प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना में विमान में सवार सभी छह सैनिकों की मौत हो गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान जारी किया है। इस बयान में कहा गया कि रेजिस्टेंस फ्रंट के एयर डिफेंस सिस्टम ने बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर को उस समय निशाना बनाया, जब वह एक लड़ाकू विमान में ईंधन भर रहा था।दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने विमान के गिरने की बात तो मानी है, लेकिन किसी भी तरह के हमले से साफ इनकार किया है। अमेरिकी सेना ने एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान उनका एक बोइंग KC-135 विमान इराक के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि यह घटना मित्र देश के हवाई क्षेत्र में हुई। इस अभियान में दो विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान पश्चिमी इराक में गिर गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित उतरने में कामयाब रहा। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि यह हादसा किसी दुश्मन की गोलीबारी की वजह से नहीं हुआ है।अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल मौके पर बचाव कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे स्थिति साफ होगी, और जानकारी दी जाएगी। सेना ने सैनिकों के परिवारों की निजता का सम्मान करने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है।इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ चल रहे हालातों पर अपनी बात रखी। व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ स्थिति बहुत तेजी से बदल रही है। उन्होंने अमेरिकी सेना की ताकत की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने कहा कि हमारी सेना जैसी दुनिया में कोई दूसरी ताकत नहीं है।ट्रंप ने संकेत दिया कि उनकी सरकार अब वे कदम उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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