Supreme Court: आसाराम की सेहत की स्थिति का आकलन करेगा मेडिकल बोर्ड, अंतरिम जमानत याचिका पर कोर्ट ने क्या कहा?

राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को वर्ष 2013 में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 80 वर्षीय आसाराम की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने मेडिकल बोर्ड को एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। सुनवाई में एसजी ने क्या दलील दी? सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा कि सिर्फ तीन महीने पहले ही आसाराम ने काशी विश्वनाथ और अयोध्या की यात्राएं की थीं। मेहता ने कहा, उसे इस आधार पर जमानत मिली थी कि वह लगभग निष्क्रिय अवस्था में हैं। लेकिन अब वह घूम रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा, हम नियमित जमानत नहीं दे रहे हैं। अगर हमें यह संतोष होगा कि मेडिकल आधार पर इसकी जरूरत है, तभी विचार करेंगे। पहले मेडिकल रिपोर्ट आने दीजिए। आसाराम के वकील ने क्या कहा? आसाराम की ओर से पेश वकील ने कहा कि मामले को एम्स के निदेशक के पास भेजा जाए, ताकि वह डॉक्टरों की एक टीम बनाकर आसाराम की पूरी मेडिकल जांच करा सकें। उन्होंने कहा कि इसके बाद डॉक्टर यह रिपोर्ट दे सकते हैं कि आसाराम को मरीज के रूप में अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत है या नहीं। हाईकोर्ट ने किन आरोपों में राहत दी? राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में आसाराम की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था। लेकिन भारतीय दंड संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत सामूहिक दुष्कर्म और बच्चे के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न से जुड़े आरोपों से उन्हें बरी कर दिया था। कौन सी सजा बरकरार रही? हालांकि, हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(एफ) के तहत नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उनकी दोषसिद्धि बरकरार रखी। इसके साथ ही निचली अदालत की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

India-UK Ties: पीएम मोदी ने ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को दी बधाई, भारत-ब्रिटेन संबंध पर क्या कहा?

पीएम मोदी ने क्या कहा? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को लेकर व्यापक सहयोग है। उन्होंने कहा कि इसी महीने सीईटीए के लागू होने के साथ भारत और ब्रिटेन की द्विपक्षीय साझेदारी और भी मजबूत होने की उम्मीद है। पीएम मोदी ने कहा कि वह एंडी बर्नहम के साथ मिलकर भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने तथा साझा विजन 2035 को आगे बढ़ाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं। अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने क्या कहा? पदभार संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने देश में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने और शासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव लाने का संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में बार-बार प्रधानमंत्री बदलने से लोगों का राजनीति पर भरोसा कमजोर हुआ है और अब नेताओं को बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बकिंघम पैलेस से लौटने के बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर अपने पहले संबोधन में बर्नहम ने कहा, मैं पूरी तरह महसूस करता हूं कि पिछले 10 वर्षों में इस सत्ता के गलियारे में सरकार बनाने के लिए आने वाला मैं छठा व्यक्ति हूं और 2016 के बाद सातवां प्रधानमंत्री हूं। यह आत्ममंथन और नए संकल्प का समय है। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के नेताओं को अपनी जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभानी होंगी। बर्नहम ने कहा कि ब्रिटेन को दुनिया को यह दिखाना होगा कि हम फिर से राजनीतिक स्थिरता हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोग राजनीति से निराश हो चुके हैं। मैं उनकी बात सुनता हूं और ईमानदारी से स्वीकार करता हूं कि हम उतना अच्छा काम नहीं कर पाए, जितना क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: मध्य प्रदेश में यूसीसी की तैयारी पूरी, शादी-तलाक से लेकर लिव-इन पर क्या होंगे नए नियम?

समान नागरिक संहिता क्या है? समान नागरिक संहिता का अर्थ है हर नागरिक के लिए एक समान कानून, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। इसके लागू होने के बाद संबंधित राज्य में शादी, तलाक, गोद लेने और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होते हैं। यह मुद्दा कई दशकों से राजनीतिक बहस के केंद्र में रहा है। UCC केंद्र की मौजूदा सत्ताधारी भाजपा के लिए जनसंघ के जमाने से प्राथमिकता वाला एजेंडा रहा है। भाजपा सत्ता में आने पर UCC को लागू करने का वादा करने वाली पहली पार्टी थी और यह मुद्दा उसके 2019 के लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र का भी हिस्सा था। इसके साथ ही उसके शासन वाले राज्यों में इसे जोर-शोर से लागू भी कराया जा रहा है। मध्य प्रदेश की कैबिनेट से इसकी मंजूरी इसी कड़ी का हिस्सा है। संविधान इस पर क्या कहता है? देश में संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता को लेकर प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि राज्य इसे लागू कर सकता है। इसका उद्देश्य धर्म के आधार पर किसी भी वर्ग विशेष के साथ होने वाले भेदभाव या पक्षपात को खत्म करना और विविध सांस्कृतिक समूहों के बीच सामंजस्य स्थापित करना था। संविधान निर्माता डॉ. बीआर आम्बेडकर ने कहा था कि UCC जरूरी है, लेकिन फिलहाल यह स्वैच्छिक रहना चाहिए। संविधान के मसौदे के अनुच्छेद 35 को भारत के संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 44 के रूप में राज्य नीति के निदेशक सिद्धांतों के हिस्से के रूप में जोड़ा गया था। इसे संविधान में इस नजरिए के रूप में शामिल किया गया था जो तब पूरा होगा जब राष्ट्र इसे स्वीकार करने के लिए तैयार होगा और UCC को सामाजिक स्वीकृति दी जा सकती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Delhi CJP Protest Live: जंतर-मंतर से संसद भवन तक हुए बवाल पर पांच FIR दर्ज, जांच में पुलिस को मिले कई अहम सबूत

11:18 AM, 21-Jul-2026 लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता: चंद्रखेशर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे पेपर लीक मामले और कल CJP के विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी - कांशी राम के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आज़ाद कहते हैं, “हमें दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने पर गर्व है, फिर भी लोकतंत्र में असहमति को लाठियों से दबाया नहीं जा सकता… जंतर-मंतर पर 30 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है; लोग 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। क्या सरकार उनके मरने का इंतज़ार कर रही थी? कल, जब देश के युवा सड़कों पर उतरे, तो उन पर की गई बर्बरता चौंकाने वाली थी… मुझे लगा कि जब युवा सड़कों पर भूखे-प्यासे घूमते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हों, तो मैं चुप नहीं रह सकता। मैंने खुद विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी ज़िम्मेदारी निभाने का फैसला किया… मैं उन युवाओं के साथ खड़ा होने के लिए यहाँ बैठा हूँ जो अभी भी विरोध कर रहे हैं, ताकि सरकार और प्रधानमंत्री से उनकी बात सुनने का आग्रह कर सकूँ… आबादी के 51% हिस्से को कुचलने के बाद आपने क्या सबक सीखा है? वे किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता नहीं थे; वे युवा थे, अपनी पढ़ाई कर रहे छात्र थे… एक शिक्षित, जागरूक भारतीय नागरिक और सांसद के तौर पर, मैं पूरी रात बाबासाहेब अंबेडकर की मूर्ति के नीचे बैठा रहा और इस लड़ाई को लड़ने की हिम्मत जुटाई… मैंने अभी स्पीकर से बात की है और उन्हें स्थिति के बारे में बताया है… जो कोई भी बातचीत करने को तैयार है, मैं उससे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: सिक्किम की सुरंग में हादसा; सुप्रीम कोर्ट BCI की कार्यशैली पर सख्त; फ्रांस में सोशल मीडिया नियम कड़े

राजधानी दिल्ली में सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों का उल्लंघन किया। इस दौरान उन्होंने अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक व्यवहार किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और अन्य चीजें फेंकीं। उन्होंने पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। पुलिस और अन्य सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। इस बड़े पैमाने की हिंसा से सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया। अपनी कानूनी ड्यूटी निभा रहे पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई। हाथापाई में लगभग 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं वहीं 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं। बाकी घायल पुलिसकर्मियों की मेडिको-लीगल जांच चल रही है। यहां क्लिक कर विस्तार से पढ़ें पूरी खबर… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 1 min · National Desk

'PAK रोके आतंकवाद, तभी आगे बढ़ेगी बात': सिंधु जल संधि को मिलेगा नया रूप, भारत ने कर ली ये बड़ी तैयारी

सूत्रों के अनुसार, अगर भविष्य में इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू किया जाता है, तो इसके लिए संधि पर नए स्वरूप में बातचीत करनी होगी। यह तभी संभव होगा, जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को स्थायी रूप से समर्थन देना बंद करे।सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान यह गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने से वहां पानी की कमी हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान को मिलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के अभाव, भारी रिसाव और प्रांतों के बीच जल बंटवारे के विवादों के कारण नष्ट हो जाता है।उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल सिंधु जल संधि से अलग होने की दिशा में सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा है, लेकिन एक संप्रभु देश होने के नाते उसके पास अपने हितों के खिलाफ जाने वाली किसी भी संधि को समाप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। एक सूत्र ने कहा, “यह (संधि से बाहर निकलना) इस बात पर निर्भर करेगा कि आगे पाकिस्तान क्या कदम उठाता है।“पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए थे। इन्हीं के तहत सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया था। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने अंजाम दिया था। इसके जवाब में भारत ने मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था।एक अन्य सूत्र ने कहा, “यह कहना सही होगा कि सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में दोबारा लागू नहीं होगी। अगर इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू करना है, तो वह मौजूदा स्वरूप में नहीं बल्क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

पहाड़ी राज्यों में मानसून का कहर: घाटी से पूर्वोत्तर तक भूस्खलन-बाढ़ ने मचाई तबाही, जम्मू-कश्मीर में 23 की मौत

इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 और 21 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 20 जुलाई को उत्तराखंड, बिहार तथा असम-मेघालय में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून सक्रिय बना रहेगा। आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने और उत्तर भारत में मानसूनी धाराओं के मजबूत होने के कारण मानसून फिर सक्रिय हुआ है।सबसे अधिक प्रभावित जम्मू-कश्मीर रहा, जहां जम्मू संभाग में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और उसके दो बच्चे भी शामिल हैं। पिछले दो दिनों में राज्य में बारिश से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है।अधिकारियों के अनुसार, पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण दिन में राहत और बचाव कार्य प्रभावित रहा। हालांकि मौसम में कुछ सुधार होने पर अभियान तेज किया गया, लेकिन देर शाम तक लापता लोगों का कोई पता नहीं चल सका।पुंछ जिले के लोरान के ऊपरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से मिट्टी का मकान ढह गया। इस हादसे में एक महिला और उसके दो बच्चों समेत सात लोग मलबे में दबकर मौत का शिकार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद रहा। मार्ग पर चट्टानें गिरने से दो निजी वाहन इसकी चपेट में आए, हालांकि उनमें सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे से शुरू हुई बारिश लगातार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 21, 2026 · 2 min · National Desk

'PAK रोके आतंकवाद, तभी आगे बढ़ेगी बात': सिंधु जल संधि को मिलेगा नया रूप, भारत ने कर ली ये बड़ी तैयारी

सूत्रों के अनुसार, अगर भविष्य में इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू किया जाता है, तो इसके लिए संधि पर नए स्वरूप में बातचीत करनी होगी। यह तभी संभव होगा, जब पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को स्थायी रूप से समर्थन देना बंद करे।सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान यह गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रहा है कि भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने से वहां पानी की कमी हो रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि पाकिस्तान को मिलने वाले पानी का बड़ा हिस्सा पर्याप्त भंडारण व्यवस्था के अभाव, भारी रिसाव और प्रांतों के बीच जल बंटवारे के विवादों के कारण नष्ट हो जाता है।उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल सिंधु जल संधि से अलग होने की दिशा में सक्रिय रूप से विचार नहीं कर रहा है, लेकिन एक संप्रभु देश होने के नाते उसके पास अपने हितों के खिलाफ जाने वाली किसी भी संधि को समाप्त करने का अधिकार सुरक्षित है। एक सूत्र ने कहा, “यह (संधि से बाहर निकलना) इस बात पर निर्भर करेगा कि आगे पाकिस्तान क्या कदम उठाता है।“पिछले वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने कई कूटनीतिक और आर्थिक कदम उठाए थे। इन्हीं के तहत सिंधु जल संधि को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया था। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि इस हमले को पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने अंजाम दिया था। इसके जवाब में भारत ने मई में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया था।एक अन्य सूत्र ने कहा, “यह कहना सही होगा कि सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में दोबारा लागू नहीं होगी। अगर इससे जुड़े प्रावधानों को फिर से लागू करना है, तो वह मौजूदा स्वरूप में नहीं बल्क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर विवाद: शोभनाथ मिश्र राम मंदिर के नए गणना प्रभारी, चढ़ावे की गिनती फिर से दो शिफ्टों में शुरू

राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती फिर से दो शिफ्टों में शुरू हो गई है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने शोभनाथ मिश्र को नया गणना प्रभारी नियुक्त किया है। यह कदम चढ़ावा चोरी के मामलों के बाद सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के परीक्षण के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक शिफ्ट में 10 से 12 लोगों का समूह गणना कार्य करेगा। सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक पहली शिफ्ट और दोपहर दो बजे से शाम आठ बजे तक दूसरी शिफ्ट शनिवार से प्रभावी है।ट्रस्ट ने पर्यवेक्षण के लिए चार कर्मियों को तैनात किया है, जिनमें एक पूर्व सैनिक भी शामिल है। सुरक्षा प्रभारी कैप्टन केके तिवारी को गणना की दैनिक रिपोर्टिंग का वरिष्ठ प्रभारी बनाया गया है। पूर्व सैनिक एसपी दुबे, शेषमणि तिवारी और शोभनाथ मिश्र भी ट्रस्ट प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किए गए हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 1 min · National Desk

E20 Petrol: क्या पेट्रोल में बढ़ेगी इथेनॉल की 20 फीसदी से ज्यादा मात्रा? सरकार ने राज्यसभा में दिया जवाब

लिखित जवाब में कहा गया, “खाद्य सुरक्षा की सभी जरूरतों और निर्धारित बफर स्टॉक को पूरा करने के बाद खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा अतिरिक्त घोषित किए गए खाद्यान्न को ही इथेनॉल उत्पादन के लिए अनुमति दी जाती है।” सरकार ने कहा कि यह कार्यक्रम “वेस्ट-टू-वेल्थ” दृष्टिकोण पर आधारित है। इसके तहत अतिरिक्त कृषि उपज, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न, टूटे हुए चावल और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त अनाज का उपयोग किया जाता है। साथ ही कृषि अवशेषों से दूसरी पीढ़ी (2जी) के इथेनॉल उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने बताया कि वर्ष 2024 में कृषि विशेषज्ञ समिति ने इथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली फसलों की जल आवश्यकता की समीक्षा की थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सूक्ष्म सिंचाई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने कहा कि इथेनॉल कार्यक्रम का खुदरा खाद्य महंगाई पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। लिखित जवाब में कहा गया, “इथेनॉल उत्पादन के लिए केवल अतिरिक्त चीनी का ही उपयोग किया जा रहा है।” इसके कारण वर्ष 2024-25 की तुलना में खुदरा चीनी की कीमतों में वार्षिक वृद्धि लगभग 2.5 प्रतिशत रही है। सरकार ने यह भी कहा कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अतिरिक्त चावल के उपयोग से भी खुदरा खाद्य महंगाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि यह तभी किया जाता है जब खाद्य सुरक्षा और बफर स्टॉक की जरूरतें पूरी हो जाती हैं। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में सरकार ने कहा कि इथेनॉल संयंत्रों को सख्त पर्यावरणीय मानकों का पालन करना होता है। सरकार के अनुसार, शीरा और अनाज आधारित डिस्टिलरी में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) व्यवस्था लागू है। इसके तहत प्रक्रिया मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 20, 2026 · 2 min · National Desk