UP: ईरान संकट के चलते लखनऊ के सवा लाख लोग खाड़ी देशों में फंसे, फोन लगाकर मांग रहे हैं मदद; 17 उड़ानें निरस्त
एयरवॉक ट्रैवल एजेंसी के मालिक आतिफ ने बताया कि इस वक्त खाड़ी देशों में लखनऊ के सवा लाख से ज्यादा लोग हैं। लखनऊ एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए हर हफ्ते 115 उड़ानें जाती हैं। अब इन फ्लाइटों के रद्द होने से वहां लोग परेशान हैं। लखनऊ के अजीत हैदर दो दिन पहले ही गए थे। हमले के बाद वह परेशान हैं और वापसी की गुहार लगा रहे हैं।हर महीने लखनऊ से 700-800 लोग जियारत के लिए ईरान जाते हैं। ईरान के लिए सीधी फ्लाइट नहीं होने पर लोग दिल्ली और दुबई के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिये जाते हैं। खाड़ी देशों में जाने वाले 90 प्रतिशत लोग कामगार हैं जबकि 10 प्रतिशत लोग बतौर पर्यटक जाते हैं।लखनऊ के अलावा गोंडा और अंबेडकरनगर के भी कई परिवारों की धड़कने तेज हैं। गोंडा के शास्त्रीनगर तोपखाना मोहल्ले के एक परिवार के कई लोग ईरान में हैं। व्यवसायी शबाहत हुसैन के छोटे भाई फसाहत हुसैन परिवार के साथ ईरान में रहते हैं। अंबेडकरनगर में भी 100 से ज्यादा परिवारों की धड़कन तेज हो गई है। यहां से तमाम लोग रोजी-रोटी से लेकर शिक्षा तक के लिए ईरान के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले के बाद 40 लाख से ज्यादा लखनवी चिंता में हैं। लखनऊ के सवा लाख से ज्यादा लोग ईरान, ओमान, बहरीन, मस्कट, रियाद, दुबई, रसअलखेमा और शारजाह जैसे खाड़ी देशों में फंसे हैं। सभी वतन वापसी की राह देख रहे हैं लेकिन ईरान का एयरस्पेस बंद होने की वजह से सारी फ्लाइटें कैंसिल हैं। ऐसे में ये लोग लखनवी ट्रैवल एजेंसियों को फोन कर वापसी के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। खाड़ी देश जाने वालीं 17 उड़ानें निरस्त शनिवार को दुबई का एयरस्पेस बंद कर दिया गया। इस कारण लखनऊ से दम्माम, मस्कट सहित खाड़ी देशों में सात गंतव्यों के लिए आने-ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...