पहाड़ी राज्यों में बारिश-भूस्खलन से भारी तबाही: मैदानी इलाकों में कमजोर पड़ा मानसून, उमस-गर्मी से लोग परेशान

मौसम विभाग (आईएमडी) ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इधर, पुणे के पास मोशी स्थित वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट में इमारत गिरने के हादसे में लापता आखिरी व्यक्ति का शव भी रविवार तड़के बरामद कर लिया गया। इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।बचाव दल ने तलाशी अभियान पूरा होने के बाद इसे समाप्त कर दिया। वायनाड में गत दिनों हुए भूस्खलन की घटना में एक शव और बरामद कर लिया गया है। इसके विपरीत, देश के उत्तर-पश्चिम व मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। वजह पाकिस्तान की ओर से आ रही गर्म और सूखी पश्चिमी हवाएं हैं। वातावरण की नमी कम हो रही है, बादल कम बन रहे हैं। इससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में अपेक्षित बारिश नहीं हो रही है। उमस व गर्मी बनी हुई है।मौसम विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, देश के 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब होने के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून को सक्रिय रखने वाले सिस्टम का कमजोर पड़ना है। 9 जुलाई के बाद बंगाल की खाड़ी में कोई नया मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बना, जिससे मानसूनी हवाओं को पर्याप्त नमी नहीं मिल सकी। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में बादल और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं। फिलहाल बारिश मुख्य रूप से उत्तर भारत, पूर्वी राज्यों और पूर्वोत्तर तक सीमित है। आईएमडी का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

Caste Census: जातिगत गिनती की बाधाएं दूर करने की कोशिश, अगस्त में प्रश्नावली; आंकड़ों की शुद्धता पर जोर

लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जातिगत जनगणना इसी साल सितंबर में होनी है, ऐसे में जनगणना के दूसरे चरण से जुड़े सवाल अगस्त महीने में जारी कर दिए जाएंगे। जनगणना का पहला चरण अब पूरा होने को है। अगले चरण के लिए एक मार्च, 2027 के दिन को मानक मानकर लोगों की गिनती व उनकी जाति की गणना के लिए प्रश्नावली का फ्रेमवर्क बन रहा है। इसमें हर नागरिक से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी मांगी जाएगी।दूसरे चरण का काम शुरू करने से भारत के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से पहले जनगणना प्रगणकों का एक पूर्वाभ्यास कराया जा रहा है। इसमें जाति पता करने में कई तरह की भ्रामक या आधी अधूरी सूचनाएं मिल रही हैं। अब समस्या है कि जातियों व उपजातियों का वर्गीकरण कैसे किया जाए। अगर किसी से केवल उसकी जाति पूछी जाए, तो एक जाति वर्ग में आने वाले लोग अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम ले रहे हैं। इसीलिए जातिगत आंकड़ों की सटीकता व शुद्धता पर ज्यादा जोर है।जब 1931 में आखिरी जातिगत जनगणना हुई, तो 4,147 जातियों के नाम सामने आए। जब 2011 की जनगणना के साथ-साथ सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना हुई, तो 46 लाख जातियां निकल आईं। जातियों की संख्या इसलिए बढ़ गई क्योंकि प्रश्नावली में सीधा सवाल पूछा गया कि आपकी जाति क्या है। जवाब में जातियों, उप-जातियों, गोत्र व कुल के नाम भी लोगों ने दर्ज कराए। इसीलिए केंद्र सरकार ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट में कहा कि 2011 में जाति गणना त्रुटियों से भरी हुई है।शायद इसी वजह से इस कवायद का निर्रथक माना गया और इसके नतीजे सार्वजनिक नहीं हुए। अब उन्हीं व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

US-Iran: 'बातचीत की हर कोशिश चाहते थे राष्ट्रपति ट्रंप', पीएम नेतन्याहू ने बताई ईरान पर अमेरिकी नीति क्या?

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ईरान के साथ बातचीत के जरिए परमाणु मुद्दे का समाधान निकालना चाहते थे। उनके मुताबिक, ट्रंप की कोशिश थी कि राजनयिक समझौते की सभी संभावनाएं पूरी तरह खत्म होने के बाद ही दूसरे विकल्पों पर विचार किया जाए। एनबीसी के मीट द प्रेस कार्यक्रम में एक साक्षात्कार के दौरान नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि अगर तेहरान अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता है, तो अमेरिकी नेता बल प्रयोग करने में संकोच नहीं करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के माध्यम से खास रूप से परमाणु मुद्दे पर समझौते तक पहुंचने की हर संभव कोशिश करना चाहते हैं। लेकिन जाहिर है, जब ईरान अपने हर वादे को तोड़ता है, तो वे बल प्रयोग करने से भी नहीं हिचकिचाते और आमतौर पर वादे करने के कुछ घंटों या कुछ मिनटों के भीतर ही वे ऐसा कर देते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि हमें राष्ट्रपति को अपना मौका देना चाहिए।’ नेतन्याहू ने आभार क्यों व्यक्त किया? इस्राइल के प्रधानमंत्री ने ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला करने में अमेरिका- इस्राइल के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही कहा कि उनके संयुक्त प्रयासों ने तेहरान को परमाणु हथियार और उन्हें पहुंचाने के साधन हासिल करने से रोक दिया है। उन्होंने कहा, ‘आप जानते हैं इस्राइल इस बात के लिए बेहद आभारी है कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार और उन्हें पहुंचाने के साधन हासिल करने से रोकने के लिए सेना में शामिल हुआ, न केवल हमारे खिलाफ बल्कि पूरे पश्चिम और संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ।’ परमाणु को लेकर क्या बोले नेतन्याहू? नेतन्याहू ने क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान नीति-2026: छह गुना बढ़ेगा स्वास्थ्य अनुसंधान पर खर्च, कई बड़ी बीमारियों पर फोकस

नई नीति में सरकार ने कहा है कि अब सिर्फ शोध पत्र प्रकाशित करना उद्देश्य नहीं, बल्कि ऐसी रिसर्च को बढ़ावा देना है, जिससे नई दवाएं, वैक्सीन, जांच तकनीक और इलाज आम लोगों तक तेजी से पहुंच सके। ड्राफ्ट नीति के अनुसार, आने वाले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य अनुसंधान का पूरा फोकस उन बीमारियों पर रहेगा, जिनका देश में सबसे ज्यादा बोझ है। इनमें कैंसर, टीबी, मधुमेह, हृदय रोग, मानसिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस, संक्रामक रोग और बुजुर्गों की बीमारियां शामिल हैं। सरकार समय-समय पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान एजेंडा तैयार करेगी, ताकि जरूरत के मुताबिक प्राथमिकताएं तय की जा सकें।नीति के तहत देशभर के मेडिकल कॉलेजों में मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट (एमआरयू) का विस्तार किया जाएगा। साथ ही, अभी तक वायरस की जांच और रिसर्च करने वाली वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (वीआरडीएल) को अपग्रेड कर इन्फेक्शियस डिजीज रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (आईआरडीएल) बनाया जाएगा। इससे बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी जनित बीमारियों पर भी व्यापक रिसर्च हो सकेगी। ड्राफ्ट नीति में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के संस्थानों को देश के स्वास्थ्य अनुसंधान की रीढ़ बनाने की बात कही गई है। इसके लिए अत्याधुनिक लैब, नई तकनीक और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय विकसित किया जाएगा, ताकि देशभर में एक मजबूत रिसर्च नेटवर्क तैयार हो सके।सरकार ने नीति में स्टार्टअप, उद्योग, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च संस्थानों के सहयोग से स्वदेशी दवाओं, वैक्सीन, मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट के विकास पर जोर दिया है। नई नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), जीनोमिक्स, डिजिटल हेल्थ डाटा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis: अमेरिका ने फिर की ईरान पर बमबारी, धमाकों से दहले कई इलाके; तेहरान ने दिया क्या जवाब?

सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है, ताकि ईरानी बलों को उनके कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।ईरान के विदेश मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के हालिया प्रयासों को कमजोर किया है। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत “वैध सैन्य लक्ष्य” मान सकते हैं।मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कथित बयान को भी खारिज किया। ईरान ने इसे “पूरी तरह झूठ” बताते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।सेंटकॉम ने कहा, “आज शाम 5 बजे (ईटी) अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान पर एक और दौर के हमले शुरू किए। इनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। राष्ट्रपति ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों का निर्देश दिया है।“अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान के सरकारी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

Ram Mandir: घोटाले में लिप्त बैंककर्मी को बना दिया था चढ़ावे की रकम का गणना प्रभारी, बिना जांच रखे कर्मचारी

चढ़ावा चोरी में जेल भेजे गए आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को लेकर एसआईटी की विस्तृत जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सुभाष जब बैंक में था, तब उसे घोटाले के आरोप में बर्खास्त किया गया था। हालांकि बाद में वह कोर्ट से बहाली का आदेश लेकर आया था। ऐसे में सवाल उठता है कि ट्रस्ट ने बिना किसी जांच-पड़ताल के सुभाष को नौकरी पर रखा। वह भी सबसे संवेदनशील कार्य गणना का इंचार्ज बना दिया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ट्रस्ट ने किस कदर आंखें मूंदकर काम किया। मामले में अब तक कुल आठ आरोपी जेल भेजे गए हैं। इसमें गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल है। गणना प्रक्रिया की देखरेख करने से लेकर नकदी आदि बैंक भिजवाने तक की जिम्मेदारी सुभाष की थी। जांच में सामने आया था कि उसकी मिलीभगत की वजह से आरोपी रकम पार करते रहे थे। वहीं, जब एसआईटी प्रकरण की विस्तृत जांच कर रही है, तो उसमें एक और चौंकाने वाला तथ्य उजागर हुआ। पता चला कि सुभाष सिंडिकेट बैंक में काम करता था। उसी दौरान गबन व घोटाले का एक मामला हुआ था। विभागीय जांच के बाद सुभाष श्रीवास्तव को बैंक से बर्खास्त कर दिया गया था। कार्रवाई के खिलाफ वह कोर्ट पहुंचा था, जहां से उसे बहाली का आदेश मिला था। बहाल होने के बाद उसने नौकरी ज्वाइन की थी। रिटायर होने के बाद वह राम मंदिर में काम करने लगा था।सूत्रों के अनुसार मंदिर में नौकरी पर लोगों को रखने की प्रक्रिया को एसआईटी ने बेहद अहम माना है। मनचाहे तरीके से तमाम कर्मचारियों को रखा गया था। इसी में सुभाष को भी रखने का मामला सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि सुभाष ट्रस्ट के पदाधिकारियों के संपर्क में था। लिहाजा, जब वह रिटायर हुआ तो बिना जांच के उसे नौकरी पर रख लिया गया था। लोग बताते हैं, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia LIVE: अमेरिका ने ईरान पर फिर शुरू की बमबारी, कई जगहों पर सुनाई दिए धमाके; होर्मुज को लेकर छिड़ी जंग

03:18 AM, 13-Jul-2026 अमेरिका ने ईरान पर फिर शुरू किए बमबारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और आम नाविकों पर हमला करने की ईरानी क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करना है। अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर की गई इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य मकसद नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी सेना को इन हमलों के लिए जवाबदेह ठहराना है। At 5 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching more strikes against Iran to continue degrading their ability to attack civilian mariners and commercial ships freely transiting the Strait of Hormuz. The Commander in Chief has directed the strikes to hold Iranian… — U.S. Central Command (@CENTCOM) July 12, 2026 अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए सिरे से हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और आम नाविकों पर हमला करने की ईरानी क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करना है। अमेरिकी कमांडर-इन-चीफ के सीधे निर्देश पर की गई इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य मकसद नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरानी सेना को इन हमलों के लिए जवाबदेह ठहराना है। 12:57 AM, 13-Jul-2026 होर्मुज पर अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच विवाद गहरा जाता रहा है। वाणिज्यिक जहाजों पर हालिया हमलों के बाद जहां ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को अपने नियंत्रण में बताते हुए बं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

क्या ईरान नहीं चाहता समझौता?: ट्रंप ने लगाए आरोप, बोले- बैठक में भरी हामी, फिर एक घंटे बाद किया जहाज पर हमला

पश्चिम एशिया में होर्मुज को लेकर एक बार फिर से संघर्ष छिड़ चुका है। होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ बमबारी की है। वहीं, ईरान ने भी पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों समेत कई जगहों पर हमले किए हैं। ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है। उन्होंने क्षेत्र पर नियंत्रण के ईरानी दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर आवाजाही जारी है।एनबीसी के कार्यक्रम मीट द प्रेस में बातचीत के दौरान ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ हालिया कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह विफल हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि तेहरान के साथ एक संभावित समझौता ईरान की ओर से एक वाणिज्यिक जहाज पर कथित सैन्य हमले के बाद टूट गया। ट्रंप ने कहा कि शनिवार को हुई बातचीत के दौरान ईरानी प्रतिनिधि कई अहम रियायतों पर सहमत हो गए थे। उनके अनुसार, इसमें परमाणु कार्यक्रम और सैन्य गतिविधियों को पूरी तरह छोड़ने जैसे मुद्दे भी शामिल थे।उन्होंने कहा, “हमारी उनसे बैठक हुई थी। उन्होंने कल समझौते पर सहमति जताई थी। यह हमारे लिए पूरी तरह उपयुक्त समझौता था। न परमाणु कार्यक्रम, न यह, न वह, कुछ भी नहीं। उन्होंने सब कुछ छोड़ने पर सहमति दी, लेकिन बैठक से बाहर निकलने के एक घंटे के भीतर ही उन्होंने एक जहाज पर ड्रोन हमला कर दिया।“ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला करते हुए कहा, “वे बेहद बुरे और बीमार मानसिकता वाले लोग हैं।” होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, “यह खुला है।” उन्होंने आगे कहा, “हमने बीती रात उन पर जबरदस्त बमबारी की।“ट्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

Murder: बदरपुर में चाकू मारकर नाबालिग की हत्या, दो आरोपी गिरफ्त में; दिल्ली पुलिस कर रही है छानबीन

बदरपुर के मोलड़बंद इलाके में चाकू मारकर 17 साल के एक लड़के की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में दो आरोपियों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक बदरपुर पुलिस स्टेशन को रात करीब 8 बजे स्थानीय बीट स्टाफ से मोलड़बंद, बदरपुर के पांडे मेडिकल स्टोर पर चाकू मारने की घटना की सूचना मिली। #WATCH | Delhi: A 17-year-old boy died after being stabbed in the Molarband area of Badarpur. Police have apprehended two accused in connection with the incident. (Visuals from the spot) https://t.co/rsFPMBZJrP pic.twitter.com/PZT1JBfewi— ANI (@ANI) July 12, 2026 #WATCH | Delhi: Jagmohan Singh, father of deceased, said, “My son’s name is Yash and he was 17 years old. He was in class 12th… I don’t know what had happened… He left the house at 6:30-6:45 PM… He went to get fuel with a friend… ten minutes later, I got a call saying he… https://t.co/bZFPlLi931 pic.twitter.com/SrNtg5JZWb — ANI (@ANI) July 12, 2026 शुरुआती जांच से पता चला है कि पीड़ित मोलड़बंद एक्सटेंशन का रहने वाला 17 साल का लड़का था। आरोप है कि उसे उस लड़की के भाई ने मौके पर बुलाया था जिसके साथ उसका रिश्ता था। अपने तीन दोस्तों के साथ मौके पर पहुंचने पर दूसरे पक्ष के साथ उसका झगड़ा हो गया। इसी दौरान पीड़ित की छाती और पेट में धारदार चाकू मारा गया।लोगों की मदद से उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई। बाद में चोटों के कारण पीड़ित की मौत हो गई। संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है और मामले में 2 आरोपियों को पकड़ा गया है। पुलिस टीमें बाकी आरोपियों की तलाश कर र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk

Thailand Pub Fire Incident: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पब में भीषण आग, 27 लोगों की मौत; कई गंभीर रूप से घायल

A fire tore through a restaurant in Bangkok’s Chom Phon area of Chatuchak, Thailand, killing at least 29. pic.twitter.com/p2NTGrK1jp — Open Source Intel (@Osint613) July 12, 2026 वर्ष 2022 में देश के पूर्वी हिस्से के एक म्यूजिक पब में लगी आग में 14 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले 1 जनवरी 2009 को बैंकॉक के सैंटिका नाइटक्लब में नववर्ष समारोह के दौरान आग लगने से 66 लोगों की जान गई थी और 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस हादसे का कारण कथित तौर पर इनडोर आतिशबाजी थी। राहतकर्मियों ने बताया कि आग लगने की सूचना देर रात को मिली। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उत्तरी बैंकॉक स्थित पब के मुख्य द्वार से ऊंची लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। लोग जान बचाने के लिए बाहर भागते नजर आए, जबकि आसमान में काले धुएं का घना गुबार फैल गया।थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीरकुल ने घटनास्थल पर पत्रकारों से कहा कि हादसे में 27 लोगों की मौत हुई है और कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।अधिकारियों के मुताबिक, आग पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को लगभग 30 मिनट लगे। हादसे के बाद की तस्वीरों में पब के अंदर जली हुई मेज-कुर्सियां और बुरी तरह क्षतिग्रस्त ढांचा दिखाई दे रहा है। फिलहाल अधिकारी बैंकॉक के ताजा हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं। मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।थाईलैंड में इस तरह की त्रासदियां पहले भी हो चुकी हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 13, 2026 · 2 min · National Desk