वांगचुक मामले में हाईकोर्ट का फैसला: अंतरिम आदेश देने से किया इनकार, केंद्र को नोटिस; मिलने की अनुमति बरकरार

वांगचुक मामले में हाईकोर्ट का फैसला: अंतरिम आदेश देने से किया इनकार, केंद्र को नोटिस; मिलने की अनुमति बरकरार सोनम वांगचुक की तरफ से कपिल सिब्बल ने बहस की शुरुआत की, सिब्बल ने कहा कि हम रिहाई चाहते हैं। हमने मेदांता हॉस्पिटल से बात की है। हमें अपने वकील और अपने डॉक्टर से मिलने से मना कर दिया गया है। सोनम वांगचुक से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और विवेक तंखा कोर्ट रूम में मौजूद रहे। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) चेतन शर्मा भी अदालत में पक्ष रखे। अदालत ने कोई अंतरिम आदेश पारित करने से मना कर दिया। अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया। इसके साथ ही सोनम वांगचुक के साथ मौजूद उनकी पत्नी व अन्य लोगों को अलग रेस्ट रूम देने के लिए निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि उन्हें सोनम से मिलने का एक्सेस दिया जाएगा। यह सुनवाई उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की ओर से दायर याचिका पर हुई। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि हम इस मैटर को डील कर रहे हैं, कृपया 16 जुलाई के आदेश को देखा जाए, जिसमें कहा गया है कि सरकारी डॉक्टरों द्वारा नियमित जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर मेडिकल हस्तक्षेप किया जाए। चेतन शर्मा ने सोनम की हेल्थ स्टेट्स रिपोर्ट को अदालत के समक्ष रखते हुए कहा कि वांगचुक डायबिटिक नहीं है। लेकिन 18 दिन की फास्टिंग की वजह से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

School Closed: फुटबॉल के महामुकाबले के चलते इस राज्य में कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज; सरकार ने क्या दिए निर्देश?

School Closed: फीफा विश्व कप फाइनल मैच के मद्देनजर केरल सरकार ने सोमवार को राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान ने निर्देश दिया है कि व्यावसायिक कॉलेजों सहित सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे, क्योंकि फाइनल मुकाबला सोमवार तड़के खेला जाएगा। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पहले से निर्धारित परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किए जाने की उम्मीद है। फुटबॉल फाइनल के कारण लिया गया फैसला राज्य में विपक्ष और कई अन्य लोगों ने सरकार से छात्रों के लिए अवकाश घोषित करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि फीफा विश्व कप फाइनल देर रात तक चलेगा, जिससे छात्रों के लिए अगले दिन सुबह स्कूल और कॉलेज जाना कठिन हो सकता है। पूर्व शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने भी कहा था कि मैच आधी रात के बाद समाप्त होगा, इसलिए विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छुट्टी दी जानी चाहिए। इस निर्णय से छात्रों और शिक्षण संस्थानों को फाइनल मुकाबले के देर रात के कार्यक्रम के अनुसार खुद को व्यवस्थित करने का समय मिलेगा। हालांकि, पहले से निर्धारित परीक्षाएं अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा, जिसे लेकर फुटबॉल प्रशंसकों में काफी उत्साह है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

Mcap: शेयर बाजार में तेजी, पांच कंपनियों ने जोड़े ₹1.54 लाख करोड़; किसे मिला सबसे ज्यादा फायदा?

पिछले हफ्ते शेयर बाजार में तेजी के बीच देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से पांच की कुल बाजार पूंजी में 1.54 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

July 19, 2026 · 1 min · National Desk

Bar Council: कोर्टरूम में रील बनाने वाले वकीलों पर होगी कार्रवाई, बार काउंसिल के सर्कुलर में और क्या-क्या?

बीसीआई ने सभी राज्य बार काउंसिल को वकीलों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और डिजिटल आचरण से जुड़े नए नियम तुरंत लागू करने का निर्देश दिया है। 17 जुलाई को जारी पत्र में बीसीआई ने सभी राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष और सचिवों से कहा कि इन दिशा-निर्देशों को वकीलों, लॉ फर्मों, बार एसोसिएशनों और कानूनी संस्थानों तक व्यापक रूप से पहुंचाया जाए, ताकि इनका सख्ती से पालन हो।नए नियमों के अनुसार, वकीलों को सोशल मीडिया पर पेशेवर आचरण बनाए रखना होगा। अदालतों के खिलाफ अपमानजनक, भ्रामक या मानहानिकारक पोस्ट करने पर रोक रहेगी। साथ ही, मुवक्किल की गोपनीय जानकारी और अदालत की गोपनीय कार्यवाही सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी। बार काउंसिल ने वकीलों से डिजिटल माध्यम में भी अदालत की गरिमा बनाए रखने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार सामग्री का अनैतिक उपयोग न करने और सभी ऑनलाइन संवाद को पेशे की नैतिक मर्यादा के अनुरूप रखने को कहा है।बीसीआई ने राज्य बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वे इन नियमों को अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया और नोटिस बोर्ड पर जारी करें। साथ ही वेबिनार, कार्यशाला और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर वकीलों को नए नियमों की जानकारी दें। नामांकन या नवीनीकरण के समय वकीलों से इन दिशा-निर्देशों का पालन करने का लिखित घोषणा-पत्र भी लिया जाएगा।कानूनी शिक्षा से जुड़े छोटे वीडियो, रील, पॉडकॉस्ट क्लिप या पोस्ट साझा करने की इजाजत रहेगी, बशर्ते वे तथ्यात्मक, संतुलित, गोपनीयता का सामना करने वाले और भ्रामक दावे करने वाले न हों। बीसीआई ने सभी बार काउंसिल और बार एसोसिएशन को सोशल मीडिया एथिक्स नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया, जो डिजिटल आचार संहिता से जुड़े मामलों और शिकायतों का निगरा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: स्पेन बनाम अर्जेंटीना फाइनल आज, कौन बनेगा विश्व चैंपियन? 14 सवाल-जवाब में जानिए फाइनल का पूरा गणित

क्या स्पेन और अर्जेंटीना की विश्व कप में पहले भी भिड़ंत हुई है? हां, लेकिन विश्व कप इतिहास में दोनों टीमें अब तक सिर्फ एक बार आमने-सामने आई हैं। यह मुकाबला 1966 विश्व कप में इंग्लैंड में खेले गए ग्रुप चरण में हुआ था, जिसमें अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। उस मैच के हीरो अर्जेंटीना के स्ट्राइकर लुइस आर्टिमे रहे थे। उन्होंने दूसरे हाफ में 13 मिनट के भीतर दो गोल कर अपनी टीम को अहम जीत दिलाई। स्पेन की ओर से पिर्री ने बराबरी का गोल जरूर किया, लेकिन आर्टिमे के दूसरे गोल ने अर्जेंटीना की जीत पक्की कर दी। उस विश्व कप में स्पेन ने दूसरे ग्रुप मैच में स्विट्जरलैंड को हराया, लेकिन आखिरी मुकाबले में जर्मनी से हारने के कारण ग्रुप चरण से ही बाहर हो गया। वहीं, अर्जेंटीना अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंचा, जहां मेजबान और बाद में चैंपियन बनी इंग्लैंड ने उसे बाहर कर दिया। विश्व कप के अलावा स्पेन और अर्जेंटीना के बीच बाकी सभी मुकाबले फ्रेंडली मैच रहे हैं। दोनों देशों के बीच पहली भिड़ंत 1952 में हुई थी। अब तक खेले गए 14 मुकाबलों में दोनों टीमों ने 6-6 मैच जीते हैं, जबकि 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। यह रिकॉर्ड बताता है कि दोनों के बीच मुकाबला हमेशा बेहद कड़ा और संतुलित रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

Monsoon Session: मानसून सत्र से पहले सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, संसद चलाने में सहयोग मांगेगी

बैठक में क्या होगा? आज सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में होने वाली इस बैठक में सरकार सभी राजनीतिक दलों से दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने के लिए सहयोग मांगेगी। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। मानसून सत्र की तारीखों का एलान करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने संसद के दोनों सदनों को मानसून सत्र 2026 के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा की जाएगी और फैसले लिए जाएंगे। चार सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में संसद की 19 बैठकें होंगी। क्या बदलेगा संसद का समीकरण? तृणमूल कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी और उद्धव सेना से नेताओं के अलग होने जैसी घटनाओं से संसद का समीकरण बदलने की संभावना है। सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के सांसदों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जबकि विपक्षी इंडिया ब्लॉक को सांसदों की संख्या में कमी का सामना करना पड़ सकता है। किसके विलय पर होगा फैसला? लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला फैसला करेंगे कि तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों को छोटे दल एनसीपीआई में शामिल करने की अनुमति दी जाए या नहीं। इसके अलावा वह उद्धव सेना के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने के मामले पर भी निर्णय लेंगे। ये भी पढ़ें: इस बीच, तमिलनाडु में कांग्रेस के टीवीके के साथ गठबंधन के बाद डीएमके ने लोकसभा अध्यक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

Sonam Wangchuk: पुलिस की कार्रवाई से तेज हुआ आंदोलन, सोनम के समर्थन में अन्ना हजारे भी आए; जंतर मंतर पर हुजूम

सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने की खबर ने इस आंदोलन को और धार दे दी। उनकी तबीयत बिगड़ने की जैसे ही सूचना फैली, दिल्ली के जंतर-मंतर पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। कुछ ही घंटों में धरना स्थल छात्रों, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से भर गया। उनके समर्थन में अन्ना हजारे भी सामने आए। #WATCH | Delhi | Azad Samaj Party-Kanshiram President and MP, Chandrashekhar Azad at the protest site at Jantar Mantar Activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar, was removed from the protest site by the Delhi Police yesterday. The police stated… pic.twitter.com/FYC9TkUyru — ANI (@ANI) July 18, 2026 हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था…वांगचुक की सेहत कैसी है और उनकी मांगों पर आगे क्या होगा? प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां और बैनर लिए समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी एकजुटता दिखाई। जंतर-मंतर की यह हलचल जल्द सोशल मीडिया तक पहुंच गई। एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दिनभर सोनम वांगचुक से जुड़े हैशटैग चर्चा में रहे। दिनभर #SonamWangchuk समेत कई हैशटैग ट्रेंड करते रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट, वीडियो और संदेश साझा कर उनके प्रति समर्थन और चिंता व्यक्त की। देखते ही देखते यह मुद्दा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई कर आंदोलन दबाने की कोशिश की, जबकि वे केवल पेपर लीक के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

ठाकरे का राम रक्षा आंदोलन: शिंदे बोले- सियासी सुविधा के लिए उद्धव ने ओढ़ा हिंदुत्व का चोला, और क्या-क्या कहा?

पितृधर्म की अनदेखी: भगवान राम ने पिता के वचन के लिए 14 साल का वनवास स्वीकार किया, लेकिन उद्धव ने अपने ही पिता के सिद्धांतों को बीच में छोड़ दिया। भगवान राम ने पिता के वचन के लिए 14 साल का वनवास स्वीकार किया, लेकिन उद्धव ने अपने ही पिता के सिद्धांतों को बीच में छोड़ दिया। नैतिक अधिकार खोया: शिंदे के मुताबिक, पिता के आदर्शों को छोड़ने वालों के पास भगवान राम के मूल्यों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। शिंदे के मुताबिक, पिता के आदर्शों को छोड़ने वालों के पास भगवान राम के मूल्यों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पार्टी बचाने की कोशिश: शिंदे ने दावा किया कि ‘राम रक्षा’ आंदोलन भगवान राम के लिए नहीं, बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक पार्टी को बचाने का एक प्रयास है। शिंदे ने दावा किया कि ‘राम रक्षा’ आंदोलन भगवान राम के लिए नहीं, बल्कि अपनी डूबती राजनीतिक पार्टी को बचाने का एक प्रयास है। उद्धव का पलटवार: नागपुर में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मंदिर बन चुका है, अब उसे लुटेरों से बचाने के लिए एक नए आंदोलन की जरूरत है। नागपुर में उद्धव ठाकरे ने कहा था कि मंदिर बन चुका है, अब उसे लुटेरों से बचाने के लिए एक नए आंदोलन की जरूरत है। फडणवीस से सवाल: उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए पूछा था कि वह मंदिर के ‘लुटेरों’ के साथ हैं या राम के ‘रक्षकों’ के साथ। दरअसल, उद्धव ठाकरे ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित घपले को लेकर ‘राम रक्षा’ आंदोलन शुरू किया है। इसी सिलसिले में शनिवार को उन्होंने नागपुर के एक राम मंदिर में पूजा-आरती की। वहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ने भाजपा और एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

Ram Mandir: आरोपी टिन्नू ने कहा- चढ़ावा चोरी के लिए अनिल मिश्रा जिम्मेदार, जब हम जेल में तो वो क्यों है बाहर

राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव ने पुलिस की पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा, बैंक के साथ मिलकर गणना की प्रक्रिया को सही तरह से पूरा करवाना अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी थी। कहा, अगर हम लोग जेल गए हैं तो वह कैसे बच गए? आरोपी टिन्नू यादव ने पुलिस की पूछताछ में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की चोरी में भूमिका से इन्कार किया। लेकिन अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि बैंक के साथ मिलकर गणना की प्रक्रिया को सही तरह से पूरा करवाना अनिल मिश्रा की जिम्मेदारी थी। कहा, अगर हम लोग जेल गए हैं तो वह कैसे बच गए? हालांकि, टिन्नू ने स्वीकार किया कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े हर कार्य में वह शामिल था।मंदिर के संवेदनशील स्थानों पर उसकी बिना रोक-टोक आवाजाही थी। ये अधिकार उसे चंपत राय की वजह से मिले थे। उनके ही निर्देश पर वह दान पात्रों की चाबियां रखता था लेकिन चंपत राय को लेकर कहा कि चोरी की जानकारी उन्हें नहीं थी और न ही वह गणना की देखरेख करते थे। राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू चंपत राय का ड्राइवर था। इसके बावजूद मंदिर प्रबंधन के हर काम में उसका हस्तक्षेप था। वह बिना किसी चेकिंग के मंदिर परिसर में आता-जाता था।पूछताछ कर साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू ने बताया है कि गणना प्रक्रिया में उसकी भूमिका रहती थी। उसकी मौजूदगी की वजह से सुरक्षाकर्मी या ट्रस्ट से जुड़ा पदाधिकारी गणनाकर्मियों से सवाल-जवाब नहीं करता था। पूछताछ में टिन्नू तमाम सवालों के जवाब नहीं दे सका। इधर-उधर की बातें करता रहा। उसने कई बार खुद को निर्दोष भी बताया। हालांकि, साक्ष्य सामने रखे जाने पर खामोश हो गय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk

क्या पूर्वोत्तर बनेगा रक्षा निर्माण का गढ़?: पूर्व सेना प्रमुख ने बताई वजह, कहा-सैनिक ही करेंगे युद्ध का फैसला

कोलकाता में व्यान जियो-इकोनॉमिक फोरम (वीजीईएफ) की ओर से आयोजित संगोष्ठी ‘विकसित भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक लचीलापन’ को संबोधित करते हुए जनरल पांडे ने कहा कि भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्वी भारत की क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना होगा।पूर्व सेना प्रमुख सेवानिवृत्त जनरल पांडे ने कहा कि हाल के वर्षों में ड्रोन, सटीक निशाना लगाने वाले हथियार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल के बाद यह धारणा बनी है कि पारंपरिक युद्ध का दौर खत्म हो रहा है। उन्होंने इस सोच को गलत बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक युद्ध की ताकत जरूर बढ़ाती है, लेकिन वह केवल एक सहायक है। किसी भी युद्ध का परिणाम अकेले तकनीक तय नहीं करती। अंतिम निर्णय हमेशा सैनिक के साहस, प्रशिक्षण और नेतृत्व पर निर्भर करता है।पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि कोलकाता और पूर्वोत्तर भारत में रक्षा उद्योग के विकास की जबरदस्त संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि अपने सैन्य करियर के दौरान इस क्षेत्र में चार कार्यकाल बिताने के कारण वह इसकी क्षमताओं को करीब से जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईआईटी-खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान, कुशल मानव संसाधन और बेहतर औद्योगिक आधार इस क्षेत्र को रक्षा निर्माण का मजबूत केंद्र बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि असम इस दिशा में अच्छी प्रगति कर चुका है और अब पश्चिम बंगाल के पास भी इस अवसर का लाभ उठाने का सही समय है। इसके लिए राज्य सरकार की सकारात्मक नीतियां अहम भूमिका निभा सकती हैं।जनरल पांडे ने कहा कि आने वाले समय में युद्ध सिर्फ जमीन, समुद्र और आसमान तक सीमित नहीं रहेंगे। साइबर स्पेस, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना युद्ध जैसे नए क्षेत्र भी उतन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 19, 2026 · 2 min · National Desk