अखिलेश यादव बोले: भाजपा नेता अपराधियों और भ्रष्टाचारियों से मिले, इस सरकार में नहीं खत्म होगा अपराध

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर हैं। हत्या, लूट, चोरी, डकैती और बलात्कार की घटनाएं हर दिन हो रही हैं। हर विभाग और हर कार्य में लूट मची है। भाजपा सरकार अपराध और भ्रष्टाचार को रोकने में पूरी तरह से विफल है। अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि कानून-व्यवस्था, अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार का जीरो टॉलरेंस का दावा जीरो है। सीतापुर में सेवानिवृत लेखपाल के घर परिवार को बंधक बनाकर 17 लाख की डकैती हो गई। अम्बेडकरनगर में अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित गांधी आश्रम में दिनदहाड़े एक महिला की गला रेता कर हत्या कर दी गई।पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार के रहते न अपराध रुक सकता है और न भ्रष्टाचार, क्योंकि भाजपा के नेता अपराधियों और भ्रष्टाचारियों से मिले हुए हैं। भाजपा सरकार में जल जीवन मिशन में भारी भ्रष्टाचार हुआ। कई जिलों में पानी की टंकियां टूट कर ध्वस्त हो गईं। चित्रकूट में कोषागार में 43 करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ।उन्होंने कहा कि गोंडा में यूपी कोऑपरेटिव बैंक में 21 करोड़ से ज्यादा रुपये का घोटाला हुआ। कोडीन कफ सिरप का मामला देशव्यापी है। भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई चौतरफा भ्रष्टाचार, घोटाला और सरकारी बजट की लूट चल रही है।उधर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सोमवार को मुजफ्फरनगर व शामली के दो नौजवान पहलवानों मोंटी मलिक और नवीन बालियान ने मुलाकात की। दोनों ने कहा कि सपा सरकार में पहलवानों को खेल पुरस्कार और यश भारती से सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर सांसद हरेंद्र मलिक और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी भी उपस्थित रहे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने से रोक पाएगा यूरोप: हमला हुआ तो नाटो का क्या होगा, डेनमार्क की तैयारी कैसी?

अमेरिका को ग्रीनलैंड पर कब्जा करने से रोक पाएगा यूरोप: हमला हुआ तो नाटो का क्या होगा, डेनमार्क की तैयारी कैसी? विस्तार Follow Us और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं रक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका आने वाले समय में व्यापार और सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिशों को और तेज कर सकता है। अगर ट्रंप डेनमार्क शासित ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई की कोशिश करते हैं तो पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) में ही फूट पड़ सकती है। ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका किस तरह की तैयारियां कर रहा है? ग्रीनलैंड के बचाव के लिए यूरोप ने किस तरह से कमर कसी है, उसकी ताकत कितनी है? अगर ग्रीनलैंड को लेकर टकराव की स्थिति पैदा होती है तो नाटो का क्या भविष्य हो सकता है? इसके अलावा विशेषज्ञ इस मुद्दे पर क्या कहते हैं? आइये जानते हैं… रक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका आने वाले समय में व्यापार और सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर ग्रीनलैंड पर कब्जे की कोशिशों को और तेज कर सकता है। अगर ट्रंप डेनमार्क शासित ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई की कोशिश करते हैं तो पश्चिमी देशों के सैन्य गठबंधन नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन (नाटो) में ही फूट पड़ सकती है।ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ग्रीनलैंड क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

BMC Reservation: मुंबई मेयर पद के लिए सियासत जारी, 22 जनवरी को लॉटरी से तय किया जाएगा महानगरपालिका का आरक्षण

मुंबई महानगरपालिका में मेयर पद को लेकर चल रही राजनीतिक सरगर्मियों के बीच अब तस्वीर साफ होने की दिशा में कदम बढ़ गया है। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों में मेयर चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत 22 जनवरी को मुंबई के मेयर पद के आरक्षण को लेकर लॉटरी निकाली जाएगी। इस फैसले के बाद सियासी हलचल और तेज हो गई है। 15 जनवरी को हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 227 में से 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। लगभग 30 वर्षों बाद ठाकरे परिवार के गढ़ से सत्ता भाजपा गठबंधन के हाथ से निकल गई। भाजपा की सहयोगी, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी 65 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को कुल छह सीटें प्राप्त हुईं। शहरी विकास विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक यह लॉटरी राज्य सचिवालय में होगी। महाराष्ट्र में मेयर का चुनाव पार्षदों द्वारा किया जाता है और यह पद रोटेशन के आधार पर आरक्षित होता है। लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि मेयर पद सामान्य वर्ग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।आरक्षण की श्रेणी तय होने के बाद उसी वर्ग के योग्य उम्मीदवार मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में चुनाव कराया जाएगा। जिस उम्मीदवार को सदन की कुल संख्या के आधे से ज्यादा पार्षदों का समर्थन मिलेगा, वही मेयर चुना जाएगा। यदि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है, तो गठबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अन्य दलों की स्थिति और प्रतीकात्मक अहमियत कांग्रेस को 24, एआईएमआईएम को आठ, अज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Varanasi News: मणिकर्णिका घाट पर प्रदर्शन करने पहुंचे पाल समाज के लोग, पुलिस ने 17 लोगों को उठाया

वाराणसी जिले में मणिकर्णिका घाट विवाद का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पाल समाज के लोग मणिकर्णिका घाट पर धरना प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान वे रानी अहिल्याबाई अमर रहे का नारा लगा रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और 17 लोगों को चौक थाने उठा कर ले गई। पुलिस इन पर विधिक कार्रवाई कर रही है। इस दौरान पाल समाज के लोगों और पुलिस के बीच कहासुनी भी हुई। मणिकर्णिका घाट पर टिप्पणी और एआई जनरेटेड वीडियो साझा किए जाने के मामले में कमिश्नरेट की पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित कुंभ महादेव मंदिर का वीडियो मणिकर्णिका घाट का बताकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया जो तेजी से वायरल हो रहा है। इसका संज्ञान चौक थाने की पुलिस ने लिया और आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सहित आठ लोगों को नोटिस दिया है। इन सबको तीन दिन के भीतर बयान दर्ज कराने के लिए चौक थाने बुलाया गया है। इससे पहले पुलिस ने शनिवार को दो सांसद सहित आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी।डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि खंडित मूर्ति और मंदिरों को बेवजह ही मणिकर्णिका घाट से जोड़ कर वायरल किया जा रहा है। कुंभ महादेव का मंदिर सुरक्षित है। नियमित रूप से पूजा हो रही है फिर भी मंदिर को खंडित बताया जा रहा है। यह मंदिर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर में स्थापित है। यह धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश है। ऐसे पोस्ट, टिप्पणी करने वालों की पहचान की जा रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Nitin Nabin: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे नितिन नवीन के बारे में 5 खास बातें; कहां से शुरू हुआ था सफर?

भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अकेला नामांकन भरा। वह बिहार से पहले ऐसे नेता हैं, जिन्हें भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की इस प्रक्रिया में भाग होने के लिए भाजपा के सभी मुख्यमंत्री, पार्टी की राज्य इकाइयों के प्रमुख और अन्य प्रमुख नेता पार्टी मुख्यालय में एकत्रित हुए। एक ही नामांकन हुआ। इस तरह नितिन 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुन लिए जाएंगे, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि “नितिन नवीन जी ने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। वह एक युवा और कर्मठ नेता हैं, जिन्हें संगठनात्मक अनुभव का भरपूर लाभ है और बिहार में विधायक और मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल प्रभावशाली रहा है। उन्होंने जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अथक परिश्रम किया है। वह अपने विनम्र स्वभाव और व्यावहारिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। मुझे विश्वास है कि उनकी ऊर्जा और समर्पण आने वाले समय में हमारी पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे।” वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव हो, या बिहार में प्रदेश युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष या छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी, उन्होंने संगठन के हर दायित्व को पूरी निष्ठा और सफलता से निभाया है। बिहार में पांच बार विधायक एवं प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में उनके पास जनता के बीच लम्बे समय से कार्य करने का अनुभव है।नितिन नवीन भाजपा के बड़े नेताओं से एक और जेपी आंदोलन से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

आतंक पर जयशंकर की दो टूक: पोलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ की बैठक, कहा- पड़ोस में आतंकी ढांचे को बढ़ावा न दें

जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की से स्पष्ट बात रखी। उन्होंने कहा कि पोलैंड भारत के क्षेत्र और उसकी सुरक्षा चुनौतियों से भली-भांति परिचित है। सीमा पार आतंकवाद पर पोलैंड से साफ और संतुलित रुख अपनाने की अपेक्षा जताई। भारत के पड़ोस में सक्रिय आतंकी ढांचे को किसी भी तरह का समर्थन न देने पर जोर दिया। राजनीतिक या कूटनीतिक स्तर पर आतंक से जुड़े ढांचों को समर्थन अस्वीकार्य बताया। जयशंकर का यह संदेश उस पृष्ठभूमि में आया है, जब पिछले साल अक्तूबर में पोलैंड और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में कश्मीर का उल्लेख किया गया था। इसे लेकर भारत ने असंतोष जताया। बैठक में जयशंकर ने न सिर्फ आतंकवाद पर चिंता रखी, बल्कि यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत पर हो रहे चुनिंदा और अनुचित हमलों पर भी नाराजगी जताई।बैठक में विदेश मंत्री ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर भारत पर हो रही आलोचना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर भारत को बार-बार निशाना बनाया जाना न तो उचित है और न ही न्यायसंगत। इस पर पोलैंड के विदेश मंत्री ने भी सहमति जताते हुए माना कि कुछ मामलों में भारत को चुनिंदा तौर पर टारगेट किया गया है।जयशंकर ने दोनों देशों के रिश्तों में आई मजबूती को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 में नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के बाद द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिला। व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ तकनीक और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारत-पोलैंड व्यापार करीब 7 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और भारतीय निवेश से पोलैंड में रोजगार के नए अवसर बने हैं।जयशंकर ने भारत और पोलैंड के ऐतिहासिक मानवीय संबंधों का भी जिक्र किय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Unnao Case: हाईकोर्ट से सेंगर को बड़ा झटका, पीड़िता के पिता की मौत मामले में जमानत याचिका खारिज

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं सेंगर की अपील पर पीड़िता की दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका बीते दिनों उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की इस याचिका के माध्यम से पीड़िता ने पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर की सजा के खिलाफ दायर अपील में अतिरिक्त सामग्री पेश करने की मांग की है। पीड़िता का उद्देश्य अदालत में ऐसे तथ्य और दस्तावेज प्रस्तुत करना है जो हालिया घटनाक्रमों को दर्शाते हों। साथ ही, वह खुद और अपने परिवार को जान के खतरे की बात को भी अदालत के सामने रखना चाहती है। दिल्ली हाईकोर्ट से सोमवार को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका खारिज हो गई है। यह फैसला हाईकोर्ट की ओर से सुनाया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 1 min · National Desk

Union Budget 2026: बजट के हर एक रुपये की पाई-पाई का हिसाब, आंकड़ों से समझिए क्या है कमाई-खर्च का पूरा गणित

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट लोकसभा में पेश किया था। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के इस पहले पूर्ण बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी थीं। सरकार ने आयकर को लेकर बड़े एलान किए थे, जिससे मध्यम और वेतनभोगी वर्ग को राहत मिलने की बात कही गई थी। इन सबके बीच लोग अक्सर बजट को लेकर चर्चा तो करते रहे, लेकिन बजट में पैसा कहां से आता है और कहां जाता है, यह हिसाब ठीक से नहीं समझ पाते थे। सरकार के पास आने वाले हर एक रुपये में कितना पैसा कहां से आया? सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में आम लोगों के लिए क्या था, इसे सही तरीके से समझने के लिए उसके पाई-पाई के हिसाब को समझना जरूरी है। आइए पूर्व के आंकड़ों से समझते हैं सरकार पैसा कहां से लाती है और कहां खर्च करती है… वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 01 फरवरी को 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया था। इस बजट को आधार बना कर देखें तो हम यह समझ सकेंगे कि बजट के हर एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया और कहां गया… एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया? बजट में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, सरकार ने एक रुपये का 24 पैसा उधारी और अन्य प्रकार की देयताओं (Borrowings & Other Liabilities) के जरिए जुटाया था। उधारी के बाद सरकार के खाते में सबसे ज्यादा राशि आयकर (Income Tax) से आई थी। इस मद से सरकार को एक रुपये के 22 पैसे मिले थे। इसके बाद माल और सेवा कर (GST) और अन्य करों की वसूली से सरकार को 18 पैसे से अधिक की आमदनी हुई थी। कंपनियों पर लगने वाले कर यानी निगम कर (Corporation Tax) के जरिए सरकार ने एक रुपये के 17 पैसे जुटाए थे। बजट 2024 के आंकड़ों के अनुसार, करों के अलावा अन्य स्रोतों (Non-Tax …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी में गरजा बुलडोजर: मेडिकल कॉलेज में 10 मजारें की गईं ध्वस्त... पुलिस बल रहा मौजूद, जानें पूरा मामला

यूपी के बहराइच में महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी 10 छोटी मजारों पर सोमवार को बुलडोजर चला। जिला प्रशासन ने इन्हें ध्वस्त करा दिया। इनको 24 साल पहले तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने अवैध बताया था। इसके बाद इसका संचालन करने वाले लोगों ने कमिश्नर ने यहां अपील की थी। लेकिन, सात साल पहले 2019 में कमिश्नर ने भी तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को सही करार दिया था। इसके बाद अब ये कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी कार्यालय के पास स्थित मेडिकल कालेज से लगी रसूल शाह बासवाडी का अस्ताना है। इसमें पहले सिर्फ दो मजारें थी, जो वक्फ बोर्ड में दर्ज हैं। इसकी देखरेख करने वाले लोगों ने करीब 10 अन्य छोटी मजारें बाद में स्थापित कर दीं। इन मजारों को सन 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने अवैध बताया। इनके ध्वस्तीकरण के आदेश दिए।इसके बाद कमेटी ने जिलाधिकारी के यहां अपील की। 2004 में ये अपील भी खारिज हो गई। फिर संबंधित पक्ष ने मंडलायुक्त के यहां आदेश के खिलाफ अपील की। 2019 में वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद कमेटी ने प्रशासन से इसको स्वयं हटाने की बात कही। वर्ष 2023 में मेडिकल कालेज बनने के बाद ये मजार उसके परिसर में आ गई थीं।नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि 10 जनवरी 2026 को संबंधित पक्ष को अवैध मजारों को 17 जनवरी तक हटाने का नोटिस दिया गया था। लेकिन, मजारों को न हटाने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में इन मजारों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सिर्फ दो मजारे ही वैध रूप से वक्फ बोर्ड में दर्ज थीं। उन्हें छोड़कर अन्य मजारों को हटा दिया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: विजय शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा- मुकदमा चलाने की मंजूरी देनी है या नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर दो हफ्ते के भीतर फैसला करे। यह मामला कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ उनके आपत्तिजनक बयानों से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि विशेष जांच टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट जमा कर दी है। अब राज्य सरकार की मंजूरी का इंतजार है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 196 (साम्प्रदायिक नफरत फैलाना) के तहत कार्रवाई के लिए जरूरी है। एसआईटी ने शाह के अन्य कथित आपत्तिजनक बयानों का भी हवाला दिया है और कोर्ट ने इसके लिए भी रिपोर्ट मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में शाह के वरिष्ठ वकील ने कहा कि शाह ने अपनी माफी दर्ज कराई है और जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, कोर्ट ने माफी को रिकॉर्ड पर स्वीकार नहीं किया और कहा कि यह बहुत देर से दी गई है। इससे पहले, कोर्ट ने उनकी सार्वजनिक माफी को ‘घड़ियाली आंसू’ बताते हुए इसे कानूनी जिम्मेदारी से बचने का तरीका माना था। गौरतलब है कि यह मामला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उठकर सामने आया, जब शाह ने कर्नल कुरैशी के खिलाफ विवादित बयान दिए। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद शाह ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने उनके बयानों की निंदा करते हुए SIT जांच के आदेश दिए और फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।सुप्रीम कोर्ट में आज शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की याचिका पर सुनवाई होगी। मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें असमान संपत्ति मामले में जमानत नहीं दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाईकोर्ट के फै …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

January 19, 2026 · 2 min · National Desk