रिलायंस ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और शोध प्रमुख अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह का अंत सतर्क रुख के साथ किया। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और लगातार भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इससे बाजार में हालिया गिरावट का दौर जारी रहा।‘‘शीर्ष 10 कंपनियों में भारती एयरटेल के मार्केट वैल्यू में सबसे ज्यादा गिरावट आई। उसका मार्केट कैप 28,052.96 करोड़ रुपये घटकर 12,14,963.15 करोड़ रुपये रह गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के मार्केट कैप में 22,070.34 करोड़ रुपये की कमी आई और यह 8,31,436.51 करोड़ रुपये रह गया।भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैप 20,861.20 करोड़ रुपये घटकर 9,64,968.76 करोड़ रुपये रह गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 16,975.79 करोड़ रुपये घटकर 4,73,912.56 करोड़ रुपये रह गया।हालांकि, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के मार्केट कैप में 12,650 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 5,35,980.31 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 8,119.53 करोड़ रुपये बढ़कर 17,78,175.59 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, लार्सन एंड टुब्रो का मार्केट कैप 3,487.83 करोड़ रुपये बढ़कर 5,62,460.94 करोड़ रुपये पहुंच गया।बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 3,424.28 करोड़ रुपये बढ़कर 6,80,621.62 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 752.47 करोड़ रुपये बढ़कर 10,18,330.45 करोड़ रुपये हो गया। एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 356.95 करोड़ रुपये बढ़कर 11,21,159.05 करोड़ रुपये पहुंच गया।मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद भा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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