30 दिन में परीक्षा कराना चुनौती: पेपर लीक रोकने के लिए NTA की जीरो ट्रस्ट नीति, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर

सूत्रों ने बताया कि 30 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करना एक बड़ी चुनौती है। आमतौर पर इतने बड़े स्तर की परीक्षा की तैयारी के लिए लगभग छह महीने का समय चाहिए होता है। एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि समय बहुत तेजी से निकल रहा है। अगर समय की कमी की वजह से कोई भी छोटी सी चूक हुई, तो यह एक बड़ी मुसीबत बन सकती है।पिछली नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी गुस्सा देखा गया था। इसके बाद ही दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी की जिम्मेदारी सिर्फ परीक्षा कराना ही नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की ईमानदारी बनाए रखना भी है। एनटीए का मानना है कि वे छात्रों को बार-बार निराश नहीं कर सकते, क्योंकि यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।विवाद के बाद एनटीए ने अपने अंदरूनी सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। सभी प्रोटोकॉल को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है। क्रॉस-चेकिंग का सिस्टम बढ़ा दिया गया है ताकि कोई भी कमी न रह जाए। एजेंसी टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पैनी नजर रख रही है। जांच करने वालों को शक है कि पेपर लीक करने के लिए इन्हीं चैनलों का इस्तेमाल किया गया था।एनटीए निष्पक्ष परीक्षा के लिए कई गुप्त कदम भी उठा रहा है। एजेंसी इन सभी कदमों को सार्वजनिक नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे नकल माफिया को सिस्टम की कमियां ढूंढने में मदद मिल सकती है। अंदरूनी गड़बड़ी की आशंका पर सूत्रों ने माना कि जो लोग वर्षों से एजेंसी के साथ काम कर रहे हैं, वे भी गलत हो सकते हैं। अगर अंदर के लोग ही गड़बड़ी करें, तो उसे रोकना बहुत मुश्किल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

Dhar Bhojshala Temple Live: शंखों की ध्वनियों से मंगलमय हुई भोजशाला की महाआरती, दूसरी मस्जिदों में हुई नमाज

02:23 PM, 22-May-2026 भोजशाला में महाआरती का आयोजन शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं अदा की गई।दोपहर में भोजशाला में महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों भक्त जुटे। इस मौके पर भोजशाला के लिए संघर्ष करने वाले लोगों और उनके परिजनों का सम्मान भी किया गया। दोपहर में भीड़ भी बढ़ गई।धार की दूसरी मस्जिदों में नमाज हुई। वहीं भोजशाला परिसर की मस्जिद पर पुलिस का पहरा रहा। शुक्रवार को भोजशाला में नमाज नहीं अदा की गई।दोपहर में भोजशाला में महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों भक्त जुटे। इस मौके पर भोजशाला के लिए संघर्ष करने वाले लोगों और उनके परिजनों का सम्मान भी किया गया। दोपहर में भीड़ भी बढ़ गई।धार की दूसरी मस्जिदों में नमाज हुई। वहीं भोजशाला परिसर की मस्जिद पर पुलिस का पहरा रहा। 01:44 PM, 22-May-2026 भोजशाला: इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मेटल डिटेक्टर से सर्चिंग भोजशाला परिसर के अंदर पुलिस की तैनाती शुरू कर दी गई है। कुछ देर पहले पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचे और तैनात पुलिसकर्मियों को सुरक्षा से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए भोजशाला परिसर में सघन सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाकर्मी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मेटल डिटेक्टर की मदद से भोजशाला के एक-एक पिलर (खंभे) की बारीकी से जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही डॉग स्क्वायड की टीम भी भोजशाला परिसर में पहुंच चुकी है और कोने-कोने की तलाशी ले रही है। भोजशाला के बाहरी हिस्से की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए धार एसपी सचिन शर्मा स्वयं मैदान में उतरे हैं। एसपी सचिन शर्मा घोड़े पर सवार होकर अश्वारोही (घुड़सवार) दल के साथ पूरे इलाके में लगातार भ्रमण कर रहे हैं। संवेदनशील मार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

Vijay Cabinet Expansion: तमिलनाडु कैबिनेट का फिर से हुआ विस्तार, IUML-VCK के नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ

आज सुबह इन दोनों नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। एएम शाहजहां पापनाशम विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और वे अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वहीं, वन्नी अरासु टिंडीवनम विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और वे वीसीके पार्टी के कद्दावर नेता हैं। इन दोनों नेताओं का शपथ ग्रहण समारोह आज शुक्रवार को सुबह 9:30 बजे चेन्नई के लोक भवन में संपन्न हुआ।यह विस्तार सरकार की मजबूती और सहयोगी दलों के साथ बेहतर तालमेल की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री विजय ने अपनी कैबिनेट का बड़ा विस्तार किया था। उस समय 23 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। उस विस्तार में सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस पार्टी की सरकार में वापसी को लेकर हुई थी। करीब 59 साल के लंबे समय के बाद कांग्रेस तमिलनाडु में किसी क्षेत्रीय दल की सरकार का हिस्सा बनी है।पिछली कैबिनेट सूची में राज्य के लगभग हर क्षेत्र का ध्यान रखा गया था। इसमें थूथुकुडी से श्रीनाथ, अविनाशी से कमाली एस और कांचीपुरम से आरवी रंजीतकुमार जैसे नेताओं को जगह मिली थी। साथ ही कुंभकोणम, कडलूर और कोयंबटूर जैसे शहरों के प्रतिनिधियों को भी मंत्री बनाया गया था। अब इन दो नए सहयोगियों के जुड़ने से सरकार का मंत्रिमंडल और बड़ा हो गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

Dhar BhojshalaTemple Live: भोजशाला में बदले हालात, नमाज की जगह हुई महाआरती; सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष

10:26 AM, 22-May-2026 भोजशाला: स्वास्थ्य सेवाएं भी अलर्ट मोड पर भोजशाला में पुलिस अधिकारियों की तैनाती के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं भी अलर्ट मोड पर हैं। जिला अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। आईसीयू और सामान्य वार्ड को भी तैयार रखा गया है। पांच एंबुलेंस में से चार एंबुलेंस भोजशाला परिसर के बाहर तैनात रहेंगी। इसके अलावा, 12 सदस्यीय मेडिकल टीम देर शाम तक मौके पर मौजूद रहेगी। भोजशाला में पुलिस अधिकारियों की तैनाती के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं भी अलर्ट मोड पर हैं। जिला अस्पताल में 20 अतिरिक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। आईसीयू और सामान्य वार्ड को भी तैयार रखा गया है। पांच एंबुलेंस में से चार एंबुलेंस भोजशाला परिसर के बाहर तैनात रहेंगी। इसके अलावा, 12 सदस्यीय मेडिकल टीम देर शाम तक मौके पर मौजूद रहेगी। 10:08 AM, 22-May-2026 Bhojshala: प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन करें व अमन-चैन बनाए रखें- अब्दुल समद कमाल मौला मस्जिद के सदर अब्दुल समद ने कहा, “यहाँ पिछले 700 साल से जुमे की नमाज अदा की जाती रही है। इस परंपरा के प्रभावित होने से समाज में दुख जरूर है, लेकिन हमारी लड़ाई पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी दायरे में है।” सदर और शहर काजी ने उम्मीद जताई है कि शुक्रवार दोपहर तक सुप्रीम कोर्ट से राहत या ‘स्टे’ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलेगा, तब मुस्लिम समाज पूरे सम्मान के साथ पहले की तरह नमाज अदा करेगा। तब तक सभी लोग प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन करें और अमन-चैन बनाए रखें। कमाल मौला मस्जिद के सदर अब्दुल समद ने कहा, “यहाँ पिछले 700 साल से जुमे की नमाज अदा की जाती रही है। इस परंपरा के प्रभावित होने से समाज में दुख जरूर है, लेकिन हमारी लड़ाई पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

Rajya Sabha Election: राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव की तारीखों का एलान, इन 10 राज्यों में खाली हुई सीटें

जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम शामिल हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में सबसे अधिक चार-चार सीटों पर मतदान कराया जाएगा।चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यसभा से 21 जून से 19 जुलाई तक अलग-अलग तारीखों पर 10 राज्यों के वर्तमान सांसद सेवानिवृत्त हो रहे हैं। राज्यसभा चुनाव आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक में चार-चार सीटों, मध्य प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन सीटों, झारखंड में दो सीटों और मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम में एक-एक सीट पर होंगे।राज्यसभा से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवोगौड़ा जैसे प्रमुख नेता सेवानिवृत्त होंगे।। राजस्थान से राजेंद्र गहलोत, नीरज डांगी और रवनीत सिंह की सीटें भी खाली होने जा रही हैं। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 1 जून को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे।चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान के दौरान केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराया गया बैंगनी रंग का विशेष स्केच पेन ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी अन्य पेन के उपयोग की अनुमति नहीं होगी। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

लद्दाख के मुद्दों पर दिल्ली में बैठक आज: पूर्ण राज्य का दर्जा-छठी अनुसूची पर अड़े संगठन, तय होगा आगे का एजेंडा

लद्दाख के मुद्दों पर लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) की गृह मंत्रालय के साथ बैठक शुक्रवार को दिल्ली में होगी। बैठक से पहले संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे पूर्ण राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची पर ही बात करेंगे। मंत्रालय के अधिकारियों संग होने वाली सब कमेटी की बैठक के लिए दोनों संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच गए हैं। बैठक से पहले लेह एपेक्स बॉडी ने लद्दाख के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर चर्चा के लिए अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजे हैं। प्रतिनिधिमंडल में लद्दाख बौद्ध संघ के अध्यक्ष एवं लेह एपेक्स बॉडी के सह-अध्यक्ष छेरिंग दोरजे लकरुक, लद्दाख गोम्पा संघ के अध्यक्ष वेनेरेबल दोरजे स्टानजिन तथा पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक शामिल हैं। कारगिली ने साफ किया कि वे अपने एजेंडे से पीछे नहीं हट रहे हैं। उस पर कायम हैं।लद्दाख सब ऑर्डिनेट एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (एलएसएएस) बनाने के प्रस्ताव पर कारगिली ने सवाल उठाया कि लद्दाख के लिए केवल सब ऑर्डिनेट प्रशासनिक ढांचा ही क्यों प्रस्तावित किया जा रहा है। एक अधीनस्थ सेवा के पास स्वतंत्र निर्णय लेने की शक्ति नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि जहां जम्मू-कश्मीर सरकार जम्मू एंड कश्मीर शब्द का उपयोग करती है, वहीं लद्दाख में अभी भी केंद्र शासित लद्दाख का प्रशासन लिखा जाता है, जो दिल्ली से सीधे प्रशासनिक नियंत्रण को दर्शाता है। उन्होंने इसे नामंजूर करते हुए पूर्ण राज्य की मांग दोहराई।अपने पत्र में लेह एपेक्स बॉडी ने सुप्रीम कोर्ट के वकील विक्रम हेगड़े को बैठक में कानूनी सलाहकार के रूप में शामिल करने की अनुमति भी मांगी है। हालांकि इस संबंध में मुख्य सचिव की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। केड …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

US-Israel: नेतन्याहू ने कराया ट्रंप का नुकसान? इस्राइल को बचाने के चक्कर में खाली हुआ अमेरिका का रक्षा खजाना

ईरान और इस्राइल के बीच हाल ही में हुए युद्ध ने एक नई बहस छेड़ दी है। अमेरिका ने इस्राइल की रक्षा के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। लेकिन अब इसका बहुत बड़ा नुकसान खुद अमेरिका को उठाना पड़ रहा है। वाशिंगटन पोस्ट की एक नई और चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल को बचाने के चक्कर में अमेरिका के अपने सबसे आधुनिक मिसाइल इंटरसेप्टर (हवा में दुश्मन की मिसाइल को नष्ट करने वाले हथियार) का लगभग आधा भंडार पूरी तरह से खत्म हो गया है। इस बड़े खुलासे के बाद से अमेरिका के रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की चिंताएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। इस खबर का सीधा और आसान मतलब यह है कि ईरान के हमलों से इस्राइल को बचाने का सबसे बड़ा बोझ अमेरिका ने अपने कंधों पर उठाया था। जब ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलें दागीं, तो अमेरिका ने अपने सबसे बेहतरीन और महंगे हथियार पानी की तरह बहा दिए। रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका ने 200 से अधिक ‘थाड’ मिसाइल इंटरसेप्टर चलाए। इसके साथ ही, पूर्वी भूमध्य सागर में खड़े अमेरिकी नौसेना के जहाजों से 100 से ज्यादा ‘स्टैंडर्ड मिसाइल-3’ और ‘स्टैडर्ड मिसाइल-6’ भी दागे गए। वहीं दूसरी तरफ, इस्राइल ने बड़ी चालाकी से अपने हथियारों को बचा कर रखा और 100 से भी कम ‘एरो’ इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया।इस सवाल का जवाब हां है। अमेरिका के हथियार इतनी तेजी से खत्म होने के कारण उसके अन्य सहयोगी देशों, खासकर जापान और दक्षिण कोरिया में डर और बेचैनी का माहौल बन गया है। ये दोनों देश चीन और उत्तर कोरिया के किसी भी अचानक होने वाले हमले से बचने के लिए पूरी तरह से अमेरिकी सुरक्षा छतरी पर ही निर्भर करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के पास अब मुश्किल से 200 ‘थाड’ इंटरसेप्टर बचे हैं औ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

US: 'भारत एक बेहतरीन साझेदार', मार्को रुबियो बोले- ईरान वार्ता में अच्छे संकेत लेकिन दूसरे विकल्प भी तैयार

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में कुछ अच्छे संकेत जरूर दिख रहे हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो अमेरिका के पास ‘दूसरे विकल्प’ (सैन्य कार्रवाई) भी पूरी तरह से खुले हैं। इसके साथ ही, भारत के अपने पहले आधिकारिक दौरे पर निकलने से ठीक पहले रुबियो ने भारत को एक ‘महान साझेदार’ बताया और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सहयोग की बात कही। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल (टैक्स) लगाने की योजना बनाई है, जिस पर अमेरिका ने कड़ी आपत्ति जताई है। रुबियो ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की यह टोल योजना किसी भी शांति समझौते को ‘असंभव’ बना देगी। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी देश इस तरह के टोल सिस्टम के पक्ष में नहीं है और यह बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अगर ईरान इस अहम जलमार्ग पर अपनी पकड़ का फायदा उठाकर पैसा कमाने की कोशिश करता है, तो कूटनीतिक समझौते की उम्मीदें टूट जाएंगी।ईरान के अलावा, क्यूबा के मुद्दे पर भी अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है। रुबियो ने कहा कि ट्रंप प्रशासन क्यूबा सरकार के साथ अपने मतभेदों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाना चाहता है, लेकिन वे इसे लेकर ज्यादा आशान्वित नहीं हैं। उन्होंने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर आतंकवाद के आरोपों के बाद सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला रखा है। रुबियो ने स्पष्ट किया कि यद्यपि अमेरिका की प्राथमिकता हमेशा एक शांतिपूर्ण समझौता होती है, लेकिन क्यूबा के मौजूदा नेतृत्व को देखते हुए इसकी संभावना बहुत कम नजर आती है।अपने भारत दौरे (23-26 मई) के बारे में बात करते हुए रुबियो ने भारत की जमकर तारीफ की। उन्होंने भारत को एक ‘महान सह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk

क्यूबा पर ट्रंप के तेवर सख्त: बोले- देश बदहाल है, अब अमेरिका करेगा मदद; बॉलरूम प्रोजेक्ट पर किया बड़ा दावा

और पढ़ें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को क्यूबा को लेकर बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया कि अमेरिका भविष्य में वहां हस्तक्षेप कर सकता है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि पिछले कई अमेरिकी राष्ट्रपति पिछले 50-60 वर्षों से क्यूबा को लेकर कुछ बड़ा कदम उठाने पर विचार करते रहे हैं, लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह काम शायद वही करेंगे। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 1 min · National Desk

NEET Row: पेपर लीक नहीं हुआ तो क्यों रद्द हुई परीक्षा? संसदीय समिति ने NTA प्रमुख से पूछे सवाल; मिले ये जवाब

और पढ़ें बैठक में शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें शिक्षा सचिव विनीत जोशी भी शामिल थे। बैठक के दौरान सांसदों ने एनटीए से पूछा कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। इस पर शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों समेत एनटीए के अध्यक्ष प्रदीप कुमार जोशी और महानिदेशक अभिषेक सिंह ने राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए एनटीए के डीजी सूत्रों के अनुसार, जब सांसदों ने पूछा कि नीट-यूजी का पेपर कैसे लीक हुआ, तो एनटीए के महानिदेशक ने कहा कि यह लीक उनके सिस्टम से नहीं हुआ। इस पर कई सांसदों ने सवाल किया कि फिर पेपर लीक कैसे हुआ और परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की जरूरत क्यों पड़ी। एनटीए प्रमुख इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है। कुछ विपक्षी सांसदों ने जांच रिपोर्ट समिति के सामने रखने की मांग की। लेकिन सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ सांसदों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र एजेंसी है और उसे अपना काम करने देना चाहिए। एनटीए के अधिकारियों ने क्या कहा? सूत्रों के मुताबिक, एनटीए ने बताया कि राधाकृष्णन रिपोर्ट में सुझाए गए करीब 70 प्रतिशत अल्पकालिक सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि एक भरोसेमंद और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली बनाने के लिए व्यापक समीक्षा की जा रही है और पेपर सेटिंग व वितरण में भरोसेमंद लोगों को शामिल किया जा रहा है। एनटीए अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में राष्ट्रीय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

May 22, 2026 · 2 min · National Desk