Parliament: एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा, 12 बजे तक स्थगित हुआ सदन; राज्यसभा में चर्चा जारी

10:32 AM, 13-Mar-2026 राज्यसभा में विपक्ष ने विदेश व वाणिज्य मंत्रालय पर चर्चा मांगी राज्यसभा में विपक्षी नेताओं ने विदेश मंत्रालय या वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा की मांग की है। सूत्रों के अनुसार यह मुद्दा बुधवार को बिजनेस एडवाइजरी कमिटी (बीएसी) की बैठक में उठाया गया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि 2010 के बाद से इन दोनों मंत्रालयों पर राज्यसभा में कोई चर्चा नहीं हुई है। बजट सत्र में संसद में मंत्रालयों के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की जाती है। राज्यसभा में मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा होती है, जबकि लोकसभा में अनुदान की मांगें के जरिए वित्तीय मामलों और प्रस्तावित खर्च पर बहस और मतदान किया जाता है। 10:18 AM, 13-Mar-2026 समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को स्वतंत्र रूप से मतदान करने का अधिकार है, लेकिन वर्तमान सरकार देश के करोड़ों दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के वोट डिलीट कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सरकार के साथ साजिश करने का आरोप लगाया। प्रसाद ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की तैयारी चल रही है, तभी देश में सच्चे और निष्पक्ष चुनाव संभव होंगे। 10:16 AM, 13-Mar-2026 भारत में LPG की कोई कमी नहीं होगी- भाजपा सांसद भाजपा सांसद के सुधाकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अनुभवी और सिद्ध नेता हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी संकट और चुनौतियों का सामना करते हुए देशवासियों को कोई परेशानी नहीं होने दी। सुधाकर ने भरोसा जताया कि भले ही पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है, भारत में LPG की कोई कमी नहीं होगी, और हर्मुज जलडमरूमध्य से केवल भारतीय जहाजों को स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

फिर बढ़ा टैरिफ का खतरा: अमेरिका ने भारत समेत 16 व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ शुरू की जांच, क्या हैं आरोप?

यह जांच 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत की जा रही है। यह वही कानून है जिसके तहत अमेरिका किसी देश की व्यापारिक नीतियों को अनुचित मानते हुए एकतरफा टैरिफ बढ़ा सकता है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इन देशों की नीतियां अमेरिकी व्यापार के लिए नुकसानदेह हैं या नहीं।अमेरिका ने जिन देशों के खिलाफ जांच शुरू की है उनमें भारत, चीन, बांग्लादेश, कंबोडिया, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, नॉर्वे, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, ताइवान, मलयेशिया, थाईलैंड और वियतनाम शामिल हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इन देशों की औद्योगिक नीतियों के कारण वैश्विक बाजार में अत्यधिक उत्पादन हो रहा है और इसका असर अमेरिकी उद्योगों पर पड़ रहा है।अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन देशों की नीतियां अमेरिकी कंपनियों के लिए अनुचित या भेदभावपूर्ण तो नहीं हैं। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि क्या इन नीतियों के कारण अमेरिकी व्यापार पर बोझ पड़ रहा है या उसका विस्तार सीमित हो रहा है। जांच में विनिर्माण क्षेत्र में अतिरिक्त उत्पादन और क्षमता से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वह अपने औद्योगिक आधार को कमजोर नहीं होने देगा। अधिकारियों के मुताबिक कई देशों में अतिरिक्त उत्पादन को अमेरिकी बाजार में निर्यात किया जा रहा है। इससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान हो रहा है। इसलिए ट्रंप प्रशासन नए टैरिफ लगाने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है ताकि घरेलू उद्योगों को संरक्षण मिल सके।इस जांच प्रक्रिया के तहत 17 मार्च से टिप्पणियां द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

PM: प्रधानमंत्री मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई PM, कहा- उन्होंने खुद को सत्ता के अहंकार से बचाया हुआ है

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं। ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: ईरान का दावा- इराक में मार गिराया अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान, अमेरिका ने नकारा; जानें मामला भारत में तानाशाही के आरोपों पर एबॉट ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इन बातों को पूरी तरह बकवास बताया। उन्होंने कहा कि जिस देश में निष्पक्ष चुनाव होते हों और मीडिया व न्यायपालिका स्वतंत्र हो, वहां तानाशाही का कोई खतरा नहीं हो सकता। उन्होंने उदाहरण दिया कि रायसीना डायलॉग में इस्राइल और ईरान, दोनों के प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिला। एबॉट खुद साल 2022 से इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी तानाशाह देश ऐसा खुला मंच तैयार नहीं कर सकता। अन्य वीडियो- प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

गहराएगा पश्चिम एशिया संकट: इराक में ड्रोन हमले में फ्रांसीसी सैनिक की मौत, कई घायल; मैक्रों ने दी बड़ी चेतावनी

पश्चिम एशिया में धधक रहा युद्ध अब खतरनाक रूप से फैलता नजर आ रहा है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को बारूद के ढेर पर बैठा दिया है। इसी बीच इराक के कुर्द इलाके एरबिल में हुए घातक हमले ने हालात की गंभीरता और बढ़ा दी, जहां एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत हो गई। इस बात की जानकीरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट के जरिए दी। मैक्रों ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अस्वीकार्य है। उन्होंने मृतक सैनिक के परिवार और साथियों के प्रति गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। बता दें कि मृतक सैनिक की पहचान फ्रांस के 7वें अल्पाइन शासर बटालियन के वारंट ऑफिसर आर्नॉ फ्रियोन के रूप में हुई है। राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया कि इस हमले में कई अन्य फ्रांसीसी सैनिक भी घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस अपने सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ा है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे। ये भी पढ़ें:- ईरान की आग लगाने की धमकी से दहला तेल बाजार: ट्रंप भी हो गए सतर्क, सभी देशों को रूसी तेल खरीद पर दी अस्थायी ढील अपने पोस्ट में मैक्रों ने स्पष्ट किया कि फ्रांसीसी सैनिक 2015 से आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई में शामिल हैं और उनकी मौजूदगी केवल आतंकवाद के खिलाफ अभियान तक सीमित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान में युद्ध या किसी अन्य क्षेत्रीय संघर्ष को इस हमले का औचित्य नहीं बनाया जा सकता।राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि फ्रांस ऐसे हमलों को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा और अपने सैनिकों के खिलाफ किसी भी हिंसक कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद से लड़ाई में फ्रांस की प्रतिबद्धता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis: ईरान का दावा- इराक में मार गिराया अमेरिकी रिफ्यूलिंग विमान, अमेरिका ने नकारा; जानें मामला

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में विमान में सवार सभी छह सैनिकों की मौत हो गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया कि रेजिस्टेंस फ्रंट के एयर डिफेंस सिस्टम ने बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर को उस समय निशाना बनाया, जब वह एक लड़ाकू विमान में ईंधन भर रहा था।दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने विमान के गिरने की बात तो मानी है, लेकिन किसी भी तरह के हमले से साफ इनकार किया है। अमेरिकी सेना ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान उनका एक बोइंग KC-135 विमान इराक के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि यह घटना मित्र देश के हवाई क्षेत्र में हुई। इस अभियान में दो विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित उतरने में कामयाब रहा। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि यह हादसा किसी दुश्मन की गोलीबारी की वजह से नहीं हुआ है।अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मौके पर बचाव कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे स्थिति साफ होगी, और जानकारी दी जाएगी। सेना ने सैनिकों के परिवारों की निजता का सम्मान करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ चल रहे हालातों पर अपनी बात रखी। व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। उन्होंने अमेरिकी सेना की ताकत की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि हमारी सेना जैसी दुनिया में कोई दूसरी ताकत नहीं है।ट्रंप ने संकेत दिया कि उनकी सरकार अब वे कदम उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन से की बात, अमेरिका का सैन्य रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, नागरिकों की मौत और बुनियादी ढांचे को हो रहे नुकसान पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वहीं इसी संकट के बीच इराक में एक अमेरिकी सैन्य रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेना के अनुसार केसी-135 विमान ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान का हिस्सा था और हादसे के बाद बचाव अभियान जारी है। इस बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई प्रभावी साबित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है और वह जरूरी कदम उठा रही है। उधर ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की हालत को लेकर भी रहस्य बना हुआ है। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह एक हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। देश में भी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। मार्च की शुरुआत में ही कई राज्यों में लू जैसी स्थिति बन गई है, जिससे मौसम के बदलते पैटर्न को लेकर चिंता बढ़ी है। उत्तर प्रदेश के आगरा में एक कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव होने से अफरातफरी मच गई और ग्रामीणों को गांव खाली करना पड़ा। वहीं दिल्ली में एलपीजी की कमी के कारण शादियों और समारोहों के मेन्यू में कटौती करनी पड़ रही है। दूसरी ओर अमेरिका ने भारत समेत 16 व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ नई व्यापारिक जांच शुरू कर दी है, जिससे वैश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

Donald Trump: 'ईरान के खिलाफ हमारी सैन्य कार्रवाई प्रभावी', यहूदी सिनेगॉग पर हुए हमले को लेकर भी बोले ट्रंप

ट्रंप ने मिशिगन के डेट्रॉयट शहर में एक यहूदी सिनेगॉग पर हुए हमले को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जानकारी उन्हें दी गई है और यह बेहद दुखद घटना है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच करेगा और जल्द ही इसकी सच्चाई सामने लाएगा।ट्रंप ने कहा कि वह मिशिगन के यहूदी समुदाय और डेट्रॉयट के लोगों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सिनेगॉग पर हुआ हमला बेहद गंभीर है और इसकी पूरी जांच की जाएगी। ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले की तह तक जाएगा और जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही स्थिति तेजी से बदल रही है। उनके अनुसार अमेरिका की सैन्य कार्रवाई प्रभावी है और ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान आतंक और नफरत को बढ़ावा देने वाला देश है और अमेरिका इस खतरे से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है।ट्रंप ने कहा कि उनके पहले कार्यकाल में अमेरिका की अर्थव्यवस्था मजबूत रही और उस समय सेना को भी काफी मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज अमेरिका की सैन्य ताकत और क्षमता मजबूत दिखाई दे रही है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सेना का इतना ज्यादा इस्तेमाल करना पड़ेगा।ट्रंप ने खेलों में लैंगिक पहचान को लेकर अपनी सरकार की नीति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें साफ किया गया है कि केवल दो ही लिंग हैं, पुरुष और महिला। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं के खेलों में पुरुषों को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और 2028 ओलंपिक में भी इस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

क्या कोमा में हैं मोजतबा खामेनेई?: ईरान के नए सर्वोच्च नेता पर रहस्य गहराया, रिपोर्ट में हालत को लेकर कई दावे

बताया जा रहा है कि 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को राजधानी तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं और उनके शरीर को भारी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के आसपास सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है और वहां केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही जाने की अनुमति दी जा रही है।सूत्रों के अनुसार हवाई हमले में मोजतबा खामेनेई को गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि उनके शरीर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा है और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उन्हें कोमा में रखा गया है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनका इलाज कर रही है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।रिपोर्टों के अनुसार मोजतबा खामेनेई का इलाज तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल के एक हिस्से को पूरी तरह से सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात की गई है। बताया जा रहा है कि केवल सीमित लोगों को ही आईसीयू तक पहुंचने की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां अस्पताल परिसर की लगातार निगरानी कर रही हैं।विश्लेषकों का कहना है कि अगर मोजतबा खामेनेई सक्रिय रूप से नेतृत्व नहीं कर पा रहे हैं तो देश की सैन्य और राजनीतिक व्यवस्था अब बड़े पैमाने पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के कमांडरों के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि पहले से बनाए गए क्षेत्रीय सैन्य कमांड सेंटर अब युद्ध की रणनीति चला रहे हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

Israel: नेतन्याहू का दावा- इस्राइली हमलों में मारे गए ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक; मोजतबा को बताया कठपुतली

बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता पर तीखा हमले करते हुए कहा कि वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे सकते। नेतन्याहू की यह टिप्पणी ईरान के सरकारी टीवी पर खामेनेई द्वारा जारी एक बयान के कुछ घंटों बाद आई है। इस बयान में मोजतबा ने ईरान की ओर से हमले जारी रखे जाने की बात कही थी।ईरान की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, यह उम्मीद की जा रही है कि तेहरान इन आरोपों का खंडन करेगा और इस्राइल पर पलटवार करेगा। ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी किए गए बयान और सर्वोच्च नेता के सार्वजनिक रूप से न दिखने की खबरें भी कई सवाल खड़े करती हैं।ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इस्राइल के साथ जारी जंग के बीच गुरुवार को पहला बयान जारी किया। हालांकि, इस बयान को उन्होंने खुद कैमरे पर नहीं पढ़ा। उनके इस बयान को सरकारी टेलीविजन पर एक समाचार एंकर ने पढ़ा।मोजतबा खामेनेई के बयान में कहा गया, ‘ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ मित्रता चाहता है। तेहरान अब केवल अमेरिका के ठिकानों को निशाना बना रहा है, जिस पर हमले जारी रहेंगे।’ मोजतबा खामेनेई ने देश से एकजुटता आह्वान करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा, ताकि ईरान के दुश्मनों पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि हम अपने शहीदों के खून का बदला लेंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संघर्ष से ट्रंप को कितना नुकसान?: US में 17% बढ़ी तेल की कीमतें, टैंकरों पर भी हमला; मची खलबली

पश्चिम एशिया संघर्ष से ट्रंप को कितना नुकसान?: US में 17% बढ़ी तेल की कीमतें, टैंकरों पर भी हमला; मची खलबली और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से दुनिया में तेल-गैस की कीमतें किस हद तक बढ़ गई हैं? कौन से देश इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं? अमेरिका कैसे इस संघर्ष में जीत हासिल करने का सपना देखते-देखते नुकसान की स्थिति में आ रहा है? इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की क्या भूमिका है? आइये जानते हैं… अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध का फिलहाल कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। दोनों ही पक्षों में कोई भी फिलहाल झुकने को तैयार नहीं है। जहां अमेरिका-इस्राइल ने इस युद्ध में ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह नेस्तनाबूत करने की बात कही है, वहीं ईरान ने भी अब होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर के ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। इसका असर सिर्फ पूरी दुनिया पर दिखने लगा है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें बढ़ गई हैं। पहले माना जा रहा था कि इस संघर्ष से अमेरिका को कोई खास नुकसान नहीं होगा। हालांकि, युद्ध के लंबा खिंचने के साथ अब अमेरिका के लिए भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आलम यह है कि व्हाइट हाउस इस संघर्ष से बाहर निकलने के लिए अब मौका ढूंढ रहा है। कौन से देश इससे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 13, 2026 · 2 min · National Desk