PLFS 2025: सरकार का दावा- 2025 में बेरोजगारी घटकर 3.1 फीसदी हुई; गांवों में सुधार, स्थायी नौकरियों में बढ़ोतरी

यह वीडियो/ हटाएं देश में बेरोजगारी दर 2025 में थोड़ी घटकर 3.1% हो गई है। यह आंकड़ा 2024 में 3.2% था, यानी मामूली सुधार जरूर हुआ है। यह जानकारी सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) 2025 में सामने आई है, जिसे सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने जारी किया है। रिपोर्ट बताती है कि रोजगार के मामले में देश में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और यह सुधार लगभग हर सेक्टर और पुरुष-महिला दोनों में देखने को मिला है। पुरुषों की बेरोजगारी दर 3.3% से घटकर 3.1% हो गई, जबकि महिलाओं की बेरोजगारी दर 3.1% पर ही स्थिर रही। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 1 min · National Desk

Noida Airport Inauguration: पीएम मोदी आज करेंगे नोएडा हवाई अड्डे का उद्घाटन, कहा- कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन से एक दिन पहले अपने फेसबुक और एक्स आईडी पर इसे एनसीआर की कनेक्टिविटी और व्यापार के लिए बड़ा बढ़ावा बताया है। उन्होंने बताया कि वह शनिवार को जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करने के लिए आ रहे हैं। उन्होंने फेसबुक पर नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को विकास का रास्ता बताते हुए लोगों के लिए बड़ी यातायात सुविधा बताया है। एक्स पर भी पोस्ट करते हुए बताया कि नोएडा एयरपोर्ट बनने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सुविधा मिलेगी। साथ ही आईजीआई एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ भी कम हो सकेगी। 24 नवंबर 2023 को इंडिगो एयरलाइन, 30 जनवरी 2024 को अकासा एयरलाइन के साथ समझौता हुआ 12 अप्रैल 2024 को नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने ग्राउंड हैंडलिंग सेवाओं के लिए बर्ड ग्रुप का चयन किया 17 अप्रैल 2024 को बीपीसीएल पियाला से हवाई अड्डे तक एटीएफ पाइपलाइन का निर्माण का समझौता 7 नवंबर 2024 को टाटा पावर और एनआईए के बीच सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के लिए साझेदारी हुई 16 अक्टूबर 2024 को रनवे के इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम तैयार हुआ 9 दिसंबर 2024 को रनवे तैयार होने के बाद इंडिगो एयरलाइंस की टेस्टिंग फ्लाइट उतरी 5 मार्च 2026 को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन से मिली हरी झंडी मिली 6 मार्च 2026 को नोएडा एयरपोर्ट को लाइसेंस प्रदान किया गया उन्होंने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट हमारे देश के खास ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट में से एक है। यात्री सुविधा के अतिरिक्त आयात और निर्यात के लिए यहां बने कार्गो से उद्योगों को बल मिलेगा। उनके एक्स और फेसबुक पर पोस्ट पर बड़ी संख्या में उनके फालोवर्स ने अच्छे कमेंट किए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान के खिलाफ अमेरिका की खास रणनीति: रुबियो का दावा- जमीन पर नहीं उतारनी पड़ेगी सेना, बताया कब खत्म होगी जंग?

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी इस्राइल और खाड़ी देशों में मैजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब अपना 28वां दिन पार कर रहा है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच अब अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका अपने लक्ष्य हफ्तों में पूरा कर सकता है, महीनों में नहीं और इसके लिए जमीनी सेना भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। फ्रांस में जी7 देशों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि अमेरिका बिना जमीनी सेना के भी अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर सकता है। उन्होंने जोर दिया कि यह ऑपरेशन अब और ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। यह जंग कुछ हफ्तों में खत्म हो सकती है।इसके साथ ही मार्को रुबियो ने खास तौर पर होर्मुज जलसंधि का जिक्र किया। यह दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग माना जाता है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस रास्ते को बंद करता है या जहाजों को रोकता है, तो यह गैरकानूनी और खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि जंग खत्म होने के बाद भी इस रास्ते को खुला रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए अमेरिका अंतरराष्ट्रीय सहयोग की चाहता है।रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की संसद इस बात पर विचार कर रही है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टोल (पैसा) लिया जाए। ऐसे में इस समय अगर ऐसा होता है, तो दुनिया भर के तेल व्यापार पर असर पड़ सकता है। दूसरी ओर अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर ताजा अपडेट की बात करें तो रुबियो ने कहा कि अमेरिका अभी यह साफ हो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

लेह में सात की मौत: पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा, नीचे से गुजर रही थीं गाड़ियां; तस्वीरों में देखें मंजर

1 of 7 7 लोगों की मौत, कई वाहन दबे - फोटो : अमर उजाला लद्दाख के कारगिल जिले में जोजिला-गुमरी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर प्रकृति का कहर टूटा। जीरो पॉइंट और मिनीमर्ग के बीच भारी हिमस्खलन ने कई जिंदगियों को चपेट में ले लिया। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। कम से कम पांच लोग गंभीर घायल हुए हैं। बर्फ के विशाल मलबे के नीचे 7 से 8 वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : अमर उजाला पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र लेह-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वाहन जोजिला दर्रे से गुजर रहे थे। इसी दाैरान पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ और बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से सड़क पर आ गिरा। पलक झपकते ही वाहन बर्फ के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लद्दाख पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें बचाव एवं राहत कार्य के लिए मशीनों के साथ पहुंच गईं। 3 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI हटाई जा रही बर्फ खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद देर रात तक सेना और बीआरओ के जवान स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से बर्फ हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में जुटे थे। घायलों को तत्काल निकालने के लिए बसीज इमाम खामनेई मेमोरियल ट्रस्ट (आईकेएमटी) के सदस्य और 108 एम्बुलेंस तैनात हैं। 4 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI सात के मारे जाने की पुष्टि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भूस्खलन में दबने से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

PM की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: राज्यों को सप्लाई चेन दुरुस्त रखने के निर्देश, टीम इंडिया की भावना पर जोर

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करने पर देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग व आपूर्ति श्रृखंलाओं को मजूबत करना है।उन्होंने राज्यों से आपूर्ति श्रंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में।प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बदलते हालात में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सीमा और तटीय राज्यों में खास ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि नौवहन, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से जुड़ी नई चुनौतियों का समाधान किया जा सके। प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं व अफवाहों से सतर्क रहने का भी आग्रह किया और सही व विश्वसनीय जानकारी फैलाने पर जोर दिया।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

Iran War: ईरान का दावा- परमाणु ठिकानों को बनाया गया निशाना; इस्राइल बोला- सैन्य कार्रवाई को और तेज करेंगे

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अराक के शाहिद खोंदाब में स्थित एक बड़े पानी के संयंत्र और यज्द प्रांत के अर्दकान येलोकैक प्लांट पर हमला हुआ। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन का खतरा भी नहीं है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस्राइल ने तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को और तेज और व्यापक करने की चेतावनी दी थी। इस्राइल की सेना ने कहा कि उसने तेहरान के अंदर बैलिस्टिक मिसाइल और हथियार निर्माण से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसके साथ ही पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर और स्टोरेज साइट्स को भी निशाना बनाया।ईरान संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों तक फैल चुका है। सऊदी अरब ने बताया कि उसने राजधानी रियाद की ओर बढ़ रहे मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया। कुवैत के बंदरगाहों को भी हमलों में नुकसान पहुंचा है। इस बीच लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हमले हुए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत अच्छी तरह चल रही है। हालांकि, ईरान ने किसी भी वार्ता से इनकार किया है। अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खोलने की शर्त शामिल है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिक भी तैनात किए हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। तेल की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।इस बीच कई देशों के राजनयिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 28, 2026 · 2 min · National Desk

Iran War: ईरान का दावा- परमाणु ठिकानों को बनाया गया निशाना; इस्राइल बोला- सैन्य कार्रवाई को और तेज करेंगे

ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बताया कि अराक के शाहिद खोंदाब में स्थित एक बड़े पानी के संयंत्र और यज्द प्रांत के अर्दकान येलोकैक प्लांट पर हमला हुआ। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और रेडिएशन का खतरा भी नहीं है।यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इस्राइल ने तेहरान के खिलाफ अपने अभियान को और तेज और व्यापक करने की चेतावनी दी थी। इस्राइल की सेना ने कहा कि उसने तेहरान के अंदर बैलिस्टिक मिसाइल और हथियार निर्माण से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। इसके साथ ही पश्चिमी ईरान में मिसाइल लॉन्चर और स्टोरेज साइट्स को भी निशाना बनाया।ईरान संघर्ष का दायरा खाड़ी देशों तक फैल चुका है। सऊदी अरब ने बताया कि उसने राजधानी रियाद की ओर बढ़ रहे मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया। कुवैत के बंदरगाहों को भी हमलों में नुकसान पहुंचा है। इस बीच लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हमले हुए, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत अच्छी तरह चल रही है। हालांकि, ईरान ने किसी भी वार्ता से इनकार किया है। अमेरिका ने युद्धविराम के लिए 15 सूत्रीय प्रस्ताव दिया है, जिसमें होर्मुज को सभी जहाजों के लिए खोलने की शर्त शामिल है। इसके साथ ही अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिक भी तैनात किए हैं।होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव वैश्विक चिंता का कारण बना हुआ है, क्योंकि दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर नियंत्रण के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है। तेल की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है।इस बीच कई देशों के राजनयिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

लेह में सात की मौत: पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा, नीचे से गुजर रही थीं गाड़ियां; तस्वीरों में देखें मंजर

1 of 7 7 लोगों की मौत, कई वाहन दबे - फोटो : अमर उजाला Link Copied लद्दाख के कारगिल जिले में जोजिला-गुमरी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर प्रकृति का कहर टूटा। जीरो पॉइंट और मिनीमर्ग के बीच भारी हिमस्खलन ने कई जिंदगियों को चपेट में ले लिया। हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। कम से कम पांच लोग गंभीर घायल हुए हैं। बर्फ के विशाल मलबे के नीचे 7 से 8 वाहनों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : अमर उजाला पहाड़ से गिरा बर्फ का बड़ा हिस्सा हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र लेह-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है। शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे वाहन जोजिला दर्रे से गुजर रहे थे। इसी दाैरान पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ और बर्फ का बड़ा हिस्सा तेजी से सड़क पर आ गिरा। पलक झपकते ही वाहन बर्फ के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही सेना, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ), लद्दाख पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें बचाव एवं राहत कार्य के लिए मशीनों के साथ पहुंच गईं। 3 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI हटाई जा रही बर्फ खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद देर रात तक सेना और बीआरओ के जवान स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद से बर्फ हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के कार्य में जुटे थे। घायलों को तत्काल निकालने के लिए बसीज इमाम खामनेई मेमोरियल ट्रस्ट (आईकेएमटी) के सदस्य और 108 एम्बुलेंस तैनात हैं। 4 of 7 मस्खलन में फंसे वाहनों को निकालने के लिए बचाव अभियान जारी - फोटो : ANI सात के मारे जाने की पुष्टि केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

PM की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक: राज्यों को सप्लाई चेन दुरुस्त रखने के निर्देश, टीम इंडिया की भावना पर जोर

प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि ‘टीम इंडिया’ की भावना से मिलकर काम करने पर देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबर जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकताएं आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग व आपूर्ति श्रृखंलाओं को मजूबत करना है।उन्होंने राज्यों से आपूर्ति श्रंखलाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया, खासकर उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी में।प्रधानमंत्री मोदी ने सभी स्तरों पर मजबूत समन्वय तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि बदलते हालात में तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने सीमा और तटीय राज्यों में खास ध्यान देने का निर्देश दिया, ताकि नौवहन, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से जुड़ी नई चुनौतियों का समाधान किया जा सके। प्रधानमंत्री ने गलत सूचनाओं व अफवाहों से सतर्क रहने का भी आग्रह किया और सही व विश्वसनीय जानकारी फैलाने पर जोर दिया।आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से यह बैठक ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत राज्यों और केंद्र के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह पहली बार है, जब प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को अमेरिका-इस्राइल के ईरान पर हमले से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ इस तरह की बैठक की। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अपने खाड़ी पड़ोसी देशों और इजराइल पर हमले किए।बैठक में आंध्र प्रदेश के एन चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के रेवंत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 2 min · National Desk

भारत की सैन्य ताकत में होगा इजाफा: 2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों पर मुहर, S-400 की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी

भारत की सैन्य ताकत में होगा इजाफा: 2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों पर मुहर, S-400 की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी भारत की सैन्य ताकत में होगा इजाफा: 2.38 लाख करोड़ के रक्षा सौदों पर मुहर, S-400 की अतिरिक्त खरीद को मंजूरी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Published by: Nirmal Kant Updated Fri, 27 Mar 2026 05:52 PM IST सार रक्षा अधिग्रहण परिषद ने लगभग 2.38 लाख करोड़ रुपये की लागत के सैन्य हार्डवेयर की खरीद को मंजूरी दी है, जिसमें सेना, वायु सेना और तटरक्षक बल के लिए आधुनिक उपकरण शामिल हैं। इस खरीद में एयर डिफेंस सिस्टम, धनुष तोप, एस-400 मिसाइल प्रणाली, मध्यम परिवहन विमान, दूर से नियंत्रित हमलावर विमान और सुखोई-30 के इंजन कलपुर्जों की ओवरहाल शामिल है। पढ़ें रिपोर्ट- …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 27, 2026 · 1 min · National Desk