नेपाल बाढ़ लाइव: अब तक 675 मौतों की पुष्टि, 2400+ लोग लापता; 120 भारतीय चीन से नेपाल पहुंचे, 287 की तलाश जारी

10:19 PM, 29-Aug-2026 मृतकों की संख्या 675 पहुंची, राहत-बचाव अभियान जारी मध्य नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद शनिवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 675 हो गई। वहीं, 2,000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं और खराब मौसम के बीच लापता लोगों की तलाश की जा रही है। मध्य नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद शनिवार तक मृतकों की संख्या बढ़कर 675 हो गई। वहीं, 2,000 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित सभी आठ जिलों से शव बरामद किए जा चुके हैं। राहत एवं बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं और खराब मौसम के बीच लापता लोगों की तलाश की जा रही है। 09:08 PM, 29-Aug-2026 खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, भारतीयों की जल्द सुरक्षित वापसी को बताया प्राथमिकता नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता जताई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पड़ोसी देश को हरसंभव मानवीय सहायता देने और नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की अपील की। खरगे ने कहा कि इस संकट की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मानवीय प्रतिक्रिया की जरूरत है। उन्होंने सरकार से नेपाल के लोगों तक हरसंभव राहत पहुंचाने के साथ वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने और उनकी जल्द वापसी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 30, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: वाराणसी बनेगा प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल, 200 करोड़ खर्च होंगे; बढ़ेगा व्यापार-रोजगार

आईडब्ल्यूएआई के निदेशक संजीव कुमार ने बताया कि जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सामनेघाट में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल में एक समय में 10,000 यात्रियों की क्षमता होगी। इमिग्रेशन काउंटर, कस्टम्स काउंटर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बैगेज स्कैनर, सुरक्षा जांच काउंटर, सीसीटीवी निगरानी, पब्लिक एड्रेस सिस्टम होगा। यात्रियों के लिए पैसेंजर लाउंज, बैगेज ट्रॉली, इलेक्ट्रिक बग्गी, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट होंगे। इसके अलावा कैफेटेरिया और ड्यूटी-फ्री शॉपिंग के लिए व्यावसायिक जगह भी होगी। वाहन पार्किंग और प्रीपेड टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। टर्मिनल को दिव्यांग-अनुकूल बनाया जाएगा। अभी मुख्यालय में डीपीआर तैयार की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 30, 2026 · 1 min · National Desk

पीएम का ताशकंद दौरा LIVE: उज्बेकिस्तान में भारतवंशियों के बीच प्रधानमंत्री, बिखरे तिरंगे और संस्कृति के रंग

12:45 AM, 30-Aug-2026 राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय बैठक की योजना विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी ब्यौरे के मुताबिक ताशकंद दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दोनों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों देश संबंधों की समीक्षा के अलावा भविष्य की कार्ययोजना भी तय करेंगे। जनता के बीच जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने के मकसद से समुदाय के बीच संबंधों की गर्मजोशी बनाए रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी ब्यौरे के मुताबिक ताशकंद दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दोनों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों देश संबंधों की समीक्षा के अलावा भविष्य की कार्ययोजना भी तय करेंगे। जनता के बीच जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने के मकसद से समुदाय के बीच संबंधों की गर्मजोशी बनाए रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। 12:35 AM, 30-Aug-2026 ताशकंद में तिरंगे की चमक: रिश्ते की गर्मजोशी को बयां करती तस्वीर पीएम मोदी के आगमन को लेकर उज्बेकिस्तान में कैसा माहौल है, इसका अंदाजा यहां की गतिविधियों से भी लगता है। दोनों देशों के संबंधों के अलावा इंसानी रिश्ते की गर्मजोशी को बयां करती ऐसी ही तस्वीर ताशकंद सिटी से आई। शहर की इमारतें तिरंगे से जगमगाती दिखीं। #WATCH | Uzbekistan: Buildings in Tashkent City have been illuminated …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 30, 2026 · 2 min · National Desk

ताशकंद में पीएम मोदी: प्रधानमंत्री ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में अर्पित की पुष्पांजलि, राष्ट्रपति भी रहे साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंच गए हैं। ताशकंद पहुंचने पर पीएम मोदी का उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मजबूत होते संबंधों की झलक भी देखने को मिली। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह बैठक अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने यांगी उज्बेकिस्तान पार्क में अर्पित की पुष्पांजलि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में यांगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव भी उनके साथ मौजूद रहे। यांगी उज्बेकिस्तान पार्क देश के प्रमुख और बड़े सार्वजनिक पार्कों में शामिल है। इसका उद्घाटन 31 अगस्त 2021 को उज्बेकिस्तान की स्वतंत्रता की 30वीं वर्षगांठ के मौके पर किया गया था। किन मुद्दों पर होगी दोनों नेताओं के बीच चर्चा? प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मिर्जियोयेव व्यापार एवं निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। दोनों नेता इन क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति पर चर्चा करने के साथ-साथ आगे की दिशा और प्राथमिकताएं भी तय करेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक एवं मजबूत बनाना है। दोनों पक्ष विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने और भविष्य के लिए साझा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: छपने से पहले क्यों विवाद में सोनिया की आत्मकथा, क्या प्रकाशक के लिए दुनिया से अलग है भारत का सच?

एक्सप्लेनर: छपने से पहले क्यों विवाद में सोनिया की आत्मकथा, क्या प्रकाशक के लिए दुनिया से अलग है भारत का सच? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर सोनिया गांधी की जिस आत्मकथा की 10 नवंबर को लॉन्चिंग होनी है, उसके बारे में अब तक क्या जानकारी सामने आई है? इस पर अचानक विवाद किस बात पर और क्यों उभरा है? प्रकाशक कंपनी की ओर से इस पर क्या जवाब दिया गया है? कैसे एक आत्मकथा के प्रकाशन का मुद्दा कांग्रेस बनाम भाजपा बन गया? आइये जानते हैं… कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की नवंबर में लॉन्च होने वाली आत्मकथा- ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) को लेकर प्रकाशन से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, हाल ही में सामने आया था कि किताब के प्रकाशन के अधिकार हासिल करने वाली कंपनी- पेंग्विन रैंडम हाउस ने भारत में सोनिया की आत्मकथा को प्रकाशित करने से हाथ पीछे खींच लिए। इसके बाद जहां कांग्रेस ने प्रकाशक कंपनी के इस फैसले के पीछे केंद्र के दबाव को वजह बताया, वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर प्रकाशक कंपनी और उसकी ओर से की गई ‘तथ्यों की जांच’ पर डाल दी। पहले जानें- सोनिया गांधी की किताब के बारे में अब तक क्या सामने आया? सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ के बारे में 18 अगस्त 2026 को एक कार्यक्रम में एलान किया गय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: कहीं पितृसत्ता के खात्मे की बात, कहीं हजारों देने के वादे, क्या ऐसे होगा महिला सशक्तीकरण

खबरों के खिलाड़ी: कहीं पितृसत्ता के खात्मे की बात, कहीं हजारों देने के वादे, क्या ऐसे होगा महिला सशक्तीकरण गुंजा कपूर: हमें आधी आबादी बनने में भी बहुत साल लगे हैं। एक तरफ आप कहते हैं कि हम महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं, उन्हें अवसर देना चाहते हैं। दूसरी तरफ हम महिलाओं के वोट खरीदने के लिए स्कूटी, लाड़की बहन, लाडली बहन करते हैं। आप वोट बैंक को क्यों खरीदने की कोशिश कर रहे हैं? आप उनको सशक्त करने की कोशिश क्यों नहीं करते जिससे वो अपना फैसला ले सकें। हर राजनीतिक दल को लगता है कि महिला का वोट खरीद लो। हमें आधी आबादी बनने में भी बहुत साल लगे हैं। एक तरफ आप कहते हैं कि हम महिलाओं को आरक्षण देना चाहते हैं, उन्हें अवसर देना चाहते हैं। दूसरी तरफ हम महिलाओं के वोट खरीदने के लिए स्कूटी, लाड़की बहन, लाडली बहन करते हैं। आप वोट बैंक को क्यों खरीदने की कोशिश कर रहे हैं? आप उनको सशक्त करने की कोशिश क्यों नहीं करते जिससे वो अपना फैसला ले सकें। हर राजनीतिक दल को लगता है कि महिला का वोट खरीद लो। राहुल गांधी ने हाल ही में पुणे में छात्राओं के साथ सीधे संवाद में पितृसत्ता, महिलाओं की आजादी और परिवार में बराबरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रिश्तों से अलग भी हर महिला की अपनी पहचान है और देश की असली ताकत करोड़ों महिलाओं के सपनों और विचारों में है। इस दौरान राहुल ने मनुस्मृत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk

एच1एन1 वायरस: स्वाइन फ्लू से होने वाली निमोनिया की क्या पहचान है? ये एक्टर भी हो गया संक्रमण का शिकार

1 of 5 स्वाइन फ्लू से होने वाली दिक्कतें - फोटो : Amarujala.com/AI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू, इन दिनों खूब चर्चा में है। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के कई राज्य इस संक्रमण से गंभीर रूप से प्रभावित देखे जा रहे हैं। दिल्ली में इस साल अब तक 2700 से ज्यादा लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। अस्पतालों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी-जुकाम और सांस की समस्याओं के शिकार मरीजों को संख्या भी बढ़ती देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को इन दिनों श्वसन रोगों से बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। कुछ लोगों में ये संक्रमण गंभीर और जानलेवा समस्याओं का कारण भी बन सकता है। हालिया जानकारियों के मुताबिक बॉलीवुड एक्टर इमरान हाशमी भी स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 से संक्रमित हो गए हैं। उनका स्वाइन फ्लू टेस्ट पॉजिटिव आया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में शूटिंग के सिलसिले में लगातार यात्रा करने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। डॉक्टर कहते हैं, पहले से ही कमजोर इम्युनिटी वालों और कोमोरबिडिटी (व्यक्ति में एक ही समय पर दो या दो से अधिक बीमारियां) के शिकार लोगों में स्वाइन फ्लू से निमोनिया होने का खतरा हो सकता है। आइए जानते हैं कि इसकी पहचान कैसे की जा सकती है? 2 of 5 एच1एन1 फ्लू के खतरे - फोटो : Amarujala.com एच1एन1 फ्लू का बढ़ता खतरा डॉक्टर कहते हैं, एच1एन1 फ्लू क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: जनगणना की प्रश्नावली पर क्यों मचा बवाल? विश्लेषकों ने बताया जाति पर किसकी कैसी सियासत

खबरों के खिलाड़ी: जनगणना की प्रश्नावली पर क्यों मचा बवाल? विश्लेषकों ने बताया जाति पर किसकी कैसी सियासत अनुराग वर्मा: मेरा मानना है कि जब हम जातिविहीन व्यवस्था की बात कर रहे हैं, उस वक्त क्या आप देश को 200 साल पीछे ले जाना चाहते हैं। हम मित्रता करते समय जाति के बारे में नहीं सोचते, आज कल इंटरकास्ट शादियां भी बढ़ रही हैं। इन सबके बीच इस तरह की बातें करना मंशा पर सवाल खड़ा करता है। मेरा मानना है कि जब हम जातिविहीन व्यवस्था की बात कर रहे हैं, उस वक्त क्या आप देश को 200 साल पीछे ले जाना चाहते हैं। हम मित्रता करते समय जाति के बारे में नहीं सोचते, आज कल इंटरकास्ट शादियां भी बढ़ रही हैं। इन सबके बीच इस तरह की बातें करना मंशा पर सवाल खड़ा करता है। कांग्रेस ने जातिगत जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पार्टी ने सरकार से मौजूदा प्रश्नावली को रद्द कर राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम जनता से परामर्श के बाद नई प्रश्नावली तैयार करने की मांग की है। इसके साथ ही जातिगत जनगणना के तौर-तरीकों को लेकर सियासत शुरू हो गई है। ओबीसी की वास्तविक संख्या सामने नहीं आने की आशंका जताते हुए विपक्षी दल इसे तूल देने में लगे हैं। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, राकेश शुक्ल, बिलाल सब्जवारी, अनुराग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk

भारतीय पेशेवरों पर संकट: अमेरिका में नौकरी गई तो 60 दिन की राहत हो सकती है खत्म, प्रस्ताव की समीक्षा पूरी

आधिकारिक नियामक रिकॉर्ड के अनुसार, प्रस्ताव की समीक्षा 27 अगस्त को पूरी हुई। इसमें कार्रवाई की स्थिति ‘बदलाव के साथ अनुरूप’ दर्ज की गई है। इसका मतलब है कि प्रस्ताव कुछ बदलावों के साथ व्हाइट हाउस की समीक्षा प्रक्रिया से आगे बढ़ गया है। हालांकि, प्रस्ताव अभी प्रकाशित नहीं हुआ है और इसके पूरे प्रावधान उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए मौजूदा 60 दिन की राहत अवधि फिलहाल लागू है।अगले चरण में प्रस्तावित नियम को आम तौर पर संघीय रजिस्टर में प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद लोगों और संगठनों से इस पर सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी जाएंगी। गृह सुरक्षा विभाग को इन टिप्पणियों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम जारी करना होगा। इसके बाद ही कोई बदलाव प्रभावी हो सकेगा।इस प्रस्ताव का नियामक सूचना नंबर 1615-एडी22 है और इसे अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा द्वारा तैयार किया जा रहा है। नियामक रिकॉर्ड में इसे ऐसा प्रस्तावित नियम बताया गया है, जिसका आर्थिक प्रभाव महत्वपूर्ण नहीं है और इसे लागू करने की कोई कानूनी समयसीमा नहीं है। मौजूदा नियम के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी खत्म होने के बाद लगातार 60 दिनों तक या उनके अधिकृत प्रवास की अवधि खत्म होने तक, इनमें से जो अवधि कम हो, उतनी राहत मिल सकती है।इस अवधि में प्रभावित कर्मचारी ऐसे नए नियोक्ता की तलाश कर सकते हैं, जो उन्हें प्रायोजित करने के लिए तैयार हो। वे अपनी आव्रजन स्थिति में बदलाव के लिए आवेदन कर सकते हैं या अमेरिका छोड़ने की तैयारी कर सकते हैं। यह प्रावधान एच-1बी, एल-1, ओ-1 और कई अन्य अस्थायी रोजगार वीजा धारकों पर लागू होता है।एच-1बी लाभार्थियों में भारतीय नागरिकों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में अगर प्रशासन इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk

ब्रेकअप से खुला था पेपर लीक का राज: अब कपड़े के बैग से खुला महाराष्ट्र में फर्जी मार्कशीट रैकेट, तीन गिरफ्तार

यह मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के दुर्गापुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बिना परीक्षा दिए लोगों को नामी विश्वविद्यालयों की फर्जी डिग्री और अन्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराता था। इसके लिए पांच लाख से दस लाख रुपये तक वसूले जाते थे। पुलिस ने इस मामले में कुछ दिन पहले तुकुम इलाके के रहने वाले परिमल बाबूराव गौरकर और वैभव भोलाराम सोनुले के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया था। सोनुले को पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि मुख्य आरोपी परिमल गौरकर और उसके साथी अक्षय खोब्रागड़े को शुक्रवार को नागपुर से पकड़ा गया।पुलिस जांच के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का राज उस समय खुला, जब तुकुम स्थित चिंतामणि अपार्टमेंट में रहने वाले वैभव मशिरकर के घर रखा एक कपड़े का बैग संदिग्ध लगा। बताया गया है कि आरोपी परिमल गौरकर ने इसी साल जनवरी में यह बैग अपने पड़ोसी मशिरकर के घर सुरक्षित रखने के लिए दिया था। गौरकर बीच-बीच में बैग से कुछ कागजात निकालने के लिए उनके घर आता था। लेकिन कई महीनों तक जब वह बैग लेने नहीं पहुंचा, तो मशिरकर को शक हुआ। उन्होंने बैग खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। उसमें देश के कई चर्चित विश्वविद्यालयों के नाम से तैयार की गई संदिग्ध मार्कशीट और दूसरे शैक्षणिक दस्तावेज रखे हुए थे।मशिरकर तुरंत इन दस्तावेजों को लेकर दुर्गापुर पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। मशिरकर ने अपने बयान में पुलिस को बताया कि गौरकर पहले भी उनसे दावा कर चुका था कि वह देश के बड़े विश्वविद्यालयों के फर्जी सर्टिफिकेट 5 से 10 लाख रुपये में बनवा सकता है। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उसमें संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 29, 2026 · 2 min · National Desk