शहबाज शरीफ या आसिम मुनीर: कौन संभाल रहा पाकिस्तान की कमान? पूर्व मंत्री फवाद चौधरी ने खोली PAK हुकूमत की पोल

पाकिस्तान की राजनीति में सत्ता के असली केंद्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हालिया बयानों और घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ केवल कठपुतली प्रधानमंत्री बनकर रह गए हैं। सत्ता की असली किसी और के हाथ में है। पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान का वास्तविक नेतृत्व जनरल आसिम मुनीर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फैसले सेना प्रमुख के स्तर पर हो रहे हैं। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भी हाल में मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताया, जबकि शहबाज शरीफ का जिक्र तक नहीं किया।फवाद चौधरी के बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान में राजनीतिक सत्ता और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच अंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय सभी बड़े फैसले सेना के नेतृत्व में लिए जा रहे हैं। इससे यह धारणा मजबूत होती है कि चुनी हुई सरकार की भूमिका सीमित हो गई है और असली ताकत सैन्य नेतृत्व के पास है।डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जनरल असीम मुनीर को पाकिस्तान का नेता बताने के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आ गया है। इससे पाकिस्तान की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष और विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान देश की राजनीतिक छवि को प्रभावित कर सकते हैं।फवाद चौधरी ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के तनाव का पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ रहा है। तेल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है। खासकर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए जीवन और महंगा हो गया है और आर्थिक संकट गहराता नजर आ रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

नोएडा हिंसा: साजिश के पीछे ये संगठन; 17 Whatsapp ग्रुप से भड़की आग; कंपनियों के बाहर लगे वेतन वृद्धि के बोर्ड

गौतमबुद्धनगर में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन अब खत्म ही हो चुका है। एक तरफ इस प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता संगठन का नाम आ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ डीएम ने आदेश दिया है कि अगर उपद्रव होगा तो आउटसोर्सिंग एजेंसियां ब्लैकलिस्ट होंगी। नोएडा में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे मजदूर बिगुल दस्ता नामक संगठन का नाम सामने आया। संगठन के मुख्य आरोपी रूपेश राय को पुलिस ने हिरासत में लिया है। संगठन से जुड़े कई अन्य लोगों को भी पकड़ा गया है। अब तक 17 व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान कर ली गई है। जहां से श्रमिकों के हिंसक आंदोलन को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया था।रूपेश राय बिगुल दस्ता नाम का संगठन संचालित करता है। अमर उजाला ने प्रदर्शन के दूसरे दिन यानी शनिवार को बातचीत करने का प्रयास किया था, तब संगठन के लोग श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए लगातार अपील कर रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि शुक्रवार को भी वह इस प्रदर्शन में श्रमिकों के साथ शामिल होने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनका कहना था कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था। उन्होंने कहा कि वह श्रमिकों की आवाज को बुलंद करने का प्रयास कर रहे हैं।बीते शनिवार को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के नीचे प्रदर्शन के दौरान रूपेश राय श्रमिकों को प्रदर्शन जारी रखने के लिए कहते हुए नजर आ रहा है। जबकि आज सेक्टर-84 स्थित उद्योगों में शांतिपूर्वक श्रमिक काम पर लौट आए हैं। बीते दिनों बने तनाव के बाद फिर कंपनी में काम कर रहे हैं। सरकार के वेतन बढ़ाने के आदेश का असर दिख रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

ईरान से आई अच्छी खबर: दुनिया के लिए ट्रंप ने खोला होर्मुज का रास्ता, चीन के साथ तेल की कीमतों पर बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को स्थायी रूप से खोल दिया है। उन्होंने लिखा ‘चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज स्ट्रेट को स्थायी रूप से खोल रहा हूं। मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं और दुनिया के लिए भी। ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं होगी। वे ईरान को हथियार न भेजने पर सहमत हो गए हैं। जब मैं कुछ हफ्तों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वहां जाऊंगा तो मुझे जोरदार गले लगाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान से जुड़े संघर्ष के खत्म होने के बाद वैश्विक तेल कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। फॉक्स न्यूज की पत्रकार मारिया बार्टिरोमो को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि फिलहाल तेल की कीमतें लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, लेकिन हालात सामान्य होते ही इसमें तेज गिरावट आएगी।ट्रंप ने कहा जैसे ही यह (युद्ध) खत्म होगा, तेल की कीमतें बहुत तेजी से नीचे आएंगी और बहुत जल्द यह स्थिति बदल सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था, जिसमें उन्होंने ईंधन की कीमतों को लेकर अलग टिप्पणी की थी। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका में गैस की कीमतें, जो फिलहाल 4 डॉलर प्रति गैलन से थोड़ी अधिक हैं, आगामी चुनावों तक काफी नीचे आ सकती हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि युद्ध समाप्त होने के बाद ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।इसी इंटरव्यू में ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने लिखित जवाब में यह साफ किया है कि चीन ईरान को हथिया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

लखीमपुर बवाल: प्रधान सहित 82 नामजद, 200 से अधिक अज्ञात; गांव में तनावपूर्ण शांति, घर छोड़कर भागे आरोपी

1 of 9 मोतीपुर ग्रंट नंबर 10 में हुआ था बवाल - फोटो : अमर उजाला लखीमपुर खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के मोतीपुर ग्रंट नंबर 10 में मंगलवार शाम आंबेडकर प्रतिमा टूटने पर हुए बवाल के बाद गांव में तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। शांति व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद है। गांव में पुलिस-पीएसी तैनात कर दी गई है। बवाल में घायल महिला और पुलिस की ओर से बलवा, हत्या का प्रयास सहित संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दोनों मामलों में प्रधान सहित 82 लोगों को नामजद और 200 से अधिक अज्ञात लोगों को शामिल किया गया है। मंगलवार शाम मोतीपुर ग्रंट नंबर 10 गांव में गाटा संख्या 1167 की 0.061 हेक्टेयर विवादित भूमि पर आंबेडकर की जयंती के मौके पर रखी गई प्रतिमा से कथित तोड़फोड़ के बाद हुए बवाल के दौरान पुलिस प्रशासन व निजी आठ वाहनों को उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। घायल मैकूपुर निवासी चंदा देवी ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि 14 अप्रैल की शाम मोतीपुर निवासी उनकी भतीजी सुनीता देवी ने सूचना दी थी कि ग्राम प्रधान विरेंद्र, काशीराम, जैपाल, वीरपाल, रामधनी, अवधेश वैयनामी जमीन में अवैध रूप से आंबेडकर प्रतिमा रखने का प्रयास कर रहे हैं। यह वीडियो/ हटाएं 2 of 9 घटना के बाद जुटी जुटी भीड़ - फोटो : संवाद जब चंदा देवी मौके पर पहुंची तो आरोपी उसकी भतीजे को पीट रहे थे। आरोपियों के साथ अन्य कौशल, गुड़िया और करीब 200 से अधिक लोग इकट्ठा हो गए। चंदा देवी ने बताया कि आरोपियों ने पेट्रोल डालकर उन्हें जिंदा जलाने का प्रयास किया। घायल महिला की तहरीर पर आठ नामजद और करीब 200 अज्ञात के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, हिंसा के लिए उकसाने सहित संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Robert Vadra ED Case: अदालत का फरमान- 16 मई से पहले पेश हों रॉबर्ट वाड्रा, हरियाणा लैंड डील केस में बढ़ी सख्ती

यह वीडियो/ हटाएं दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के शिकोहपुर में जमीन सौदे से जुड़े मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ ED की चार्जशीट का संज्ञान लिया है। दिल्ली की अदालत ने हरियाणा ज़मीन सौदे मामले में रॉबर्ट वाड्रा और अन्य आरोपियों को 16 मई को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें

April 15, 2026 · 1 min · National Desk

BJP के बाहरी CM: सम्राट चौधरी ही नहीं, इन राज्यों में भी दूसरे दलों से आए चेहरों को भाजपा ने बनाया मुख्यमंत्री

गेगॉन्ग अपांग ने जेएन कॉलेज, पासीघाट से पढ़ाई पूरी करने के बाद 1972 से 1975 के बीच कांग्रेस प्रदेश परिषद के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1978 में वे राज्य की पहली विधानसभा के लिए चुने गए और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) व कृषि मंत्री नियुक्त किए गए।18 जनवरी 1980 को गेगॉन्ग अपांग पहली बार अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उस समय वे मात्र 34 वर्ष के थे और यह पद संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में से एक थे। वे 1999 तक लगातार इस पद पर रहे। इसी दौरान 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी. नरसिम्हा राव के साथ चकमा-हजोंग आदिवासियों के निर्वासन के मुद्दे पर मतभेदों के बाद, उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और अरुणाचल कांग्रेस नाम की अपनी क्षेत्रीय पार्टी बना ली। बाद में 1999 में कांग्रेस पार्टी में विभाजन के बाद लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।2003 में अपांग को उनकी अरुणाचल कांग्रेस और अन्य दलों के नए गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का नेता चुना गया। इसके कुछ ही महीनों बाद, अगस्त 2003 में गेगॉन्ग अपांग अपने समर्थक विधायकों के साथ औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। अपांग के पार्टी में शामिल होने से 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा विधायकों की कुल संख्या 42 हो गई और इस तरह अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर भारत का पहला राज्य बन गया, जहां भाजपा की सरकार बनी। अपांग इस सरकार में भाजपा के मुख्यमंत्री रहे।हालांकि, यह साथ लंबा नहीं चला और 2004 के आम चुनावों में एनडीए गठबंधन की हार के कुछ महीने बाद ही, अपांग वापस कांग्रेस में लौट गए। अक्तूबर 2004 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को बहुमत मिला और अपांग एक बार फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia: अमेरिका के खिलाफ जंग में चीन ने की थी मदद, ईरान ने सैटेलाइट की मदद से दुश्मन के ठिकानों पर बरसाए बम

पश्चिम एशिया में हालिया युद्ध के बीच ईरान की सैन्य क्षमताओं को लेकर एक अहम और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने गुप्त रूप से चीन से एक जासूसी सैटेलाइट हासिल किया, जिसके जरिए उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी की और हमलों के लिए रणनीतिक जानकारी जुटाई। लीक हुए ईरानी दस्तावों में क्या आया सामने? फाइनेंशियल टाइम्स की बुधवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, TEE-01B नाम का यह सैटेलाइट चीनी कंपनी अर्थ आई को. द्वारा तैयार किया गया और चीन से ही लॉन्च किया गया था। इसे 2024 के अंत में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स ने अपने नियंत्रण में लिया। रिपोर्ट में लीक हुए ईरानी सैन्य दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया गया है कि आईआरजीसी के कमांडरों ने इस सैटेलाइट को सीधे निर्देश देकर पश्चिम एशिया में मौजूद प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी करवाई। दस्तावेजों में समय-चिह्नित कोऑर्डिनेट्स, सैटेलाइट इमेजरी और ऑर्बिटल एनालिसिस शामिल हैं, जिनसे यह संकेत मिलता है कि निगरानी बेहद व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से की गई। ईरान और चीन के बीच क्या हुआ समझौता? बताया गया है कि सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें मार्च महीने में उन ठिकानों की हैं, जहां ड्रोन और मिसाइल हमले हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, हमलों से पहले और बाद की तस्वीरों का विश्लेषण भी किया गया, जिससे यह समझा जा सके कि हमले कितने प्रभावी रहे। हालांकि, रॉयटर्स इस रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है, जिससे इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समझौते के तहत ईरान को बीजिंग स्थित सैटेलाइट कंट्रोल और डेटा सर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या?

दरअसल, सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुला रही है। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन लाकर 2029 से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी है। इस कानून के तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए परिसीमन प्रक्रिया भी की जाएगी, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर करीब 850 तक की जा सकती है। ऐसे में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि परिसीमन से राज्यों के बीच सीटों का संतुलन बदल सकता है, जिससे कुछ राज्यों का राजनीतिक प्रभाव कम हो सकता है। 01:49 PM, 15-Apr-2026 Delimitation Row: खरगे की अध्यक्षता में कांग्रेस की बैठक, DMK-TMC के तेवर भी आक्रामक; संसद में रणनीति क्या? देशभर में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सियासत सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ऐसे में अब इस मामले में सरकार के विरोध में कांग्रेस ने संसद के विशेष सत्र से पहले अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर शीर्ष नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने तय किया कि संसद में इन दोनों मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जो बिल ला रही है, उसकी मंशा ठीक नहीं है और इससे लोकतंत्र को नुकसान हो सकता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

गुरुग्राम में बवाल की साजिश: 'मैनेजर को मारना है, आगे पुलिस है, पीछे से आओ और...'; ऐसे चैट से भड़काई गई हिंसा?

गुरुग्राम में बवाल की साजिश: ‘मैनेजर को मारना है, आगे पुलिस है, पीछे से आओ और…’; ऐसे चैट से भड़काई गई हिंसा? यह वीडियो/ हटाएं अपराध शाखा मानेसर की पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल को कब्जे में लिया है। एक आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा है कि मैनेजर रामबीर को मारना है। दूसरे आरोपी ने लिखा कि आगे पुलिस वाले हैं, पीछे से आओ और आग लगा दो। शराब ठेके से बीयर लेकर आना व रात में पेट्रोल बम डालकर कंपनी में आग लगा देना। एक मैसेज में लिखा है कि रात तक इंतजार करो और फिर आग लगा दो। देखते हैं पुलिस क्या करेगी। इसके अलावा ग्रुप में वॉइस मैसेज भी भेजे गए हैं। अपराध शाखा मानेसर की पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल को कब्जे में लिया है। एक आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा है कि मैनेजर रामबीर को मारना है। दूसरे आरोपी ने लिखा कि आगे पुलिस वाले हैं, पीछे से आओ और आग लगा दो।शराब ठेके से बीयर लेकर आना व रात में पेट्रोल बम डालकर कंपनी में आग लगा देना। एक मैसेज में लिखा है कि रात तक इंतजार करो और फिर आग लगा दो। देखते हैं पुलिस क्या करेगी। इसके अलावा ग्रुप में वॉइस मैसेज भी भेजे गए हैं। गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर में 9 अप्रैल को हुए हिंसक बवाल में गिरफ्तार आ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk

'दिल्ली छीन रही जनता से वोट देने का अधिकार': CM ममता ने बंगाली नववर्ष पर लोगों को दी बधाई, केंद्र पर किया हमला

রাজ্যের সকল প্রান্তের মানুষকে হৃদয়ের অন্তর থেকে জানাই বাংলা নববর্ষের শুভনন্দন। এই নবীন ঊষালগ্নে আপনাদের প্রত্যেকের জীবন হয়ে উঠুক গ্লানিমুক্ত। নতুনের এই আবাহনে প্রতিটি প্রাণ পবিত্রতায় ভরে উঠুক। আমাদের বাংলা যেমন শিল্প-সংস্কৃতির পীঠস্থান, তেমনই সর্বধর্ম সমন্বয়ের পীঠস্থান। কিছু… pic.twitter.com/JXf0IcZovn— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) April 15, 2026 ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर राज्य के लोगों को बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि नए साल की इस सुबह में हर किसी का जीवन दुखों से मुक्त हो। उन्होंने कामना की कि इस नई पुकार के साथ हर इंसान का मन पवित्रता से भर जाए।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार पर जनता के वोट देने के अधिकार को कम करने का आरोप लगाया। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दें। ममता ने कहा कि हमारा बंगाल कला और संस्कृति का केंद्र होने के साथ-साथ सभी धर्मों के बीच सद्भाव की धरती भी है। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ बुरी ताकतें बंगाल को भ्रष्ट करने के लिए खड़ी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे शासक लोगों के अधिकार छीन रहे हैं, जिन्हें सबक सिखाना जरूरी है।ममता बनर्जी ने लोगों से विभाजनकारी और तानाशाही प्रवृत्तियों को रोकने का संकल्प लेने को कहा। उन्होंने अपील की कि इस शुभ दिन पर हम सब मिलकर एक शपथ लें। हमें हर तरह की संकीर्ण सोच की दीवारों को तोड़कर आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोई भी विभाजनकारी ताकत हमारी शांति, पारंपरिक सद्भाव और दोस्ती के बंधन को नहीं तोड़ पाएगी।अंत में मुख्यमंत्री ने आने वाले विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

April 15, 2026 · 2 min · National Desk