कांग्रेस: एमपीएससी आंदोलन अब ‘सत्याग्रह’, राहुल गांधी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराया आंदोलन; क्या है मांग?

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्रों के आंदोलन को ‘सत्याग्रह’ बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने अपने आंदोलन को कांग्रेस के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ‘सत्याग्रह’ के रूप में दर्ज कराया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) मूल लेख स्रोत पर पढ़ें ...

October 4, 2026 · 1 min · National Desk

यूपी: क्या प्रदेश के स्कूलों में हो सकता है पितृ विसर्जन का अवकाश?, कैलेंडर में इन नियमों के तहत है छुट्टी

प्रदेश के बेसिक शिक्षकों ने पितृ विसर्जन के दिन दिए गए अवकाश को सार्वजनिक अवकाश की श्रेणी में रखने की मांग की है। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा परिषदीय विद्यालयों के लिए जारी छुट्टियों के कैलेंडर में पितृ विसर्जन पर शिक्षक और शिक्षिकाओं दोनों को अवकाश दिया गया है, लेकिन इसे सार्वजनिक अवकाश की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। शिक्षक संगठनों ने इसको लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब विद्यालयों में इस दिन सभी शिक्षकों को अवकाश दिया जाता है तो इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित करने में क्या अड़चन है? परिषदीय विद्यालयों के कैलेंडर में शिक्षिकाओं के लिए हरितालिका तीज, करवा चौथ, संकटा चतुर्थी, हलषष्ठी, जीउतिया व्रत और अहोई अष्टमी जैसे पर्वों पर भी अवकाश का प्रावधान है। वहीं पितृ विसर्जन पर शिक्षक-शिक्षिकाओं दोनों को छुट्टी मिलती है। ऐसे में इसे सामान्य अवकाश और सार्वजनिक अवकाश की अलग-अलग श्रेणियों में रखने से लोगों में भ्रम की स्थिति बनती है। शिक्षक संगठनों ने मांग की 10 अक्तूबर को पितृ विसर्जन का सार्वजनिक अवकाश सभी शिक्षकों के लिए घोषित किया जाए। ताकि इसे लेकर कोई भ्रम की स्थिति न रहे। शिक्षक संगठनों ने इसको लेकर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जब विद्यालयों में इस दिन सभी शिक्षकों को अवकाश दिया जाता है तो इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित करने में क्या अड़चन है? परिषदीय विद्यालयों के कैलेंडर में शिक्षिकाओं के लिए हरितालिका तीज, करवा चौथ, संकटा चतुर्थी, हलषष्ठी, जीउतिया व्रत और अहोई अष्टमी जैसे पर्वों पर भी अवकाश का प्रावधान है।वहीं पितृ विसर्जन पर शिक्षक-शिक्षिकाओं दोनों को छुट्टी मिलती है। ऐसे में इसे सामान्य अवकाश और सार्वजनिक अवकाश की अलग-अलग श्रेणियों में रखने से …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 4, 2026 · 2 min · National Desk

'गणेश विसर्जन खत्म, अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी': प्रकाश राज ने एसआईआर पर उठाए सवाल; भाजपा ने क्या कहा?

प्रकाश राज ने पश्चिम बंगाल से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का जिक्र किया। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों ने नाम वापस जोड़ने के लिए 38 लाख अपील की हैं। ये अपीलें ट्रिब्यूनल के सामने लंबित हैं। इन्हें तय करने में 10 से 12 साल लग सकते हैं। प्रकाश राज ने सवाल किया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग क्या 10 से 12 साल तक इंतजार करेंगे? उन्होंने पत्रकारों से कहा, कर्नाटक, आंध्र और पूरे भारत में गणेश विसर्जन खत्म हो गया है। अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी है। प्रकाश राज ने कहा कि एसआईआर शुरू होने के समय इसे मतदाता सूची की सफाई की प्रक्रिया बताया गया था। लेकिन अब उनके अनुसार यह नाम जोड़ने की प्रक्रिया नहीं रह गई है। यह नाम हटाने की प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने कहा कि चुनाव सिर्फ आंकड़ों का नाम नहीं है। चुनाव इस देश के उन नागरिकों से जुड़े हैं, जो जिंदा हैं। प्रकाश राज ने बताया कि उन्होंने 10 दिन तक अलग-अलग जिलों का दौरा किया। उन्होंने वहां लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि उनके नाम मतदाता सूची से ‘हटा दिए गए’। इसकी वजह यह थी कि जब बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ उनके घर पहुंचे, तब वे घर पर नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि काम के लिए दूसरी जगह गए दिहाड़ी मजदूरों के नाम भी मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ करते हैं। क्या उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया के बारे में लोगों को पहले से बताया था? प्रकाश राज ने कहा, हमारी मांग है कि एसआईआर को रोका जाए और इसे पूरी तरह खत्म किया जाए। प्रकाश राज की टिप्पणी पर भाजपा ने क्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 4, 2026 · 2 min · National Desk

यूपी: आठ अक्तूबर को अखिलेश जाएंगे अयोध्या, राम मंदिर जाने या न जाने पर छिड़े सियासी कयास; ये है कार्यक्रम

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आठ अक्तूबर को अयोध्या जाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, वह पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होंगे। जारी कार्यक्रम में राममंदिर दर्शन का उल्लेख नहीं है, इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो रही हैं। सपा ने अयोध्या विधानसभा सीट से पवन पांडेय को प्रत्याशी घोषित किया है। ऐसे में सपा प्रमुख का उनके आवास पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना स्थानीय संगठन और चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या लंबे समय से भाजपा और सपा के बीच राजनीतिक विमर्श का प्रमुख केंद्र रही है।अयोध्या में राममंदिर निर्माण के बाद यहां होने वाले नेताओं के दौरे राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में रहते हैं। ऐसे में अखिलेश यादव का अयोध्या आना और प्रस्तावित कार्यक्रम में राममंदिर दर्शन शामिल नहीं होना राजनीतिक बहस का विषय बना है। भाजपा इसे अपने राजनीतिक विमर्श में उठा सकती है, जबकि सपा इसे धार्मिक आयोजन में भागीदारी और स्थानीय कार्यकर्ताओं से संपर्क के रूप में देख रही है।2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या में सपा की सक्रियता बढ़ना भी ध्यान देने योग्य है। लोकसभा चुनाव में फैजाबाद सीट पर सपा की जीत के बाद अयोध्या की राजनीतिक अहमियत और बढ़ी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि ऐसे में अखिलेश का अयोध्या दौरा पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ क्षेत्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल

खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल देशभर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर विवाद और दो चुनाव आयुक्तों की तरफ से चुनाव आयोग की कार्यशैली पर आपत्ति जताए जाने की रिपोर्ट्स के बाद देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों से लेकर कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठनों ने सीईसी के खिलाफ मोर्चा छेड़ दिया है और विरोध तेज करने के संकेत दिए हैं। इस बार खबरों के खिलाड़ी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, संस्थागत जवाबदेही, वोटर लिस्ट से नाम कटने और विपक्षी गठबंधन की रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर और पूर्णिमा त्रिपाठी ने अपना विश्लेषण सामने रखा। पूर्णिमा त्रिपाठी: जब विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए और जनता सड़कों पर उतरी, तब जाकर चुनाव आयोग ने प्रक्रियात्मक गलतियों को सुधारना शुरू किया। 20 राज्यों में छूटे हुए योग्य मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाना और फॉर्म 6 के फॉर्मेट में किए गए बदलावों को वापस लेना इस बात का प्रमाण है कि वैध मतदाताओं के नाम काटे गए थे। वोटर लिस्ट से नाम कटने का असर आम नागरिकों के डोमिसाइल और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा केवल राजन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

कनाडा: भारतीय मूल के पांच लोग गिरफ्तार; जबरन वसूली, गोलीबारी और ड्रग्स तस्करी समेत कई आरोप; पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने इन पांचों आरोपियों को विदेशी नागरिक बताया है। पुलिस के मुताबिक इनमें से एक, 23 वर्षीय संकेत सिंगला, भारत का रहने वाला है। पुलिस द्वारा कनाडा में एंट्री जांच के दौरान उसे गुरुवार को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों में साहिल (24), सिमरनजीत सिंह (24) और हर्ष (21) (जो सभी ब्रिटिश कोलंबिया के रहने वाले हैं) और जगदीप सिंह (24) (जो ओंटारियो का रहने वाला है) को सरे में गिरफ्तार किया गया।पुलिस ने बताया कि पांचो आरोपी अभी हिरासत में हैं। ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने गुरुवार को पांचों पर जबरन वसूली का आरोप लगाया। कुछ आरोपियों पर हथियारों, आगजनी, विस्फोटकों और कोकीन की तस्करी से जुड़े अतिरिक्त आरोप भी हैं। सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सिंगला और सिमरनजीत सिंह ने विस्फोटक से एक वाहन को नुकसान पहुंचाया और संपत्ति को नष्ट करने या नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऑटो शॉप में मोलोटोव कॉकटेल फेंका। रिपोर्ट में कहा गया है कि साहिल पर कोकीन की तस्करी और प्रतिबंधित हथियारों के तस्करी के आरोप भी हैं।पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान चार हथियार, गोला-बारूद और मैगजीन के साथ-साथ संदिग्ध फेंटानिल, कोकीन और अफीम भी जब्त की गई। उनके मुताबिक जांच के दौरान जुटाए गए सबूत ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में जबरन वसूली और हिंसा के अन्य मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं।कैनेडियन प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये गिरफ्तारियां उन मामलों से जुड़ी हैं जिनकी जांच पिछले साल पूरे प्रांत में जबरन वसूली विरोधी टास्क फोर्स के गठन के बाद की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जबरन वसूली के ज्यादातर मामलों में कारोबारियों और दक्षिण एशियाई समुदाय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

एक्सप्लेनर: चीन में इंसानों की जगह एआई से प्यार कर रहे लोग, दोस्ती से आगे बढ़े; सरकार ने की सजा देने की तैयारी

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना? जुलाई में लागू नियमों के तहत सामान्य उल्लंघन पर 10,000 से 100,000 युआन तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर उल्लंघन से किसी नागरिक के जीवन या स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है, तो जुर्माना 100,000 से 200,000 युआन तक हो सकता है। सितंबर 2026: अब एआई के भावनात्मक जुड़ाव को रोकने की कवायद सितंबर 2026 में चीन के साइबरस्पेस प्रशासन ने नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े नए प्रस्ताव जारी किए। इनमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों को वर्चुअल इंटिमेसी सेवाएं देने पर रोक का प्रस्ताव है। प्लेटफॉर्म को बच्चों के लिए आभासी रिश्तेदार या साथी जैसी सेवाएं देने से भी रोकने की बात कही गई है। ऐसे ऑनलाइन कंटेंट या सेवाओं पर भी रोक प्रस्तावित है जो बच्चों में लत पैदा करें या उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हों। इन प्रस्तावों पर 17 अक्तूबर तक सार्वजनिक राय मांगी गई है। 2025 के अंत तक चीन में 6 से 19 साल की उम्र के करीब 11.25 करोड़ इंटरनेट यूजर थे, जो देश के कुल इंटरनेट यूजर्स का लगभग 18 प्रतिशत थे। इसलिए एआई कंपैनियन के मामले में नाबालिगों की सुरक्षा एक बड़ा नियामकीय मुद्दा बन गई है। सितंबर में नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े प्रस्तावित नियमों में भी आर्थिक दंड का अलग प्रावधान रखा गया है। प्रस्ताव के मुताबिक, कुछ गंभीर उल्लंघनों पर, अगर प्लेटफॉर्म की संबंधित आय 10 लाख युआन से ज्यादा रही हो, तो जुर्माना उस आय के 10 गुना तक हो सकता है और पूरी संबंधित आय जब्त करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है। यह सितंबर का प्रस्ताव है, जुलाई में लागू हुए नियमों से अलग है। कानूनी विशेषज्ञ हे च्यांगगाओ के मुताबिक, असली सवाल यह होगा कि किसी सेवा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

खबरों के खिलाड़ी: यूपी में राज्यसभा चुनाव बना 'शक्ति प्रदर्शन', अखिलेश के किस 'मास्टर स्ट्रोक' से गरमाई सियासत

खबरों के खिलाड़ी: यूपी में राज्यसभा चुनाव बना ‘शक्ति प्रदर्शन’, अखिलेश के किस ‘मास्टर स्ट्रोक’ से गरमाई सियासत विनोद अग्निहोत्री: धनराज नथवानी की उम्मीदवारी कॉरपोरेट जगत की एक अहम सिग्नलिंग है। देश के बड़े औद्योगिक घराने अब विपक्ष के साथ भी अपने रास्ते खुले रखना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव अपनी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) छवि के साथ-साथ कॉरपोरेट-फ्रेंडली संदेश भी देना चाहते हैं कि सपा के सत्ता में आने पर उद्योग जगत के हित सुरक्षित रहेंगे। सपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अपने तालमेल को बेहतर कर रहे हैं। धनराज नथवानी की उम्मीदवारी कॉरपोरेट जगत की एक अहम सिग्नलिंग है। देश के बड़े औद्योगिक घराने अब विपक्ष के साथ भी अपने रास्ते खुले रखना चाहते हैं, जो यह दर्शाता है कि विपक्ष मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही, अखिलेश यादव अपनी पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) छवि के साथ-साथ कॉरपोरेट-फ्रेंडली संदेश भी देना चाहते हैं कि सपा के सत्ता में आने पर उद्योग जगत के हित सुरक्षित रहेंगे। सपा और कांग्रेस आगामी चुनावों के लिए अपने तालमेल को बेहतर कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 16 अक्तूबर को होने जा रहे 10 सीटों के राज्यसभा चुनाव महज उच्च सदन की नुमाइंदगी तक सीमित न होकर आगामी राजनीतिक लड़ाइयों का बड़ा शक्ति परीक्षण बन गए …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका: ओहायो के श्री स्वामीनारायण हिंदू मंदिर पर ईंटों से हमला, खिड़कियां टूटीं; जांच में जुटी एजेंसियां

अमेरिका के ओहायो में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर ईंटों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। श्री स्वामीनारायण वडताल धाम हिंदू मंदिर, रिचमंड हाइट्स में शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे यह घटना हुई। हमलावरों ने मंदिर की इमारत पर ईंटें फेंकीं, जिससे काफी नुकसान हुआ। ⚠️Hindu temple attacked in Ohio today| At 1:30 PM today, the Shree Swaminarayan Vadtal Dham Hindu Mandir in Richmond Heights, Ohio was attacked by perpetrator(s) who threw bricks at the temple causing significant damage. Surveillance video is available and being reviewed by… pic.twitter.com/yruWaC7TnR — Hindu American Foundation (@HinduAmerican) October 3, 2026 अमेरिकी गैर-लाभकारी संगठन हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (एचएएफ) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घटना की जानकारी दी। संगठन के अनुसार, घटना के वक्त मंदिर को निशाना बनाया गया और ईंटें फेंके जाने से संरचना को काफी नुकसान पहुंचा। एचएएफ ने बताया कि यह अपमानजनक हमला महात्मा गांधी की जयंती और ओहियो राज्य द्वारा घोषित हिंदू विरासत माह की शुरुआत पर हुआ है।हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने बताया कि घटना की निगरानी कैमरे की फुटेज उपलब्ध है और अधिकारी उसकी समीक्षा कर रहे हैं। संगठन ने कहा कि मामले की जानकारी एफबीआई और नागरिक अधिकार अधिकारियों को भी दी जा रही है। एचएएफ ने बताया कि वह मंदिर के नेतृत्व के संपर्क में है और जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है। संगठन ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने को प्राथमिकता देने की अपील की है।एचएएफ ने घटना को संभावित हेट क्राइम बताया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्थापि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 2 min · National Desk

सहारे की उम्र में जुदाई का फैसला: बुढ़ापे में तलाक लेने कोर्ट पहुंचे पति-पत्नी, दो साल में ऐसे 240 मामले

शायर जमाल एहसानी का शेर है कि, ये किस मकाम पे सूझी तुझे बिछड़ने की, कि अब तो जा के कहीं दिन संवरने वाले थे…। उम्र के जिस पड़ाव पर दंपती को एक-दूसरे का सहारा बनना चाहिए, वहां कुछ रिश्ते अदालत की दहलीज पर टूटने की कगार पर हैं। कोर्ट में पिछले दो साल में ऐसे करीब 240 आवेदन आए, जिनमें बुजुर्ग दंपतियों ने तलाक के लिए आवेदन किया है। उम्र के इस मुहाने पर तलाक लेने वालों में सिर्फ पुरुष नहीं महिलाएं भी शामिल हैं। इसमें 80 वर्ष के पांच दंपती, 68 से 72 वर्ष के बीच की उम्र के करीब 40 बुजुर्ग दंपती हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

October 3, 2026 · 1 min · National Desk