Jaishankar: 'भारत और यूरोप वैश्विक राजनीति-अर्थव्यवस्था में स्थिरता ला सकते हैं', फ्रांस में बोले विदेश मंत्री

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ‘यूरोप, वैश्विक स्तर पर अहम खिलाड़ी’ विदेश मंत्री जयशंकर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर अस्थिरता का माहौल है। अमेरिका की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दुनियाभर में चिंता का माहौल है। विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक राजनीति में यूरोप एक अहम खिलाड़ी है और ये जरूरी है कि भारत, यूरोप के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करे। जयशंकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह एक बहुत सोच-समझकर लिया गया फैसला है। यह एक ऐसा फैसला है जो हमारे इस विश्वास को दिखाता है कि यूरोप के साथ यह रिश्ता सच में आगे बढ़ने, अगले स्तर तक पहुंचने के लिए तैयार है।’ जयशंकर ने कहा, ‘पिछले कुछ हफ्तों में भी, हमने भारत में यूरोप से जुड़े मामलों जैसे, एफटीए (मुक्त व्यापार समझौता), प्रौद्योगिकी के मुद्दों, सेमीकंडक्टर, रेलवे, रक्षा, विमानन पर चर्चा की है। भारत और यूरोप का एक बहुत ही ठोस रिश्ता है, और भी बहुत कुछ किया जा सकता है। लेकिन इसके अलावा, मुझे लगता है कि आज एक बड़ी चर्चा की जरूरत है जो दुनिया को वैश्विक व्यवस्था के बारे में बात करनी चाहिए। हम किस तरह की दुनिया में रहना चाहते हैं? नियम क्या होंगे और अन्य संबंधित मुद्दे क्या होंगे? और क्योंकि मुझे लगता है कि यूरोप वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण खिलाड़ी है, इसलिए यह भी जरूरी है कि भारत उसके साथ अपने रिश्ते मजबूत करे।’ ये भी पढ़ें- यूरोप के कई नेता करेंगे भारत का दौरा अगले कुछ हफ्तों में, भारत जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की मेजबानी करेगा। विदेश मंत्री ने इसका जिक्र किया। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 8, 2026 · 2 min · National Desk

Budget 2026: 28 जनवरी से शुरू हो सकता है बजट सत्र, वित्त मंत्री 1 फरवरी को पेश करेंगी आम बजट

केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बुधवार को बैठक हुई। बैठक में संसद के आगामी बजट सत्र की तारीखों का प्रस्ताव रखा गया।राजनीतिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से करने और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इन तारीखों पर अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। निर्मला सीतारमण नौ लगातार बजट पेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बनेंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे। मोरारजी देसाई ने 1959–64 के बीच छह और 1967–69 के बीच चार बजट प्रस्तुत किए थे। हालिया वित्त मंत्रियों में पी. चिदंबरम ने नौ और प्रणब मुखर्जी ने आठ बजट पेश किए थे। निर्मला सीतारमण 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं। बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जाता है। पहले और दूसरे हिस्से के बीच अवकाश रखा जाता है, ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें। सूत्रों ने बताया कि बैठक में बजट सत्र की शुरुआत के लिए 28 जनवरी और 31 जनवरी, दो संभावित तारीखों पर चर्चा हुई, जिनमें से किसी एक पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। आम तौर पर संसद का बजट सत्र जनवरी के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होता है। माना जा रहा है कि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अगले चरण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।केंद्रीय बजट कई वर्षों से 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है। इस साल 1 फरवरी को रविवार है और इस बात की पूरी संभा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 8, 2026 · 2 min · National Desk

UP: प्रदेश में टल सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, आरक्षण की वजह से आ सकती है ये बाधा; जानिए डिटेल

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्य कारण अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना है, जिसके चलते पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया भी तय नहीं हो पा रही है। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने फिर दावा किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समयानुसार अप्रैल-मई में ही होंगे। पंचायतीराज विभाग ने छह सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जनगणना 2011 के अनुसार, राज्य में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत क्रमशः 20.6982 और 0.5677 प्रतिशत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन वर्गों के लिए इतनी ही प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।ओबीसी जातियों का प्रतिशत जनगणना में शामिल नहीं था। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार, राज्य की ग्रामीण आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 53.33 प्रतिशत थी। 2021 के चुनाव में इसी सर्वे के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षण तय किया गया था। हालांकि, किसी भी ब्लॉक में ओबीसी की जनसंख्या 27 प्रतिशत से अधिक होने पर भी ग्राम प्रधान के पद 27 प्रतिशत से अधिक आरक्षित नहीं हो सकते। यदि यह प्रतिशत 27 प्रतिशत से कम हो, तो उसी अनुपात में पद आरक्षित होंगे। प्रदेश स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रतिशत 27 प्रतिशत रखना अनिवार्य है।नगर निकाय के चुनाव में ओबीसी की आबादी के आंकड़ों को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर रिपोर्ट तैयार करवाई थी। पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग विभिन्न जिलों में जाकर ओबीसी की आबादी क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 8, 2026 · 2 min · National Desk

Budget 2026: 28 जनवरी से शुरू हो सकता है बजट सत्र, वित्त मंत्री 1 फरवरी को पेश करेंगी आम बजट

केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बुधवार को बैठक हुई। बैठक में संसद के आगामी बजट सत्र की तारीखों का प्रस्ताव रखा गया।राजनीतिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से करने और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इन तारीखों पर अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। निर्मला सीतारमण नौ लगातार बजट पेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बनेंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे। मोरारजी देसाई ने 1959–64 के बीच छह और 1967–69 के बीच चार बजट प्रस्तुत किए थे। हालिया वित्त मंत्रियों में पी. चिदंबरम ने नौ और प्रणब मुखर्जी ने आठ बजट पेश किए थे। निर्मला सीतारमण 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं। बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जाता है। पहले और दूसरे हिस्से के बीच अवकाश रखा जाता है, ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें। सूत्रों ने बताया कि बैठक में बजट सत्र की शुरुआत के लिए 28 जनवरी और 31 जनवरी, दो संभावित तारीखों पर चर्चा हुई, जिनमें से किसी एक पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। आम तौर पर संसद का बजट सत्र जनवरी के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होता है। माना जा रहा है कि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अगले चरण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।केंद्रीय बजट कई वर्षों से 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है। इस साल 1 फरवरी को रविवार है और इस बात की पूरी संभा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

Venezuela: चीन और जापान से अमीर वेनेजुएला कैसे हो गया कंगाल? पढ़िए अर्श से फर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी

सवाल: ह्यूगो शावेज कौन थे? उनके दौर में राजनीतिक हालात कैसे बदले? जवाब: ह्यूगो शावेज आधुनिक वेनेजुएला के इतिहास के सबसे प्रभावशाली और विवादित व्यक्ति थे। वह एक पूर्व पैराट्रूपर और लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्होंने 1999 से 2013 (अपनी मृत्यु तक) वेनेजुएला पर शासन किया। उन्होंने देश में ‘बोलिवेरियन क्रांति’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य समाजवाद के जरिए गरीबों को सशक्त बनाना और अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देना था। अप्रैल 2002 में लाखों विपक्षी प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने के बाद, चावेज को कुछ समय के लिए सत्ता से बेदखल कर दिया गया। यह तख्तापलट असंतुष्ट सैन्य अधिकारियों और विपक्षी नेताओं द्वारा किया गया था, जिन्होंने व्यवसायी पेड्रो कारमोना को नया राष्ट्रपति बना दिया। चावेज़ को गिरफ्तार कर लिया गया, बुश प्रशासन ने तुरंत कारमोना को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे दी, और न्यूयॉर्क टाइम्स के संपादकीय पृष्ठ ने एक “तानाशाह बनने की चाह रखने वाले” के पतन का जश्न मनाया । हालांकि, महज दो दिन बाद ही, सड़कों पर उमड़ी भारी संख्या में समर्थकों की बदौलत चावेज़ सत्ता में वापस आ गए। और असफल तख्तापलट में अपनी संभावित भूमिका के लिए बुश प्रशासन को तुरंत गहन जांच का सामना करना पड़ा। हालांकि अमेरिका ने संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन कई वर्षों तक यह सवाल बना रहा कि क्या सरकार को तख्तापलट की पहले से जानकारी थी और उसने मौन रूप से चावेज़ को सत्ता से हटाने में सहयोग दिया था। शावेज के दौर में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। इससे देश में प्रति व्यक्ति आय अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। शावेज शासन के शुरुआती दौर में देश में प्रति व्यक्ति आय 3200 डॉलर के करीब थी। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: प्रदेश में गलन और ठिठुरन चरम पर, अयोध्या और आजमगढ़ सबसे ठंडे जिले; 32 जिलों के लिए अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे का प्रकोप अपने चरम पर है। सर्द पछुआ हवाओं ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। वहीं घने कोहरे ने भी सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया है। बुधवार को भी प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में दोपहर तक धूप नहीं खिली और कोहरे का साया बना रहा। जहां धूप हुई भी, वहां गलन हावी रही। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 1 min · National Desk

Venezuela: कभी चीन और जापान से अमीर वेनेजुएला कंगाल कैसे हो गया, पढ़िए अर्श से फर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी

सवाल: ह्यूगो शावेज कौन थे? उनके दौर में राजनीतिक हालात कैसे बदले? जवाब: ह्यूगो शावेज आधुनिक वेनेजुएला के इतिहास के सबसे प्रभावशाली और विवादित व्यक्ति थे। वह एक पूर्व पैराट्रूपर और लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्होंने 1999 से 2013 (अपनी मृत्यु तक) वेनेजुएला पर शासन किया। उन्होंने देश में ‘बोलिवेरियन क्रांति’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य समाजवाद के जरिए गरीबों को सशक्त बनाना और अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देना था। अप्रैल 2002 में लाखों विपक्षी प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने के बाद, चावेज को कुछ समय के लिए सत्ता से बेदखल कर दिया गया। यह तख्तापलट असंतुष्ट सैन्य अधिकारियों और विपक्षी नेताओं द्वारा किया गया था, जिन्होंने व्यवसायी पेड्रो कारमोना को नया राष्ट्रपति बना दिया। चावेज़ को गिरफ्तार कर लिया गया, बुश प्रशासन ने तुरंत कारमोना को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे दी, और न्यूयॉर्क टाइम्स के संपादकीय पृष्ठ ने एक “तानाशाह बनने की चाह रखने वाले” के पतन का जश्न मनाया । हालांकि, महज दो दिन बाद ही, सड़कों पर उमड़ी भारी संख्या में समर्थकों की बदौलत चावेज़ सत्ता में वापस आ गए। और असफल तख्तापलट में अपनी संभावित भूमिका के लिए बुश प्रशासन को तुरंत गहन जांच का सामना करना पड़ा। हालांकि अमेरिका ने संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन कई वर्षों तक यह सवाल बना रहा कि क्या सरकार को तख्तापलट की पहले से जानकारी थी और उसने मौन रूप से चावेज़ को सत्ता से हटाने में सहयोग दिया था। शावेज के दौर में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। इससे देश में प्रति व्यक्ति आय अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। शावेज शासन के शुरुआती दौर में देश में प्रति व्यक्ति आय 3200 डॉलर के करीब थी। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बेतहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

एसआईआर का दूसरा चरण: मसौदा सूची से हटे 6.5 करोड़ मतदाताओं के नाम, नौ राज्य-तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल

चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पिछले दिनों प्रकाशित नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूची से करीब 6.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। एसआईआर के दूसरे चरण से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.90 करोड़ मतदाता थे। अलग-अलग मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 44.40 करोड़ हो गई। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि मसौदा सूची से हटाए गए लोगों के नाम अनुपस्थित, शिफ्टेड और मृत/डुप्लीकेट कैटेगरी में डाल दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटे अधिकारियों ने पहले बताया था कि शहरी इलाकों में गणना फॉर्मों का संग्रह ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी कम रहा है। उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद मंगलवार को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए, जबकि 12.55 करोड़ मतदाता सूची में मौजूद हैं। पहले दर्ज 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 18.70 प्रतिशत के नाम मौत, स्थायी पलायन या एक से अधिक पंजीकरण के कारण हटाए गए। 75 जिलों की मतदाता सूची, देखें कहां कटे कितने नाम जिला कितने मतदाता कटे (प्रतिशत) सहारनपुर 4,32,534 (16.37%) मुजफ्फरनगर 3,44,217 (16.29%) मेरठ 6,65,635 (24.65%) गाजियाबाद 8,18,139 (28.83%) बुलन्दशहर 4,03,369 (15.14%) गौतम बुद्ध नगर 44,74,71 (23.98%) बागपत 177299 (18.15%) आगरा 8,36,943 (23.25%) अलीगढ 5,20,189 (18.60%) मथुरा 3,73,793 (19.19%) फिरोजाबाद 3,44,752 (18.13%) मैनपुरी 2,26,875 (16.17%) एटा 2,20,426 (16.80%) हाथरस 1,89,616 (16.30%) बरेली 7,14,753 (20.99%) बदायूं 4,92,995 (20.39%) शाहजहांपुर 5,03,922 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

US Embassy: 'आपको देश से निकाला जा सकता है..', नियमों के उल्लंघन को लेकर भारतीय छात्रों को अमेरिका की चेतावनी

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को लेकर अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को चेतावनी जारी की। दूतावास ने कहा कि किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर छात्रों को उनके देश से निकाला जा सकता है। अमेरिकी दूतावास ने स्पष्ट कहा कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेष सुविधा है और वहां रहते हुए कानून तोड़ने पर गंभीर नतीजे हो सकते हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 1 min · National Desk

कोहरा-धूप, बर्फीली हवाओं का खेल: दिल्ली समेत उत्तर भारत में सूखी सर्दी का अजीब मिजाज, आगे कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर में अभी नहीं है बारिश के आसार निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत ने अमर उजाला से बातचीत में कहा, बीते तीन–चार दिनों से दिल्ली का न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। आने वाले दिनों में ठंड का असर थोड़ा और बढ़ सकता है, जिससे हवा में ठिठुरन महसूस होगी। हवा में बढ़ती ठंडक के कारण न्यूनतम तापमान थोड़ा गिर सकता है। जबकि अधिकतम तापमान दिन में निचले से मध्य में रहेगा। कोल्ड डे की स्थिति और तेज हो सकती है। इसका दायरा भी बढ़ सकता है। दिल्ली में धुंध के कारण दिन में धूप नहीं निकल पाती, जिससे दिन का तापमान दबा रहता है। राजधानी के सभी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। इसलिए कई हिस्सों में कोल्ड डे जैसी स्थिति दर्ज की जा रही है। कोल्ड डे की स्थिति तब घोषित की जाती है जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस कम रहता है। पलावत के मुताबिक,दिल्ली में नवंबर, दिसंबर और जनवरी में सामान्य तौर पर औसत बारिश लगभग 32 मिमी दर्ज होती है। लेकिन इस बार सर्दियों में अब तक एक बूंद बारिश नहीं हुई है। अगले करीब 10 दिनों तक किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना नहीं है, इसलिए बारिश के आसार भी नहीं हैं। इस दौरान मौसम शुष्क और ठंडा बना रहेगा। सप्ताह के कुछ दिनों में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। लेकिन रात के वक्त आसमान साफ रहने के कारण धरती से गर्मी तेजी से बाहर निकलेगी, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। खासतौर पर 8 से 10 जनवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में ठंड का असर और बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि पूरे सप्ताह के दौरान कोल्ड वेव जैसी स्थिति बनने की स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk