Budget 2026: 28 जनवरी से शुरू हो सकता है बजट सत्र, वित्त मंत्री 1 फरवरी को पेश करेंगी आम बजट

केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बुधवार को बैठक हुई। बैठक में संसद के आगामी बजट सत्र की तारीखों का प्रस्ताव रखा गया।राजनीतिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से करने और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इन तारीखों पर अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। निर्मला सीतारमण नौ लगातार बजट पेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बनेंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे। मोरारजी देसाई ने 1959–64 के बीच छह और 1967–69 के बीच चार बजट प्रस्तुत किए थे। हालिया वित्त मंत्रियों में पी. चिदंबरम ने नौ और प्रणब मुखर्जी ने आठ बजट पेश किए थे। निर्मला सीतारमण 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं। बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जाता है। पहले और दूसरे हिस्से के बीच अवकाश रखा जाता है, ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें। सूत्रों ने बताया कि बैठक में बजट सत्र की शुरुआत के लिए 28 जनवरी और 31 जनवरी, दो संभावित तारीखों पर चर्चा हुई, जिनमें से किसी एक पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। आम तौर पर संसद का बजट सत्र जनवरी के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होता है। माना जा रहा है कि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अगले चरण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।केंद्रीय बजट कई वर्षों से 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है। इस साल 1 फरवरी को रविवार है और इस बात की पूरी संभा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 8, 2026 · 2 min · National Desk

UP: प्रदेश में टल सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, आरक्षण की वजह से आ सकती है ये बाधा; जानिए डिटेल

यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्य कारण अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना है, जिसके चलते पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया भी तय नहीं हो पा रही है। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने फिर दावा किया है कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समयानुसार अप्रैल-मई में ही होंगे। पंचायतीराज विभाग ने छह सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जनगणना 2011 के अनुसार, राज्य में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों का प्रतिशत क्रमशः 20.6982 और 0.5677 प्रतिशत है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इन वर्गों के लिए इतनी ही प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी।ओबीसी जातियों का प्रतिशत जनगणना में शामिल नहीं था। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार, राज्य की ग्रामीण आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी 53.33 प्रतिशत थी। 2021 के चुनाव में इसी सर्वे के आधार पर ओबीसी के लिए आरक्षण तय किया गया था। हालांकि, किसी भी ब्लॉक में ओबीसी की जनसंख्या 27 प्रतिशत से अधिक होने पर भी ग्राम प्रधान के पद 27 प्रतिशत से अधिक आरक्षित नहीं हो सकते। यदि यह प्रतिशत 27 प्रतिशत से कम हो, तो उसी अनुपात में पद आरक्षित होंगे। प्रदेश स्तर पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रतिशत 27 प्रतिशत रखना अनिवार्य है।नगर निकाय के चुनाव में ओबीसी की आबादी के आंकड़ों को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर रिपोर्ट तैयार करवाई थी। पंचायत चुनाव में भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग विभिन्न जिलों में जाकर ओबीसी की आबादी क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 8, 2026 · 2 min · National Desk

JNU: पीएम मोदी-गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने वालों पर एफआईआर दर्ज, जेएनयू प्रशासन ने कराया केस

नारेबाजी पर मुकदमा दर्ज की मांग पर शिक्षक संघ का विरोध जेएनयू आपत्तिजनक नारेबाजी मामले में सुरक्षा विभाग की मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर शिक्षक संघ ने विरोध दर्ज कराया है। शिक्षक संघ ने 5 जनवरी 2020 हमले की छठी वर्षगांठ पर सोमवार रात को आयोजित छात्र संघ के कार्यक्रम में हुई नारेबाजी पर दिल्ली पुलिस से मुकदमा दर्ज कराने की मांग को हास्यास्पद और दमनकारी बताया है। शिक्षक संघ के अनुसार जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस ठीक वही हैं जो छह साल पहले हिंसा के निर्विवाद रूप से आपराधिक कृत्य को रोकने में पहले तो नाकाम रहे। फिर खुद को जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ रहे। मुकदमा दर्ज कराने की गाथा को शिक्षक संघ जेएनयू को नष्ट करने के एजेंडे से देखता है। लेकिन विश्वविद्यालय की भावना को खत्म नहीं किया जा सकता। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 8, 2026 · 1 min · National Desk

Budget 2026: 28 जनवरी से शुरू हो सकता है बजट सत्र, वित्त मंत्री 1 फरवरी को पेश करेंगी आम बजट

केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बुधवार को बैठक हुई। बैठक में संसद के आगामी बजट सत्र की तारीखों का प्रस्ताव रखा गया।राजनीतिक मामलों पर कैबिनेट समिति ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से करने और 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा है। सूत्रों के अनुसार, इन तारीखों पर अभी अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा हो सकती है। निर्मला सीतारमण नौ लगातार बजट पेश करने वाली भारत की पहली वित्त मंत्री बनेंगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, जिन्होंने कुल 10 बजट पेश किए थे। मोरारजी देसाई ने 1959–64 के बीच छह और 1967–69 के बीच चार बजट प्रस्तुत किए थे। हालिया वित्त मंत्रियों में पी. चिदंबरम ने नौ और प्रणब मुखर्जी ने आठ बजट पेश किए थे। निर्मला सीतारमण 2019 में भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं। बजट सत्र दो हिस्सों में आयोजित किया जाता है। पहले और दूसरे हिस्से के बीच अवकाश रखा जाता है, ताकि संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों की जांच कर सकें। सूत्रों ने बताया कि बैठक में बजट सत्र की शुरुआत के लिए 28 जनवरी और 31 जनवरी, दो संभावित तारीखों पर चर्चा हुई, जिनमें से किसी एक पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा। आम तौर पर संसद का बजट सत्र जनवरी के आखिरी सप्ताह में ही शुरू होता है। माना जा रहा है कि 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अगले चरण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी।केंद्रीय बजट कई वर्षों से 1 फरवरी को पेश किया जा रहा है। इस साल 1 फरवरी को रविवार है और इस बात की पूरी संभा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

Venezuela: चीन और जापान से अमीर वेनेजुएला कैसे हो गया कंगाल? पढ़िए अर्श से फर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी

सवाल: ह्यूगो शावेज कौन थे? उनके दौर में राजनीतिक हालात कैसे बदले? जवाब: ह्यूगो शावेज आधुनिक वेनेजुएला के इतिहास के सबसे प्रभावशाली और विवादित व्यक्ति थे। वह एक पूर्व पैराट्रूपर और लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्होंने 1999 से 2013 (अपनी मृत्यु तक) वेनेजुएला पर शासन किया। उन्होंने देश में ‘बोलिवेरियन क्रांति’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य समाजवाद के जरिए गरीबों को सशक्त बनाना और अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देना था। अप्रैल 2002 में लाखों विपक्षी प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने के बाद, चावेज को कुछ समय के लिए सत्ता से बेदखल कर दिया गया। यह तख्तापलट असंतुष्ट सैन्य अधिकारियों और विपक्षी नेताओं द्वारा किया गया था, जिन्होंने व्यवसायी पेड्रो कारमोना को नया राष्ट्रपति बना दिया। चावेज़ को गिरफ्तार कर लिया गया, बुश प्रशासन ने तुरंत कारमोना को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे दी, और न्यूयॉर्क टाइम्स के संपादकीय पृष्ठ ने एक “तानाशाह बनने की चाह रखने वाले” के पतन का जश्न मनाया । हालांकि, महज दो दिन बाद ही, सड़कों पर उमड़ी भारी संख्या में समर्थकों की बदौलत चावेज़ सत्ता में वापस आ गए। और असफल तख्तापलट में अपनी संभावित भूमिका के लिए बुश प्रशासन को तुरंत गहन जांच का सामना करना पड़ा। हालांकि अमेरिका ने संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन कई वर्षों तक यह सवाल बना रहा कि क्या सरकार को तख्तापलट की पहले से जानकारी थी और उसने मौन रूप से चावेज़ को सत्ता से हटाने में सहयोग दिया था। शावेज के दौर में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। इससे देश में प्रति व्यक्ति आय अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। शावेज शासन के शुरुआती दौर में देश में प्रति व्यक्ति आय 3200 डॉलर के करीब थी। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: प्रदेश में गलन और ठिठुरन चरम पर, अयोध्या और आजमगढ़ सबसे ठंडे जिले; 32 जिलों के लिए अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश में ठंड और कोहरे का प्रकोप अपने चरम पर है। सर्द पछुआ हवाओं ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। वहीं घने कोहरे ने भी सड़क और रेल यातायात को प्रभावित किया है। बुधवार को भी प्रदेश में पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में दोपहर तक धूप नहीं खिली और कोहरे का साया बना रहा। जहां धूप हुई भी, वहां गलन हावी रही। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 1 min · National Desk

US: रूसी झंडे वाले टैंकर पर अमेरिका का कब्जा, उत्तरी अटलांटिक महासागर में नौसेना की कार्रवाई; बढ़ेगा तनाव?

The @TheJusticeDept & @DHSgov, in coordination with the @DeptofWar today announced the seizure of the M/V Bella 1 for violations of U.S. sanctions. The vessel was seized in the North Atlantic pursuant to a warrant issued by a U.S. federal court after being tracked by USCGC Munro. pic.twitter.com/bm5KcCK30X— U.S. European Command (@US_EUCOM) January 7, 2026 नाम न छापने की शर्त पर बात करते हुए अधिकारी ने संवेदनशील सैन्य अभियानों पर चर्चा की। अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी सेना ने पोत को जब्त कर लिया और उसका नियंत्रण कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सौंप दिया। बता दें कि अमेरिका पिछले महीने से ही उस टैंकर का पीछा कर रहा था, जब उसने वेनेजुएला के आसपास प्रतिबंधित तेल जहाजों पर अमेरिकी नाकाबंदी से बचने की कोशिश की थी।सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में अमेरिकी यूरोपीय कमान ने पुष्टि की है कि अमेरिकी तटरक्षक बल के कटर मुनरो ने जहाज को जब्त करने से पहले ‘अमेरिकी संघीय अदालत द्वारा जारी वारंट के तहत’ उसका पीछा किया था। बता दें कि कटर मुनरो मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और खोज व बचाव जैसे मिशनों के लिए इस्तेमाल होता है।सैन्य कमान ने आगे कहा कि यह जब्ती राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा का समर्थन करती है, जिसमें प्रतिबंधित जहाजों को निशाना बनाने की बात कही गई है, जो ‘पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा’ पहुंचाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यह टैंकर पहले ‘बेला 1’ नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर ‘मारिनेरा’ रख दिया गया और इसे रूसी झंडा के तहत चलाया जा रहा था।यह जहाज 2024 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया था, उस पर आरोप था कि यह लेबनानी आतंकवादी संगठन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

Kathua Encounter: कठुआ के बिलावर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू, सर्च ऑपरेशन जारी

कठुआ जिले के बिलावर इलाके में बुधवार दोपहर से सुरक्षाबलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह अभियान कोहग, कोमाद नाला और धनु परोल के आसपास के क्षेत्रों में शुरू किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, धनु परोल इलाके में दोपहर के समय एक हथियारबंद संदिग्ध को देखा गया था, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया। सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि इलाके में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और अतिरिक्त सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। मुठभेड़ अभी जारी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 1 min · National Desk

Venezuela: कभी चीन और जापान से अमीर वेनेजुएला कंगाल कैसे हो गया, पढ़िए अर्श से फर्श तक पहुंचने की पूरी कहानी

सवाल: ह्यूगो शावेज कौन थे? उनके दौर में राजनीतिक हालात कैसे बदले? जवाब: ह्यूगो शावेज आधुनिक वेनेजुएला के इतिहास के सबसे प्रभावशाली और विवादित व्यक्ति थे। वह एक पूर्व पैराट्रूपर और लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उन्होंने 1999 से 2013 (अपनी मृत्यु तक) वेनेजुएला पर शासन किया। उन्होंने देश में ‘बोलिवेरियन क्रांति’ की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य समाजवाद के जरिए गरीबों को सशक्त बनाना और अमेरिकी प्रभाव को चुनौती देना था। अप्रैल 2002 में लाखों विपक्षी प्रदर्शनकारियों के सड़कों पर उतरने के बाद, चावेज को कुछ समय के लिए सत्ता से बेदखल कर दिया गया। यह तख्तापलट असंतुष्ट सैन्य अधिकारियों और विपक्षी नेताओं द्वारा किया गया था, जिन्होंने व्यवसायी पेड्रो कारमोना को नया राष्ट्रपति बना दिया। चावेज़ को गिरफ्तार कर लिया गया, बुश प्रशासन ने तुरंत कारमोना को राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे दी, और न्यूयॉर्क टाइम्स के संपादकीय पृष्ठ ने एक “तानाशाह बनने की चाह रखने वाले” के पतन का जश्न मनाया । हालांकि, महज दो दिन बाद ही, सड़कों पर उमड़ी भारी संख्या में समर्थकों की बदौलत चावेज़ सत्ता में वापस आ गए। और असफल तख्तापलट में अपनी संभावित भूमिका के लिए बुश प्रशासन को तुरंत गहन जांच का सामना करना पड़ा। हालांकि अमेरिका ने संलिप्तता से इनकार किया, लेकिन कई वर्षों तक यह सवाल बना रहा कि क्या सरकार को तख्तापलट की पहले से जानकारी थी और उसने मौन रूप से चावेज़ को सत्ता से हटाने में सहयोग दिया था। शावेज के दौर में तेल की कीमतों में भारी उछाल आया। इससे देश में प्रति व्यक्ति आय अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। शावेज शासन के शुरुआती दौर में देश में प्रति व्यक्ति आय 3200 डॉलर के करीब थी। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बेतहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk

एसआईआर का दूसरा चरण: मसौदा सूची से हटे 6.5 करोड़ मतदाताओं के नाम, नौ राज्य-तीन केंद्र शासित प्रदेश शामिल

चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत पिछले दिनों प्रकाशित नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूची से करीब 6.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। एसआईआर के दूसरे चरण से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.90 करोड़ मतदाता थे। अलग-अलग मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं की संख्या घटकर 44.40 करोड़ हो गई। चुनाव अधिकारियों ने कहा कि मसौदा सूची से हटाए गए लोगों के नाम अनुपस्थित, शिफ्टेड और मृत/डुप्लीकेट कैटेगरी में डाल दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में 18.70 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटे अधिकारियों ने पहले बताया था कि शहरी इलाकों में गणना फॉर्मों का संग्रह ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी कम रहा है। उत्तर प्रदेश में एसआईआर के बाद मंगलवार को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए, जबकि 12.55 करोड़ मतदाता सूची में मौजूद हैं। पहले दर्ज 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 18.70 प्रतिशत के नाम मौत, स्थायी पलायन या एक से अधिक पंजीकरण के कारण हटाए गए। 75 जिलों की मतदाता सूची, देखें कहां कटे कितने नाम जिला कितने मतदाता कटे (प्रतिशत) सहारनपुर 4,32,534 (16.37%) मुजफ्फरनगर 3,44,217 (16.29%) मेरठ 6,65,635 (24.65%) गाजियाबाद 8,18,139 (28.83%) बुलन्दशहर 4,03,369 (15.14%) गौतम बुद्ध नगर 44,74,71 (23.98%) बागपत 177299 (18.15%) आगरा 8,36,943 (23.25%) अलीगढ 5,20,189 (18.60%) मथुरा 3,73,793 (19.19%) फिरोजाबाद 3,44,752 (18.13%) मैनपुरी 2,26,875 (16.17%) एटा 2,20,426 (16.80%) हाथरस 1,89,616 (16.30%) बरेली 7,14,753 (20.99%) बदायूं 4,92,995 (20.39%) शाहजहांपुर 5,03,922 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 7, 2026 · 2 min · National Desk