बागियों पर ममता का एक्शन: अरूप रॉय, फिरहाद हकीम समेत आठ निष्कासित, पढ़ें TMC के सियासी संकट पर विशेष रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में शुरू हुआ सियासी घटनाक्रम थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले विधानसभा में विधायकों की बगावत, फिर कुछ राज्यसभा सांसदों का इस्तीफा, इसके बाद लोकसभा सांसदों के गुट का रूठना सभी के सामने हैं। वहीं, बीते दिन खुद को असली टीएमसी बताने वाले ऋतब्रत बनर्जी के गुट की तरफ से पार्टी की संस्थापक ममता बनर्जी से अध्यक्ष पद से हटाना और पार्टी में दूसरे पद के नेता अभिषेक बनर्जी का निलंबन की भी खबर सामने आई। अब आज खुद ममता बनर्जी ने बागियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अरूप रॉय, फिरहाद हाकिम समेत आठ लोगों को पार्टी निष्कासित कर दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 1 min · National Desk

Explainer: ईरान को मिली निर्बाध तेल बेचने की छूट, भारत को फायदा कब तक; क्या आम लोगों को मिलेगा सस्ता ईंधन?

Explainer: ईरान को मिली निर्बाध तेल बेचने की छूट, भारत को फायदा कब तक; क्या आम लोगों को मिलेगा सस्ता ईंधन? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ईरान को तेल निर्यात के लिए मिली छूट के दुनिया के लिए क्या मायने हैं? भारत पारंपरिक तौर पर ईरान से तेल का कितना बड़ा आयातक रहा है और क्यों हमें ईरानी तेल की खरीदारी बंद करनी पड़ी थी? अब ईरान को पाबंदियों से छूट मिलने के भारत के लिए क्या मायने हैं? क्या भारत के तेल भंडारों को कम दरों के तेल से भरने में मदद मिलेगी? इसके अलावा भारत को जो राहत मिलने की संभावना है, उसका फायदा आम लोगों को कब तक और कितना मिलेगा? आइये जानते हैं… ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर ईरान को तेल निर्यात के लिए मिली छूट के दुनिया के लिए क्या मायने हैं? भारत पारंपरिक तौर पर ईरान से तेल का कितना बड़ा आयातक रहा है और क्यों हमें ईरानी तेल की खरीदारी बंद करनी पड़ी थी? अब ईरान को पाबंदियों से छूट मिलने के भारत के लिए क्या मायने हैं? क्या भारत के तेल भंडारों को कम दरों के तेल से भरने में मदद मिलेगी? इसके अलावा भारत को जो राहत मिलने की संभावना है, उसका फायदा आम लोगों को कब तक और कितना मिलेगा? अमेरिका की तरफ से जब 28 फरवरी को ईरान पर ताबड़तोड़ हमले बोले गए, तब किसी ने उम्मीद भी नहीं की थी कि साढ़े तीन महीने बाद हमला करने वाले को ही हमला झेलने वाले देश के नुकसान की भरपाई …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

Lucknow Fire: 'ज्योति के साथ कोई है?...', परिजनों का दर्द और बेचैनी; चीखों से टूटा पोस्टमार्टम हाउस का सन्नाटा

1 of 18 Lucknow Fire - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied पीएम हाउस पर कोई मां बच्चे की याद में रो रही थी तो कोई बहन नम आंखों से भाई की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही थी। कई लोगों के आंसू भी सूख चुके थे, लेकिन अपनों की तलाश जारी थी। कुछ लोग बार-बार पीएम हाउस के गेट की ओर देखते, फिर उम्मीद और निराशा के बीच खामोश बैठ जाते। लखनऊ के पुरनिया अग्निकांड के मृतकों के पोस्टमार्टम के दौरान केजीएमयू स्थित पीएम हाउस के बाहर दर्दनाक मंजर दिखा। रात गहराने के साथ परिजनों का दर्द और बेचैनी बढ़ती जा रही थी। इस बीच मौत की खबर आने पर मची चीख-पुकार से पोस्टमार्टम हाउस का सन्नाटा टूटा। 2 of 18 लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला ज्योति के साथ कोई है? रात 9:15 बजे जालीदार लोहे के गेट के भीतर से पुलिसकर्मी की आवाज आई ज्योति के साथ कोई है? यह सुनते ही भीड़ में खड़ी मूर्ति देवी ने सिर हिलाते हुए कहा, हां, मैं हूं। इतना कहते ही वह फूट-फूटकर रोने लगी। पास में मौजूद ज्योति के पिता कमता निवासी हरिचरन भी खुद को रोक नहीं पाए। 3 of 18 लखनऊ में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग, विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला …और भर आईं आंखें हादसे में जान गंवाने वाले निलेश के परिजनों की चीख सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भर आई। इस बीच महिलाएं एक-दूसरे को संभालने की कोशिश कर रही थीं। साथ आए बुजुर्ग की हालत भी बिगड़ गई। वह रोते-रोते जमीन पर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: क्या है 'बॉस स्कैम'? क्यों सहमी कॉरपोरेट दुनिया, जानिए व्हाट्सएप के जरिए कैसे हो रही लाखों की ठगी

I4C क्या है? भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) नई दिल्ली में स्थित एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को साइबर अपराधों से समन्वित और व्यापक तरीके से निपटने के लिए एक मजबूत ढांचा और इकोसिस्टम प्रदान करना है। I4C को भारत में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और इनसे जुड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए एक प्रमुख नोडल केंद्र के रूप में कार्य करने के लिए स्थापित किया गया है। ‘बॉस स्कैम’ कॉरपोरेट धोखाधड़ी का एक तेजी से उभरता हुआ खतरा है, जो तकनीक से ज्यादा कर्मचारियों के मनोविज्ञान और डर का फायदा उठाता है। जैसे-जैसे साइबर अपराधी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, भविष्य में इन हमलों को पहचानना और भी मुश्किल हो जाएगा। इसलिए, डिजिटल युग में कॉरपोरेट जगत की सुरक्षा का सबसे बड़ा मूलमंत्र यही है कि कोई भी वित्तीय अनुरोध चाहे कितना भी जरूरी या गोपनीय क्यों न लगे, पैसे ट्रांसफर करने से पहले सीधे फोन कॉल, वीडियो कॉल या व्यक्तिगत रूप से उसकी पुष्टि अवश्य करें। कर्मचारियों की सतर्कता, बड़े लेन-देन के लिए दोहरी मंजूरी और सही सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन ही कंपनियों को इस बड़े वित्तीय खतरे से बचाने का एकमात्र सुरक्षित उपाय है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

आईपीएल 2027 का सबसे बड़ा ट्रेड: 12 करोड़ रुपये की कटौती कर दिल्ली लौटे ऋषभ पंत, कुलदीप यादव बने लखनऊ का हिस्सा

दिल्ली में फिर दिखेगा पंत का पुराना रंग ऋषभ पंत का दिल्ली कैपिटल्स के साथ रिश्ता बेहद खास रहा है। युवा खिलाड़ी के रूप में उन्होंने दिल्ली के लिए अपना आईपीएल सफर शुरू किया और बाद में टीम की कप्तानी भी संभाली। वह 2016 से 2024 तक लगातार नौ सीजन इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे और इस दौरान 111 मैच खेले, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा दिल्ली के लिए सबसे ज्यादा मैच हैं। पंत ने 2021 से 2024 के बीच चार सीजन में 43 मैचों में टीम की कप्तानी भी की। आक्रामक बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता के कारण वह लंबे समय तक दिल्ली की पहचान बने रहे। कार एक्सीडेंट और चोट से वापसी के बाद वह लखनऊ सुपर जाएंट्स से जुड़े थे, लेकिन अब एक बार फिर दिल्ली के साथ उनका रिश्ता जुड़ रहा है। दिल्ली के फैंस के लिए यह किसी भावनात्मक वापसी से कम नहीं होगी। पंत ने अपने आईपीएल करियर के कई यादगार पल इसी फ्रेंचाइजी के साथ बिताए हैं। दिल्ली कैपिटल्स को क्या फायदा? …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 1 min · National Desk

Air India: एअर इंडिया में बड़ा बदलाव, पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव खरोला वरिष्ठ प्रबंधन टीम में शामिल

एअर इंडिया ने अपनी वरिष्ठ प्रबंधन टीम में एक बड़ा बदलाव किया है। पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को कार्यकारी सलाहकार नियुक्त किया गया है। वह एअर इंडिया के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन को रिपोर्ट करेंगे। खरोला प्रबंधन समिति के पूर्णकालिक सदस्य भी होंगे। खरोला की वापसी क्यों महत्वपूर्ण है? यह जानकारी एक आंतरिक संचार के माध्यम से सामने आई है। खरोला तत्काल प्रभाव से अपनी नई भूमिका संभालेंगे। वह पहले भी एअर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक रह चुके हैं। उन्होंने सरकारी स्वामित्व के दौरान दो साल से अधिक समय तक यह पद संभाला था। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में एअर इंडिया का अधिग्रहण किया था। एयरलाइन वर्तमान में कई चुनौतियों और भारी नुकसान का सामना कर रही है। इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने इस्तीफा दे दिया है। वह आने वाले महीनों में अपना पद छोड़ देंगे। खरोला एअर इंडिया के लिए कोई नए नहीं हैं। उन्होंने 2017 से 2019 तक अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया था। इसके बाद वह नागरिक उड्डयन सचिव बने। इस भूमिका में वह एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया में गहराई से शामिल थे। विल्सन ने आंतरिक संचार में खरोला के अनुभव को अमूल्य बताया। यह अनुभव नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के लिए सुचारु नेतृत्व परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। एअर इंडिया किन चुनौतियों का सामना कर रही है? टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद भी एअर इंडिया को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइन भारी वित्तीय नुकसान झेल रही है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी विल्सन का इस्तीफा भी एक बड़ी चुनौती है। कंपनी को नए नेतृत्व की आवश्यकता है। इन परिस्थितियों में खरोला का अनुभव म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

लखनऊ अग्निकांड: आग लगने के बाद भाग क्यों नहीं सके बच्चे? सामने आई मुख्य वजह; सीएम सख्त, अब तक चार गिरफ्तार

बिल्डिंग में संचालित एनिमेशन सेंटर पूरी तरह से ऑटोमेटिक था। सेंटर का गेट भी बॉयोमीट्रिक व्यवस्था से खुलता था। आग लगते ही गेट लॉक हो गया। भीतर मौजूद लोगों ने काफी प्रयास किया, लेकिन गेट नहीं खुला। गेट इतना भारी था कि उसको भीतर से तोड़ा भी नहीं जा सका। इसके कारण सेंटर के कर्मचारी और वहां ट्रेनिंग ले रहे लोग फंस गए। काफी प्रयास के बाद भी वे लोग बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई। अग्निकांड का कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। शुरू में जब आग लगी तो कुछ युवक युवतियों ने हिम्मत दिखाते हुए बिल्डिंग का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद बिजली के तार के सहारे तीसरे तल से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ युवक युवती तार पकड़कर उतरते समय नीचे गिर गए। यही नहीं आग का विकराल रूप देखकर कुछ युवकों ने नीचे छलांग लगा दी। हादसे में जान गंवाने वाले मूलरूप से सीतापुर निवासी आदित्य श्रीवास्तव सेंटर में थ्री डी एनिमेशन का कोर्स कर रहे थे। वह राम राम बैंक चौराहे के पास किराए के मकान में रहते थे। परिवार में पिता आलोक और मां कल्पना हैं। बेटे की मौत की खबर पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बेटे ने बताया था कि सेंटर में हाई लेवल के उपकरण लगे हैं। बिना बॉयोमीट्रिक के कोई भी भीतर नहीं जा सकता है। आग लगने के दौरान बिल्डिंग की बिजली चली गई थी। इससे सारा सिस्टम ठप हो गया और भीतर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

नगरासू गुरुद्वारा विवाद: भोजन लेने आए निहंग ने ध्यान भटकाने के लिए की पत्थरबाजी, तीन छत से उतरे, चार अब भी डटे

नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिन से चल रहा गतिरोध धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ता दिख रहा है। गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे सात निहंगों में से तीन नीचे उतर आए हैं। इनमें से दो को पुलिस प्रशासन ने उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया, जबकि चार निहंग अब भी छत पर मौजूद हैं। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात प्रशासन के समझाने के बाद एक निहंग नीचे उतर आया था। सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए लंगर स्थल तक पहुंचे। एक निहंग भोजन लेकर वापस चला गया लेकिन दूसरे को पुलिस ने मौके पर ही रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान छत पर मौजूद निहंगों ने पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए पत्थरबाजी भी की। वहीं एक निहंग तलवार लहराते हुए आगे बढ़ा लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया। पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने भी मौके का जायजा लिया गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रबंधक बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि छत पर मौजूद निहंग लगातार तोड़फोड़ कर रहे हैं। उनके अनुसार तीसरी और चौथी मंजिल की दीवारों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तोड़ी गई सामग्री को निहंग अपने बचाव के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। सोमवार को जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने भी मौके का जायजा लिया। इस दौरान अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत, एसडीएम रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी, पुलिस क्षेत्राधिकारी विकास पुंडीर और कोतवाली प्रभारी सुरेश बलूनी ने निहंगों से वार्ता कर उनकी मांगें सुनीं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले को शांतिपूर्वक सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, आईटीब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran Talks: वेंस का दावा- ईरान परमाणु जांचकर्ताओं को देश में आने की देगा इजाजत; तेहरान ने नहीं की पुष्टि

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने बातचीत को लेकर क्या कहा? वेंस ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन बैठकों में समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर निगरानी जैसे मुद्दों पर अहम प्रगति हुई है। वेंस ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कई जरूरी कदमों पर सहमति बनी है, ताकि क्षेत्र में शांति बनाए रखी जा सके। उन्होंने कहा, बातचीत में सबसे अहम बात यह तय हुई कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन होता है, इसलिए इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। इससे तेल और गैस की कीमतों पर भी असर पड़ता है। वेंस ने यह भी बताया, संघर्ष को रोकने और भविष्य में तनाव की स्थिति को संभालने के लिए एक ढांचा तैयार किया गया है, खासकर लेबनान में इस्राइल के हमलों से जुड़े मुद्दे पर। उन्होंने कहा, ईरान लंबे समय बाद परमाणु कार्यक्रम के जांचकर्ताओं को देश में आने दे रहा है। हम जांच को मजबूत करेंगे, ताकि यह शासन कभी भी परमाणु हथियार न रख सके। ये भी पढ़ें: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा, तकनीकी बातचीत आगे भी जारी रहेगी। दोनों पक्ष अपनी-अपनी टीमें वहीं छोड़कर आगे चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, किसी भी समझौते की सफलता शब्दों पर नहीं, बल्कि वास्तविक कार्रवाई पर निर्भर करेगी। स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा? इसी बीच, स्विट्जरलैंड ने बर्जेनस्टॉक में अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर के बीच हुई कूटनीतिक बातचीत में हुई प्रगति का स्वागत किया। स्विस विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एक उच्च-स्तरीय समिति बनाने और 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने तीन दिन बाद भी नहीं सौंपी रिपोर्ट, बड़े पदाधिकारी को बचाने की कोशिश की आशंका

राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी को बचाने की जद्दोजहद चल रही है, ताकि वह बेदाग रह सकें। इसलिए मंथन चल रहा है कि किस पर और किस तरह की कार्रवाई की जाए। एसआईटी को लौटे तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक नहीं पहुंच सकी है। चोरी का मामला उजागर होने के बाद से ट्रस्ट के पदाधिकारी उसे दबाने में जुटे थे। एसआईटी की टीम ने छह दिन तक अयोध्या में तफ्तीश कर चढ़ावे में हेरफेर के साक्ष्य जुटाए। छानबीन में यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर किस तरह रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था। इसलिए एसआईटी ने एक तरफ आपराधिक कृत्य करने वालों की सूची तैयार की और दूसरी तरफ लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल किए।इसमें एक बड़ा नाम भी शामिल है, जिनकी ट्रस्ट में भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। सोशल मीडिया पर उनको लेकर तमाम चर्चाएं भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई में देरी की वजह भी इसी नाम को माना जा रहा है। जब तक इस बारे में ऊपर यानी दिल्ली से निर्देश नहीं मिलेंगे, तब तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है।मामले में निर्माण समिति के गोपाल राव चर्चा में हैं। उनकी भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शनिवार देर शाम एसआईटी के लौटने के बाद गोपाल राव कर्नाटक चले गए और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। उसके फोटो और वीडियो भी वायरल हैं। पहले बताया जा रहा था कि एसआईटी ने मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी लोगों के जिले के बाहर जाने पर रोक लगा दी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

June 23, 2026 · 2 min · National Desk