एक्सप्लेनर: नीले ड्रम वाले साहिल-मुस्कान को मौत की सजा, पर फांसी होना तय नहीं; जानें क्यों, क्या है कानून?

एक्सप्लेनर: नीले ड्रम वाले साहिल-मुस्कान को मौत की सजा, पर फांसी होना तय नहीं; जानें क्यों, क्या है कानून? ऐसे में यह जानना अहम है कि मेरठ के जिस बहुचर्चित हत्याकांड में मौत की सजा का एलान हुआ है, उसके दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अभी राज्य/शासन (स्टेट) के सामने कितनी अड़चनें हैं और मुस्कान-साहिल के पास अभी इस सजा से बचने के लिए कितने रास्ते हैं? इस मामले में कानून क्या कहता है? सजा से लेकर फांसी के फंदे तक पहुंचने की राह क्या है? अमर उजाला ने इस मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में वकील और कानूनी मामलों की जानकार आभा सिंह से बात की। मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी पाए गए साहिल और मुस्कान को आज निचली अदालत की तरफ से मौत की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने इस मामले को जघन्य अपराध मानते हुए दोनों को ही मृत्युदंड देने का फैसला किया। इस फैसले के साथ ही अब भारत में मौत की सजा पाए लोगों के फेहरिस्त में दो और नाम जुड़ गए। ऐसा इसलिए, क्योंकि निचली अदालत की तरफ से साहिल-मुस्कान को मौत की सजा सुनाई जरूर गई है, लेकिन भारत के कानून के तहत अब भी यह तय नहीं है कि दोषी फांसी के फंदे तक पहुंचेंगे भी या नहीं और अगर पहुंचेंगे तो इसमें कितना समय लग सकता है। पहले जानें- साहिल-मुस्कान को किस मामले में हुई सजा, कोर्ट ने क्या कहा? मामला: साहिल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 15, 2026 · 2 min · National Desk

श्रीनगर: उड़ी के राजेरवानी में भारी भूस्खलन, राष्ट्रीय राजमार्ग बंद; 33 केवी लाइन टूटने से 50 गांव अंधेरे में

उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सीमांत सब-डिवीजन उड़ी में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राजेरवानी क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ है। इस आपदा से राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, वहीं 33 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के करीब 40 से 50 गांव अंधेरे में डूब गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एनएचपीसी उड़ी-I के पास एडीआईटी-4 के समीप भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रभावित हिस्से पर लगातार पत्थरों के गिरने से स्थिति काफी जोखिम भरी बनी हुई है।प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एक एडवाइजरी जारी कर इस मार्ग से यात्रा न करने की अपील की है। चालकों और यात्रियों को गिंगल–दावरान–परमपिला–बांडी–उड़ी के वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, रात के समय और लगातार गिरते पत्थरों के कारण मलबा हटाने के काम में बाधा आ रही है।भूस्खलन की चपेट में आने से मुख्य 33 कीवी विद्युत लाइन टूट गई, जिसके कारण क्षेत्र में शाम से ही ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है। बिजली विकास विभाग (पीडीडी) के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिकूल मौसम और लगातार पत्थरों के गिरने के कारण मरम्मत कर्मियों के लिए मौके पर पहुंचना खतरनाक बना हुआ है। अधिकारी के अनुसार, बांडी और सलामाबाद फीडर मौसम साफ होने और प्रभावित क्षेत्र के सुरक्षित होने तक प्रभावित रह सकते हैं। स्थिति सामान्य होते ही प्राथमिकता के आधार पर बहाली का कार्य शुरू किया जाएगा।गौरतलब है कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते एनएस ब्रिज और आसपास के इलाकों में गीली मिट्टी और फिसलन के कारण भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 15, 2026 · 2 min · National Desk

ट्रंप का दावा: ग्रीनलैंड में जल्द होगी तेल-गैस की बड़ी खोज, रूस से डील पर जेलेंस्की क्यों हुए नाराज?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ग्रीनलैंड में जल्द ही बड़े पैमाने पर तेल, गैस और खनिजों की खोज शुरू होने वाली है। उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका का नया और खूबसूरत ग्रीनलैंड बताया है। दूसरी ओर, रूस के साथ डीजल ईंधन को लेकर हुए समझौते पर ट्रंप को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी ट्रंप के रवैये पर नाराजगी जताई है। इन घटनाओं से ग्रीनलैंड पर अमेरिकी मंशा और रूस-यूक्रेन युद्ध में ट्रंप की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर ग्रीनलैंड में तेल, गैस और खनिजों की खोज को लेकर दावा किया। ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका, डेनमार्क और वहां के प्रशासन के बीच बीते महीने सुरक्षा समझौता भी हुआ था। इसके तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की अनुमति मिली है। हालांकि, इस समझौते में अमेरिका को तेल की खोज या खनन का अधिकार नहीं दिया गया है। ऐसे में ट्रंप के दावे और समझौते की शर्तों के बीच अंतर दिखाई देता है।ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। वह वर्ष 2019 से ही सुरक्षा का हवाला देकर ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने या खरीदने की बात कहते रहे हैं। हालांकि, ग्रीनलैंड ने अमेरिकी नियंत्रण की कोशिशों का विरोध किया है। वहां वर्ष 2021 में तेल की नई खोज पर रोक लगा दी गई थी। डेनमार्क के सुरक्षा नीति सलाहकार जैकब कार्सबो ने भी चेताया है कि सुरक्षा समझौते को ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा खत्म होने का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। यानी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की अनुमति मिलने का मतलब यह नहीं है कि अमेरिका को वहां क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

महाराष्ट्र: उल्हासनगर स्टेशन के पास युवक की गोली मारकर हत्या, सिर में मारी दो गोलियां; हमलावरों की तलाश जारी

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में उल्हासनगर रेलवे स्टेशन परिसर के पास बुधवार रात एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हरीश गजवानी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वारदात के पीछे की असली वजह और हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना बुधवार रात करीब 8:30 बजे उल्हासनगर के कैंप-4 इलाके में हुई। यहां अज्ञात हमलावरों ने हरीश गजवानी के सिर में दो गोलियां मारीं। गोली लगने से उनकी मौत हो गई।पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या का संबंध पुरानी रंजिश से होने की आशंका है। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे का सटीक कारण सामने नहीं आया है। वारदात को अंजाम देने वाले हमलावर कौन थे, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है घटनास्थल का निरीक्षण कर रही विशेष पुलिस टीम मामले की जांच के लिए पुलिस की एक विशेष टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। पुलिस वारदात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल में जुटी है। हालांकि, अभी तक हत्या के पीछे का सटीक मकसद सामने नहीं आया है। हरीश गजवानी के शव को पोस्टमार्टम के लिए सेंट्रल अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बाद आगे की जांच में मदद मिल सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: नीले ड्रम वाले साहिल-मुस्कान को मौत की सजा, पर फांसी होना तय नहीं; जानें क्यों, क्या है कानून?

एक्सप्लेनर: नीले ड्रम वाले साहिल-मुस्कान को मौत की सजा, पर फांसी होना तय नहीं; जानें क्यों, क्या है कानून? ऐसे में यह जानना अहम है कि मेरठ के जिस बहुचर्चित हत्याकांड में मौत की सजा का एलान हुआ है, उसके दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने में अभी राज्य/शासन (स्टेट) के सामने कितनी अड़चनें हैं और मुस्कान-साहिल के पास अभी इस सजा से बचने के लिए कितने रास्ते हैं? इस मामले में कानून क्या कहता है? सजा से लेकर फांसी के फंदे तक पहुंचने की राह क्या है? अमर उजाला ने इस मुद्दे पर कानूनी प्रक्रिया के बारे में जानने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में वकील और कानूनी मामलों की जानकार आभा सिंह से बात की। मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी पाए गए साहिल और मुस्कान को आज निचली अदालत की तरफ से मौत की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने इस मामले को जघन्य अपराध मानते हुए दोनों को ही मृत्युदंड देने का फैसला किया। इस फैसले के साथ ही अब भारत में मौत की सजा पाए लोगों के फेहरिस्त में दो और नाम जुड़ गए। ऐसा इसलिए, क्योंकि निचली अदालत की तरफ से साहिल-मुस्कान को मौत की सजा सुनाई जरूर गई है, लेकिन भारत के कानून के तहत अब भी यह तय नहीं है कि दोषी फांसी के फंदे तक पहुंचेंगे भी या नहीं और अगर पहुंचेंगे तो इसमें कितना समय लग सकता है। पहले जानें- साहिल-मुस्कान को किस मामले में हुई सजा, कोर्ट ने क्या कहा? मामला: साहिल …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

साहिल-मुस्कान को सजा-ए-मौत: दोनों को बचपन से था प्यार, 2019 से फिर दोनों आए थे करीब, पढ़ें खौफनाक लव स्टोरी

1 of 8 साहिल-मुस्कान हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिला अदालत ने पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साहिल और मुस्कान बचपन से एक-दूसरे जानते थे। दोनों ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित विवेकानंद स्कूल में आठवीं क्लास तक साथ पढ़े थे। आठवीं के बाद दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए चले गए। इसके बाद इनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। वहीं, ब्रह्मपुरी स्थित इंदिरानगर निवासी सौरभ मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था। उसके घर के पास मुस्कान के नाना अनिल रस्तोगी रहते थे, जो ज्योतिषी थे। अक्सर ब्रह्मपुरी के गौरीपुरा मोहल्ले से मुस्कान नाना के घर आती थी। सौरभ का भी अनिल रस्तोगी के घर आना जाना था। 2016 में दोनों की मुलाकात हुई और प्रेम हो गया। 2 of 8 आरोपी मुस्कान और प्रेमी साहिल शुक्ला - फोटो : अमर उजाला 2019 में सौरभ गया विदेश, तभी साहिल-मुस्कान की बढ़ीं थीं नजदीकियां सौरभ और मुस्कान शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवार के लोग शादी करने के लिए राजी नहीं थे। हालांकि बाद में दोनों के परिजन मान गए थे। 2016 में उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद सौरभ ने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी और परतापुर में प्लाईवुड फैक्टरी में काम करने लगा। 2019 में बेटी पीहू का जन्म हुआ। इसके कुछ दिन बाद सौरभ लंदन चला गया और वहां दोस्त के साथ बेकरी में नौकरी करने लगा। मुस्कान फोन पर सौरभ से बातचीत करती थी। वीडियो कॉल पर बेटी से बात कराया करती थी। इसके बाद मुस्कान की जिंदगी में फिर से साहिल की एंट्री हुई। साथ पढ़ने वाले साथियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसके माध्यम से मुस्कान की बातचीत साहिल से हुई। 3 of 8 आरोपी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

कार्रवाई: ईडी ने रिलायंस पावर की 2000 करोड़ से अधिक संपत्ति जब्त की, जानिए क्या है पूरा मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बताया कि उसने अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड (आरपीएल) की भारत में स्थित 2000 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत एक जांच का हिस्सा है। जब्त परिसंपत्तियों में आरपीएल के बैंक शेष और सासन पावर लिमिटेड में उसकी शेयरधारिता शामिल है। जब्ती आदेश 12 अक्तूबर को फेमा की धारा 37ए के तहत 2,032.81 करोड़ रुपये का जारी हुआ। कंपनी ने मंगलवार को एक नियामक फाइलिंग में ईडी के आरोपों को विवादित बताया। कंपनी ने कहा कि वह अपने और सभी शेयरधारकों के हितों की सुरक्षा के लिए कानूनी सलाह के अनुसार उचित कदम उठाएगी। ईडी की जांच भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की एक कार्रवाई से शुरू हुई थी। यह कार्रवाई आरपीएल द्वारा अपनी लेखा-पुस्तकों में 2,101.46 करोड़ रुपये के बट्टे खाते में डालने या प्रावधानों से संबंधित थी। ये बट्टे खाते में डाले गए धन ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) और केमैन आइलैंड्स की कंपनियों में किए गए विदेशी निवेश और अग्रिम से संबंधित थे। क्या है फेमा जांच का आधार? ईडी के अनुसार, रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (जो बाद में आरपीएल में विलय हो गई) ने 2006 में 300 मिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड जुटाए। इसमें से 275 मिलियन डॉलर का निवेश उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सिंगापुर सहायक कंपनी रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज (सिंगापुर) प्राइवेट लिमिटेड (आरएनआरएल-एस) में किया गया। आरएनआरएल-एस ने इन निधियों को डॉयचे बैंक (सुइस) एसए, जिनेवा में जमा किया। इन जमाओं का उपयोग ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में निगमित संस्थाओं को दिए गए ऋणों के लिए गिरवी के रूप में किया गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

स्टारलिंक को मंजूरी मिलने में देरी क्यों? निशिकांत दुबे की समिति करेगी मंथन, मस्क के आरोपों पर भी चर्चा संभव

भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने को लेकर एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक और सरकार के बीच चल रही बहस के बीच संसद की एक समिति इस मुद्दे की विस्तार से जांच करेगी। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संचार और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने सैटेलाइट इंटरनेट को चर्चा के लिए चुना है। ऐसे में सवाल है कि भारत में सैटेलाइट इंटरनेट शुरू होने में देरी क्यों हो रही है और क्या इस मामले में कारोबारी हितों को लेकर उठे आरोपों पर भी चर्चा होगी? समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने 14 अक्तूबर को बैठक के बाद बताया कि आने वाले दिनों में सैटेलाइट इंटरनेट के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि स्टारलिंक ने भारत में सेवा शुरू करने की मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए हैं। मस्क ने आरोप लगाया है कि कुछ ताकतवर कारोबारी समूह उनकी कंपनी की भारत में एंट्री रोकने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सरकार ने नियामकीय प्रक्रिया में भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है।एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कई पोस्ट कर भारत में स्टारलिंक की सेवा शुरू करने में देरी पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को व्यंग्यात्मक अंदाज में ‘प्रधानमंत्री अंबानी’ कहकर संबोधित किया और सवाल उठाया कि क्या भारत के फैसलों पर उनका प्रभाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी ज्यादा है। मस्क ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कारोबारी समूह भारतीय उपभोक्ताओं पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं। इन आरोपों पर संचार मंत्रालय ने कहा कि नियामकीय नियमों को अनुचित या भेदभावपूर्ण बताने वाले दावे बेबुनियाद और गलत हैं।भारत में सैटेलाइट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

कल प्रयागराज आएंगे सीएम: अतीक के कब्जे से छुड़ाई जमीन का करेंगे भूमिपूजन; 150 करोड़ से बनेगी 14 मंजिला इमारत

माफिया अतीक अहमद के कब्जे से मुक्त कराई गई कसारी-मसारी स्थित सरकारी जमीन पर अब लोगों के आशियाने बनेंगे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से यहां प्रस्तावित 14 मंजिला पद्म आवास योजना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री तेलियरगंज चौराहे पर मसुरियादीन की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ गवर्नमेंट प्रेस मैदान में मतदाता सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। कसारी-मसारी में अतीक और उसके गुर्गों के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर पीडीए 602 फ्लैट की आवासीय योजना विकसित करेगा। कभी माफिया के आतंक के कारण जिस इलाके में लोग जाने से डरते थे, वहां अब लोग अपने घर का सपना पूरा कर सकेंगे। इसी जमीन पर अतीक का घर भी हुआ करता था। 150 करोड़ रुपये से बनेगी 14 मंजिला इमारत पद्म आवास योजना के तहत कुल 9,811.35 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बहुमंजिला समूह आवास का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इमारत 14 मंजिला होगी और इसकी ऊंचाई 44.85 मीटर प्रस्तावित है। योजना में पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। हर फ्लैट में दो बेडरूम और दो शौचालय योजना के तहत दो बेडरूम वाले कुल 602 फ्लैट बनाए जाएंगे। प्रत्येक फ्लैट में एक बैठक कक्ष, दो बेडरूम, दो शौचालय, एक बालकनी और एक रसोई होगी। प्रति आवास अनुमानित लागत करीब 28 लाख रुपये बताई गई है। योजना के प्रत्येक तल पर 43 फ्लैट प्रस्तावित हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk

'मोदी हमेशा पीएम नहीं रहेंगे': अमित शाह के बयान पर संजय राउत का बड़ा दावा, एसआईआर पर यूबीटी सांसद क्या बोले?

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए (जिसमें उन्होंने कहा था कि वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) का विपक्ष द्वारा विरोध करना अवैध घुसपैठियों को बचाने की कोशिश है) राउत ने पूछा कि क्या असली भारतीय नागरिक, जिनके नाम हटा दिए गए थे, उन्हें भी घुसपैठिया माना जा रहा है। राउत ने कहा, ‘क्या मैं घुसपैठिया हूं? पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी (जिनका नाम हटा दिया गया था) क्या वे घुसपैठिया हैं? कई सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अधिकारियों के नाम हटा दिए गए, क्या वे घुसपैठिए हैं? अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए।‘गृह मंत्री की बातों पर सीधा कटाक्ष करते हुए राउत ने कहा, ‘अमित शाह के लिए ‘घुसपैठिये’ की परिभाषा बस इतनी है- जो कोई भी भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देता, वह घुसपैठिया है।’ 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सीसीटीवी कैमरों और चुनाव आयुक्तों को दी गई कानूनी सुरक्षा के नियमों के बारे में पूछने पर राउत ने आरोप लगाया कि ये कदम भ्रष्ट तौर-तरीकों को बचाने के लिए उठाए गए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव आयुक्त के लिए सुरक्षा नहीं है; यह उन माफियाओं को दी जा रही सुरक्षा है जो भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोटालों में मदद करते हैं।राउत की यह टिप्पणी शाह के मंगलवार के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं को करारी हार के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2029 के लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस देश के लोगों को एसआईआर की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की आपकी चाल पूरी तरह समझ आ गई है और वे अब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 14, 2026 · 2 min · National Desk