सूत्रों ने बताया कि 30 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करना एक बड़ी चुनौती है। आमतौर पर इतने बड़े स्तर की परीक्षा की तैयारी के लिए लगभग छह महीने का समय चाहिए होता है। एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि समय बहुत तेजी से निकल रहा है। अगर समय की कमी की वजह से कोई भी छोटी सी चूक हुई, तो यह एक बड़ी मुसीबत बन सकती है।पिछली नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी गुस्सा देखा गया था। इसके बाद ही दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। सूत्रों का कहना है कि एजेंसी की जिम्मेदारी सिर्फ परीक्षा कराना ही नहीं है, बल्कि पूरी प्रक्रिया की ईमानदारी बनाए रखना भी है। एनटीए का मानना है कि वे छात्रों को बार-बार निराश नहीं कर सकते, क्योंकि यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।विवाद के बाद एनटीए ने अपने अंदरूनी सिस्टम में बड़े बदलाव किए हैं। सभी प्रोटोकॉल को पहले से ज्यादा मजबूत बनाया गया है। क्रॉस-चेकिंग का सिस्टम बढ़ा दिया गया है ताकि कोई भी कमी न रह जाए। एजेंसी टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पैनी नजर रख रही है। जांच करने वालों को शक है कि पेपर लीक करने के लिए इन्हीं चैनलों का इस्तेमाल किया गया था।एनटीए निष्पक्ष परीक्षा के लिए कई गुप्त कदम भी उठा रहा है। एजेंसी इन सभी कदमों को सार्वजनिक नहीं करना चाहती, क्योंकि इससे नकल माफिया को सिस्टम की कमियां ढूंढने में मदद मिल सकती है। अंदरूनी गड़बड़ी की आशंका पर सूत्रों ने माना कि जो लोग वर्षों से एजेंसी के साथ काम कर रहे हैं, वे भी गलत हो सकते हैं। अगर अंदर के लोग ही गड़बड़ी करें, तो उसे रोकना बहुत मुश्किल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
30 दिन में परीक्षा कराना चुनौती: पेपर लीक रोकने के लिए NTA की जीरो ट्रस्ट नीति, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
सूत्रों ने बताया कि 30 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करना एक बड़ी चुनौती है। आमतौर पर इतने बड़े स्तर की परीक्षा की तैयारी के लिए लगभग छह महीने का समय चाहिए होता है। एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि समय बहुत तेजी से निकल रहा है। अगर समय की कमी की वजह से कोई भी छोटी सी चूक हुई, तो यह एक बड़ी मुसीबत बन सकती है।पिछली नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी गुस्सा देखा गया था। इसके बाद ही दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। फिलहाल इस मा