कंपकंपा देने वाली ठंड में भी कड़ा पहरा: कश्मीर में सेना का शीतकालीन ऑपरेशन तेज, जम्मू में 35 आतंकी निशाने पर

इंटर-एजेंसी समन्वय बना ताकत इस साल की रणनीति की खास बात विभिन्न एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल है। सेना के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), वन विभाग, ग्राम रक्षा गार्ड (वीडीजी) और सिविल प्रशासन मिलकर संयुक्त अभियान चला रहे हैं। इससे खुफिया जानकारी साझा करने और त्वरित कार्रवाई में मदद मिल रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

December 27, 2025 · 1 min · National Desk

Assam Special Revision: मतदाता सूची में विशेष संशोधन के बाद असम में 10.56 लाख नाम कटे; ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

चुनाव आयोग की ओर से जारी एकीकृत ड्राफ्ट सूची के अनुसार, असम में अब कुल 2 करोड़ 51 लाख 9 हजार 754 पंजीकृत मतदाता हैं। इस आंकड़े में 93 हजार 21 डी-वोटर शामिल नहीं हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों को हटाया गया है, वे मृत्यु, स्थानांतरण या डुप्लीकेट प्रविष्टियों के कारण सूची में बने हुए थे। इन्हें हटाकर मतदाता सूची को साफ किया गया है।विशेष पुनरीक्षण के दौरान कुल 10,56,291 नाम हटाए गए। इनमें से 4,78,992 नाम ऐसे थे, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 5,23,680 मतदाता अपने पंजीकृत पते से दूसरी जगह स्थानांतरित पाए गए। इसके अलावा 53,619 ऐसे नाम सामने आए, जिनमें जनसांख्यिकीय समानता पाई गई और उन्हें सुधार के लिए चिन्हित किया गया। आयोग के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया घर-घर जाकर सत्यापन के जरिए की गई।असम में डी-वोटर एक विशेष श्रेणी के मतदाता होते हैं, जिन्हें नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों में कथित कमी के आधार पर वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया है। ऐसे मतदाताओं की पहचान विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत गठित विशेष न्यायाधिकरण करते हैं। डी-वोटर को मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किया जाता। हालांकि, ड्राफ्ट सूची में डी-वोटर से जुड़ी सभी जानकारियां नाम, उम्र और फोटो पहले की तरह ही दर्ज रखी गई हैं।यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 22 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच चलाया गया। इस दौरान पूरे असम में 61 लाख 3 हजार 103 घरों का सत्यापन किया गया। प्रक्रिया में 35 जिला निर्वाचन अधिकारी, 126 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 1,260 सहायक अधिकारी, 29,656 बूथ लेवल अधिकारी और 2,578 पर्यवेक्षक शामिल रहे। इसके अलावा राजनीतिक दलों ने भी 61,533 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: बांग्लादेश में जारी हिंसा कितनी बड़ी साजिश? विश्लेषकों ने बताया इसके पीछे किनका हाथ

बांग्लादेश में हिंसा बदस्तूर जारी है। ढाका से लेकर चटगांव तक भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। हिंसा के इस दौर में वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में इसी पर चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर, पूर्णिमा त्रिपाठी, हर्षवर्धन त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और अनुराग वर्मा मौजूद रहे। हर्षवर्धन त्रिपाठी: चिंता इस बात की है कि संघ और भाजपा से जुड़े लोगों के अलावा किसी भी संगठन ने एक भी प्रदर्शन नहीं किया है। बांग्लादेश में 22 दिन में 11 हिंदू मार दिए गए उन्हें लेकर कोई कुछ नहीं बोल रहा है। मोहम्मद यूनुस सिर्फ कठपुतली हैं। तारिक रहमान लौट कर आएं हैं उनसे एक उम्मीद की किरण दिख रही है। अनुराग वर्मा: भारत ऐसे मामले में शांत नहीं बैठेगा। इससे पहले भी हो चुका है। आज की जो स्थिति है, जिस तरह से बांग्लादेश में हिंसा हो रही है ये एक भारत सरकार के लिए बहुत ही सोचने वाला विषय है वहां के अल्पसंख्यकों के लिए हम क्या कर सकते हैं। आप अपने पड़ोसी को नहीं बदल सकते हैं। जिस तरह से कठपुतली सरकारें हमारे पड़ोस में हैं, वो कट्टरपंथियों की हाथ की कठपुतली बनी हुई हैं। पूर्णिमा त्रिपाठी: यूनुस की सरकार चीन और पाकिस्तान की कठपुतली बन चुकी है। ये हमारे लिए बहुत की चिंता का विषय है। जिस तरह से हत्याएं हो रही हैं ये अपने आप में बहुत चिंता का विषय है। जो हो रहा है उस पर अगर समय रहते हमने अंकुश नहीं लगाया तो ये …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

Bengal: SIR कैंप में वोटर चिंतित; तृणमूल सांसद बोले- चुनाव आयोग अब व्हाट्सएप आयोग, CEC से मिलेंगे पार्टी नेता

चुनाव आयोग अब व्हाट्सएप आयोग- अभिषेक बनर्जी इधर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला करते हुए उसे ‘व्हाट्सएप आयोग’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चलाया जा रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान राज्य को परेशान करने के लिए किया जा रहा है और चुनाव आयोग को इसके लिए बंगाल के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 45 लोगों की मौत हुई है, छह लोग अस्पताल में भर्ती हैं और 29 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने आत्महत्या का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि टीएमसी ने चुनाव आयोग से पांच बुनियादी सवाल पूछे थे, लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला। वहीं, आयोग मीडिया से कह रहा है कि जवाब दे दिए गए हैं। ‘बंगाल में क्यों भेजे गए माइक्रो-ऑब्जर्वर?’ उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिम बंगाल में माइक्रो-ऑब्जर्वर क्यों भेजा गया, जबकि गुजरात जैसे राज्यों में ऐसा क्यों नहीं किया गया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर को चुनिंदा तरीके से केवल बंगाल में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब ड्राफ्ट लिस्ट में 80 फीसदी डेटा मैपिंग पूरी दिखाई जा रही है, तो पहले यह कैसे कहा गया कि 40-50 फीसदी मैपिंग का पता ही नहीं लगाया जा सकता। अभिषेक बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सही सूची छिपा रहा है और केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘आप भारत का चुनाव आयोग हैं, भाजपा का नहीं। अगर आपके पास बांग्लादेशियों की सूची है तो उसे सार्वजनिक करें, नहीं तो बंगाल के लोगों से माफी मांगें।’ यह भी पढ़ें - Karnataka: करावली उत्सव में बड़ा हादसा, मंगलूरू के मेले में अचानक खराब हुआ झूला; …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

U-19 World Cup Squad: बीसीसीआई ने किया अंडर-19 विश्व कप टीम का एलान, आयुष को मिली कप्तानी; वैभव भी हिस्सा

U-19 World Cup Squad: बीसीसीआई ने किया अंडर-19 विश्व कप टीम का एलान, आयुष को मिली कप्तानी; वैभव भी हिस्सा विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अंडर-19 विश्व कप के लिए शनिवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई)ने टीम इंडिया का एलान कर दिया। इस टीम की कमान आयुष म्हात्रे को सौंपी गई है, जबकि विहान मल्होत्रा को उपकप्तानी मिली है। इस टीम में विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। इससे पहले टीम इंडिया अगले साल की शुरुआत में तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगी। अंडर-19 विश्व कप के लिए चुनी गई टीम ही इस सीरीज में भी खेलेगी। भारत ग्रुप बी में शामिल अंडर-19 विश्व कप का आयोजन 15 जनवरी से छह फरवरी तक जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। 16 टीमों का चार ग्रुप में बांटा गया है। पांच बार की अंडर-19 विश्व कप विजेता भारतीय टीम को ग्रुप बी में न्यूजीलैंज, अमेरिका और बांग्लादेश के साथ शामिल किया गया है। भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 जनवरी से अमेरिका के खिलाफ मुकाबले से करेगी। इसके बाद टीम का सामना 17 जनवरी को बांग्लादेश और 24 जनवरी को न्यूजीलैंड से होगा। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला हरारे में खेला जाएगा। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर वैभव होंगे टीम के कप्तान इससे पहले टीम इंडिया तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए दक्षिण अ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

Amar Ujala Batras: भारत में कितना मुश्किल भरा ट्रांसजेंडर्स का सफर, कानून का क्या असर? देखें पॉडकास्ट

अमर उजाला बतरस एक और हफ्ते आम लोगों की जिंदगी से जुड़े अहम मुद्दे के साथ हाजिर है। इस हफ्ते पॉडकास्ट में चर्चा हुई ट्रांसजेंडर्स और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर। दरअसल, भारत में ट्रांसजेंडर्स के लिए कई अधिकारों का प्रावधान शुरुआत से रहा है। इसके लिए बड़े-बडे़ कानून बने हैं और सुप्रीम कोर्ट तक ने ट्रांसजेंडर्स के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को समय-समय पर आदेश दिए हैं। हालांकि, इन बातों का क्या असर हुआ है, इसका लेखा-जोखा शायद ही कहीं मिलता है। एंकर नंदिता कुदेशिया ने इस हफ्ते बतरस में इन्हीं मुद्दों पर दो विशेषज्ञों से बात की और जाना की आखिर ट्रांसजेंडर्स के हक की लड़ाई भारत में कहां तक पहुंची है और इसका क्या प्रभाव हुआ है। नंदिता कुदेशिया ने अमर उजाला के स्टूडियो में जिन दो विशेषज्ञों से चर्चा की, उनमें दिल्ली हाईकोर्ट के अधिवक्ता हरप्रीत पुरी और TWEET फाउंडेशन की अभीना अहेर शामिल रहीं। दोनों ही विशेषज्ञों ने कई अहम सवालों के जवाब दिए। मसलन- एक ट्रांसजेंडर का सफर कितना मुश्किलों से भरा होता है? ट्रांसजेंडर के लिए बने कानून समय के साथ कैसे बदले? कानून अधिकार के बाद कितना बदला ट्रांस के लिए माहौल? 2019 के एक्ट की क्या -क्या कमियां हैं और कैसे सुधार कर सकते हैं? बतरस में विशेषज्ञों ने न सिर्फ इन सवालों के जवाब दिए, बल्कि यह भी बताया कि सामाजिक माहौल से ट्रांस कितना परेशान होते हैं। ट्रांस के साथ होने वाले अपराध में सजा के प्रावधान क्या और कितने सही हैं। कानून बनने के बाद भी ट्रांसजेंडर्स के साथ अपराध क्यों नहीं रुक रहे हैं और परिवार और समाज में ट्रांसजेंडर्स के लिए क्या बदलाव होना चाहिए। उनके साथ किस तह के अपराध होते हैं और समाज-सरकार उनके लिए किस तरह से सुधार को बढ़ाव …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

Year Ender 2025: 8वां वेतन आयोग; 12 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री और GST सुधार, 2025 बना आर्थिक बदलावों का गवाह

साल 2025 भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के लिहाज से काफी अहम रहा। वैश्विक अनिश्चितताओं और सुस्त पड़ती दुनिया की रफ्तार के बीच भारत ने अपनी घरेलू खपत को बढ़ाने के लिए जो आर्थिक फैसले लिए, उनका असर अब साफ दिखने लगा है। 2025 में सरकार ने न केवल छह दशक पुराने इनकम टैक्स कानून को बदलकर एक नई इबारत लिखी, बल्कि जीएसटी की दरों में कटौती और 8वें वेतन आयोग की सुगबुगाहट ने देश के मध्यम वर्ग को भी बड़ी राहत दी। 1. टैक्स रिजीम में ऐतिहासिक बदलाव 12 लाख तक की आय टैक्स फ्री आइए विस्तार से समझते हैं 2025 के उन 5 बड़े आर्थिक फैसलों को, जिन्होंने आपकी जेब और देश की जीडीपी की दिशा तय की। 2025 की सबसे बड़ी हेडलाइन ‘नया इनकम टैक्स कानून, 2025’ (New Income Tax Act, 2025) रही। सरकार ने 1961 के पुराने और जटिल आयकर अधिनियम को खत्म कर दिया है। यह नया और सरलीकृत कानून 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, लेकिन इसकी रूपरेखा 2025 के बजट में ही तय कर दी गई थी। आम आदमी को क्या मिला? बजट 2025 में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए ‘नई कर व्यवस्था’ के तहत 12 लाख रुपये तक की सालाना आय को टैक्स फ्री कर दिया गया। इसका सीधा मकसद लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा छोड़ना था। नए स्लैब (New Tax Slabs 2025): 0 - 4 लाख: शून्य 4 - 8 लाख: 5% 8 - 12 लाख: 10% 12 - 16 लाख: 15% 16 - 20 लाख: 20% 20 - 24 लाख: 25% 24 लाख से ऊपर: 30% हालांकि, इन कटौतियों का असर सरकारी खजाने पर भी दिखा। आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल से 17 दिसंबर 2025 के बीच नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन (जिसमें व्यक्तिगत टैक्स शामिल है) की वृद्धि दर धीमी होकर 6.37% रह गई, जबकि कॉरपोरेट टैक्स में 10.54% की वृद्धि दर्ज की गई। 2. जीएसट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

BCCI: टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोच की तलाश कर रहा है बीसीसीआई? इस पूर्व बल्लेबाज के साथ किया था संपर्क

BCCI: टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोच की तलाश कर रहा है बीसीसीआई? इस पूर्व बल्लेबाज के साथ किया था संपर्क विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर का सीमित ओवर में अच्छा रिकॉर्ड है और उनके नेतृत्व में टीम ने एक आईसीसी और एक एसीसी ट्रॉफी अपने नाम की है। लेकिन सेना देशों के खिलाफ 10 टेस्ट मैच गंवाने के बाद लाल गेंद के क्रिकेट में कोच के तौर पर गंभीर की शैली पर प्रश्न चिन्ह लगाए जा रहे हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) में अहम पद पर मौजूद किसी ने वीवीएस लक्ष्मण से अनौपचारिक तौर पर बातचीत की थी और यह जानने की कोशिश की थी कि क्या वह लाल गेंद की टीम का कोच बनने में रुचि रखते हैं? गंभीर के अनुबंध पर होगा पुनर्विचार? यह समझा जा रहा है कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज लक्ष्मण बंगलूरू स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हेड ऑफ क्रिकेट के पद से ही संतुष्ट हैं। गंभीर का बीसीसीआई के साथ अनुबंध 2027 वनडे विश्व कप के अंत तक है, लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि भारत के टी20 विश्व कप में प्रदर्शन के आधार पर इस पर पुनर्विचार किया जा सकता है। टी20 विश्व कप की शुरुआत पांच सप्ताह के बाद होनी है। ऐसा माना जा रहा है कि बीसीसीआई के गलियारों मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

December 27, 2025 · 2 min · National Desk

UP: सहारनपुर में भीषण हादसा, पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, दो भाइयों समेत चार लोगों की मौके पर मौत

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं बेहट में शाकंभरी रोड पर धर्म सिंह जगदीश सिंह महाविद्यालय के सामने मोड़ पर पेड़ से कार टकरा गई। इसमें दो सगे भाइयों समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें से तीन की पहचान की जा चुकी है, जबकि एक की पहचान करने में पुलिस लगी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

December 27, 2025 · 1 min · National Desk

BNP Tarique Rahman Voting Constituency: तारिक रहमान बांग्लादेशी मतदाता बने, चुनाव में इस सीट से ठोकेंगे ताल

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने 17 साल से अधिक समय के आत्मनिर्वासन के बाद शनिवार को बांग्लादेश की वोटर लिस्ट में अपना नाम दर्ज कराया और राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) बनवाने की औपचारिकताएं पूरी कीं। वह हाल ही में लंदन से बांग्लादेश लौटे हैं, जहां वे सितंबर 2008 से रह रहे थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

December 27, 2025 · 1 min · National Desk