IND vs SL: क्या बीमारी की वजह से बाहर हुए कुलदीप यादव या कोई और थी वजह? कोच कोटक ने बताई पूरी सच्चाई

IND vs SL: क्या बीमारी की वजह से बाहर हुए कुलदीप यादव या कोई और थी वजह? कोच कोटक ने बताई पूरी सच्चाई कुलदीप यादव के दूसरे टेस्ट से बाहर होने पर बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने स्पष्ट किया कि वह वायरल फीवर से जूझ रहे थे और उनकी बीमारी को लेकर कोई बहाना नहीं बनाया गया। कोटक ने बताया कि कुलदीप अब तेजी से ठीक हो रहे हैं, जबकि उनकी गैरमौजूदगी और श्रीलंका के बाएं हाथ के बल्लेबाजों को देखते हुए सारांश जैन को मौका दिया गया। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में कुलदीप यादव को प्लेइंग-11 में शामिल नहीं किए जाने को लेकर भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने स्थिति स्पष्ट की है। कोटक ने कहा कि कुलदीप गॉल टेस्ट के बाद वास्तव में वायरल फीवर से जूझ रहे थे और उन्हें टीम से बाहर रखने के लिए बीमारी का बहाना बनाने की कोई जरूरत नहीं है। कोटक का यह बयान गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले के उस बयान से अलग नजर आया, जिसमें उन्होंने कुलदीप के लगातार दो दिन नेट्स में नहीं आने की वजह यात्रा की थकान बताई थी। गॉल से ही वायरल फीवर था दूसरे टेस्ट के पहले दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोटक ने कहा कि कुलदीप जब गॉल से रवाना हुए थे, तब उन्हें वास्तव में वायरल फीवर था। उन्होंने कहा, ‘जब वह गॉल से निकले थे, तब उन्हें वास्तव में वायरल फीवर था। अगर कोई खिलाड़ी फिट नहीं है और खेलने की स्थिति में नहीं है, तो यह सोचने का कोई मतलब नही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

US ही नहीं ईरान भी समझौते के लिए बेचैन: पेजेशकियन बोले- जंग से निकलने का बेहतर रास्ता, क्या बनेगी बात?

जंग को करीब छह महीने हो चुके हैं और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा हालात में देश के लिए निवेश जुटाना मुश्किल है। ईरान की अर्थव्यवस्था प्रतिबंधों और नौसैनिक नाकेबंदी से प्रभावित है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर सोमवार को तेहरान जाएंगे। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और उसके परमाणु कार्यक्रम पर समझौते के लिए 60 दिन की समयसीमा रखी गई थी। यह समयसीमा पिछले हफ्ते खत्म हो गई। लेकिन दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का मुद्दा भी अब तक फंसा हुआ है।ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी देश ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी आर्थिक कार्रवाई का साथ दिया तो जवाब दिया जाएगा। रेजाई ने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान फारस की खाड़ी से तेल ले जाने वाले उन समुद्री रास्तों को निशाना बना सकता है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरे विकल्प हैं।ईरान की न्यायपालिका की समाचार एजेंसी के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों से जुड़े माजिद आदिनेह को फांसी दी गई है। उसे नौ जनवरी को तेहरान के पश्चिम में करज के पास मोहम्मदशहर से गिरफ्तार किया गया था। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उसके पास एक बंदूक, गोलियां और अन्य सामान मिला था। बाद में एक अदालत ने उसे जासूसी और शत्रु देशों के साथ सहयोग से जुड़े कानून के तहत दोषी ठहराया।कब्जे वाले पश्चिमी तट में 61 वर्षीय फलस्तीनी सईद मोहम्मद इब्राहिम र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

Op Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का ठिकाना फिर सक्रिय, आतंक के पनाहगार PAK ने मरम्मत के लिए दिए करोड़ों

1 of 6 ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का अड्डा - फोटो : ANI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का वह ठिकाना, जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान निशाना बनाया था, करीब 15 महीने बाद दोबारा तैयार कर लिया गया है। एक समाचार चैनल की रिपोर्ट में साइट से सामने आई तस्वीरों और वीडियो के आधार पर यह दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ठिकाने पर नई मार्बल, ताजा प्लास्टर और पेंट का काम कराया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित जैश के इस मुख्यालय को अब इस तरह से दोबारा तैयार किया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर से हुए नुकसान के निशान काफी हद तक छिप गए हैं। 2 of 6 ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का अड्डा - फोटो : ANI 3 of 6 ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का अड्डा - फोटो : ANI 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये खर्च होने का दावा रिपोर्ट में खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ठिकाने के पुनर्निर्माण के लिए करीब 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये नकद किस्तों में दिए गए। इसमें से लगभग 11 करोड़ रुपये अकेले मुख्य हॉल के पुनर्निर्माण पर खर्च किए जाने की बात कही गई है। हमले के दौरान मुख्य हॉल में बने गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त गुंबदों को दोबारा बनाने का काम किया गया। आसपास की कुछ क्षतिग्रस्त इमारतों को भी हटा दिया गया और उनकी जगह नया निर्माण किए जाने का दावा है। इन इमारतों में मदरसा अल-सबीर और जैश के कमांडरों के रहने के लिए इस्तेमाल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

जल्द मिलेगी सस्ती चीनी: ब्राजील से आने वाली है बड़ी खेप, सरकार की सख्ती से पांच रुपये घटे दाम!

इस बीच, चीनी की जमाखोरी और कीमतों में तेजी को लेकर सरकार की सख्ती का असर भी दिखने लगा है। शनिवार को खुली निविदाओं में मिलों से निकलने वाली चीनी का भाव करीब पांच रुपये प्रति किलो घट गया।ब्राजील से भारतीय बंदरगाहों तक चीनी पहुंचने में जहाज को करीब 40 से 45 दिन लगते हैं। इसके बाद कच्ची चीनी को बंदरगाहों से मिलों तक पहुंचाया जाता है और आगे उसकी प्रक्रिया होती है। नाईकनावारे ने कहा कि इसी वजह से 15 अक्तूबर तक भारत पहुंचने वाली चीनी की कुल मात्रा का अभी अनुमान लगाना संभव नहीं है। हालांकि, कुछ खेप के इस तारीख से पहले पहुंचने की संभावना अच्छी है।चीनी आयात की प्रक्रिया भी लंबी है। सबसे पहले विदेश व्यापार महानिदेशालय से मंजूरी और आयात का आवंटन होता है। इसके बाद भुगतान के लिए साख पत्र जारी किया जाता है। फिर चीनी की खेप और जहाज की व्यवस्था की जाती है। ब्राजील के बंदरगाहों पर भीड़ भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में खेप कब रवाना होगी और भारत कब पहुंचेगी, यह कई बातों पर निर्भर करेगा। नाईकनावारे ने यह भी कहा कि सरकार 31 अक्तूबर तक खेप पहुंचने की समयसीमा को बहुत सख्ती से लागू नहीं करेगी। अगर कोई खेप इस अवधि में रवाना हो चुकी है और रास्ते में है, लेकिन कुछ देर से पहुंचती है, तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया, जब घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही थी। एक महीने के दौरान चीनी के दाम करीब 24 प्रतिशत बढ़ गए थे। कीमतें 56 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। इसके बाद सरकार ने आयात की अनुमति देने के साथ ही जमाखोरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs SL Highlights: पहले दिन भारत ने पांच विकेट पर 300 रन बनाए, पडिक्कल का शतक; गिल का अर्धशतक

05:37 PM, 23-Aug-2026 पहले दिन का खेल समाप्त देवदत्त पडिक्कल के लगातार दूसरे टेस्ट शतक की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म होने तक 85 ओवर में 5 विकेट पर 300 रन बना लिए। पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 193 गेंदों पर 117 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल रहे। भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने भी अर्धशतक जमाया। उन्होंने 108 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली, जिसमें छह चौके शामिल थे। गिल और पडिक्कल के बीच तीसरे विकेट के लिए 120 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। पडिक्कल का लगातार दूसरा शतक पडिक्कल ने धैर्य और संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का शानदार शतक पूरा किया। यह उनका लगातार दूसरा टेस्ट शतक है। उनकी 117 रन की पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। गिल ने भी जड़ा अर्धशतक कप्तान शुभमन गिल ने भी अच्छी पारी खेली और 50 रन बनाए। हालांकि अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए। उन्हें श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो ने विकेट के पीछे कैच कराया। गिल के आउट होने के समय भारत का स्कोर 187 रन था। जडेजा और जायसवाल का भी योगदान भारत की ओर से यशस्वी जायसवाल ने 45 रन, जबकि रवींद्र जडेजा ने 43 रन की उपयोगी पारियां खेलीं। दोनों की पारियों ने भारतीय पारी को मजबूती दी। दिन का खेल खत्म होने तक ध्रुव जुरेल सात रन और सारांश जैन चार रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 46 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। देवदत्त पडिक्कल के लगातार दूसरे टेस्ट शतक की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म होने तक 85 ओवर में 5 विकेट पर 300 रन बना लिए। पडिक् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

सरकार ने वादा निभाया या नहीं: सोमवार को समीक्षा करेगी सीजेपी; क्या फिर देशव्यापी आंदोलन छेड़ने की तैयारी?

आंदोलन से जुड़े सभी मामलों को वापस लेने या रद्द करने का आश्वासन दिया गया था। भविष्य में किसी छात्र या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पर दंडात्मक कार्रवाई न करने की बात कही गई थी। परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले नीट-यूजी अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने का भी आश्वासन था। सीजेपी ने छात्रों, युवाओं, समर्थकों और स्वयंसेवकों से सोमवार के फैसले के लिए तैयार रहने को कहा है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सीजेपी आगे की पूरी रणनीति तय करेगी। सीजेपी ने साफ-साफ कहा है कि सोमवार की बैठक में आगे के हर विकल्प पर चर्चा होगी। जरूरत पड़ी तो फिर से देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने पर भी फैसला लिया जा सकता है। पार्टी का कहना है कि उसने सरकार के भरोसे पर अपना आंदोलन खत्म किया था। इसलिए उसके इस भरोसे को कमजोरी समझना गलत होगा।सीजेपी का यह रुख सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को हुई सुनवाई के कुछ दिन बाद सामने आया है। उस दिन शीर्ष अदालत ने देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी की एक संयुक्त सूची मांगी थी। सीजेपी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन बार यह सूची देने को कहा था। अदालत इस बात पर विचार करना चाहती थी कि अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर इन मामलों को रद्द किया जा सकता है या नहीं। पार्टी ने कहा कि बार-बार कहने के बावजूद केंद्र सरकार ने सूची देने की कोई स्पष्ट प्रतिबद्धता नहीं जताई। इसी बात को लेकर सीजेपी ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं।सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के तुरंत बाद सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने भी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: चांद के दक्षिणी ध्रुव में भारत से पिछड़ा चीन कैसे कर रहा बराबरी की कोशिश, क्या है मिशन, कितना अहम?

Explainer: चांद के दक्षिणी ध्रुव में भारत से पिछड़ा चीन कैसे कर रहा बराबरी की कोशिश, क्या है मिशन, कितना अहम? ऐसे में यह जानना अहम है कि भारत से पिछड़ने के बावजूद चीन का यह मिशन क्यों अहम है? क्यों कई देशों की अपने मिशन को चांद के दक्षिणी ध्रुव पर भेजने की कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं? अब चीन इस मिशन के जरिए क्या हासिल करना चाहता है? भारत फिलहाल दक्षिणी ध्रुव पर रिसर्च के मामले में किस पड़ाव पर है? आइये जानते हैं… चीन जल्द ही चांद के लिए अपना नया चंद्र मिशन लॉन्च करने वाला है। जानकारी के मुताबिक, अपने चांगई-7 मिशन को चीन सोमवार सुबह से लेकर अगले कुछ दिनों में सही मौका देखकर लॉन्च कर सकता है। चीन का यह मिशन इस लिए भी अहम है, क्योंकि इसके जरिए वह चांद के दक्षिणी ध्रुव पर अपना रोवर उतारना चाहता है, जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती। मजेदार बात यह है कि भारत करीब तीन साल पहले ही चांद के इस इलाके में अपने रोवर की सफल लैंडिंग कराने वाला पहला देश बन चुका है। यानी चीन जिस रेस में पहले ही पिछड़ चुका है, अब वहां बराबरी की कोशिश में जुटा है। पहले जानें- क्या है चीन का चांद पर भेजा जाने वाला मिशन? चांगई-7 चीन का चांद के लिए तय मानवरहित, रोबोटिक चंद्र मिशन है, जिसे अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी और जटिल रोबोटिक मिशन माना जा रहा है। इस मिशन का मुख्य मकसद चांद के दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद स्थायी रूप से अंध …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

'देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं': स्वाइन फ्लू को लेकर ICMR का बड़ा बयान, 2025 से ही मौजूद है वायरस

आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने वैक्सीन को लेकर भी बहुत काम की बात बताई है। उन्होंने कहा कि भारत में जो वायरस अभी घूम रहा है, वह वैक्सीन से पूरी तरह मैच खाता है। यानी उत्तरी गोलार्ध के लिए जो फ्लू वैक्सीन बनाई गई है, वह इस वायरस पर एकदम असरदार है। मौसमी इन्फ्लूएंजा या H1N1 कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे घबराया जाए। यह एक सेल्फ-लिमिटिंग बीमारी है, यानी थोड़े दिन में अपने आप ठीक हो जाती है। मरीज को बस सही समय पर खाना, पानी और पूरा आराम चाहिए होता है। ज्यादातर लोग घर पर ही आराम करके 3-4 दिन में पूरी तरह ठीक हो जाते हैं।देश में H1N1 का वही A/Missouri/11/2025 स्ट्रेन फैल रहा है, जो पहले से मौजूद था।यह क्लेड 6B.1A.5a2a और सब-क्लेड D.3.1.1 वायरस पिछले साल से ही भारत में घूम रहा है।मौजूदा फ्लू वैक्सीन इस वायरस पर पूरी तरह काम कर रही है और बचाव में मददगार है।सही देखभाल, तरल पदार्थ और पर्याप्त आराम से मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं।आईसीएमआर और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं ताकि कोई खतरा न बढ़े।इस बीमारी के लक्षण भी बाकी मौसमी बुखार जैसे ही होते हैं। इसमें मरीज को तेज बुखार आता है, खांसी होती है, सिर में दर्द रहता है और बदन टूटता है। आम लोग तो आराम करके ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को खास ध्यान देने की जरूरत है। छोटे बच्चे, घर के बुजुर्ग और जो लोग पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें थोड़ा संभालकर रखना होगा। इन लोगों में बीमारी की वजह से परेशानी थोड़ी बढ़ सकती है। अगर किसी के लक्षण 3-4 दिन में ठीक न हों, या सांस लेने में तकलीफ जैसी दिक्कत होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

जहाज निर्माण में भारत की बड़ी छलांग की तैयारी: बंगाल में पांच परियोजनाओं का शिलान्यास, क्या बोले रक्षा मंत्री?

राजनाथ सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 3,500 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनने में सक्षम है। वैश्विक जहाज निर्माण उद्योग में एक खाली जगह बन रही है और भारत इस अवसर का लाभ उठा सकता है।’’ इन परियोजनाओं में जीआरएसई की तीन और यंत्र इंडिया की दो परियोजनाएं शामिल हैं।रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विकास के नए पुनर्जागरण की शुरुआत के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में कारखानों के बंद होने और तालाबंदी की खबरों की जगह अब नई परियोजनाओं की शुरुआत की खबरों ने ले ली है।‘‘राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘हमारी सोच अब यह नहीं होनी चाहिए कि भारत को दुनिया से क्या खरीदना है। इसके बजाय हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हम दुनिया को क्या दे सकते हैं। आप दो मौकों पर पहले ही जहाजों का निर्यात कर चुके हैं और कई मित्र देश अपनी नौसेना की जहाजों से जुड़ी जरूरतों के लिए भारत की ओर देख रहे हैं। हमें अपने सामने आए इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए।‘‘उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य ऐसी गुणवत्ता हासिल करना होना चाहिए, जिस पर दुनिया भरोसा करे। ऐसी गुणवत्ता जो विश्वास पैदा करे, ऐसी कीमत जो दुनिया को हमें चुनने के लिए प्रेरित करे और ऐसे आपूर्ति मानक हों, जो ग्राहकों को दोबारा ऑर्डर देने के लिए प्रोत्साहित करें।‘‘जीआरएसई के एक अधिकारी ने बताया कि क्षमता विस्तार के तहत कंपनी ने हुगली नदी के दोनों किनारों पर दो छोटे शिपयार्ड के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (एसएमपीके) के साथ लीज समझौते किए हैं। इसके अलावा रायचक में नदी किनारे 32 एकड़ जमीन भी ली गई है। उन्होंने कहा कि इन परियोजन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk

बाजार में बिकवाली का असर: शीर्ष 10 में से चार कंपनियों का घटा मार्केट कैप, भारती एयरटेल को सबसे ज्यादा नुकसान

रिलायंस ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का अंत सतर्क रुख के साथ किया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इससे बाजार में हालिया गिरावट का दौर जारी रहा।‘‘शीर्ष 10 कंपनियों में भारती एयरटेल के मार्केट वैल्यू में सबसे ज्यादा गिरावट आई। उसका मार्केट कैप 28,052.96 करोड़ रुपये घटकर 12,14,963.15 करोड़ रुपये रह गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मार्केट कैप में 22,070.34 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 8,31,436.51 करोड़ रुपये रह गया।भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैप 20,861.20 करोड़ रुपये घटकर 9,64,968.76 करोड़ रुपये रह गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 16,975.79 करोड़ रुपये घटकर 4,73,912.56 करोड़ रुपये रह गया।हालांकि, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मार्केट कैप में 12,650 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 5,35,980.31 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 8,119.53 करोड़ रुपये बढ़कर 17,78,175.59 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 3,487.83 करोड़ रुपये बढ़कर 5,62,460.94 करोड़ रुपये पहुंच गया।बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 3,424.28 करोड़ रुपये बढ़कर 6,80,621.62 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 752.47 करोड़ रुपये बढ़कर 10,18,330.45 करोड़ रुपये हो गया। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 356.95 करोड़ रुपये बढ़कर 11,21,159.05 करोड़ रुपये पहुंच गया।मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद भा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 23, 2026 · 2 min · National Desk