महंगाई का असर: खपत की रफ्तार थामी तो विकास दर को लग सकता है झटका; FMCG मांग में सुस्ती की आशंका ने बढ़ाई चिंता

भारत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत कारखाने नहीं बल्कि बाजार हैं। गांव की किराना दुकान से लेकर शहर के मॉल तक जो खर्च होता है, वही आर्थिक विकास की असली धड़कन है। यही वजह है कि उपभोग में थोड़ी भी सुस्ती अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका दे सकती है। वह भी ऐसे समय में, जब देश पशि्चम एशिया में जारी तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी, डॉलर की तुलना में रुपये में रिकॉर्ड गिरावट और बढ़ते आयात बिल जैसे संकटों से जूझ रहा है। वर्ल्डपैनल बाय न्यूमरेटर के मुताबिक, जनवरी-मार्च तिमाही में एफएमसीजी वैल्यू ग्रोथ 13.1 फीसदी और वॉल्यूम ग्रोथ 5.4 फीसदी रही। एजेंसी का अनुमान है कि 2026 में वॉल्यूम ग्रोथ 5 फीसदी तक जा सकती है, अगर कच्चा तेल स्थिर रहे और मानसून साथ दे। महंगाई और मौसम का दबाव बना रहा, तो एफएमसीजी की वृद्धि दर 3-4 फीसदी तक सिमट सकती है। महंगाई के दौर में उपभोक्ता गैर-जरूरी खरीद टालता है। महंगे ब्रांड से सस्ते विकल्पों की ओर जाता है और जहां बचत दिखती है, वहां बड़े वैल्यू पैक चुनता है। कंपनियों के लिए यह संकेत आसान नहीं है। कंपनियों की असली परीक्षा अब वॉल्यूम ग्रोथ में होगी, न कि सिर्फ महंगे दामों से बढ़े राजस्व में। दरअसल, भारत की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा सहारा घरेलू खर्च है। घरेलू जीडीपी में निजी खपत की हिस्सेदारी करीब 57 फीसदी है। यानी लोगों की जेब, खरीदारी और भरोसा ही विकास का सबसे बड़ा इंजन है। दिसंबर, 2025 तिमाही के दौरान निजी खपत बढ़कर जीडीपी के 57.5 फीसदी तक पहुंच गई।चिंता इसलिए बढ़ी है, क्योंकि पिछले तीन महीनों में कई एजेंसियों ने भारत की वृद्धि दर के अनुमान घटाए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2026 के लिए विकास दर अनुमा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

US Iran War: 'समझौता नहीं तो अमेरिका की कड़ी कार्रवाई तय', ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम; बातचीत अंतिम चरण में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ अंतिम चरण में है और यदि ईरान ने डील पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो अमेरिका कठोर और अप्रिय कदम उठा सकता है। व्हाइट हाउस से बाहर निकलते हुए संवाददाताओं से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा “हम ईरान के साथ अंतिम चरण में हैं। देखते हैं क्या होता है। या तो वे एक डील करेंगे या फिर हम कुछ ऐसी चीजें करेंगे जो थोड़ी कठोर होंगी, लेकिन उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा।“इस बीच, ट्रंप ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहता हूं। वह एक बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। भूलना मत, वह युद्धकाल के प्रधानमंत्री थे और मेरी राय में, इस्राइल में उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता है।” ट्रंप ने यह भी दावा किया कि नेतन्याहू को अपने देश में वह सम्मान नहीं मिलता, जिसके वे हकदार हैं।ट्रंप ने अमेरिका की पुरानी सैन्य कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए कहा कि वियतनाम, अफगानिस्तान और इराक जैसे युद्ध वर्षों तक चले, जबकि ईरान के मामले में स्थिति अलग है। उन्होंने दावा किया कि इस बार अमेरिका ने अपेक्षाकृत कम समय में नियंत्रण की स्थिति बनाई है और बड़े पैमाने पर नुकसान से बचा है।उन्होंने आगे कहा कि उनके राष्ट्रपति पद के अगले तीन वर्षों में बड़ी चीजें होने वाली हैं। उन्होंने वेनेजुएला और ईरान में अमेरिका के कम हताहतों का जिक्र करते हुए कहा “कुछ युद्धों में, वेनेजुएला में, हमने किसी को नहीं खोया और यहां हमने 13 लोग खोए। अन्य युद्धों में, आपने लाखों लोग खोए। इसलिए लोग यह सुनना पसंद नहीं करते जब आप कहते है …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

दिल्ली-एनसीआर में चक्का जाम: ट्रांसपोर्टरों की आज से हड़ताल, दैनिक सेवाओं की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका

ट्रांसपोर्टर बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। 23 मई तक प्रस्तावित इस हड़ताल का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ सकता है। दिल्ली, एनसीआर और आसपास के राज्यों में व्यावसायिक वाहनों का परिचालन प्रभावित होने से सब्जी, दूध, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों पर बढ़ाए गए हरित शुल्क और बीएस-4 वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध के विरोध में हड़ताल का आह्वान किया है। संगठन का दावा है कि दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के 126 परिवहन संगठन आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि हड़ताल के दौरान वाहन जहां होंगे, वहीं खड़े कर दिए जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।अनुमान है कि हड़ताल से प्रतिदिन 25 से 30 हजार व्यावसायिक वाहनों का संचालन प्रभावित हो सकता है। इनमें सात से 10 हजार वाहन खाद्य सामग्री, डेयरी उत्पाद और दवाओं जैसी जरूरी वस्तुओं की ढुलाई करते हैं। ऐसे में यदि हड़ताल पूरी तरह सफल रही तो मंडियों से लेकर खुदरा बाजार तक इसका असर दिखाई दे सकता है।ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि बिना वैज्ञानिक आधार के बीएस-4 वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है और हरित शुल्क में बढ़ोतरी से माल ढुलाई लागत लगातार बढ़ रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Iran: 'युद्ध नहीं, सम्मानजनक कूटनीति ही बेहतर रास्ता'; ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने फिर दोहराया अपना रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट संदेश दिया है कि उनका देश युद्ध के बजाय कूटनीति और संवाद को प्राथमिकता देता है। सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा अपने सभी दायित्वों का सम्मान किया है और युद्ध से बचने के लिए हर संभव रास्ता अपनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी कूटनीतिक विकल्प अभी भी खुले हुए हैं। पेजेशकियन ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी देश को बल या दबाव के जरिए झुकाने की कोशिश करना एक भ्रम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियां लंबे समय में स्थायी समाधान नहीं दे सकतीं। उनके अनुसार, आपसी सम्मान के साथ की गई कूटनीति ही अधिक समझदारी भरा, सुरक्षित और स्थायी रास्ता है।रॉयटर्स ने ट्रंप के हवाले से कहा, सब कुछ खत्म हो गया है। उनकी नौसेना खत्म हो गई है। उनकी वायुसेना खत्म हो गई है। लगभग सब कुछ। अब बस एक ही सवाल है, क्या हम जाकर इसे खत्म कर दें? क्या वे किसी दस्तावेज पर दस्तखत करने वाले हैं? चलिए देखते हैं क्या होता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह क्षेत्र में बड़े युद्ध की बजाय सीमित स्तर पर तनाव या हिंसा को बेहतर मानते हैं। उन्होंने कहा, आदर्श रूप से मैं यह देखना चाहूंगा कि बहुत ज्यादा लोगों की बजाय कम लोगों की जान जाए। हम इसे किसी दूसरे तरीके से भी कर सकते हैं, लेकिन मैं कम नुकसान देखना चाहूंगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में खराब आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण लोगों के बीच गुस्सा बढ़ रहा है।राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के साथ एक सीमित समझौते का मतलब लंबे समय के संघर्षविराम से है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Cuba: क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर US ने दर्ज किया आपराधिक मामला, ट्रंप बोले- लोग कर रहे सराहना

कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और न्याय विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मियामी में आयोजित एक कार्यक्रम में इस मामले की घोषणा की। यह कार्यक्रम विमान हादसे में मारे गए लोगों की स्मृति में आयोजित किया गया था।कास्त्रो पर अभियोग के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “मियामी की क्यूबा भाषी आबादी और निश्चित रूप से मियामी से परे भी अटॉर्नी जनरल ने आज जो किया उसकी सराहना करते हैं। क्यूबा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा है।” वहीं, क्यूबा में तनाव बढ़ने की आशंका पर ट्रंप ने कहा, “नहीं। तनाव नहीं बढ़ेगा। उन्होंने वास्तव में क्यूबा पर अपना नियंत्रण खो दिया है।“गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से क्यूबा पर दबाव बढ़ाने की बात कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद क्यूबा के खिलाफ ईंधन आपूर्ति रोकने सहित कई कदम उठाए थे, जिससे वहां बिजली संकट और आर्थिक दबाव बढ़ा।अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा की जनता से नई नेतृत्व व्यवस्था और मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था की मांग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा के साथ संबंधों में नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार है।वहीं, क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस एफ डी कोसियो ने मार्को रुबियो के बयान पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि वह क्यूबा के बारे में बार-बार गलत दावे कर रहे हैं और देश के लोगों के खिलाफ आक्रामक नीतियों को सही ठहराने की कोशिश कर रहे हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि राउल कास्त्रो के अमेरिका की हिरासत में आने की संभावना फिलहाल नहीं दिखती। उन्होंने 2006 में अपने भाई फिदेल कास …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान युद्ध में अमेरिका को बड़ा नुकसान: F-35 और MQ-9 ड्रोन समेत 42 सैन्य विमान हुए तबाह, इस रिपोर्ट में खुलासा

अमेरिकी संसद की शोध संस्था की ओर से जारी 13 मई की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि खोए हुए विमानों में चार F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनमें से तीन विमान दो मार्च को कुवैत के ऊपर ‘फ्रेंडली फायर’ यानी अपनी ही सेना की गोलाबारी का शिकार हुए, जबकि चौथा विमान पांच अप्रैल को ईरान के आसमान में मार गिराया गया। इसके अलावा, अमेरिका ने अपना सबसे अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट F-35A लाइटनिंग II भी गंवा दिया है।ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट को साझा करते हुए दावा किया कि ईरान की सेना दुनिया के सबसे अचूक माने जाने वाले F-35 फाइटर जेट को मार गिराने वाली पहली ताकत बन गई है। नुकसान की इस फेहरिस्त में 24 एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, एक एमक्यू-4सी ट्रिटॉन ड्रोन, सात केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर-ईंधन भरने वाले विमान, एक ई-3 सेंट्री टोही विमान, दो एमसी-130जे कमांडो II विशेष अभियान विमान और एक एचएच-60डब्ल्यू जोली ग्रीन II हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया था। जवाब में ईरान ने इस्राइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार मिसाइल हमले किए। ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक कर दिया, जिससे दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। दुनिया का 20 प्रतिशत पेट्रोलियम यहीं से गुजरता है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता 12 अप्रैल को पूरी तरह विफल हो गई थी।फिलहाल क्षेत्र में एक बेहद नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि यह युद्धविराम इस समय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Maharashtra: एनसीपी में टूट की अटकलों से मचा बवाल! 22 विधायकों को लेकर उठे सवाल; अजित पवार गुट ने किया पलटवार

महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 22 विधायक शरद पवार के संपर्क में हैं और जल्द ही राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, अजित पवार गुट ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। एनसीपी के प्रवक्ता उमेश पाटिल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि पार्टी का एक भी विधायक शरद पवार की पार्टी के संपर्क में नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी विधायक ने राजनीतिक उद्देश्य से शरद पवार से मुलाकात भी नहीं की है।उमेश पाटिल ने बताया कि पिछले सप्ताह राज्य अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे ने शरद पवार से केवल शिष्टाचार मुलाकात की थी। यह मुलाकात उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए थी, जिसे तटकरे ने उसी समय मीडिया के सामने स्पष्ट भी कर दिया था। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनलों द्वारा लगातार ऐसी खबरें चलाई जा रही हैं कि एनसीपी के विधायक विपक्षी गुट में जाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि इसका कोई ठोस प्रमाण नहीं है।प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक संजय बंसोडे और प्रताप पाटिल चिखलीकर भी मौजूद रहे। नेताओं ने दोहराया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उमेश पाटिल ने मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी सबूत के सत्ताधारी दल के विधायकों के दल बदलने की खबरें चलाना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने पूछा कि क्या किसी चैनल के पास यह प्रमाण है कि 22 विधायक वास्तव में शरद पवार से मिले हैं?एनसीपी प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलती है। यहां सभी नेताओं और विधायकों को अपनी राय रखने और किसी से भी मिलने की स्वतंत्रता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया का एक वर्ग जानबू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Ebola Virus: इबोला वायरस को लेकर केंद्र अलर्ट, सूत्रों का दावा- भारत में अब तक कोई मामला नहीं

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इबोला को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने एहतियात के तौर पर निगरानी के साथ तैयारियों को और मजबूत किया है।बैठक के दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सभी स्तरों पर तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्री-अराइवल और पोस्ट-अराइवल स्क्रीनिंग, क्वारंटीन प्रोटोकॉल, मरीज प्रबंधन, रेफरल व्यवस्था और लैब परीक्षण से जुड़े विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया पहले ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे जा चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य सचिव ने समन्वित निगरानी, समय पर रिपोर्टिंग और चिन्हित स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों पर विशेष जोर दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समन्वय में सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों को भी सतर्क किया गया है और वे आवश्यक निगरानी एवं रोकथाम उपाय कर रहे हैं।मंत्रालय ने कहा कि भारत को ऐसी परिस्थितियों से निपटने का पूर्व अनुभव है। वर्ष 2014 में अफ्रीका में फैले इबोला प्रकोप के दौरान भी इसी तरह के एहतियाती कदम प्रभावी ढंग से लागू किए गए थे। केंद्र सरकार ने कहा है कि लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। केंद्र ने स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सलाह का पालन करने की अपील की है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में बंडिबुग्यो वायरस के कारण इबोला का प्रकोप देखा गया है। 18 मई तक कुल 528 संदिग्ध मामले और 132 मौतें दर्ज की गई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि कुल 668 मामलों की पहचान की गई है, जिनमें 541 कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और 127 युगांडा में हैं। हालांकि, कांगो के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 21, 2026 · 2 min · National Desk

Tamil Nadu: तमिलनाडु कैबिनेट में 59 साल बाद वापसी करेगी कांग्रेस, कल दो विधायक लेंगे मंत्री पद की शपथ

करीब छह दशक बाद तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पहली बार तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार में कांग्रेस के दो विधायक गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस विधायकों एस. राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने को मंजूरी दे दी है।सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस विधायकों एडवोकेट राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन को तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल करने की मंजूरी दे दी है और वे कल मंत्री पद की शपथ लेंगे। करीब 59 वर्षों बाद कांग्रेस की तमिलनाडु मंत्रिमंडल में वापसी को राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और टीवीके सरकार को समर्थन देने वाले गठबंधन के मजबूत होने के रूप में देखा जा रहा है।इसे पार्टी के लिए एक ऐतिहासिक पल बताते हुए वेणुगोपाल ने आगे लिखा, यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, क्योंकि कांग्रेस 59 साल के लंबे अंतराल के बाद तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है। उन्होंने दोनों नेताओं को अपनी शुभकामनाएं भी दीं और विश्वास जताया कि वे एक कल्याण-उन्मुख शासन मॉडल को आगे बढ़ाते हुए तमिलनाडु के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे।तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के वर्तमान में पांच विधायक हैं और विधानसभा चुनाव के बाद वह टीवीके सरकार की प्रमुख सहयोगी ताकत बनकर उभरी है। कांग्रेस के समर्थन के साथ-साथ वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगी दलों के समर्थन से विजय सरकार विधानसभा म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk

UP: बसपा-कांग्रेस गठबंधन कोशिशों पर बचाव की मुद्रा में आई कांग्रेस, पार्टी नेता दे रहे हैं सफाई; ये है रणनीति

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भले ही विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ने की बात कहकर गठबंधन की अटकलों पर विराम लगा चुकी हैं, लेकिन कांग्रेस ने आस नहीं छोड़ी है। कांग्रेस एससी-एसटी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और सांसद तनुज पुनिया ने मंगलवार को मायावती से मिलने का प्रयास कर दोनों दलों के बीच दूरियों को बढ़ा दिया। बसपा कैंप इस मुलाकात की कोशिश के सियासी नफा-नुकसान का आकलन करने में जुटा है तो दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इसे लेकर लगातार सफाई दे रहे हैं। और पढ़ें बसपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक कांग्रेस का यह कदम सुनियोजित था ताकि मायावती पर गठबंधन करने का दबाव बनाया जा सके। बसपा सुप्रीमो रविवार को दिल्ली से राजधानी वापस आ गई थीं, जिसके बाद वह लगातार पार्टी नेताओं से मिल रही थीं। मंगलवार को भले ही उनके आवास से कांग्रेस नेताओं को वापस कर दिया गया लेकिन बुधवार को उन्होंने बसपा की लालगंज सीट से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी इंदु चौधरी से मुलाकात की। वहीं दूसरी ओर पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का यह कदम बसपा को इंडिया गठबंधन में शामिल करने के लिए उठाया गया था ताकि विधानसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर भाजपा का मुकाबला किया जा सके। हालांकि यह पहल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा की जाती तो इसके दूसरे परिणाम भी हो सकते थे। बता दें कि मायावती के दिल्ली प्रवास के दौरान भी उनकी प्रियंका गांधी से मुलाकात की अफवाह फैली थी। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2024 में भी कांग्रेस ने बसपा को अपने साथ लाने की कवायद की थी, लेकिन मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया था। बसपा के वरिष्ठ नेताओं के मुताबि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 20, 2026 · 2 min · National Desk