खबरों के खिलाड़ी: एसआईआर, ईसी की कार्यशैली पर बवाल; विशेषज्ञों ने बताया- क्यों उठ रहे विपक्षी एकजुटता पर सवाल देशभर में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर विवाद और दो चुनाव आयुक्तों की तरफ से चुनाव आयोग की कार्यशैली पर आपत्ति जताए जाने की रिपोर्ट्स के बाद देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। विपक्षी दलों से लेकर कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठनों ने सीईसी के खिलाफ मोर्चा छेड़ दिया है और विरोध तेज करने के संकेत दिए हैं। इस बार खबरों के खिलाड़ी में चुनाव आयोग की निष्पक्षता, संस्थागत जवाबदेही, वोटर लिस्ट से नाम कटने और विपक्षी गठबंधन की रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, समीर चौगांवकर और पूर्णिमा त्रिपाठी ने अपना विश्लेषण सामने रखा। पूर्णिमा त्रिपाठी: जब विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन शुरू किए और जनता सड़कों पर उतरी, तब जाकर चुनाव आयोग ने प्रक्रियात्मक गलतियों को सुधारना शुरू किया। 20 राज्यों में छूटे हुए योग्य मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान (स्पेशल ड्राइव) चलाना और फॉर्म 6 के फॉर्मेट में किए गए बदलावों को वापस लेना इस बात का प्रमाण है कि वैध मतदाताओं के नाम काटे गए थे। वोटर लिस्ट से नाम कटने का असर आम नागरिकों के डोमिसाइल और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा केवल राजन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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