सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने की खबर ने इस आंदोलन को और धार दे दी। उनकी तबीयत बिगड़ने की जैसे ही सूचना फैली, दिल्ली के जंतर-मंतर पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। कुछ ही घंटों में धरना स्थल छात्रों, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से भर गया। उनके समर्थन में अन्ना हजारे भी सामने आए। #WATCH | Delhi | Azad Samaj Party-Kanshiram President and MP, Chandrashekhar Azad at the protest site at Jantar Mantar Activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar, was removed from the protest site by the Delhi Police yesterday. The police stated… pic.twitter.com/FYC9TkUyru — ANI (@ANI) July 18, 2026 हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था…वांगचुक की सेहत कैसी है और उनकी मांगों पर आगे क्या होगा? प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां और बैनर लिए समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी एकजुटता दिखाई। जंतर-मंतर की यह हलचल जल्द सोशल मीडिया तक पहुंच गई। एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दिनभर सोनम वांगचुक से जुड़े हैशटैग चर्चा में रहे। दिनभर #SonamWangchuk समेत कई हैशटैग ट्रेंड करते रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट, वीडियो और संदेश साझा कर उनके प्रति समर्थन और चिंता व्यक्त की। देखते ही देखते यह मुद्दा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया।प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई कर आंदोलन दबाने की कोशिश की, जबकि वे केवल पेपर लीक के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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