Jammu Kashmir: एंटी-नेशनल गतिविधियों के आरोप में सरकार का सख्त कदम, जल शक्ति विभाग के तीन कर्मचारी बर्खास्त

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में जल शक्ति विभाग के तीन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सेवा से हटाए गए कर्मचारियों में दो कर्मचारी किश्तवाड़ जिले के और एक कर्मचारी अनंतनाग जिले का निवासी है। किश्तवाड़ से संबंधित कर्मचारियों की पहचान लियाकत अली भगवन और कौसर हुसैन के रूप में हुई है, जबकि अनंतनाग के कर्मचारी का नाम शौकत अहमद जरगर बताया गया है।अधिकारियों ने बताया कि इन कर्मचारियों के खिलाफ राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर गंभीर आरोप सामने आए थे, जिसके बाद प्रशासन ने मामले की समीक्षा करते हुए उन्हें विभागीय सेवा से अलग करने का निर्णय लिया।प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सरकार किसी भी प्रकार की राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाए हुए है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 1 min · National Desk

IAF: अरुणाचल के पासीघाट के जंगल में लगी आग बुझाने के मिशन पर आईएएफ, हेलीकॉप्टर से गिराया 66,000 लीटर पानी

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने मंगलवार को पासीघाट के मेबो और सिगार क्षेत्रों में लगी भीषण जंगल की आग से निपटने के लिए एक एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर तैनात किया। इसके साथ ही आग पर काबू पाने के लिए 66,000 लीटर पानी छोड़ा। यह भी पढ़ें- ओडिशा में 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव: चार सीटों पर पांच उम्मीदवार मुकाबले में, किसी ने भी वापस नहीं लिया नाम एक एक्स पोस्ट में, भारतीय वायु सेना ने उन क्षेत्रों में फैली भीषण आग की तस्वीरें और वीडियो साझा किए। इसके साथ ही एमआई-17 वी 5 हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने के प्रयासों को भी दिखाया। पोस्ट में लिखा था, “#IAF ने अरुणाचल प्रदेश में तुरंत प्रतिक्रिया और सटीक परिचालन क्षमता का प्रदर्शन करते हुए पासीघाट के मेबो और सिगार क्षेत्रों में लगी भीषण जंगल की आग से निपटने के लिए Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किया। कई उड़ानों के दौरान, आईएएफ ने आग पर काबू पाने और आसपास की बस्तियों को बचाने के लिए 66,000 लीटर पानी छोड़ा।” #IAF demonstrated rapid response & operational precision in Arunachal Pradesh, deploying a Mi-17 V5 helicopter to battle a major forest fire in the Mebo & Sigar areas of Pasighat. Over multiple sorties, the IAF released 66,000 litres of water to contain the blaze and protect… pic.twitter.com/ZeG57nz3qG— Indian Air Force (@IAF_MCC) March 10, 2026 इससे पहले 18 फरवरी को, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने पूर्वोत्तर में दो अलग-अलग मोर्चों पर भयंकर जंगल की आग से मुकाबला किया। इसमें दुर्गम इलाकों और बेहद कठिन उड़ान परिस्थितियों में भारी-भरकम हेलीकॉप्टरों को तैनात किया गया।अरुणाचल प्रदेश के वालॉन्ग में, भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk

Pakistan: ईरान में जारी जंग से घबराया पाकिस्तान, शहबाज सरकार ने बचने के लिए क्यों उतारी नौसेना? जानें मामला

ईरान में जारी संघर्ष और समुद्री मार्गों पर बढ़ते सुरक्षा जोखिम के बीच पाकिस्तान ने अपने व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान नौसेना ने ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर शुरू किया है, जिसके तहत देश के व्यापारी जहाजों को नौसेना के युद्धपोतों की सुरक्षा में ले जाया जा रहा है। क्या है यह ऑपरेशन? पाकिस्तान नौसेना के अनुसार, क्षेत्र में बदलते समुद्री सुरक्षा हालात और अहम समुद्री मार्गों पर संभावित खतरे को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को निर्बाध बनाए रखना है। पाकिस्तान को यह कदम क्यों उठाना पड़ा? नौसेना के अनुसार यह एस्कॉर्ट ऑपरेशन पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉरपोरेशन (PNSC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है। फिलहाल पाकिस्तान नौसेना के जहाज दो व्यापारी पोतों को सुरक्षा दे रहे हैं, जिनमें से एक जहाज आज कराची पहुंचने वाला है। दरअसल पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है और उसका करीब 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। ऐसे में क्षेत्रीय युद्ध के कारण तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इसी वजह से पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचत के कई कदम भी उठाए हैं। पाकिस्तान के तेल भंडार पर बड़े-बड़े दावों की खुली पोल पाकिस्तान नौसेना ने कहा है कि वह समुद्री स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राष्ट्रीय शिपिंग, ऊर्जा आपूर्ति तथा क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच पिछले दिनों खबर आई थी कि पाकिस्तान में पेट्रोलियम उत्पादों के भंडार को लेकर नया विवाद हो रहा है। पाकिस्तान पेट्रोलियम डील …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk

Uttarakhand Budget Session Live: सत्र का आज दूसरा दिन, प्रश्नकाल में गरमाएगा सदन, कई अध्यादेश आएंगे

हल्द्वानी के आईएसबीटी और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की खामियों को लेकर गैरसैण विधानसभा परिसर में हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश व विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेसी धरने पर बैठे हैं। इस बार पक्ष-विपक्ष के विधायकों के 600 प्रश्न मिले हैं। आज प्रश्नकाल होगा जिसमें विधायकों के प्रश्नों से सदन गरमाएगा। मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को सदन के पटल पर रखेंगे। आज दूसरे दिन प्रश्नकाल होगा। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और कैग की सात रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएंगी। इसके साथ ही चार अध्यादेश भी सदन पटल पर खे जाएंगे। 10:07 AM, 10-Mar-2026 Uttarakhand Budget Session Live: सत्र का आज दूसरा दिन, प्रश्नकाल में गरमाएगा सदन, कई अध्यादेश आएंगे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। सोमवार को पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बजट के आकार में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं आज दूसरे दिन प्रश्नकाल होगा। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट और कैग की सात रिपोर्ट सदन पटल पर रखी जाएंगी। इसके साथ ही चार अध्यादेश भी सदन पटल पर खे जाएंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 1 min · National Desk

ईरान का खतरनाक प्लान हुआ फेल?: अमेरिकी एजेंसी का दावा- स्लीपर सेल को सक्रिय करने का खुफिया संदेश पकड़ा

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ऐसे में उग्र होते हालात के बीच अब अमेरिका के खुफिया एजेंसियों का बड़ा दावा सामने आया है। दावा यह किया जा रहा है कि दोनों तरफ से बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने एक कोडेड संदेश पकड़ा है। इस संदेश को ईरान से भेजा गया बताया जा रहा है। यह संदेश एन्क्रिप्टेड था। मतलब, इसे केवल वे लोग पढ़ सकते हैं जिनके पास इसका कोड है। संदेश कई देशों में भेजा गया। इसके लिए एक नया रेडियो स्टेशन का इस्तेमाल हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित होता है। अभी तक इस संदेश का पूरा मतलब नहीं पता चला है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि यह संदेश विदेशों में पहले से मौजूद स्लीपर सेल यानी छिपे हुए एजेंट को सक्रिय करने के लिए हो सकता है। बताया जा रहा है कि यह संदेश 28 फरवरी को आया। यह वही दिन था जब अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातल अली खामेनेई की मौत हो गई थी। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस समय ईरान और अमेरिका‑इस्राइल के बीच तनाव बढ़ गया था।बता दें कि स्लीपर सेल वे गुप्त लोग होते हैं जो किसी देश के अंदर या बाहर पहले से रहते हैं। ये आम तौर पर शांत रहते हैं और किसी भी काम में नहीं आते। लेकिन अगर उन्हें कोई संकेत या आदेश मिलता है तो ये अचानक सक्रिय होकर कोई मिशन पूरा कर सकते हैं।कथित ईरान के संदेश को लेकर किए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk

MP News: मल्होत्रा से पहले तीन भाजपा विधायकों का चुनाव भी हो चुका शून्य, एक को मिली राहत, दो की विधायकी गई

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त हो गया है। मल्होत्रा से पहले भी प्रदेश में तीन विधायकों के चुनाव/ विस सदस्यता पर न्यायालयीन कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से एक को राहत मिली, जबकि दो की विधायकी चली गई थी। प्रदेश में मुकेश मल्होत्रा से पहले तीन विधायकों की सदस्यता को कोर्ट शून्य घोषित कर चुकी है। ये तीनों ही भाजपा की सीट पर विधायक चुने गए थे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 1 min · National Desk

ओडिशा में 12 साल बाद राज्यसभा चुनाव: चार सीटों पर पांच उम्मीदवार मुकाबले में, किसी ने भी वापस नहीं लिया नाम

ओडिशा में सोमवार को राज्यसभा चुनाव की नामांकन वापसी की आखिरी तारीख शांतिपूर्ण रही, क्योंकि किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। इस वजह से 4 सीटों के लिए 5 उम्मीदवार सीधे मुकाबले में हैं। ओडिशा में 12 साल बाद यह पहली बार है जब राज्य की विधानसभा में इसके लिए वोटिंग होगी। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद 20 मार्च तक है, जिससे राजनीतिक पटल पर बहस और सियासी रणनीतियों की भूमिका अहम बनेगी। ओडिशा में राज्यसभा के लिए चार सीटों के लिए होने वाली वोटिंग के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में है। भाजपा की ओर से मनमोहन समाल और सुजीत कुमार, बीडेडी की ओर से संत्रुप्त मिश्रा और यूरोलॉजिस्ट दत्तेश्वर होटा और स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर दिलीप रे अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं।बता दें कि ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। वर्तमान संख्या के हिसाब से भाजपा के पास 79 विधायक और 3 स्वतंत्र समर्थक है, जिसके बाद पार्टी की दो सीट लगभग पक्की मानी जा रही है। वहीं बात अगर बीजेडी की करें तो पार्टी के पास 48 विधायक है, जिससे एक सीट की उम्मीद ज्यादा है। ऐसे में चौथी सीट के लिए मुकाबला लगभग-लगभग तय माना जा रहा है। गौर करने वाली बात यह है कि भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों के अलावा स्वतंत्र उम्मीदवार दिलीप रे को भी समर्थन दिया है, जबकि कांग्रेस और सीपीआई (एम) ने होटा का समर्थन किया है।कांग्रेस अध्यक्ष भक्ता चरण दास ने कहा कि कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए पहले प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया और दो और सत्र करेंगे। बीजेडी विधायक ध्रुबा चरण साहू ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह स्वतंत्र उम्मीदवार को समर्थन देकर घोड़े बेचने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk

क्रिकेट का जादूगर: जसप्रीत बुमराह क्यों कहलाने लगे गेंदबाजी के 'सचिन तेंदुलकर'? दो अलग कलाएं, मगर असर एक जैसा

1 of 10 जसप्रीत बुमराह और सचिन तेंदुलकर - फोटो : IANS/ANI Link Copied कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह भारतीय गेंदबाजी के ‘सचिन तेंदुलकर’ हैं। दोनों की कला अलग है, एक बल्ले से जादू करता था, दूसरा गेंद से, लेकिन प्रभाव, क्रिकेटिंग समझ और बड़े मौकों पर प्रदर्शन की क्षमता के मामले में दोनों में अद्भुत समानता दिखती है। भारतीय क्रिकेट में जब महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सबसे पहले नाम सचिन तेंदुलकर का लिया जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया, वह आज भी बेमिसाल है, लेकिन अगर गेंदबाजी की बात की जाए तो आज के दौर में एक ऐसा खिलाड़ी है जिसकी तुलना सचिन के प्रभाव से की जा सकती है, और वह खिलाड़ी हैं जसप्रीत बुमराह। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 10 सचिन और बुमराह - फोटो : ANI अलग कला, मगर प्रभाव एक जैसा सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की और 24 साल तक खेलते रहे। वहीं बुमराह का करियर शायद इतना लंबा न हो, लेकिन जिस तरह उन्होंने कम समय में प्रभाव छोड़ा है, वह असाधारण है। दोनों खिलाड़ियों में एक बात बेहद समान है, अपने खेल पर जबरदस्त नियंत्रण। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, दोनों अपने कौशल के ऐसे उस्ताद रहे हैं जो मैच की दिशा बदल सकते हैं। बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करना भी उनकी खासियत रही है। सचिन जब मैदान में उतरते थे तो विपक्षी टीम दबाव में आ जाती थी। आज वही स्थिति बुमराह के साथ देखने को मिलती है, खासकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में। 3 of 10 सचिन और बुमराह - फोटो : ANI प्रैक्टिस का अनोखा तरीका सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दिनों को देखने वाले लोगों को याद होगा कि उन्होंने अपने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: तेहरान पर भीषण बमबारी, कई शहरों में जोरदार धमाके; ट्रंप बोले- युद्ध खत्म होने के करीब

07:22 AM, 10-Mar-2026 इराक के किरकुक के पास ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकाने पर हवाई हमला इराक के किरकुक प्रांत के उत्तर-पश्चिम इलाके में ईरान समर्थित मिलिशिया के एक ठिकाने पर हवाई हमला किया गया है। इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार यह हमला पॉपुलर मोबिलाइजेशन यूनिट्स (पीएमयू) की 40वीं ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाकर किया गया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया। पीएमयू, जिसे अल-हश्द अल-शाबी भी कहा जाता है, शिया सशस्त्र समूहों का एक बड़ा गठबंधन है। इन समूहों का गठन उस समय हुआ था जब इराक में अमेरिकी कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध तेज हुआ था। हालिया हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इराक के किरकुक प्रांत के उत्तर-पश्चिम इलाके में ईरान समर्थित मिलिशिया के एक ठिकाने पर हवाई हमला किया गया है। इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार यह हमला पॉपुलर मोबिलाइजेशन यूनिट्स (पीएमयू) की 40वीं ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाकर किया गया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किसने किया। पीएमयू, जिसे अल-हश्द अल-शाबी भी कहा जाता है, शिया सशस्त्र समूहों का एक बड़ा गठबंधन है। इन समूहों का गठन उस समय हुआ था जब इराक में अमेरिकी कब्जे के खिलाफ प्रतिरोध तेज हुआ था। हालिया हमले के बाद क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। 07:22 AM, 10-Mar-2026 बहरीन का हवाई क्षेत्र बंद, शुरू हुई विशेष उड़ानें ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण बहरीन का हवाई क्षेत्र अब भी बंद है। इस बीच राष्ट्रीय एयरलाइन गल्फ एयर ने देश में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष प्रत्यावर्तन उड़ानें शुरू की हैं। ये वे यात्री हैं जो 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल द्व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत सरकार का बड़ा कदम: LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश, घरेलू उपभोक्ताओं को दी प्राथमिकता

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने रसोई गैस की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने देश की तेल रिफाइनरियों को एलपीजी यानी रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाए। सरकार का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का संकट और गहराता है तो ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी जरूरी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। भारत अपनी बड़ी एलपीजी जरूरत आयात से पूरी करता है और इसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है। इसी वजह से सरकार ने रिफाइनरियों को अधिक एलपीजी उत्पादन करने और अतिरिक्त गैस को घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होती है तो सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत पूरी की जाएगी। इसी उद्देश्य से घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतर अनिवार्य किया गया है। यह कदम जमाखोरी और घबराहट में ज्यादा सिलेंडर बुक करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए उठाया गया है।भारत की बड़ी मात्रा में एलपीजी और कच्चा तेल पश्चिम एशिया से आयात होता है। इन आपूर्तियों का बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने पर इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ जाता है, ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 10, 2026 · 2 min · National Desk