ईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?: जानें कैसे हिंसक हुए प्रदर्शन, खामनेई के खिलाफ कौन; अब आगे क्या

ईरान में कितना बड़ा हुआ आंदोलन?: जानें कैसे हिंसक हुए प्रदर्शन, खामनेई के खिलाफ कौन; अब आगे क्या विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका 25 फीसदी का आयात शुल्क जुर्माने के तौर पर लगाएगा। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद चीन, रूस के साथ भारत के लिए भी चिंता की स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि भारत चाबहार बंदरगाह पर सहयोग को लेकर लगातार ईरान के साथ संपर्क में है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ईरान में जो प्रदर्शनों का दौर जारी है, उसकी शुरुआत कहां से हुई और इसकी वजह क्या थी? दो हफ्ते में ईरान में ऐसा क्या-क्या हुआ है, जिससे प्रदर्शनों में सत्ता परिवर्तन की मांग उठने लगी है? इस आंदोलन के पीछे का चेहरा कौन है? यह प्रदर्शन कितने बड़े स्तर पर हैं? ईरान सरकार ने इनसे निपटने के लिए क्या किया है? इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रतिक्रिया रही है? अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के आंदोलनों को लेकर क्या तैयारी कर रहे हैं? आइये जानते हैं… इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एलान किया है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिका 25 फीसदी का आयात शुल्क जुर्माने के तौर पर लगाएगा। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद चीन, रूस के साथ भारत के लिए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

Tariff Threat: 'ईरान से व्यापार करने वाले देशों को देना पड़ेगा 25 प्रतिशत टैरिफ', ट्रंप का एलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, ‘ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।’ डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश को अंतिम और निर्णायक बताया। ट्रंप के इस फैसले के चलते ईरान पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। गौरतलब है कि ईरान में बीते करीब 15 दिनों से देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में साफ किया है कि ये शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। वहीं, इससे पहले व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी ईरान को अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी जारी की थी।ईरान में अमेरिकी वर्चुअल दूतावास की ओर से जारी सलाह में अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने को कहा गया है। इसमें कहा गया है, ‘ईरान में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं, जिसकी वजह से गिरफ्तारियां हो सकती हैं और चोटें लग सकती हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, सड़कें बंद कर दी गई हैं, सार्वजनिक परिवहन बाधित है और इंटरनेट पर प्रतिबंध है। एयरलाइंस ईरान से आने-जाने वाली उड़ानों को सीमित या रद्द कर रही हैं। अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट की लगातार रुकावटों के लिए तैयार रहना चाहिए, संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी चाहिए। अगर ऐसा करना सुरक्षित हो, तो आर्मेनिया या तुर्किये के लिए सड़क मार्ग से ईरान छोड़ने पर विचार करना चाहिए।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर कैरोलिन लेविट ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। कूटनीति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

Uttarakhand: अंकिता भंडारी प्रकरण...आज एसआईटी के सामने अपने मोबाइल जमा कराएगी उर्मिला सनावर

बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण में ऑडियो वायरल मामले में पूछताछ के बाद आज मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल एसआईटी के सामने जमा कराएंगी। एसआईटी मोबाइल व ऑडियो को जांच के लिए आगे लैब में भेजेगी। पिछले दिनों पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। ऑडियो में अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ी बातें सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में हलचल तेज हो गई थी। इसके बाद बहादराबाद व झबरेड़ा थाने में सुरेश राठौर व उर्मिला सनावर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। पहले से भी कई मामले दर्ज होने के चलते पुलिस कप्तान ने एसआईटी का गठन कर दिया था। बीते बृहस्पतिवार को उर्मिला सनावर से एसआईटी ने पूछताछ की थी जबकि शुक्रवार को सुरेश राठौर से सवाल-जवाब किए गए थे। उर्मिला ने उस दिन अपने मोबाइल फोन जमा करने की जानकारी दी थी। इस संबंध में महामंडलेश्वर स्वामी दर्शन भारती महाराज ने जानकारी दी कि मंगलवार को उर्मिला सनावर अपने मोबाइल फोन एसआईटी के पास जांच के लिए जमा कराएंगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 1 min · National Desk

Bangladesh: बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या, 25 दिन में आठवीं हत्या की वारदात

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या कर दी गई। फेंगुआ के दागनभुआ में समीर दास (28) को पीट-पीटकर मार डाला गया। आरोपी उसका ऑटो लूटकर फरार हो गए। पुलिस हत्यारों की तलाश कर रही है। पिछले 25 दिन में बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या का यह आठवीं वारदात है। पुलिस के मुताबिक, समीर दागनभुआ के मातुभुइया संघ के रामानंदपुर गांव का रहने वाला था और लंबे समय से बैटरी ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। परिजनों ने बताया कि रविवार रात जब समीर समय पर घर नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पुलिस को सूचित किया गया। रात करीब दो बजे लोगों ने दक्षिण करीमपुर मुहुरी बाड़ी के पास समीर का लहूलुहान शव देखा।पुलिस ने बताया कि हत्या को साजिशन अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी फैयाजुल अजीम नोमान ने बताया, परिजनों की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है।पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक दागनभुआ इलाके में समीर कुमार दास की हत्या की घटना 11 जनवरी की शाम की है। समीर कुमार दास, कार्तिक कुमार दास और रीना रानी दास के सबसे बड़े बेटे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फेनी जनरल अस्पताल भेजा।पुलिस का कहना है कि ऑटोरिक्शा गायब होने से लूटपाट के इरादे से हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अन्य कारणों से भी इनकार नहीं किया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा, धमकी और असुरक्षा की घटनाएं लगातार रिपोर्ट हो रही हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि कमजोर कार्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

TOP News: कोहरे की चादर में लिपटा उत्तर भारत; ट्रंप बोले- ईरान से व्यापार करने वाले देश देंगे 25 प्रतिशत टैरिफ

देश और दुनिया में मंगलवार को मौसम, राजनीति, प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय तनाव और आस्था से जुड़ी बड़ी खबरें सामने आईं। उत्तर भारत बर्फीली हवाओं और घने कोहरे की चपेट में है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में रेड अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री और गुरुग्राम में 0.6 डिग्री दर्ज हुआ, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित रहा। प्रयागराज में मकर संक्रांति को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। संगम पर 15 जनवरी को दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान है। 24 घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। वहीं, देश की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से हटकर सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने सेवा तीर्थ-1 में स्थानांतरित होगा। संसद में भी तकनीकी बदलाव की तैयारी है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर संसद की कार्यवाही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से 22 भाषाओं में देखी जा सकेगी। राजनीतिक मोर्चे पर ईडी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा हुआ है। व्हाइट हाउस ने कहा कि कूटनीति प्राथमिकता है, लेकिन सैन्य विकल्प खुले हैं। इसी बीच ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन और उग्र हुए हैं। दक्षिण एशिया में बांग्लादेश से हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरें चिंता बढ़ा रही हैं। वहीं, अमेरिका में टैरिफ नीति पर सुनवाई को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गंभीर आर्थिक संकट की चेतावनी दी है। आइए देश-विदेश की बड़ी और अहम खबरों पर नजर डालते हैं। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

US: 'कूटनीति पहली पसंद...जरूरत पड़ने पर जंग भी विकल्प', व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने किसे दिया सख्त संदेश?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति ट्रंप किसी एक रास्ते तक सीमित नहीं हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं। कूटनीति उनकी पहली पसंद है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई, यहां तक कि हवाई हमले भी विकल्पों में शामिल हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले भी दिखाया है कि वह सैन्य विकल्पों से नहीं डरते। हवाई हमले राष्ट्रपति के सामने मौजूद कई विकल्पों में से एक हैं। ईरान सार्वजनिक और निजी स्तर पर अलग-अलग संकेत दे रहा है। अमेरिका इन संकेतों को समझकर अगला कदम तय करेगा। कैरोलिन लैविट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हालात को बेहद करीब से देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि ईरानी शासन सार्वजनिक मंचों पर जो बयान दे रहा है, वह उन निजी संदेशों से अलग है, जो अमेरिकी प्रशासन को अंदरूनी चैनलों से मिल रहे हैं। ट्रंप इन निजी संदेशों को गंभीरता से परखना चाहते हैं और यह देखना चाहते हैं कि बातचीत की कोई वास्तविक गुंजाइश है या नहीं।व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप हमेशा पहले बातचीत और राजनयिक रास्ते को तरजीह देते हैं। उनका मानना है कि किसी भी टकराव से पहले सभी शांतिपूर्ण विकल्पों को आजमाया जाना चाहिए। हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया कि अगर अमेरिका की सुरक्षा या हितों को खतरा हुआ, तो राष्ट्रपति कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगे। ट्रंप की छवि और संदेश कैरोलिन लैविट ने कहा कि ईरान यह बात सबसे बेहतर जानता है कि ट्रंप जरूरत पड़ने पर ताकत के इस्तेमाल से नहीं हिचकते। ट्रंप की यही छवि उन्हें दूसरे नेताओं से अलग बनाती है। उन्होंने पहल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

विक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर टिप्पणी: लिखा- यूपी-बिहार के आलाधिकारी हिमाचलियत की उड़ा रहे धज्जियां

हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की फेसबुक पर की गई एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है। अपने पोस्ट में उन्होंने मंडी में उपमुख्यमंत्री के भाषण का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ बाहरी राज्यों, विशेषकर यूपी-बिहार के आला आईएएस/आईपीएस अधिकारी हिमाचल में “हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं”। उन्हें हिमाचल से कोई ज्यादा सरोकार नहीं है। समय रहते हुए उनसे निपटने की आवश्यकता है नहीं तो हिमाचल के हित निपट जाएँगे। और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 1 min · National Desk

Maharashtra: रामदास अठावले का दावा- चुनाव के बाद भाजपा के साथ रहते तो उद्धव को नहीं खोना पड़ता चुनाव चिन्ह

उन्होंने 2022 में शिवसेना में हुई बगावत के लिए पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे की राजनीतिक पसंद को जिम्मेदार ठहराया। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनावों से पहले शिवाजी पार्क में महायुति की रैली को संबोधित करते हुए अठावले ने कहा, ‘2019 के विधानसभा चुनावों के बाद उद्धव ठाकरे को भाजपा के साथ ही रहना चाहिए था क्योंकि शिवसेना ने दूसरी सबसे अधिक सीटें जीती थीं।‘रामदास अठावले ने कहा, ‘अगर वह भाजपा के साथ रहते, तो धनुष-बाण का चुनाव चिन्ह उनके पास ही रहता। दिवंगत बालासाहेब ठाकरे ने कांग्रेस का विरोध किया था, लेकिन उद्धव ठाकरे उसी पार्टी के साथ हाथ मिलाकर मुख्यमंत्री बने।’ उन्होंने विपक्षी पार्टियों की रैलियों में लोगों की उपस्थिति की तुलना भी की और दावा किया कि महायुति की रैली में उद्धव और राज ठाकरे की पिछली संयुक्त रैली की तुलना में अधिक भीड़ जुटी थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि दोनों चचेरे भाइयों का गठबंधन राजनीतिक रूप से अच्छी बात है।भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और केंद्र सरकार की प्रशंसा करते हुए अठावले ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में बड़े विकास कार्य किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेट्रो परियोजनाओं, उपनगरीय रेलवे सेवाओं के उन्नयन, झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास और गरीबों के लिए गुणवत्तापूर्ण आवासों के निर्माण के लिए पर्याप्त धनराशि स्वीकृत की है, जिसमें धारावी झुग्गी बस्ती का पुनर्विकास भी शामिल है।अठावले ने बीएमसी में फैले भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कि नगर निकाय को उद्धव ठाकरे के चंगुल से मुक्त कराने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि बीएमसी को महायुति गठबंधन के नियंत्रण में आना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

Donald Trump: 'हम बर्बाद हो जाएंगे...', टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को लेकर बोले डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर की सीधी टैरिफ राशि लौटानी पड़ सकती है। कंपनियां अपने निवेश का मुआवजा मांग सकती हैं। फैक्ट्रियों, प्लांट और उपकरणों पर हुए निवेश का पे-बैक करना पड़ सकता है। कुल नुकसान ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। भुगतान कब, किसे और कैसे होगा, यह तय करना भी बेहद मुश्किल होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर किसी भी वजह से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट टैरिफ के खिलाफ फैसला देता है, तो अमेरिका को भारी भरकम रकम चुकानी पड़ेगी। इसमें सिर्फ टैरिफ की वापसी ही नहीं, बल्कि उन देशों और कंपनियों को भी भुगतान करना होगा, जिन्होंने टैरिफ से बचने के लिए अमेरिका में फैक्ट्रियां, प्लांट और मशीनें लगाने में निवेश किया है। ट्रंप का कहना है कि इन सभी रकमों को जोड़ा जाए तो आंकड़ा ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।ट्रंप ने टैरिफ को राष्ट्रीय सुरक्षा का बोनस बताया है। उनके अनुसार, टैरिफ की वजह से अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ी है और कंपनियों ने देश के भीतर निवेश किया है। अगर अदालत ने इसे अवैध ठहराया, तो न केवल निवेशकों का भरोसा टूटेगा, बल्कि भविष्य की योजनाएं भी ठप हो जाएंगी। ट्रंप ने कहा कि जो लोग यह कहते हैं कि इस नुकसान की भरपाई आसानी से हो सकती है, वे या तो गलत जानकारी दे रहे हैं या इस जटिल मुद्दे को समझ नहीं पा रहे हैं।ट्रंप ने कहा कि इतनी बड़ी रकम चुकाना अमेरिका के लिए लगभग असंभव होगा। उनके मुताबिक, अगर कभी ऐसा हुआ भी तो इसमें कई साल लग जाएंगे यह तय करने में कि कुल राशि कितनी है और किसे कितना भुगतान करना है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका मजबूती से आगे बढ़ता है, तो पूरी दुनिया को फायदा होता है, लेकिन अगर अमेरिका कमजोर पड़ा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।टैरिफ को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk

सोना-चांदी में ऐतिहासिक उछाल: चांदी ₹2.65 लाख और सोना ₹1.44 लाख के पार; वैश्विक तनाव के कारण भाव परवान पर

सोमवार को भारतीय सर्राफा बाजार में इतिहास रच दिया गया। वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोने और चांदी की कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चांदी की कीमतों में एक ही दिन में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि सोना भी अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) पर पहुंच गया है। ‘ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन’ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को चांदी की कीमतों में 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी बढ़ोतरी हुई। इस उछाल के साथ चांदी 6 प्रतिशत बढ़कर 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नए शिखर पर पहुंच गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,50,000 रुपये पर बंद हुई थी। सोने की चमक भी और तीखी हो गई है। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये (2.05%) की तेजी के साथ 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। शुक्रवार को यह 1,41,700 रुपये पर बंद हुआ था। उल्लेखनीय है कि ये कीमतें सभी करों को मिलाकर हैं।घरेलू बाजार में आई यह तेजी वैश्विक रुझानों का सीधा परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड ने पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया। यह 2 प्रतिशत बढ़कर 4,601.69 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 84.61 डॉलर प्रति औंस हो गई। लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा, “सोने ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है और 4,600 डॉलर के स्तर को पार कर लिया है, जबकि चांदी में और भी तेज उछाल देखा गया है, जो जोखिम-संवेदनशील वातावरण में इसके ‘हायर बीटा’ को दर्शाता है”।बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे मुख्य रूप से दो कारक हैं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 13, 2026 · 2 min · National Desk