केतन हत्याकांड में नया मोड़: सिया के वकील ने भाई साहिल को भेजा 10 करोड़ का नोटिस, आखिर क्या है पूरा विवाद?

क्या सिया ने खुद वकील नियुक्त किया था? साहिल गोयल पर मानहानि का आरोप क्यों लगाया गया? नोटिस में साहिल गोयल से क्या मांग की गई? परिवार और वकील के बीच विवाद कैसे शुरू हुआ? मामला तब शुरू हुआ जब साहिल गोयल ने मीडिया के सामने एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव के सिया गोयल का वकील होने पर सवाल उठाए। साहिल ने दावा किया कि परिवार ने आशीष श्रीवास्तव को कभी नियुक्त नहीं किया और आशंका जताई कि सिया के हस्ताक्षर धोखे से लिए गए हो सकते हैं। इसके बाद श्रीवास्तव ने कानूनी नोटिस जारी कर कहा कि उनके पास सिया द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित वकालतनामा मौजूद है, जिसे अदालत में भी दाखिल किया जा चुका है।एडवोकेट आशीष श्रीवास्तव ने नोटिस में दावा किया है कि सिया गोयल ने एक वयस्क आरोपी होने के नाते स्वेच्छा से उन्हें अपना कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया है। उनके अनुसार, सिया ने बाकायदा वकालतनामा पर हस्ताक्षर किए हैं और यह दस्तावेज सक्षम अदालत के रिकॉर्ड में भी शामिल है। श्रीवास्तव का कहना है कि यह कोई मौखिक दावा या मीडिया में प्रचारित बात नहीं, बल्कि कानूनी रूप से वैध नियुक्ति है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।नोटिस में आरोप लगाया गया है कि साहिल गोयल ने बिना किसी तथ्य की पुष्टि किए मीडिया में ऐसे बयान दिए, जिससे आशीष श्रीवास्तव की पेशेवर छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा। नोटिस के अनुसार, साहिल के बयानों से यह संदेश गया कि श्रीवास्तव ने झूठा दावा किया कि वह सिया के वकील हैं। वकील का कहना है कि इन आरोपों के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, धमकियों, अपमानजनक टिप्पणियों और पेशेवर स्तर पर नुकसान का सामना करना पड़ा है।कानूनी नोटिस में साहिल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

Amarnath Yatra: क्या अमरनाथ यात्रा में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा PAK? खुफिया एजेंसियों का बड़ा खुलासा

Amarnath Yatra: क्या अमरनाथ यात्रा में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा PAK? खुफिया एजेंसियों का बड़ा खुलासा चौतरफा मुश्किलों से घिरा है पाकिस्तान खुफिया अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान के लिए इस समय पीओके, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की स्थिति बड़ी चुनौती बनी हुई है। खासकर पीओके में जारी विरोध प्रदर्शनों ने इस्लामाबाद की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अधिकारियों का दावा है कि हाल ही में अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किया गया हवाई हमला भी अंदरूनी दबाव से ध्यान भटकाने की कोशिश का हिस्सा था। इस हवाई हमले में 35 लोगों की मौत हुई। आगामी अमरनाथ यात्रा को लेकर भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में बिगड़ते हालात से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकती है। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की आशंका भारतीय एजेंसियों के मुताबिक, इंटरसेप्ट किए गए कुछ इनपुट से संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान भारत में भी आतंकी हमले की साजिश रच रहा है। इसके लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई जम्मू-कश्मीर के जंगलों में छिपे कुछ आतंकियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही है। एजेंसिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

US: परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ कतर रवाना, फिर ईरान वार्ता से क्यों कर रहा इनकार?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को बताया कि मंगलवार को दोहा में होने वाली कूटनीतिक बातचीत बेहद अहम है। ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका अपने रुख पर कायम है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। ट्रंप ने कहा, ‘कल दोहा में बैठक होगी। देखते हैं कि इसमें क्या होगा। यह बैठक अहम भी है और नहीं भी। ये साफ है कि ईरान को परमाणु हथियार छोड़ने होंगे। हम नहीं चाहते कि उनके पास परमाणु हथियार हो और वे इसके लिए तैयार भी हैं।’ ट्रंप ने इस दौरान ये भी कहा कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें कम हुई हैं।ट्रंप जहां दोहा में होने वाली बैठक को अहम बता रहे हैं। वहीं ईरान ने दोहा में किसी औपचारिक बातचीत से ही इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते किसी भी तकनीकी और राजनीतिक बातचीत से साफ इनकार किया है। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माल बाघेई ने ये जरूर स्वीकार किया कि एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल दोहा के दौरे पर है। उन्होंने कहा कि दोहा में सिर्फ मौजूदा समझौते के अनुच्छेद 11 को लेकर बात होगी। बाघेई ने कहा कि दोहा आ रहे अमेरिकी प्रतिनिधि का ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत का कोई कार्यक्रम नहीं है।इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि अगर अमेरिका, ईरान पर हमला नहीं करता है तो हम भी अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान धमकियों का मजबूती से जवाब देगा। सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा एक पोस्ट में पेजेशकियान ने लिखा, ‘आपसी समझ एक दोतरफा प्रक्रिया है। अगर अमेरिकी पक्ष समझौते का पालन करता है तो हम भी अपनी प्रतिबद्धताओं का पूरा करेंगे।‘राष्ट्रपति ट्रंप का नाम लिए बगैर पेजेशकियान ने कहा, बेकार की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बैंक से तय नियमों का हर कदम पर उल्लंघन,रडार पर 400 निजी सुरक्षाकर्मी; जानें अपडेट

राम मंदिर के दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच विस्तृत कार्यप्रणाली तय की गई थी। इस व्यवस्था में दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां अलग-अलग निर्धारित थीं, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि, सूत्रों के अनुसार एसआईटी जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि समझौते (एमओयू) के कई प्रावधानों का नियमित रूप से पालन नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार फरवरी 2025 में ट्रस्ट और एसबीआई के बीच हुए एमओयू में दान-पात्र खोलने और गिनती कक्ष के संचालन के लिए ट्रस्ट और बैंक के अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। गणना में लगे कर्मियों के लिए ड्रेस कोड भी तय था, लेकिन इन व्यवस्थाओं का हर स्तर पर प्रभावी अनुपालन नहीं हो सका। समझौते में बैंक अधिकारियों के मासिक रोटेशन का भी प्रावधान था, जबकि कुछ कर्मचारी लंबे समय तक एक ही व्यवस्था में कार्यरत रहे। गिनती कक्ष में आने-जाने वाले कर्मचारियों की नियमित अथवा रैंडम तलाशी, प्रत्येक दान-पात्र की राशि का अलग-अलग रिकॉर्ड तथा क्रमवार गणना जैसी व्यवस्थाएं भी तय थीं। सूत्रों के मुताबिक इन प्रावधानों के अनुपालन की भी जांच की जा रही है। दैनिक रिपोर्ट, जमा पर्चियों और रजिस्टरों के सत्यापन से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच एजेंसियों के दायरे में हैं।जांच कर रही पुलिस अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों पर फोकस कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों से पिछले तीन वर्षों में अर्जित की गई चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा मांगा है। पूछताछ के दौरान उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि इस अवधि में उन्होंने क्या-क्या खरीदा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 2 min · National Desk

Weather: पूर्वोत्तर में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, उत्तर-पश्चिम में गर्मी का सितम; जुलाई में राहत के आसार

दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रभाव से पूर्वोत्तर भारत में हो रही मूसलाधार बारिश और उसके चलते आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। विशेषतौर पर असम बुरी तरह प्रभावित हुआ है, क्योंकि वहां अरुणाचल में बारिश से उफनती नदियों का पानी भी आ रहा है। अकेले असम में 45 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि दोनों राज्यों में सड़कें, पुल टूट गए हैं और रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया। दूसरी तरफ, उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी, लू और उमस ने लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर में 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है, जो देश में सबसे अधिक है। हालांकि, जुलाई के पहले हफ्ते से राहत की बारिश की उम्मीद है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 1 min · National Desk

US-Iran Negotiations: कतर में अमेरिका से बातचीत की अटकलों पर ईरान का इनकार, अंतिम समझौते पर चर्चा अभी बाकी

ईरान ने अमेरिका के साथ कतर की राजधानी दोहा में होने वाली संभावित वार्ता की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू होने की स्थिति अभी नहीं बनी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रेस वार्ता में कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा का अमेरिकी अधिकारियों की यात्रा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दौरा केवल पहले हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद-11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए किया जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 1 min · National Desk

MP News: क्रिकेटर शशांक सिंह पर एफआईआर दर्ज, पिता पूर्व स्पेशल डीजी को भी बनाया आरोपी; जानिए क्या है मामला

राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के मंडोरी गांव में रहने वाले मध्यप्रदेश पुलिस के स्पेशल डीजी पद से सेवानिवृत्त शैलेष सिंह और उनके क्रिकेटर बेटे शशांक सिंह तथा मिश्रा सरनेम के ड्राइवर पर उनके रसोइए ने मारपीट का सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। सोमवार देर रात रातीबड़ थाना पुलिस ने सामान्य मारपीट व अन्य धाराओं के तहत रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह, बेटे शशांक और ड्राइवर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण सामान्य धाराओं में होने के कारण किसी की गिरफ्तारी संभव नहीं है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 30, 2026 · 1 min · National Desk

खुफिया रिपोर्ट में खुलासा: यूक्रेन युद्ध खत्म होने के बाद किसी नाटो देश पर हमला कर सकता है रूस, कर रहा तैयारी?

खुफिया रिपोर्ट में खुलासा: यूक्रेन युद्ध खत्म होने के बाद किसी नाटो देश पर हमला कर सकता है रूस, कर रहा तैयारी? डच रक्षा मंत्रालय की खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस, यूक्रेन युद्ध खत्म होने के एक साल के भीतर नाटो के किसी सदस्य देश के खिलाफ सीमित सैन्य कार्रवाई कर सकता है।यह जानकारी सोमवार को नीदरलैंड की वार्षिक रक्षा नीति दस्तावेज़ में जारी की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस लंबे समय तक यूरोप के साथ टकराव की तैयारी कर रहा है। एक साल के भीतर हमला रूसी हमला संभव: रिपोर्ट मंत्रालय के अनुसार, रूसी सेना की तैयारियां बताती हैं कि मॉस्को यूरोप के साथ लंबे समय तक तनाव के लिए खुद को तैयार कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सबसे खराब स्थिति में (यूक्रेन) युद्ध खत्म होने के एक साल के भीतर नाटो देशों पर सीमित हमला संभव हो सकता है। सुरक्षा रणनीति पर दोबारा विचार कर रहे यूरोपीय देश यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब यूरोपीय देश रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के चलते अपनी सुरक्षा रणनीति पर फिर से विचार कर रहे हैं। 7 से 8 जुलाई को अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में भी रूस से पैदा खतरे और सामूहिक रक्षा को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। रूसी हमलों में 11 नागरिकों की मौत यूक्रेन में भी युद्ध तेज होता जा रहा है। राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रू …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 29, 2026 · 2 min · National Desk

'अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ की खबरें निराधार': सेना ने दावों को किया खारिज, कहा-सीमा पर नियंत्रण में स्थित

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र ताक्सिंग के एक स्थानीय संगठन ‘नाह वेलफेयर सोसाइटी’ ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। इस संगठन के अध्यक्ष केरू चाडर ने दावा किया था कि चीनी सेना पिछले 10 से 15 वर्षों में धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्र में आगे बढ़ी है।ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि चीन ने स्थानीय नाह आदिवासी समुदाय की पारंपरिक शिकार, पशु चराई और कृषि भूमि पर नियंत्रण कर लिया है। दावे के मुताबिक, जो क्षेत्र साल 2020 तक पूरी तरह भारत के नियंत्रण में थे, वहां अब पीएलए ने सड़कें, पुल और स्थायी सैन्य शिविर बना लिए हैं। इस संगठन ने विशेष रूप से पांच संवेदनशील स्थानों, ओयिंग, पनियार, मरपन, पोत्रंग झील और तिनदिंगतांग का नाम लिया था, जो स्थानीय लोगों के लिए पवित्र धार्मिक महत्व रखते हैं।स्थानीय संगठन के इस पत्र के सामने आते ही राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई। नाचो क्षेत्र के विधायक नाकाप नालो और पूर्व विधायक पकंगा बागे ने इस विषय को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताते हुए प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग की थी, ताकि सीमावर्ती नागरिकों का डर दूर हो सके। दूसरी तरफ, अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी केंद्र सरकार से इस संवेदनशील मामले पर तुरंत स्थिति स्पष्ट करने और सीमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी।बढ़ते विवाद को देखते हुए भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठान ने तुरंत स्थिति साफ की। सैन्य सूत्रों के अनुसार, एलएसी पर भारतीय सैनिक लगातार और बेहद मुस्तैदी से लॉन्ग-रेंज पैट्रोलिंग (एलआरपी) करते हैं। चीन के साथ सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर दोनों पक्ष अपनी-अपनी सीमाओं में काम करते …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 29, 2026 · 2 min · National Desk

Petrol-Diesel: पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर 1 जुलाई से हटेगी पाबंदी, जानिए सरकार की ओर से क्या एलान किया गया

भारत में पेट्रोल और डीजल के बड़े खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन में जो रुकावटें आई थीं, उसे देखते हुए भारत सरकार ने इसी महीने ईंधन की बिक्री पर कुछ सख्त पाबंदियां लागू की थीं। अब स्थिति का आकलन करने के बाद सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर इन प्रतिबंधों को खत्म करने का एलान कर दिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर क्या नया आदेश जारी किया है? सोमवार को सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में साफ किया गया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर हाल ही में लगाए गए प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। इस सरकारी आदेश के मुताबिक, ईंधन की खरीद और बिक्री को लेकर लागू की गई यह रोक 1 जुलाई से पूरी तरह से समाप्त कर दी जाएगी। इसका सीधा सा अर्थ है कि आने वाली 1 जुलाई से पेट्रोल पंपों और रिटेल स्टेशनों पर पहले की तरह ही सामान्य रूप से ईंधन उपलब्ध होने लगेगा। ईंधन की बिक्री पर अचानक क्यों लगानी पड़ी थी पाबंदी? दरअसल, यह पूरा मामला वैश्विक हालातों से जुड़ा हुआ है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर की आपूर्ति शृंखलाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। विदेशी बाजार में सप्लाई चेन बाधित होने की वजह से भारत के स्थानीय बाजारों में भी ईंधन की आपूर्ति को लेकर दबाव बन गया था। सरकार को यह आशंका थी कि अगर स्थिति को नियंत्रित नहीं किया गया, तो देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत हो सकती है। इसी घरेलू संकट को टालने के लिए सरकार ने इसी महीने ये प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के दौरान किन नियमों का पालन करना पड़ रहा था? सरकार की ओर से लगाई गई इस पाबंदी का सबसे ज्यादा असर व्यावसायिक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 29, 2026 · 2 min · National Desk