जेयूटीए का कहना है कि कैंपस में इस तरह के धार्मिक आयोजन की शुरुआत हुई तो आने वाले समय में दूसरे धार्मिक समूह भी अपने-अपने कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मांग सकते हैं। इससे यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने की आशंका है।बीएमएस ने शुक्रवार को अरबिंदो भवन के सामने सांकेतिक यज्ञ का आयोजन किया। संगठन का दावा है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया गया।बीएमएस ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार और फाइनेंस ऑफिसर 60 वर्ष की उम्र पूरी करने के बाद भी अपने पदों पर बने हुए हैं। संगठन के मुताबिक, इससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। आयोजकों ने कहा कि यज्ञ के जरिए यूनिवर्सिटी के विकास और अधिकारियों में ‘सद्बुद्धि’ आने की प्रार्थना की गई। साथ ही अथॉरिटी पर बने ‘नकारात्मक प्रभाव’ को दूर करने की बात भी कही गई।यज्ञ के तरीके को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी आपत्ति जताई है। कार्यवाहक रजिस्ट्रार सेलिम बॉक्स मोंडल ने हेरिटेज बिल्डिंग के सामने बिना अनुमति आग जलाए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने इस घटना की रिपोर्ट कुलपति को भेज दी है। वहीं, इंजीनियरिंग के कई छात्रों ने आयोजन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई है। छात्र इस मामले में कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य को लिखित शिकायत सौंपेंगे।जादवपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ने यज्ञ के आयोजन का विरोध किया है। जेयूटीए का कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में पहले भी सरस्वती पूजा, विश्वकर्मा पूजा और इफ्तार जैसे कार्यक्रम होते रहे हैं, लेकिन किसी खास धार्मिक प्रार्थना का आयोजन अलग विषय है। शिक्षक संगठन की चिंता इस बात को लेकर है कि अगर एक धार्मिक समूह को कैंपस में इ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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