'गहरी साजिश' का लगाया आरोप

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा ने एक गहरी साजिश के तहत जाति जनगणना से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कैटेगरी को जान-बूझकर हटा दिया है। पार्टी के ओबीसी विभाग के प्रमुख अनिल जयहिंद ने सोमवार को कहा कि जनगणना प्रश्नावली में ओबीसी के लिए अलग कॉलम न रखना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। इससे ओबीसी समुदाय की आबादी के सही आंकड़े दर्ज नहीं हो पाते हैं।जयहिंद ने कहा कि वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जाति जनगणना कराने के बजाय, सरकार एक ऐसी प्रक्रिया अपना रही है जिससे ओबीसी को सरकारी आंकड़ों से बाहर करने का रास्ता बनता है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि असल में एक ‘मनुवादी’ (जाति-पदानुक्रम वाली) व्यवस्था काम कर रही है।14 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए जयहिंद ने बताया कि प्रश्नावली के 10वें सवाल में ओबीसी कैटेगरी को लिस्ट करने के लिए कोई कॉलम नहीं है। वहीीं, कांग्रेस नेता सुभाषिनी शरद यादव ने कहा कि जनगणना में जातियों की सही पहचान होनी चाहिए, क्योंकि देश के अलग-अलग इलाकों में जातियों का स्वरूप और उनकी मौजूदगी अलग-अलग होती है।14 अगस्त 2026 को, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय ने जनसंख्या जनगणना के लिए 40 सवालों वाला एक नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें सवाल नंबर 10 सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसमें ‘अनुसूचित जाति (एससी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बारे में पूछा गया है। 2027 की जनगणना में जाति दर्ज करने का यही एकमात्र तरीका है।इस जनगणना में जाति से जुड़ा सवाल एक बड़ा बदलाव है। आजाद भारत में पहली बार, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के अलावा दूसरी जातियों की भी गिनती की जाएगी। 2011 की जनगणना म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk

The Bonus Market Update: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी; सेंसेक्स 278 अंक टूटा, निफ्टी 77450 पर पहुंचा

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 278.32 अंक गिरकर 77,450.64 पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में भी 57.65 अंक की गिरावट आई और यह 24,230.45 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार क्यों गिर रहे हैं? भारतीय शेयर बाजार में लगातार तेज नुकसान दर्ज किया जा रहा है। पश्चिम एशिया में शांति समझौते की उम्मीदें धूमिल होने के कारण यह गिरावट आई है। सेंसेक्स लगातार तीसरे सत्र में गिरा है। निफ्टी में लगातार छठे सत्र में नुकसान हुआ है। शुरुआती कारोबार में रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे कमजोर होकर 95.68 पर आ गया। निवेशकों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव को लेकर चिंता बनी हुई है। इस गिरावट ने बाजार की धारणा को और कमजोर कर दिया है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भारतीय बाजार प्रभावित हुए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और कच्चे तेल की कीमतें बाजार के लिए मुख्य कारक बनी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच विरोधाभासी स्थितियां जल्द समाधान की उम्मीदों को कमजोर कर रही हैं। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है। निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के जुलाई बैठक के कार्यवृत्त पर भी है। इससे वैश्विक ब्याज दर के दृष्टिकोण पर संकेत मिल सकते हैं। वैश्विक बाजार कैसे प्रदर्शन कर रहे हैं? वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। टोक्यो समय के अनुसार सुबह 10:54 बजे तक S&P 500 वायदा 0.1 फीसदी गिरा। जापान का Nikkei 225 वायदा (OSE) 1.3 फीसदी नीचे आया। जापान का Topix भी 0.3 फीसदी गिर गया। हांगकांग का Hang Seng 0.6 फीसदी नीचे रहा। इन बाजारों में भी निवेशकों की सतर्कता साफ दिखी। अन्य प्रमुख बाजारों का क्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 18, 2026 · 2 min · National Desk