चुनाव आयोग की ओर से जारी एकीकृत ड्राफ्ट सूची के अनुसार, असम में अब कुल 2 करोड़ 51 लाख 9 हजार 754 पंजीकृत मतदाता हैं। इस आंकड़े में 93 हजार 21 डी-वोटर शामिल नहीं हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नामों को हटाया गया है, वे मृत्यु, स्थानांतरण या डुप्लीकेट प्रविष्टियों के कारण सूची में बने हुए थे। इन्हें हटाकर मतदाता सूची को साफ किया गया है।विशेष पुनरीक्षण के दौरान कुल 10,56,291 नाम हटाए गए। इनमें से 4,78,992 नाम ऐसे थे, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, 5,23,680 मतदाता अपने पंजीकृत पते से दूसरी जगह स्थानांतरित पाए गए। इसके अलावा 53,619 ऐसे नाम सामने आए, जिनमें जनसांख्यिकीय समानता पाई गई और उन्हें सुधार के लिए चिन्हित किया गया। आयोग के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया घर-घर जाकर सत्यापन के जरिए की गई।असम में डी-वोटर एक विशेष श्रेणी के मतदाता होते हैं, जिन्हें नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों में कथित कमी के आधार पर वोट देने के अधिकार से वंचित किया गया है। ऐसे मतदाताओं की पहचान विदेशी अधिनियम, 1946 के तहत गठित विशेष न्यायाधिकरण करते हैं। डी-वोटर को मतदाता पहचान पत्र जारी नहीं किया जाता। हालांकि, ड्राफ्ट सूची में डी-वोटर से जुड़ी सभी जानकारियां नाम, उम्र और फोटो पहले की तरह ही दर्ज रखी गई हैं।यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 22 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच चलाया गया। इस दौरान पूरे असम में 61 लाख 3 हजार 103 घरों का सत्यापन किया गया। प्रक्रिया में 35 जिला निर्वाचन अधिकारी, 126 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 1,260 सहायक अधिकारी, 29,656 बूथ लेवल अधिकारी और 2,578 पर्यवेक्षक शामिल रहे। इसके अलावा राजनीतिक दलों ने भी 61,533 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए, ताकि पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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