केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए (जिसमें उन्होंने कहा था कि वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) का विपक्ष द्वारा विरोध करना अवैध घुसपैठियों को बचाने की कोशिश है) राउत ने पूछा कि क्या असली भारतीय नागरिक, जिनके नाम हटा दिए गए थे, उन्हें भी घुसपैठिया माना जा रहा है। राउत ने कहा, ‘क्या मैं घुसपैठिया हूं? पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी (जिनका नाम हटा दिया गया था) क्या वे घुसपैठिया हैं? कई सैनिकों, पूर्व सैनिकों और अधिकारियों के नाम हटा दिए गए, क्या वे घुसपैठिए हैं? अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए।‘गृह मंत्री की बातों पर सीधा कटाक्ष करते हुए राउत ने कहा, ‘अमित शाह के लिए ‘घुसपैठिये’ की परिभाषा बस इतनी है- जो कोई भी भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देता, वह घुसपैठिया है।’ 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सीसीटीवी कैमरों और चुनाव आयुक्तों को दी गई कानूनी सुरक्षा के नियमों के बारे में पूछने पर राउत ने आरोप लगाया कि ये कदम भ्रष्ट तौर-तरीकों को बचाने के लिए उठाए गए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव आयुक्त के लिए सुरक्षा नहीं है; यह उन माफियाओं को दी जा रही सुरक्षा है जो भारतीय जनता पार्टी के चुनावी घोटालों में मदद करते हैं।राउत की यह टिप्पणी शाह के मंगलवार के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं को करारी हार के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2029 के लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत हासिल करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस देश के लोगों को एसआईआर की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की आपकी चाल पूरी तरह समझ आ गई है और वे अब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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