सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति के निर्देश पर की गई है, ताकि ईरानी बलों को उनके कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।ईरान के विदेश मंत्रालय ने पिछले 24 घंटों में हुए अमेरिकी सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इन हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के हालिया प्रयासों को कमजोर किया है। विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए करने की अनुमति देता है, तो ऐसे हमलों के स्रोत को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत “वैध सैन्य लक्ष्य” मान सकते हैं।मंत्रालय ने मस्कट में हुई वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कथित बयान को भी खारिज किया। ईरान ने इसे “पूरी तरह झूठ” बताते हुए कहा कि बातचीत का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री जहाजों की आवाजाही के प्रबंधन से जुड़े इंतजाम थे। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सचिवालय की प्रतिक्रिया की भी आलोचना की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव तथा सुरक्षा परिषद से अमेरिकी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की।सेंटकॉम ने कहा, “आज शाम 5 बजे (ईटी) अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेनाओं ने ईरान पर एक और दौर के हमले शुरू किए। इनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से स्वतंत्र रूप से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने की ईरान की क्षमता को और कमजोर करना है। राष्ट्रपति ने ईरानी बलों को जवाबदेह ठहराने के लिए इन हमलों का निर्देश दिया है।“अमेरिकी कार्रवाई के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान के सरकारी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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