नोएडा हिंसा: साजिश के पीछे ये संगठन; 17 Whatsapp ग्रुप से भड़की आग; कंपनियों के बाहर लगे वेतन वृद्धि के बोर्ड

गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन अब खत्म ही हो चुका है। एक तरफ इस प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम आ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ डीएम ने आदेश दिया है कि अगर उपद्रव होगा तो आउटसोर्सिंग एजेंसियां ब्लैकलिस्ट होंगी। नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन का नाम सामने आया। संगठन के मुख्य आरोपी रूपेश राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान कर ली गई है। जहां से श्रमिकों के हिंसक आंदोलन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया था।रूपेश राय बिगुल दस्ता नाम का संगठन संचालित करता है। अमर उजाला ने प्रदर्शन के दूसरे दिन यानी शनिवार को बातचीत करने का प्रयास किया था, तब संगठन के लोग श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए लगातार अपील कर रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि शुक्रवार को भी वह इस प्रदर्शन में श्रमिकों के साथ शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनका कहना था कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। उन्होंने कहा कि वह श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास कर रहे हैं।बीते शनिवार को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रदर्शन के दौरान रूपेश राय श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहते हुए नजर आ रहा है। जबकि आज सेक्टर-84 स्थित उद्योगों में शांतिपूर्वक श्रमिक काम पर लौट आए हैं। बीते दिनों बने तनाव के बाद फिर कंपनी में काम कर रहे हैं। सरकार के वेतन बढ़ाने के आदेश का असर दिख रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Robert Vadra ED Case: अदालत का फरमान- 16 मई से पहले पेश हों रॉबर्ट वाड्रा, हरियाणा लैंड डील केस में बढ़ी सख्ती

यह वीडियो/ हटाएं दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर में जमीन सौदे से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ED की चार्जशीट का संज्ञान लिया है। दिल्ली की अदालत ने हरियाणा ज़मीन सौदे मामले में रॉबर्ट वाड्रा और अन्य आरोपियों को 16 मई को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

April 15, 2026 · 1 min · National Desk

BJP के बाहरी CM: सम्राट चौधरी ही नहीं, इन राज्यों में भी दूसरे दलों से आए चेहरों को भाजपा ने बनाया मुख्यमंत्री

गेगॉन्ग अपांग ने जेएन कॉलेज, पासीघाट से पढ़ाई पूरी करने के बाद 1972 से 1975 के बीच कांग्रेस प्रदेश परिषद के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1978 में वे राज्य की पहली विधानसभा के लिए चुने गए और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) व कृषि मंत्री नियुक्त किए गए।18 जनवरी 1980 को गेगॉन्ग अपांग पहली बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उस समय वे मात्र 34 वर्ष के थे और यह पद संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक थे। वे 1999 तक लगातार इस पद पर रहे। इसी दौरान 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी. नरसिम्हा राव के साथ चकमा-हजोंग आदिवासियों के निर्वासन के मुद्दे पर मतभेदों के बाद, उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अरुणाचल कांग्रेस नाम की अपनी क्षेत्रीय पार्टी बना ली। बाद में 1999 में कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।2003 में अपांग को उनकी अरुणाचल कांग्रेस और अन्य दलों के नए गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का नेता चुना गया। इसके कुछ ही महीनों बाद, अगस्त 2003 में गेगॉन्ग अपांग अपने समर्थक विधायकों के साथ औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। अपांग के पार्टी में शामिल होने से 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की कुल संख्या 42 हो गई और इस तरह अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर भारत का पहला राज्य बन गया, जहां भाजपा की सरकार बनी। अपांग इस सरकार में भाजपा के मुख्यमंत्री रहे।हालांकि, यह साथ लंबा नहीं चला और 2004 के आम चुनावों में एनडीए गठबंधन की हार के कुछ महीने बाद ही, अपांग वापस कांग्रेस में लौट गए। अक्तूबर 2004 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिला और अपांग एक बार फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia: अमेरिका के खिलाफ जंग में चीन ने की थी मदद, ईरान ने सैटेलाइट की मदद से दुश्मन के ठिकानों पर बरसाए बम

पश्चिम एशिया में हालिया युद्ध के बीच ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर एक अहम और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने गुप्त रूप से चीन से एक जासूसी सैटेलाइट हासिल किया, जिसके जरिए उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी की और हमलों के लिए रणनीतिक जानकारी जुटाई। लीक हुए ईरानी दस्तावों में क्या आया सामने? फाइनेंशियल टाइम्स की बुधवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, TEE-01B नाम का यह सैटेलाइट चीनी कंपनी अर्थ आई को. द्वारा तैयार किया गया और चीन से ही लॉन्च किया गया था। इसे 2024 के अंत में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स ने अपने नियंत्रण में लिया। रिपोर्ट में लीक हुए ईरानी सैन्य दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया गया है कि आईआरजीसी के कमांडरों ने इस सैटेलाइट को सीधे निर्देश देकर पश्चिम एशिया में मौजूद प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी करवाई। दस्तावेजों में समय-चिह्नित कोऑर्डिनेट्स, सैटेलाइट इमेजरी और ऑर्बिटल एनालिसिस शामिल हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि निगरानी बेहद व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से की गई। ईरान और चीन के बीच क्या हुआ समझौता? बताया गया है कि सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें मार्च महीने में उन ठिकानों की हैं, जहां ड्रोन और मिसाइल हमले हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, हमलों से पहले और बाद की तस्वीरों का विश्लेषण भी किया गया, जिससे यह समझा जा सके कि हमले कितने प्रभावी रहे। हालांकि, रॉयटर्स इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है, जिससे इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समझौते के तहत ईरान को बीजिंग स्थित सैटेलाइट कंट्रोल और डेटा सर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या?

दरअसल, सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुला रही है। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाकर 2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी है। इस कानून के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए परिसीमन प्रक्रिया भी की जाएगी, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर करीब 850 तक की जा सकती है। ऐसे में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि परिसीमन से राज्यों के बीच सीटों का संतुलन बदल सकता है, जिससे कुछ राज्यों का राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है। 01:49 PM, 15-Apr-2026 Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या? देशभर में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ऐसे में अब इस मामले में सरकार के विरोध में कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र से पहले अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर शीर्ष नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तय किया कि संसद में इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जो बिल ला रही है, उसकी मंशा ठीक नहीं है और इससे लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

180 लड़कियों का यौन उत्पीड़न: 350 वीडियो वायरल; मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार; फडणवीस सरकार का अगला एक्शन क्या?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस अमरावती यौन उत्पीड़न और अश्लील वीडियो कांड की गंभीरता से जांच में जुटी है। पुलिस इस संभावना पर भी जांच कर रही है कि यह मामला इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय तो नहीं था। जांच में पता चला है कि उसने मुख्य आरोपी अयान अहमद के मोबाइल फोन से वीडियो डाउनलोड कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा किया था।पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस ने उम्मीज जताई है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस केस के मुख्य आरोपी अयान अहमद को पहले ही पुलिस ने पकड़ लिया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा था।भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे द्वारा की गई शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अयान अहमद को गिरफ्तार किया था। आरोपी अयान अहमद परतवाड़ा शहर का ही रहने वाला था। भाजपा सांसद ने कहा कि आरोपी ने लड़कियों को लव जिहाद के जाल में फंसाया था। उन्होंने आगे कहा कि आरोपी उन्हें मुंबई और पुणे ले जाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा सांसद अनिल बोंडे ने कहा था, ‘‘इस मामले में करीब 180 लड़कियां शिकार बनी हैं। उनमें से ज्यादातर हिंदू हैं। कुछ मुस्लिम लड़कियां भी पीड़ित हैं। इनमें से कुछ लड़कियां नाबालिग हैं।‘‘पुलिस को आरोपी के मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। इन वीडियो में दिख रही लड़कियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले में अब तक आठ पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।पुलिस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते बता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

ये कैसी नाकाबंदी: अमेरिका को सीधे चुनौती दे रहा ईरान, चीन के बाद होर्मुज से गुजरे दो और जहाज, ऐसे दिया चकमा

ब्रिटिश मीडिया संस्थान ‘लॉयड लिस्ट’ ने बताया कि जब से अमेरिका ने ईरान आने-जाने वाले जहाजों पर पाबंदी लगाई है, तब से कुछ जहाज अपनी मंजिल की जानकारी बदल रहे हैं। ईरान के झंडे वाले दो कंटेनर जहाजों ने पहले अपनी मंजिल दक्षिणी ईरान का ‘बंदर अब्बास’ बंदरगाह बताया था। लेकिन नाकेबंदी शुरू होते ही उन्होंने अपने संदेश को बदलकर ‘पीजी पोर्ट्स’ (फारस की खाड़ी के बंदरगाह) कर दिया। इस चालाकी की मदद से वे मंगलवार को सफलतापूर्वक बंदर अब्बास पहुंच गए। जानकारों का कहना है कि जहाजों के इस कदम से अमेरिकी खुफिया तंत्र के लिए जानकारी जुटाना मुश्किल हो जाएगा। अब इन जहाजों को ट्रैक करने के लिए अमेरिका को और ज्यादा संसाधनों की जरूरत पड़ेगी।दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मंगलवार को बताया कि इस मिशन में 10,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। इनमें नाविक, मरीन और वायु सैनिक शामिल हैं। इस घेराबंदी में एक दर्जन से ज्यादा युद्धपोत और दर्जनों विमानों की मदद ली जा रही है। अमेरिका का कहना है कि वे बिना किसी भेदभाव के हर देश के जहाज को रोक रहे हैं। कमांड ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि छह व्यापारिक जहाजों ने उनके आदेश को माना और वे ओमान की खाड़ी की ओर वापस मुड़ गए।अमेरिकी सेना का दावा है कि पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज उनकी नाकेबंदी को पार नहीं कर पाया। यह पाबंदी फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के सभी ईरानी तटीय इलाकों पर लागू है। हालांकि, समुद्री डेटा फर्म ‘केप्लर’ का कहना है कि सोमवार से अब तक कम से कम नौ व्यापारिक जहाजों ने इस रास्ते को पार किया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाके में अमेरिका के कम से कम 15 युद्धपोत मौजूद हैं।इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाया ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

UN Reforms: राजदूत पी हरीश बोले- दो-स्तरीय स्थायी सदस्यता गलत, भारत 'वीटो के अधिकार पर जी4 के प्रस्ताव' के साथ

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) की बैठक में कहा कि वीटो के साथ स्थायी श्रेणी का विस्तार सुरक्षा परिषद के वास्तविक सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि UNSC सुधार के ढांचे के तहत वीटो के साथ या बिना वीटो की एक नई श्रेणी बनाना पहले से चल रही उस चर्चा को और जटिल बना देगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत जी4 के उस रुख से सहमत है जिसे ब्राजील के उप स्थायी प्रतिनिधि नॉर्बर्टो मोरेटी ने उनकी ओर से पेश किया था।भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के समूह जी4 की ओर से ब्राजील के उप स्थायी प्रतिनिधि नॉर्बर्टो मोरेटी ने यह प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि बातचीत को रचनात्मक बनाने और लचीलापन दिखाने के लिए जी4 का प्रस्ताव है कि नए स्थायी सदस्य तब तक वीटो का उपयोग नहीं करेंगे, जब तक कि 15 साल की समीक्षा के दौरान इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले लिया जाता। मोरेटी ने तर्क दिया कि वीटो के मुद्दे को सुरक्षा परिषद की पुरानी संरचना को बनाए रखने का बहाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, नए स्थायी सदस्यों के आने से परिषद अधिक लोकतांत्रिक बनेगी।पी हरीश ने 1965 के सुधारों का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय केवल चार गैर-स्थायी सदस्य जोड़े गए थे, जिससे वीटो रखने वाले पांच स्थायी सदस्यों को सापेक्ष लाभ मिला। इससे स्थायी और गैर-स्थायी सदस्यों का अनुपात 5:6 से बदलकर 5:10 हो गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अब स्थायी सदस्यों को जोड़े बिना सुधार किए गए, तो यह अनुपात और भी बिगड़ जाएगा और मौजूदा असमानता हमेशा के लिए बनी रहेगी।दूसरी ओर, इटली और पाकिस्तान जैसे देशों ने स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का विरोध किया है। उनका …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में बवाल: डेढ़ घंटे तक पथराव, फिर लाठीचार्ज, पहले से छतों पर जमा किए थे ईंट-पत्थर; कासगंज उपद्रव की कहानी

1 of 11 kasganj uproar - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स सूचना पर डीएम और एसपी कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर और बल प्रयोग कर उपद्रवियों को खदेड़ा। पुलिस ने 10 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया। इसके बाद रात में उसी रास्ते से शोभायात्रा को निकाला गया। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को गांव चहका गुनार में शोभायात्रा के रास्ते को लेकर बवाल हो गया। एक जाति विशेष के लोगों ने गली में ट्रैक्टर, थ्रेशर और अन्य वाहन खड़े कर शोभायात्रा का रास्ता रोक लिया। पुलिस ने रास्ता खुलवाने की कोशिश की तो छतों से पथराव शुरू कर दिया। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 11 कासगंज में रास्ते में बुग्गी खड़ी कर आंबेडकर शोभायात्रा रोकी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी गांव चहका गुनार में मंगलवार दोपहर करीब 2:45 बजे शोभायात्रा शुरू हुई। करीब 3:30 बजे शोभायात्रा चहका की एक गली में पहुंची तो जाति विशेष के अराजक तत्वों ने रास्ता रोककर विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में विवाद हो गया। 3 of 11 कासगंज में रास्ते में थ्रेशर मशीन खड़ी कर आंबेडकर शोभायात्रा रोकी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी पुलिस ने रास्ते की अनुमति होने की बात कह वाहनों को हटाने की बात कही तो उपद्रव शुरू कर दिया। देखते ही देखते घरों की छतों से पुलिस पर ईंट-पत्थर चलने लगे। सहावर थाने में तैनात सिपाही अश्वनी मलिक घायल हो गए। सूचना पर एएसपी सुशील कुमार, एडीएम दिग्विजय सिंह, एसडीएम एसएन त्रिपाठी और सीओ सहावर शाहिदा नसरीन कई थानों का फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। 4 of 11 कासगंज में रास्ते में ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी कर आंबेडकर शोभायात्रा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar New CM: बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी आज लेंगे शपथ, अब दो डिप्टी सीएम जदयू से होंगे

बिहार में भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपना मुख्यमंत्री दे रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल से होकर जनता दल यूनाइटेड के रास्ते 2017 में भाजपा में आए पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट चौधरी को बिहार का 24वां मुख्यमंत्री चुना गया है। पहले भाजपा फिर एनडीए की विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सम्राट के नाम पर मुहर लगी। पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें मखाना की माला पहनाकर अपनी विरासत सौंपी। आज सुबह 10:50 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। राज्यपाल सम्राट चौधरी के साथ दो डिप्टी सीएम को शपथ दिलाएंगे। आज सम्राट चौधरी समेत तीन लोग ही शपथ लेंगे। बाकी मंत्री बाद में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह, बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता, एनडीए से सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। 2020 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी तो भाजपा ने दो डिप्टी सीएम दिए। इसमें रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद को मौका मिला। इसके बाद दो बार फिर एनडीए सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। इन दोनों बार डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को बनाया गया। अब चूंकि भाजपा बड़े भाई की भूमिका है, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होंगे। पहले चर्चा थी कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार डिप्टी सीएम बनेंगे। लेकिन, वह नहीं माने। इसलिए जदयू ने भूमिहार जाति से आने वाले विजय चौधरी और यादव जाति से आने वाले बिजेंद्र यादव को डिप्टी सीएम बनाने का फैसला लिया। दोनों नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने हैं। Nitish Kumar : ‘2030 तक का इंतजाम कर जा रहा हूं’- CM पद से इस्तीफे के साथ नीतीश कुमार का संदेश बिहार में भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk