PM Modi CM Yogi Meeting: पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे सीएम योगी, बैठक के सियासी मायनों पर टिकी नजरें

सियासी गलियारों में पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात को आगामी चुनाव की तैयारियों और पार्टी की रणनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है। योगी आदित्यनाथ की दिल्ली यात्रा ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं को भी तेज कर दिया है। शीर्ष नेतृत्व के साथ उनकी बैठक को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनाव को देखते हुए राज्य की राजनीति में अभी से गतिविधियां तेज होने लगी हैं। राज्य में लगातार दूसरी बार सरकार बनाने के बाद अब पार्टी के सामने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती होगी। ऐसे में मुख्यमंत्री का शीर्ष नेतृत्व से संवाद चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी अहम हो सकता है।योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है। सीएम योगी और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बातचीत को राज्य की आगे की राजनीतिक दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय को हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है। चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच बातचीत राज्य से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हो सकती है।फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी मुलाकात के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बैठक में किन मुद्दों पर बातचीत हुई और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर नेतृत्व के स्तर पर क् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

देख लो सरकार: पहले अधूरे पुल से उफनती नदी पार की, अब ट्रैक्टर-ट्रॉली से स्कूल; क्या यही है शिक्षा का सफर?

यह तस्वीर नटेरन स्थित संदीपनि विद्यालय की है। रोज सुबह आसपास के गांवों से बच्चे ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर स्कूल आते हैं। कोई अपना बस्ता संभालता नजर आता है तो कोई साथी का हाथ पकड़कर सफर करता है। खुले ट्रॉली में धूल, हिचकोले और हादसे का खतरा उनके रोजमर्रा के सफर का हिस्सा बन चुका है।स्थानीय लोगों के अनुसार पहले इन रूटों पर सरकारी बसें चलती थीं, लेकिन अब या तो बसों का संचालन बंद हो गया है या उनकी संख्या इतनी कम है कि सभी बच्चों को सुविधा नहीं मिल पाती। ऐसे में अभिभावकों ने मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली का सहारा लेना शुरू कर दिया। संदीपनि विद्यालय योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। लेकिन स्कूल तक सुरक्षित पहुंचने की व्यवस्था नहीं होने से योजना के उद्देश्य पर ही सवाल उठ रहे हैं।एक छात्र ने कहा कि हमें पढ़ना है। बस नहीं है तो क्या करें। ट्रॉली से ही जाएंगे, लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ेंगे।" बच्चों का यह जज्बा प्रेरणादायक है, लेकिन उनकी मजबूरी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर करती है।अभिभावकों का कहना है कि वे बच्चों की पढ़ाई रुकने नहीं देना चाहते, इसलिए मजबूरी में ट्रैक्टर-ट्रॉली से उन्हें स्कूल भेज रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा है, क्योंकि खुले ट्रॉली में तेज रफ्तार और खराब सड़कों के बीच हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। विदिशा में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी यह पहली तस्वीर नहीं है। कुछ दिन पहले पलोंह गांव का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें बच्चे बस्ता सिर पर रखकर नदी पार कर स्कूल जाते दिखाई दिए थे। अब संदीपनि विद्यालय के बच्चों का ट्रैक्टर-ट …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Khabaron Ke Khiladi: पीडीए के बदले मतलब के साथ किसे साध रहे अखिलेश? विश्लेषकों ने बताया 2027 चुनाव का प्लान

Khabaron Ke Khiladi: पीडीए के बदले मतलब के साथ किसे साध रहे अखिलेश? विश्लेषकों ने बताया 2027 चुनाव का प्लान पीयूष पंत: समाजवादी पार्टी ब्राह्मण वोट बैंक को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। भाजपा हिदुत्व के मुद्दे को लेकर चलती रही है। अब अगर आप भी ये करेंगे तो ये फिर तो भाजपा तो ये करती ही रही है। कांग्रेस भी इस तरह की कोशिश कर चुकी है। सपा चढ़ावा चोरी के मामले को भी लगातार उठा रही है। योगी सरकार को 10 साल होने जा रहे हैं। सरकार से जो नाराजगियां है अखिलेश उसे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ब्राह्मण वोट बैंक को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। भाजपा हिदुत्व के मुद्दे को लेकर चलती रही है। अब अगर आप भी ये करेंगे तो ये फिर तो भाजपा तो ये करती ही रही है। कांग्रेस भी इस तरह की कोशिश कर चुकी है। सपा चढ़ावा चोरी के मामले को भी लगातार उठा रही है। योगी सरकार को 10 साल होने जा रहे हैं। सरकार से जो नाराजगियां है अखिलेश उसे भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को सात महीने से भी कम का वक्त बचा है। सियासी दलों ने अभी से अपने समीकरण ठीक करने शुरू कर दिए हैं। सत्ताधारी भाजपा खासतौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार की उपलब्धियों और कामों को जनता के बीच पहुंचाने में लगी है। वहीं, मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी भी अपने साथ नए वोटर जोड़ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

'घर में चोरी हो जाए तो लोन नहीं चुकाना पड़ता': बीवी पर था भारी कर्जा, पति ने डाल दिया खुद के आशियाने में डाका

किसी ने बताया था घर में चोरी हो जाए तो लोन नहीं चुकाना पड़ता है पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उनकी पत्नी पर स्वयं सहायता समूह का एक लाख रुपये ऋण था। जो वह चुका नहीं पा रहे थे। किसी ने उसको जानकारी दी कि यदि घर में चोरी हो जाए तो ऋण माफ हो जाता है। इसी के चलते उसने घर में चोरी की योजना बनाई और अपने घर में रखी नकदी व पायल चोरी कर ले गया। सीओ ने बताया कि घटना शिवम ने ही की है। इस विषय में परिवार के अन्य किसी सदस्य को जानकारी नहीं थी। आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 1 min · National Desk

Rahul Gandhi In Prayagraj : प्रयागराज पहुंचे राहुल गांधी, केपी ग्राउंड में शाम छह बजे छात्रों से करेंगे संवाद

04:21 PM, 08-Aug-2026 कार्यक्रम स्थल पर पहुचंने वाले मार्ग पर कीचड़ बारिश के चलते केपी ग्राउंड में राहुल गांधी के कार्यक्रम स्थल पर जल जमाव हो गया है। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए निर्धारित मुख्य मार्ग पूरी तरह से कीचड़ से सना हुआ है। इससे लोगों को आने जाने में दिक्कत हो रही है। 04:02 PM, 08-Aug-2026 केपी कॉलेज के मैदान में जुटने लगी भीड़ केपी कॉलेज के मैदान परआयोजित राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ जुटने लगी है। बड़ी संख्या में छात्र पहुंच रहे हैं। बुकिंग के लिए बॉक्स ऑफिस बनाया गया है। यहां पर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। केपी कॉलेज के मैदान परआयोजित राहुल गांधी के कार्यक्रम में भीड़ जुटने लगी है। बड़ी संख्या में छात्र पहुंच रहे हैं। बुकिंग के लिए बॉक्स ऑफिस बनाया गया है। यहां पर रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। 03:28 PM, 08-Aug-2026 एयरपोर्ट पर राहुल गांधी का स्वागत करते कांग्रेस नेता। एयरपोर्ट पर पहुंचने पर राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए कांग्रेस नेताओं में होड़ मची रही। बुके देकर लोगों ने उनका स्वागत किया। 03:01 PM, 08-Aug-2026 इलाहाबाद लोकसभा के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह से मुलाकात करते राहुल गांधी। इलाहाबाद के कांग्रेस सासंद उज्ज्वल रमण सिंह ने राहुल गांधी से मुलाकात की। बुके देकर उनका स्वागत किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में नेताओं ने स्वागत किया। 02:53 PM, 08-Aug-2026 राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों को फाड़ा गया प्रयागराज में राहुल गांधी के आगमन के पहले सिविल लाइंस समेत शहर के कई हिस्सों में राहुल गांधी के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे। जिसे कांग्रेस नेताओं ने फाड़कर हटा दिया। प्रयागराज में राहुल गांधी के आगमन के पहले सिविल लाइंस समेत शहर के कई हिस्सों मे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

जादवपुर यूनिवर्सिटी में यज्ञ पर घमासान: BMS के आयोजन से क्यों भड़का विवाद; जेयूटीए को किस बात की चिंता?

जेयूटीए का कहना है कि कैंपस में इस तरह के धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई तो आने वाले समय में दूसरे धार्मिक समूह भी अपने-अपने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांग सकते हैं। इससे यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने की आशंका है।बीएमएस ने शुक्रवार को अरबिंदो भवन के सामने सांकेतिक यज्ञ का आयोजन किया। संगठन का दावा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया गया।बीएमएस ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और फाइनेंस ऑफिसर 60 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद भी अपने पदों पर बने हुए हैं। संगठन के मुताबिक, इससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। आयोजकों ने कहा कि यज्ञ के जरिए यूनिवर्सिटी के विकास और अधिकारियों में ‘सद्बुद्धि’ आने की प्रार्थना की गई। साथ ही अथॉरिटी पर बने ‘नकारात्मक प्रभाव’ को दूर करने की बात भी कही गई।यज्ञ के तरीके को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी आपत्ति जताई है। कार्यवाहक रजिस्ट्रार सेलिम बॉक्स मोंडल ने हेरिटेज बिल्डिंग के सामने बिना अनुमति आग जलाए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने इस घटना की रिपोर्ट कुलपति को भेज दी है। वहीं, इंजीनियरिंग के कई छात्रों ने आयोजन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। छात्र इस मामले में कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य को लिखित शिकायत सौंपेंगे।जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने यज्ञ के आयोजन का विरोध किया है। जेयूटीए का कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में पहले भी सरस्वती पूजा, विश्वकर्मा पूजा और इफ्तार जैसे कार्यक्रम होते रहे हैं, लेकिन किसी खास धार्मिक प्रार्थना का आयोजन अलग विषय है। शिक्षक संगठन की चिंता इस बात को लेकर है कि अगर एक धार्मिक समूह को कैंपस में इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Kanwar Yatra: शहजाद से शंकर और रजिया से सावित्री बने दंपती ने उठाई कांवड़, शिवरात्रि पर करेंगे जलाभिषेक

संत राम विशाल दास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म किसी पर बलपूर्वक मत परिवर्तन का समर्थन नहीं करता। जो व्यक्ति अपनी श्रद्धा, स्वतंत्र इच्छा और अपने पूर्वजों की संस्कृति के प्रति आस्था के आधार पर सनातन मार्ग अपनाता है, उसका सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाता है। श्रावण मास में शिवभक्ति के साथ यह दंपती अपनी जन्मभूमि में जलाभिषेक करने जा रहा है, यह उनके धार्मिक संकल्प और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक है। शंकर (पूर्व नाम शहजाद) ने कहा कि सनातन धर्म में हमें पूजा, परंपरा और जीवन जीने की स्वतंत्रता व संस्कारों का अनुभव हुआ है। श्रावण मास में दूसरी बार कांवड़ जल उठाना हमारे लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव है। हमारा मानना है कि हम सबके पूर्वज इस भूमि और इसकी सनातन परंपराओं से जुड़े हुए थे, इसलिए लोगों को अपनी जड़ों को समझने और सत्य को जानने का प्रयास करना चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 1 min · National Desk

ये है 'नरक': भयानक बदबू में जहां नंगे हाथ-पैर काम कर रहे सफाईकर्मी, शरीर का हुआ ऐसा हाल; हैरान कर देंगी तस्वीर

1 of 8 खत्ताघर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied शहर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे के निस्तारण के लिए वर्ष 2025 में शुरू हुआ चनौरा एमआरएफ प्लांट बारिश के कारण दलदल में तब्दील हो गया है। निजी संस्था इंवायरमेट टैक्नो प्राइवेट लिमिटेड के कर्मियों और निगम के कूड़ा गाड़ियों के चालकों/सफाई कर्मचारियों को दलदल व सड़ रहे कचरे के बीच नंगे हाथ-पैर काम करना पड़ रहा है। जबकि स्पष्ट नियम है कि यहां कर्मचारियों को लंबे सुरक्षा जूते (गमबूट), मंकी मास्क, एप्रन, ग्लव्स, सुरक्षा चश्मा, सैनिटाइजर, स्वच्छ पेयजल और फर्स्ट एड बॉक्स मिलना चाहिए, लेकिन ये सभी सुविधाएं कागजों तक ही सीमित हैं। शहर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे के निस्तारण के लिए वर्ष 2025 में शुरू हुआ चनौरा एमआरएफ प्लांट बारिश के कारण दलदल में तब्दील हो गया है। निजी संस्था इंवायरमेट टैक्नो प्राइवेट लिमिटेड के कर्मियों और निगम के कूड़ा गाड़ियों के चालकों/सफाई कर्मचारियों को दलदल व सड़ रहे कचरे के बीच नंगे हाथ-पैर काम करना पड़ रहा है। जबकि स्पष्ट नियम है कि यहां कर्मचारियों को लंबे सुरक्षा जूते (गमबूट), मंकी मास्क, एप्रन, ग्लव्स, सुरक्षा चश्मा, सैनिटाइजर, स्वच्छ पेयजल और फर्स्ट एड बॉक्स मिलना चाहिए, लेकिन ये सभी सुविधाएं कागजों तक ही सीमित हैं। फिरोजाबाद के चनौरा स्थित 250 टीपीडी (टन प्रति दिन) क्षमता वाले एमआरएफ प्लांट (खत्ताघर) में कूड़े के ढेर के बीच काम करने वाले सफाई कर्मचार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

चैरिटी और शिक्षा के नाम पर बढ़े संगठन: क्या इनकी आड़ में हो रही आतंकी फंडिंग; खुफिया एजेंसियों ने क्या कहा?

असल में, इनमें से कई संगठन केवल दिखावे के लिए बनाए गए हैं। इनका इस्तेमाल गलत तरीके से हासिल किए गए पैसे को जमा करने के लिए किया जाता है। बाद में इसी पैसे का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने या देश के अलग-अलग हिस्सों में मुश्किल पैदा करने के लिए किया जाता है। अधिकारी ने क्या कहा? एक अधिकारी ने बताया कि देश के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया रहा है। इसी वजह से ऐसे दिखावटी संगठनों की संख्या अचानक बढ़ती दिख रही है। अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश इसमें सबसे आगे हैं। पाकिस्तान की नीति भारत को धीरे-धीरे कमजोर करने और अलग-अलग जगहों पर परेशानी पैदा करने की रही है। अधिकारी ने बताया कि इस काम की जिम्मेदारी संभाल रहे पाकिस्तानी लोग अपने देश के संसाधनों का इस्तेमाल नहीं करते। वे विदेश में काम कर रहे अपने एजेंटों से संपर्क करते हैं। इन एजेंटों को भारत में मौजूद अपने साथियों से संपर्क करने और ऐसे दिखावटी संगठन बनाने के लिए कहा जाता है। पैसे का पता लगाना क्यों मुश्किल? खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि ये संगठन आसानी से शक के दायरे में नहीं आते, क्योंकि वे खुले तौर पर कुछ ऐसा नहीं करते, जिससे उन पर शक हो। उन्होंने बताया कि बाद में उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है। लेकिन असली परेशानी उनके पैसे का पता लगाने में होती है। उन्होंने बताया कि पैसा भारत में बैंकिंग व्यवस्था जैसे वैध रास्तों के जरिये लाया जाता है। अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर रकम छोटी-छोटी होती है, क्योंकि भेजने वालों को बैंक के सामने इस लेनदेन का कारण बताना पड़ता है। उन्होंने बताया कि भारतीय बैंकों में पैसा आने के बाद उसे निकाल लिया जाता है। इसके बाद यह पैसा ऐसे …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Meta Row: मेटा पर सरकार का कड़ा रुख, क्या सिफारिश प्रणाली से खत्म होगा मध्यस्थ का दर्जा? जानिए क्या चल रहा

क्या फेसबुक और इंस्टाग्राम आपके देखने के लिए कंटेंट खुद चुन रहे हैं? सरकार इसी बुनियादी सवाल पर दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी ‘मेटा’ को घेर रही है। केंद्र सरकार और मेटा के बीच हुई बैठकों में यह बड़ा सवाल सामने आया है कि क्या कंपनी का ‘रिकमेंडेशन सिस्टम’ (कंटेंट की सिफारिश करने वाली प्रणाली) और पैसों के बदले कंटेंट को प्रमोट करना, उसे आईटी कानून के तहत मिलने वाले ‘मध्यस्थ’ (इंटरमीडियरी) के दर्जे के अनुकूल है। यह बहस भारतीय डिजिटल मार्केट और सोशल मीडिया कंपनियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है। मध्यस्थ का सुरक्षा कवच क्यों है खतरे में? भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून की धारा 79 के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ‘सेफ हार्बर’ (सुरक्षित कवच) की कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसके तहत प्लेटफॉर्म पर किसी तीसरे पक्ष (यूजर) द्वारा पोस्ट की गई आपत्तिजनक सामग्री के लिए कंपनी सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं होती, बशर्ते वे कानूनी नियमों और उचित सतर्कता (ड्यू डिलिजेंस) का पालन करें। मोदी के पोस्ट पर विवाद और माफीनामा क्या है? सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि मेटा का एल्गोरिदम खुद यह तय करता है कि किस यूजर को कौन सा कंटेंट दिखाया जाए और पैसों के बदले कंटेंट को बढ़ावा (पेड प्रमोशन) देता है, तो वह महज एक माध्यम नहीं रह जाता। ऐसी स्थिति में कंपनी एक ‘पब्लिशर’ (प्रकाशक) की भूमिका में आ जाती है और उसे अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी। नियमों का पालन न करने पर मेटा यह सुरक्षा कवच खो सकती है, जिससे उस पर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस पूरे विवाद की हालिया चिंगारी तब भड़की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk