फिर भिगेगा दिल्ली-NCR: कल करवट लेगा मौसम, बरसेंगे बदरा; दिन में गर्मी और रात को होगा सर्दी का एहसास

दिल्ली के साथ एनसीआर में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मार्च को बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदल जाएगा। ऐसे में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती है। यही नहीं, इस दिन आसमान बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। बदलते मौसम के चलते लोगों को दिन में गर्मी और शाम के समय हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है। और पढ़ें …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 1 min · National Desk

होर्मुज संकट की चपेट में श्रीलंका: पेट्रोल की कीमतें 400 श्रीलंकाई रुपये के पार, फिर बढ़ा महंगाई का खतरा

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का सीधा असर अब श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच श्रीलंका सरकार ने ईंधन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट गहरा गया है और तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। सरकार ने आधी रात से नई कीमतें लागू कर दीं। यह एक हफ्ते में दूसरी और 1 मार्च के बाद तीसरी बढ़ोतरी है। इस फैसले से पेट्रोल, डीजल और केरोसीन सभी महंगे हो गए हैं। इससे आम जनता, ट्रांसपोर्ट और उद्योग पर सीधा असर पड़ने वाला है।नई कीमतों के अनुसार ऑटो डीजल 303 श्रीलंकाई रुपये से बढ़कर 382 रुपये प्रति लीटर हो गया, यानी करीब 79 श्रीलंकाई रुपये की बढ़ोतरी। सुपर डीजल 353 से बढ़कर 443 श्रीलंकाई रुपये हो गया, यानी 90 श्रीलंकाई रुपये महंगा। पेट्रोल 92 ऑक्टेन 317 से बढ़कर 398 श्रीलंकाई रुपये हुआ, यानी 81 श्रीलंकाई रुपये की वृद्धि। पेट्रोल 95 ऑक्टेन 365 से बढ़कर 455 श्रीलंकाई रुपये हो गया, यानी 90 रुपये महंगा। वहीं, केरोसीन 195 से बढ़कर 255 श्रीलंकाई रुपये पहुंच गया, यानी 60 श्रीलंकाई रुपये की बढ़ोतरी हुई।इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता युद्ध है। अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में तनाव फैल गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है, प्रभावित हुआ है। इससे वैश्विक सप्लाई बाधित हुई और कीमतें तेजी से बढ़ गईं।ईंधन महंगा होने से सबसे ज्यादा असर ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ा है। निजी बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर किराया नहीं बढ़ाया गया तो 90 प्रतिशत बसें बंद हो सकती हैं। उन्होंने कम से कम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 2 min · National Desk

50 दिन या 100 दिन?: ईरान से जंग जारी रखने को तैयार अमेरिका, वित्त मंत्री बेसेंट बोले- जो करना पड़ेगा, करेंगे

और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि तेल की कीमतें कब कम होंगी, इस पर अभी कोई निश्चित समय नहीं बताया जा सकता। उनके मुताबिक यह 50 दिन भी लग सकते हैं और 100 दिन भी - यानी हालात पूरी तरह अनिश्चित हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 1 min · National Desk

CCS: पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए बनेगा विशेष समूह, ईंधन आपूर्ति के लिए अन्य स्रोत तैयार करने के निर्देश

करीब साढ़े तीन घंटे चली इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक सेक्टर की स्थिति की समीक्षा की। सरकार का मुख्य फोकस यह रहा कि देश में किसी भी तरह की सप्लाई बाधित न हो। इसके लिए लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने, वितरण व्यवस्था सुधारने और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी।बैठक में मंत्रियों और सचिवों का एक विशेष समूह बनाने का फैसला लिया गया, जो इस संकट से निपटने के लिए लगातार काम करेगा। साथ ही केमिकल, फार्मा, पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जरूरी आयात के वैकल्पिक स्रोत तलाशने पर जोर दिया गया। सरकार ने माना कि यह संकट सिर्फ तुरंत नहीं बल्कि मध्यम और लंबे समय तक असर डाल सकता है, इसलिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।इस अहम बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और कई मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हुए। कैबिनेट सचिव ने वैश्विक हालात और सरकारी उपायों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता जताई गई, जहां से दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल और गैस सप्लाई गुजरती है। इस रास्ते में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। सरकार ने साफ किया कि वह हालात पर लगातार नजर रख रही है और हर संभावित स्थिति के लिए तैयार है।सरकार ने कहा कि तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर कदम उ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi High-Level Meet: पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की अहम बैठक, शाह समेत पेट्रोलियम मंत्री भी हुए शामिल

बैठक में प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ कच्चे तेल, गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति की समीक्षा हुई। साथ ही बिजली और उर्वरक सेक्टर की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बैठक का मुख्य फोकस निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने, स्थिर लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करने और पूरे देश में वितरण प्रणालियों को सुव्यवस्थित करने पर था, ताकि आवश्यक सेवाओं में किसी भी तरह की रुकावट को रोका जा सके। इस दौरान अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को ईंधन की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दी।इस अहम बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस जयशंकर और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। इसके अलावा सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति पर जानकारी दी।सूत्रों के अनुसार, सरकार वैश्विक घटनाक्रम पर करीबी नजर रख रही है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उतार-चढ़ाव से उपभोक्ताओं और उद्योगों को प्रभावित न होने देने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच पर्याप्त भंडार बनाए रखने और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। यह क्षेत्र तेल और गैस आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।मुख्य समुद्री मार्गों, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित व्यवधान को लेकर भी चिंता जताई गई है, जो वैश्विक ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा संभालता है। एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 2 min · National Desk

Video: 'भले मेरा मंत्री पद ले लो, मेरे समाज के लोगों को आरक्षण दे दो', यह कहकर रोने लगे मंत्री डॉ. संजय निषाद

आरक्षण की मांग और भावनात्मक अपील मंत्री डॉ. संजय निषाद ने निषाद समाज को उसका संवैधानिक हक दिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह उनके समाज का मूलभूत अधिकार है। अपनी बात रखते हुए वे इतने भावुक हुए कि उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने सरकार से अपने समाज के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने की अपील की। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

March 22, 2026 · 1 min · National Desk

पश्चिम एशिया युद्ध के तीन हफ्ते: US-इस्राइल या ईरान, कौन जीत रहा; दुनिया पर क्या असर, किसे फायदा-किसे नुकसान?

पश्चिम एशिया युद्ध के तीन हफ्ते: US-इस्राइल या ईरान, कौन जीत रहा; दुनिया पर क्या असर, किसे फायदा-किसे नुकसान? और पढ़ें यह वीडियो/ हटाएं ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ईरान युद्ध में अब तक क्या-क्या बड़े घटनाक्रम हुए हैं? इन घटनाक्रमों का दुनिया पर क्या और किस तरह का असर पड़ा है? अपने क्षेत्र से दूर पश्चिम एशिया में संघर्ष में जुड़ने का अमेरिका पर क्या प्रभाव हुआ है? दोनों पक्षों की आगे की रणनीति क्या हो सकती है? अमेरिका और इस्राइल के लक्ष्यों में क्या मतभेद उभरे? आइये जानते हैं… इस्राइल-अमेरिका की तरफ से 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ जो जंग शुरू की गई थी, अब उसे तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि यह संघर्ष सभी लक्ष्यों को हासिल करते हुए कम से कम समय में खत्म कर लिया जाएगा। हालांकि, जिस तरह से ईरान ने इस्राइल और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पलटवार किए, उससे साफ हो गया कि अमेरिका की उम्मीदें जमीनी हकीकत पर आधारित नहीं थीं। ऐसे में जब शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका ध्यान अब इस युद्ध को समेटने पर है, तो काफी हद तक साफ हो गया कि ईरान युद्ध अभी कुछ दिन और जारी रह सकता है और अमेरिका संघर्ष खत्म करने के लिए कुछ निर्णायक कदम उठा सकता है। पहले जानें- ईरान युद्ध के तीन हफ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 2 min · National Desk

PM Modi High-Level Meet: पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की अहम बैठक, अमित शाह समेत पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। उपभोक्ता और उद्योग हितों की रक्षा के लिए सरकार वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है। पीएम मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत की। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि का दौर लेकर आएगा।प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हालिया हमलों की निंदा करते हुए कहा था कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करती हैं। प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। उन्होंने देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 1 min · National Desk

PM Modi High-Level Meet: पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की बैठक जारी, अमित शाह समेत पेट्रोलियम मंत्री भी शामिल

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। उपभोक्ता और उद्योग हितों की रक्षा के लिए सरकार वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रही है। पीएम मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा करने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए बातचीत की। दोनों नेताओं ने आशा व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि का दौर लेकर आएगा।प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हालिया हमलों की निंदा करते हुए कहा था कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करती हैं। प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया। उन्होंने देश में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 1 min · National Desk

US-Iran: दुश्मन नहीं, सिर्फ दोस्तों के लिए खुलेगा होर्मुज; ट्रंप की चेतावनी के बाद भी नहीं बदले ईरान के तेवर

ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने कहा है कि विदेशी जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरान के साथ समन्वय करना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह रास्ता सिर्फ उन देशों के लिए खुला रहेगा जो ईरान के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि मौजूदा तनाव की जड़ अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में हालात बिगड़े हैं।ईरान ने अपने बयान में दोहरा संदेश दिया है। एक तरफ वह कह रहा है कि समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा, ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो। दूसरी तरफ उसने साफ कर दिया है कि दुश्मन देशों के जहाजों को रोकने का अधिकार वह अपने पास रखता है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान होर्मुज को एक रणनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है।अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज पूरी तरह नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला कर सकता है। इस सख्त रुख के बाद भी ईरान की रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया। दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है।होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई गुजरती है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। हाल के हमलों और तनाव के कारण पहले ही ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है।ईरान के इस बयान से साफ है कि वह पूरी तरह टकराव नहीं चाहता, लेकिन दुश्मनों के लिए वो जरा सी भी नरमी नहीं बरतेगा। अमेरिका की सैन्य चेतावनी और ईरान की शर्तों के बीच हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि स्थिति कूटनीति की ओर ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

March 22, 2026 · 2 min · National Desk