Vande Mataram: कांग्रेस के फैसले पर भाजपा का हमला, सुधांशु त्रिवेदी बोले- क्या पार्टी राष्ट्र से ऊपर हो गई?

सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाया? 1937 के फैसले का जिक्र क्यों हो रहा है? भाजपा ने कांग्रेस को नई मुस्लिम लीग क्यों कहा? क्या वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच विवाद बढ़ेगा? सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस की नीयत पर क्या सवाल उठाया? सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह फैसला लेकर साबित कर दिया है कि उसके लिए पार्टी देश से ऊपर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान, संसद और देश से ऊपर अपने पार्टी प्रस्ताव को मान रही है। त्रिवेदी ने यह भी आरोप लगाया कि वंदे मातरम् के पूरे संस्करण को लेकर कांग्रेस का मौजूदा रुख उसके 1937 के फैसले जैसा ही है। उन्होंने इसे बेहद निंदनीय बताया।भाजपा ने कांग्रेस के मौजूदा फैसले को उसके 1937 के प्रस्ताव से जोड़कर निशाना साधा है। त्रिवेदी के मुताबिक, उस समय कांग्रेस के सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय ने वंदे मातरम् को लेकर फैसला किया था। अब कांग्रेस कार्यसमिति ने उसी प्रस्ताव का पालन करने की बात कही है। भाजपा का आरोप है कि आज भी कांग्रेस उसी रुख पर कायम है, जबकि संसद की ओर से वंदे मातरम् के पूरे संस्करण के गायन को लेकर कानून बनाए जाने की बात कही गई है।त्रिवेदी ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए उसे आज की ‘नई मुस्लिम लीग’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम लीग ने 1931 और 1937 में वंदे मातरम् के पूरे संस्करण का विरोध किया था। भाजपा प्रवक्ता का आरोप है कि कांग्रेस ने उसी रुख को दोहराकर अपने लिए गंभीर सवाल खड़े कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने पुराने फैसले को बदलने या उस अध्याय को सुधारने के बजाय उसे फिर अपना लिया है।वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीति …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

अमृतपाल सीएम मान को दे सकते हैं टक्कर: सांसद ने धूरी से जताई चुनाव लड़ने की इच्छा, क्या बोले पार्टी प्रवक्ता?

असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ धूरी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अमृतपाल ने खुद धूरी से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। हालांकि, अंतिम फैसला अभी पार्टी स्तर पर होना बाकी है। इसके बाद औपचारिक प्रस्ताव मंजूरी के लिए अमृतपाल को भेजा जाएगा। अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के मुख्य प्रवक्ता शमशेर सिंह पधरी ने कहा कि पार्टी ने तय कर लिया है कि अमृतपाल आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि अमृतपाल एक नहीं, बल्कि दो विधानसभा सीटों से भी चुनाव लड़ सकते हैं। सीटों को लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अमृतपाल के लिए फिलहाल धूरी, खडूर साहिब, तलवंडी साबो और रामपुरा फूल विधानसभा सीटों पर विचार किया जा रहा है। इनमें धूरी को लेकर अमृतपाल की विशेष रुचि बताई जा रही है। धूरी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान वर्तमान में इसी सीट से विधायक हैं।कोटकपूरा से पार्टी नेता रछपाल सिंह सोसन ने भी अमृतपाल के धूरी से चुनाव लड़ने की इच्छा की पुष्टि की है। उनका कहना है कि पार्टी सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। बैठक में फैसला होने के बाद प्रस्ताव अमृतपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। बड़े चेहरों के खिलाफ रणनीति पार्टी नेताओं के मुताबिक वारिस पंजाब दे केवल धूरी में ही बड़े चेहरे को चुनौती देने की रणनीति नहीं बना रही। अन्य दलों के प्रमुख नेताओं के विधानसभा क्षेत्रों में भी पार्टी अपने चर्चित चेहरों को उतारने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है। पार्टी का मानना है कि बड़े नेताओं के खिलाफ मजबूत चेहरे उतारने से चुन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

CWC बैठक: वंदे मातरम पर नहीं बदला कांग्रेस का रुख, पहले दो पद गाएगी; चंदा चोरी पर देशभर में प्रदर्शन का एलान

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पार्टी ने अपना पुराना रुख साफ कर दिया। कांग्रेस ने 1937 के फैसले को बरकरार रखते हुए तय किया कि पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के सिर्फ पहले दो पद ही गाए जाएंगे। वहीं, बैठक में राम मंदिर चंदे के मुद्दे को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ और इसे देशभर में जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति तय की गई। 1937 में कांग्रेस ने क्या फैसला लिया था? सूत्रों के मुताबिक, CWC की बैठक में वंदे मातरम के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान कई नेताओं ने 1937 में अपनाए गए पार्टी के रुख को दोहराया। कांग्रेस के अनुसार, उसका फैसला अक्तूबर 1937 में CWC की ओर से पारित प्रस्ताव पर आधारित है। उस समय पार्टी ने राष्ट्रीय सभाओं में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो पद गाने का निर्णय लिया था। राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर क्या फैसला हुआ? सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर से जुड़े ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का इस्तेमाल लोगों को ध्रुवीकृत करने वाले लोग अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। वेणुगोपाल के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाएगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस समितियों को गांव और पंचायत स्तर पर इसे उठाने का निर्देश दिया गया है। वेणुगोपाल के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने प्रदेश कांग्रेस समितियों को राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर पूरे देश में प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। CWC बैठक में क्या हुआ? नई दिल्ली के इंदिरा भवन में हुई सीडब्ल्यूसी बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

Pakistan: कश्मीर पर सर्जियो गोर की टिप्पणी से तिलमिलाया पाकिस्तान, अमेरिकी राजनयिक को तलब कर जताया कड़ा विरोध

कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बुधवार को कूटनीतिक विवाद बढ़ गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए इसे खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने अमेरिकी बयान पर क्या कहा? पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की बात की कड़ी निंदा और स्पष्ट रूप से खारिज करता है। पाकिस्तान ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित क्षेत्र है और इसका अंतिम फैसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। 🔈 PR No. 2️⃣2️⃣2️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ Demarche on the Visit of the US Ambassador to India, Sergio Gor, to IIOJK, and Incorrect Statement regarding the Status of the Disputed Territory 🔗⬇️ pic.twitter.com/Vlg9IwiWlC — Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) August 19, 2026 अमेरिका से पाकिस्तान ने क्या मांग की? पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बयान गैर-जिम्मेदाराना है और जम्मू-कश्मीर विवाद पर अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही स्थिति के विपरीत है। पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि उसके सार्वजनिक बयान जम्मू-कश्मीर की विवादित स्थिति को ध्यान में रखते हुए होने चाहिए। ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता वाले प्रस्ताव का क्या हुआ? पाकिस्तान ने अमेरिकी राष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 20, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs PAK: भारत ने खत्म किया पाकिस्तान का सफर, सेमीफाइनल की उम्मीदें रखीं कायम; कैसे दर्ज की रोमांचक जीत?

IND vs PAK: भारत ने खत्म किया पाकिस्तान का सफर, सेमीफाइनल की उम्मीदें रखीं कायम; कैसे दर्ज की रोमांचक जीत? भारत ने हॉकी विश्व कप 2026 के महामुकाबले में पाकिस्तान को 5-3 से हराकर टूर्नामेंट के दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। एम्सटलवीन के वेगनर स्टेडियम में खेले गए पूल डी के इस मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा। कप्तान हरमनप्रीत सिंह और अभिषेक के दो-दो गोल की बदौलत भारत ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत की, जबकि हार्दिक सिंह ने भी एक गोल दागा। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहिद ने दो और सुफियान खान ने एक गोल किया। भारत ने पहले क्वार्टर में बनाई 2-0 की बढ़त भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले की शुरुआत होते ही भारतीय टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। चौथे मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और इसके ठीक एक मिनट बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने शानदार गोल करते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। नौवें मिनट में पाकिस्तान के मुहम्मद हम्मादुद्दीन को ग्रीन कार्ड दिखाया गया। इसका फायदा भारतीय टीम ने उठाया और 10वें मिनट में अभिषेक ने शानदार गोल करते हुए भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत ने पाकिस्तान को कोई मौका नहीं दिया और 2-0 की बढ़त के साथ पहला क्वार्टर समाप्त किया। दूसरे क्वार्टर में भारत का दबदबा कायम दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा बरकरार रखा। 19 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 19, 2026 · 2 min · National Desk

CWC बैठक: वंदे मातरम पर नहीं बदला कांग्रेस का रुख, पहले दो पद गाएगी; चंदा चोरी पर देशभर में प्रदर्शन का एलान

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पार्टी ने अपना पुराना रुख साफ कर दिया। कांग्रेस ने 1937 के फैसले को बरकरार रखते हुए तय किया कि पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के सिर्फ पहले दो पद ही गाए जाएंगे। वहीं, बैठक में राम मंदिर चंदे के मुद्दे को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ और इसे देशभर में जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति तय की गई। 1937 में कांग्रेस ने क्या फैसला लिया था? सूत्रों के मुताबिक, CWC की बैठक में वंदे मातरम के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान कई नेताओं ने 1937 में अपनाए गए पार्टी के रुख को दोहराया। कांग्रेस के अनुसार, उसका फैसला अक्तूबर 1937 में CWC की ओर से पारित प्रस्ताव पर आधारित है। उस समय पार्टी ने राष्ट्रीय सभाओं में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो पद गाने का निर्णय लिया था। राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर क्या फैसला हुआ? सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर से जुड़े ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह लोगों की भावनाओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का इस्तेमाल लोगों को ध्रुवीकृत करने वाले लोग अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। वेणुगोपाल के मुताबिक, कांग्रेस इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाएगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस समितियों को गांव और पंचायत स्तर पर इसे उठाने का निर्देश दिया गया है। वेणुगोपाल के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने प्रदेश कांग्रेस समितियों को राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर पूरे देश में प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। CWC बैठक में क्या हुआ? नई दिल्ली के इंदिरा भवन में हुई सीडब्ल्यूसी बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 19, 2026 · 2 min · National Desk

Pakistan: कश्मीर पर सर्जियो गोर की टिप्पणी से तिलमिलाया पाकिस्तान, अमेरिकी राजनयिक को तलब कर जताया कड़ा विरोध

कश्मीर को लेकर पाकिस्तान और अमेरिका के बीच बुधवार को कूटनीतिक विवाद बढ़ गया। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर दिए गए बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। पाकिस्तान ने अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए इसे खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने अमेरिकी बयान पर क्या कहा? पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अपने बयान में कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को ‘भारत का हिस्सा’ बताए जाने की बात की कड़ी निंदा और स्पष्ट रूप से खारिज करता है। पाकिस्तान ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त विवादित क्षेत्र है और इसका अंतिम फैसला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। 🔈 PR No. 2️⃣2️⃣2️⃣/2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ Demarche on the Visit of the US Ambassador to India, Sergio Gor, to IIOJK, and Incorrect Statement regarding the Status of the Disputed Territory 🔗⬇️ pic.twitter.com/Vlg9IwiWlC — Ministry of Foreign Affairs - Pakistan (@ForeignOfficePk) August 19, 2026 अमेरिका से पाकिस्तान ने क्या मांग की? पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बयान गैर-जिम्मेदाराना है और जम्मू-कश्मीर विवाद पर अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही स्थिति के विपरीत है। पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि उसके सार्वजनिक बयान जम्मू-कश्मीर की विवादित स्थिति को ध्यान में रखते हुए होने चाहिए। ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता वाले प्रस्ताव का क्या हुआ? पाकिस्तान ने अमेरिकी राष …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 19, 2026 · 2 min · National Desk

रिपोर्ट में दावा: यूक्रेन से ड्रोन तकनीक पाने की कोशिश में जुटा पाकिस्तान, भारत को क्यों सतर्क रहने की जरूरत?

‘इंडिया नैरेटिव’ की एक रिपोर्ट में कहा गया, “पाकिस्तान पहले ही मानव रहित हवाई प्रणालियों के तेजी से विस्तार और स्थानीय उत्पादन को ‘राष्ट्रीय प्राथमिकता’ घोषित कर चुका है। इस्लामाबाद का लक्ष्य ऐसे रक्षा उद्योग से तकनीकी जानकारी हासिल करना है, जिसे युद्ध ने लंबी दूरी के हमले, नेविगेशन, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, मजबूती और बड़े पैमाने पर उत्पादन जैसे क्षेत्रों में तेजी से नवाचार करने के लिए मजबूर किया है। इसके लिए वह निजी वाणिज्यिक कंपनियों के साथ काम कर रहा है।“रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान ने रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की भागीदारी को पहले ही बढ़ावा दिया है। घरेलू कंपनियों ने स्वदेशी यूएवी पर अपना काम बढ़ाया है, जिसमें स्थानीय स्तर पर विकसित इंजन और प्रोपल्शन प्रणालियों का परीक्षण भी शामिल है।रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन में युद्ध से मिले अनुभवों को देखते हुए पाकिस्तान ने अपने सैन्य ड्रोन बेड़े का भी विस्तार किया है। ऐसे में आयात किए जाने वाले ड्रोन की संख्या से ज्यादा प्रशिक्षण, उत्पादन में सहायता, कलपुर्जे, सॉफ्टवेयर, निर्माण तकनीक और संचालन का अनुभव महत्वपूर्ण हो सकता है।रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन की प्रमुख ड्रोन और मिसाइल निर्माता कंपनी फायर पॉइंट द्वारा पाकिस्तान को अपनी तकनीक और युद्ध के अनुभव की पेशकश किए जाने की संभावना से भारत का रणनीतिक बढ़त का पारंपरिक लाभ दबाव में आ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि किसी संभावित ड्रोन समझौते से भारत की सुरक्षा चुनौतियों में एक नया पहलू जुड़ सकता है।रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की दिलचस्पी अब केवल पाकिस्तान द्वारा फायर पॉइंट के संभावित ड्रोन हासिल करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उसे यह भी देखना चाहिए कि क्या …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 19, 2026 · 2 min · National Desk

अयोध्या: SIT जांच के बीच राम मंदिर में फिर सक्रिय हुए चंपत राय-अनिल मिश्रा, साधु-संतों से मुलाकात पर उठे सवाल

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े पूर्व प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की सामाजिक सक्रियता अचानक बढ़ने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी की जांच-पड़ताल अभी जारी है। चढ़ावा प्रकरण में लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में रहे राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय 25 जुलाई से लगातार रामनगरी के मठ-मंदिरों में जाकर साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं। अब पिछले करीब एक सप्ताह से डॉ. अनिल मिश्र भी विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में दोनों की बढ़ी सक्रियता को लेकर अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं।ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख चेहरों की सार्वजनिक गतिविधियां बढ़ने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोनों पदाधिकारी अब सामाजिक और धार्मिक स्तर पर अपनी सक्रिय उपस्थिति बनाए रखने की रणनीति के तहत कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। चढ़ावा प्रकरण की जांच के बाद अब एसआईटी की रिपोर्ट ट्रस्ट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में मंदिर व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका और आगे होने वाली कार्रवाई को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं। इसी बीच चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र की बढ़ी सार्वजनिक सक्रियता तथा गोपाल राव की अयोध्या वापसी ने मंदिर के प्रशासनिक और संगठनात्मक समीकरण को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दिया है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 19, 2026 · 2 min · National Desk

CWC Meeting: वंदे मातरम पर नहीं बदला कांग्रेस का रुख, दो पद गाएगी; चंदा चोरी पर देशभर में प्रदर्शन का एलान

कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में वंदे मातरम को लेकर पार्टी ने अपना पुराना रुख साफ कर दिया। कांग्रेस ने 1937 के फैसले को बरकरार रखते हुए तय किया कि पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के सिर्फ पहले दो पद ही गाए जाएंगे। वहीं, बैठक में राम मंदिर चंदे के मुद्दे को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ और इसे देशभर में जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति तय की गई। 1937 में कांग्रेस ने क्या फैसला लिया था? सूत्रों के मुताबिक, CWC की बैठक में वंदे मातरम के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान कई नेताओं ने 1937 में अपनाए गए पार्टी के रुख को दोहराया। कांग्रेस के अनुसार, उसका फैसला अक्तूबर 1937 में CWC की ओर से पारित प्रस्ताव पर आधारित है। उस समय पार्टी ने राष्ट्रीय सभाओं में वंदे मातरम के सिर्फ पहले दो पद गाने का निर्णय लिया था। राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर क्या फैसला हुआ? सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर चंदे से जुड़े मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का इस्तेमाल लोगों को ध्रुवीकृत करने वाले लोग अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। वेणुगोपाल के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी ने प्रदेश कांग्रेस समितियों को राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर पूरे देश में प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है। वेणुगोपाल ने कहा कि राम मंदिर चंदे से जुड़े मुद्दे को कांग्रेस ग्रासरूट लेवल तक लेकर जाएगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस समितियों को देशभर में प्रदर्शन करने का निर्देश दिया गया है। CWC बैठक में कितने नेताओं ने हिस्सा लिया? वेणुगोपाल ने बताया कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में कार्यसमिति के सदस्यों के साथ स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 19, 2026 · 2 min · National Desk