इस बीच, चीनी की जमाखोरी और कीमतों में तेजी को लेकर सरकार की सख्ती का असर भी दिखने लगा है। शनिवार को खुली निविदाओं में मिलों से निकलने वाली चीनी का भाव करीब पांच रुपये प्रति किलो घट गया।ब्राजील से भारतीय बंदरगाहों तक चीनी पहुंचने में जहाज को करीब 40 से 45 दिन लगते हैं। इसके बाद कच्ची चीनी को बंदरगाहों से मिलों तक पहुंचाया जाता है और आगे उसकी प्रक्रिया होती है। नाईकनावारे ने कहा कि इसी वजह से 15 अक्तूबर तक भारत पहुंचने वाली चीनी की कुल मात्रा का अभी अनुमान लगाना संभव नहीं है। हालांकि, कुछ खेप के इस तारीख से पहले पहुंचने की संभावना अच्छी है।चीनी आयात की प्रक्रिया भी लंबी है। सबसे पहले विदेश व्यापार महानिदेशालय से मंजूरी और आयात का आवंटन होता है। इसके बाद भुगतान के लिए साख पत्र जारी किया जाता है। फिर चीनी की खेप और जहाज की व्यवस्था की जाती है। ब्राजील के बंदरगाहों पर भीड़ भी इस प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में खेप कब रवाना होगी और भारत कब पहुंचेगी, यह कई बातों पर निर्भर करेगा। नाईकनावारे ने यह भी कहा कि सरकार 31 अक्तूबर तक खेप पहुंचने की समयसीमा को बहुत सख्ती से लागू नहीं करेगी। अगर कोई खेप इस अवधि में रवाना हो चुकी है और रास्ते में है, लेकिन कुछ देर से पहुंचती है, तो उस पर भी विचार किया जा सकता है।सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया, जब घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी जा रही थी। एक महीने के दौरान चीनी के दाम करीब 24 प्रतिशत बढ़ गए थे। कीमतें 56 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं। इसके बाद सरकार ने आयात की अनुमति देने के साथ ही जमाखोरी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
जल्द मिलेगी सस्ती चीनी: ब्राजील से आने वाली है बड़ी खेप, सरकार की सख्ती से पांच रुपये घटे दाम!
इस बीच, चीनी की जमाखोरी और कीमतों में तेजी को लेकर सरकार की सख्ती का असर भी दिखने लगा है। शनिवार को खुली निविदाओं में मिलों से निकलने वाली चीनी का भाव करीब पांच रुपये प्रति किलो घट गया।ब्राजील से भारतीय बंदरगाहों तक चीनी पहुंचने में जहाज को करीब 40 से 45 दिन लगते हैं। इसके बाद कच्ची चीनी को बंदरगाहों से मिलों तक पहुंचाया जाता है और आगे उसकी प्रक्रिया होती है। नाईकनावारे ने कहा कि इसी वजह से 15 अक्तूबर तक भारत पहुंचने वाली चीनी की कुल मात्रा का अभी अनुमान लगाना संभव नहीं है। हालांकि, कुछ खेप के इ