1 of 8 साहिल-मुस्कान हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिला अदालत ने पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साहिल और मुस्कान बचपन से एक-दूसरे जानते थे। दोनों ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित विवेकानंद स्कूल में आठवीं क्लास तक साथ पढ़े थे। आठवीं के बाद दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए चले गए। इसके बाद इनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। वहीं, ब्रह्मपुरी स्थित इंदिरानगर निवासी सौरभ मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था। उसके घर के पास मुस्कान के नाना अनिल रस्तोगी रहते थे, जो ज्योतिषी थे। अक्सर ब्रह्मपुरी के गौरीपुरा मोहल्ले से मुस्कान नाना के घर आती थी। सौरभ का भी अनिल रस्तोगी के घर आना जाना था। 2016 में दोनों की मुलाकात हुई और प्रेम हो गया। 2 of 8 आरोपी मुस्कान और प्रेमी साहिल शुक्ला - फोटो : अमर उजाला 2019 में सौरभ गया विदेश, तभी साहिल-मुस्कान की बढ़ीं थीं नजदीकियां सौरभ और मुस्कान शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवार के लोग शादी करने के लिए राजी नहीं थे। हालांकि बाद में दोनों के परिजन मान गए थे। 2016 में उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद सौरभ ने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी और परतापुर में प्लाईवुड फैक्टरी में काम करने लगा। 2019 में बेटी पीहू का जन्म हुआ। इसके कुछ दिन बाद सौरभ लंदन चला गया और वहां दोस्त के साथ बेकरी में नौकरी करने लगा। मुस्कान फोन पर सौरभ से बातचीत करती थी। वीडियो कॉल पर बेटी से बात कराया करती थी। इसके बाद मुस्कान की जिंदगी में फिर से साहिल की एंट्री हुई। साथ पढ़ने वाले साथियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसके माध्यम से मुस्कान की बातचीत साहिल से हुई। 3 of 8 आरोपी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
साहिल-मुस्कान को सजा-ए-मौत: दोनों को बचपन से था प्यार, 2019 से फिर दोनों आए थे करीब, पढ़ें खौफनाक लव स्टोरी
1 of 8 साहिल-मुस्कान हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिला अदालत ने पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साहिल और मुस्कान बचपन से एक-दूसरे जानते थे। दोनों ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित विवेकानंद स्कूल में आठवीं क्लास तक साथ पढ़े थे। आठवीं के बाद दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए चले गए। इसके बाद इनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। वहीं, ब्रह्मपुरी स्थित इंदिरानगर निवासी सौरभ मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था। उसके घर के पास