एक साल के बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि: डोडा में बलिदान हो गए थे रिंखिल, गांव ही नहीं DM तक रोते रहे
1 of 4 जवान रिंखिल बालियान को दी गई सलामी - फोटो : अमर उजाला Link Copied जम्मू के जिला डोडा में सड़क हादसे में बलिदान हुए यूपी के हापुड़ स्थित गांव भटैल निवासी जवान रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह गांव पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया। परिजनों ने चींख पुकार के बीच रिंखिल के अंतिम दर्शन किए। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव में ही पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका नम नाम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा रिंखिल तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। विधायक विजयपाल आढ़ती, डीएम अभिषेक पांडेय, एसपी ज्ञानंजय सिंह और पूर्व विधायक गजराज सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 4 जवान रिंखिल बालियान की अंतिम यात्रा - फोटो : अमर उजाला शव देख पत्नी-मां हुईं बेहोश गांव निवासी जवान रिंखिल बालियान के बालिदान होने की खबर से गांव में पिछले दो दिन से मातम छाया हुआ था। खराब मौसम के कारण शुक्रवार को शव नहीं पहुंचा तो परिजनों की आंखें इंतजार में पथरा गईं। लेकिन शनिवार सुबह करीब नौ बजे रिंखिल का पार्थिव शव सेना के ट्रक से गांव पहुंचा तो यहां चींख पुकार मच गई। पत्नी रिंकी और मां मंजू शव को देखकर मूर्छित हो गईं। भाई ऋषभ का निढाल थे। घर में मची चीत्कार और माहौल को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। 3 of 4 जवान रिंखिल बालियान को दी गई सलामी - फोटो : अमर उजाला अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैकड़ों लोग घर में अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को गांव के श्मशान ले जाया गया और यहां पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...