1 of 10 जसप्रीत बुमराह और सचिन तेंदुलकर - फोटो : IANS/ANI Link Copied कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह भारतीय गेंदबाजी के ‘सचिन तेंदुलकर’ हैं। दोनों की कला अलग है, एक बल्ले से जादू करता था, दूसरा गेंद से, लेकिन प्रभाव, क्रिकेटिंग समझ और बड़े मौकों पर प्रदर्शन की क्षमता के मामले में दोनों में अद्भुत समानता दिखती है। भारतीय क्रिकेट में जब महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सबसे पहले नाम सचिन तेंदुलकर का लिया जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया, वह आज भी बेमिसाल है, लेकिन अगर गेंदबाजी की बात की जाए तो आज के दौर में एक ऐसा खिलाड़ी है जिसकी तुलना सचिन के प्रभाव से की जा सकती है, और वह खिलाड़ी हैं जसप्रीत बुमराह। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 10 सचिन और बुमराह - फोटो : ANI अलग कला, मगर प्रभाव एक जैसा सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की और 24 साल तक खेलते रहे। वहीं बुमराह का करियर शायद इतना लंबा न हो, लेकिन जिस तरह उन्होंने कम समय में प्रभाव छोड़ा है, वह असाधारण है। दोनों खिलाड़ियों में एक बात बेहद समान है, अपने खेल पर जबरदस्त नियंत्रण। चाहे बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, दोनों अपने कौशल के ऐसे उस्ताद रहे हैं जो मैच की दिशा बदल सकते हैं। बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करना भी उनकी खासियत रही है। सचिन जब मैदान में उतरते थे तो विपक्षी टीम दबाव में आ जाती थी। आज वही स्थिति बुमराह के साथ देखने को मिलती है, खासकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में। 3 of 10 सचिन और बुमराह - फोटो : ANI प्रैक्टिस का अनोखा तरीका सचिन तेंदुलकर के शुरुआती दिनों को देखने वाले लोगों को याद होगा कि उन्होंने अपने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
क्रिकेट का जादूगर: जसप्रीत बुमराह क्यों कहलाने लगे गेंदबाजी के 'सचिन तेंदुलकर'? दो अलग कलाएं, मगर असर एक जैसा
1 of 10 जसप्रीत बुमराह और सचिन तेंदुलकर - फोटो : IANS/ANI Link Copied कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह भारतीय गेंदबाजी के 'सचिन तेंदुलकर' हैं। दोनों की कला अलग है, एक बल्ले से जादू करता था, दूसरा गेंद से, लेकिन प्रभाव, क्रिकेटिंग समझ और बड़े मौकों पर प्रदर्शन की क्षमता के मामले में दोनों में अद्भुत समानता दिखती है। भारतीय क्रिकेट में जब महान खिलाड़ियों की चर्चा होती है तो सबसे पहले नाम सचिन तेंदुलकर का लिया जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया, वह आज भी बेमिसाल है, लेक