पहली बार जापान के खिलाफ खेलेगा भारत: क्या ओपनिंग जोड़ी में होगा बदलाव? एशियाड की तैयारी के लिए अहम है मुकाबला

पहली बार जापान के खिलाफ खेलेगा भारत: क्या ओपनिंग जोड़ी में होगा बदलाव? एशियाड की तैयारी के लिए अहम है मुकाबला जापान की क्रिकेट टीम ऐतिहासिक टी20 मुकाबले में मंगलवार को मौजूदा चैंपियन भारत का सामना करेगी तो यही उम्मीद होगी कि इस मैच का असर बेसबॉल के दीवाने इस देश में मैदान से बाहर तक नजर आए। इस मैच की घोषणा हाल ही में की गई और यह भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं सालगिरह के उपलक्ष्य में खेला जाएगा। भारत मौजूदा विश्व चैंपियन है और जापान 41वीं रैंकिंग पर है लिहाजा यह बेमेल सा ही मुकाबला है जिसे आइची नागोया में एशियन गेम्स के बीच आयोजित किया जा रहा है। मैच पर तूफान का खतरा आंकड़ों से इतर बात करें तो इस मैच के जरिये जापान के क्रिकेटरों को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों से खेलने का मौका मिलेगा। इस ऐतिहासिक मैच पर तूफान का खतरा मंडरा रहा है लेकिन अगर एक भी गेंद नहीं फेंकी जाती है तो भी तय मैच उस देश में असर डालेगा जहां क्रिकेट हाशिये से निकलकर बेसबॉल की तरह मुख्यधारा में शामिल होने की कोशिश कर रहा है। जापान क्रिकेट संघ के सीओओ एलेन कर ने मैच से पहले कहा, जापान क्रिकेट की पृष्ठभूमि में कई वर्षों से बहुत कुछ चल रहा है और अब यह बहुत अच्छा है कि हम समुद्र तल से ऊपर है और हम असल में कुछ और लोगों को दिखाई दे रहे हैं। हम काफी सफलता अर्जित कर चुके हैं। भारतीय टीम खेलने को राजी हुई और यहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 22, 2026 · 2 min · National Desk

सुनाम मामले में पलटा पूरा खेल: जग्गा सिंह पर पहले से दुष्कर्म-एनडीपीएस समेत नाै एफआईआर दर्ज, चार में दोषी भी

एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल ने कहा कि कल डीसी ऑफिस में जग्गा सिंह नाम के एक व्यक्ति ने कोई जहरीली चीज खा ली। जग्गा सिंह के खिलाफ 9 एफआईआर दर्ज हैं। 4 मामलों में वह दोषी ठहराया जा चुका है। इनमें आबकारी और एनडीपीएस से जुड़े मामले शामिल हैं। चार अन्य मामलों में उस पर केस चल रहा है। उस पर दुष्कर्म का भी एक मामला है।12 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया था जिसमें उसने पुलिस को धमकी दी थी कि अगर उसके मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो वह आत्महत्या कर लेगा। इस संबंध में 12 सितंबर को ही मामला दर्ज किया गया था। पंचायत का कहना है कि जग्गा सिंह को राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है। उनका कहना है कि गांव में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को वह रोकता है। जग्गा सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है और उसे राजनीतिक रूप से उकसाया जा रहा है। इस मामले से जुड़े तथ्य जांच का विषय हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 21, 2026 · 1 min · National Desk

एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज: मनु भाकर और पवन सेहरावत ने थामा तिरंगा, ओपनिंग सेरेमनी में दिखी देश की ताकत

एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज: मनु भाकर और पवन सेहरावत ने थामा तिरंगा, ओपनिंग सेरेमनी में दिखी देश की ताकत एशियन गेम्स 2026 में भारत पर एक नजर 501 भारतीय खिलाड़ी एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 36 खेलों में भारत के खिलाड़ी पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। भारतीय दल में 260 से ज्यादा पुरुष और 230 से ज्यादा महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारत के दल में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी सबसे युवा खिलाड़ी हैं। 55 वर्षीय घुड़सवार श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज भारतीय खिलाड़ी हैं। भारत के दल में 40 साल का उम्र का अंतर है, जो युवा जोश और अनुभव का शानदार मेल दिखाता है। भारत हांगझोउ 2022 के 107 पदकों के रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती के साथ उतरेगा। सात खेलों में लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन का मौका जुड़ा है। ये सात खेल हैं, तीरंदाजी, हॉकी, स्क्वैश, टेनिस, सर्फिंग, नौकायन और ट्रायथलॉन। एशियन गेम्स में भारत के दल में अनुभवी सितारों के साथ कई युवा प्रतिभाएं भी शामिल हैं। आइची-नागोया में भारतीय खिलाड़ी पदकों की संख्या बढ़ाने के साथ अपनी नई पीढ़ी को बड़े मंच पर साबित करने की कोशिश करेंगे। आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का शानदार आगाज हो गया है। पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित भव्य ओपनिंग सेरेमनी में पूरे एशिया के खिलाड़ी और अधिकारी एक मंच पर नजर आए। इसी दौरान भारतीय दल ने भी प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

चीन ने बदल दिया तेल का पूरा खेल: बड़ा स्टॉक जमा कर बदली रणनीति, अब निर्यातक देशों पर निर्भर नहीं रहा बाजार

विशाल रिजर्व : जब तेल सस्ता था, तब चीन ने चुपचाप भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया। आज दुनिया के कुल ज्ञात आपातकालीन तेल भंडार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेला चीन के पास है। जब तेल सस्ता था, तब चीन ने चुपचाप भारी मात्रा में कच्चा तेल खरीदकर अपने गोदामों में भर लिया। आज दुनिया के कुल ज्ञात आपातकालीन तेल भंडार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा अकेला चीन के पास है। मौके का फायदा : दुनियाभर में तेल की किल्लत हुई तो चीन ने अपने पुराने स्टॉक का इस्तेमाल शुरू किया और आयात 23% घटा दिया। तेल कीमतें काबू में रहीं। चीन ने साबित कर दिया कि अगर वो खरीदना बंद कर दें, तो तेल बेचने वाले संकट में आ जाएंगे। चीन ने काफी मात्रा में कच्चा तेल जमा करके, शोधन क्षमता बढ़ाकर और कोयले तथा अन्य विकल्पों में निवेश करके अपनी सबसे बड़ी कमजोरी (तेल के लिए दूसरों पर निर्भर होना) को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया है। अब आयातक देश अपनी मनमर्जी से तेल का बाजार नहीं चला सकते। चीन ने दिखा दिया है कि वह जब चाहे तेल खरीदकर कीमतें बढ़ा सकता है और जब चाहे खरीदारी रोककर कीमतें गिरा सकता है। इसके अलावा, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों में आगे होने के कारण व अब कच्चे तेल का मोहताज भी नहीं रहा है।ईरान जंग के शुरुआती महीनों में चीन ने पड़ोसियों को ईंधन आपूर्ति रोक अपनी ताकत का अहसास कराया। वहीं, पश्चिम एशिया पर निर्भर अन्य देशों के पास दूसरे विकल्प नहीं थे। उन्हें या तो ऊर्जा इस्तेमाल घटाना पड़ा या भारी कीमत चुकानी पड़ी।चीन के पास उसे पेट्रोल, डीजल और जेट ईंधन में बदलने की सबसे बड़ी फैक्ट्रियां भी हैं। युद्ध के समय उसने अपने पड़ोसी देशों को डीजल-पेट्रोल की सप्लाई रोक दी। वियत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 19, 2026 · 2 min · National Desk

बंगाल उपचुनाव: चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता, टीएमसी के नाम और चिह्न वाले फैसले को दी चुनौती

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ममता बनर्जी ने आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चिह्न पर रोक लगाई गई है। शुक्रवार को आयोग ने छह अक्तूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिह्न आवंटित किया। इसके बाद ममता ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देने का कदम उठाया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में क्यों चुनौती दी? ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले को ‘असंवैधानिक, गैरकानूनी, अलोकतांत्रिक और पूरी तरह पक्षपातपूर्ण’ बताया है। उन्होंने आयोग पर राजनीतिक दुर्भावना से काम करने का आरोप भी लगाया। ममता का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी, नामांकन दाखिल हो चुके थे और उम्मीदवार अपने चुनाव चिह्न जमा कर चुके थे। ऐसे समय में पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिह्न को रोकने का फैसला क्यों लिया गया, इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया है। अब उन्होंने इसी फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। ममता के गुट को शुक्रवार को कौन सा चुनाव चिह्न मिला? शुक्रवार को चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को पश्चिम बंगाल के छह अक्तूबर के विधानसभा उपचुनाव के लिए ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिह्न आवंटित किया। यह व्यवस्था उस समय सामने आई है, जब आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और मूल चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। ममता ने साफ कहा है कि वह इस अंतरिम व्यवस्था को समझौते के तौर पर स्वीकार नहीं करेंगी। उनका कहना है कि वह तृणमूल कांग्रेस की मूल पहचान और पुराने चुनाव चिह्न क …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

लंदन से लौटे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे: ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में भूले आईफोन, रात 3 बजे एयरपोर्ट पर मची खलबली

जैसे ही शिंदे को फोन न मिलने की बात पता चली, उनकी टीम ने तुरंत पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी दी। मुंबई पुलिस ने बिना देर किए ब्रिटिश एयरवेज के सुरक्षा कर्मचारियों से संपर्क साधा। पुलिस और एयरलाइन की सिक्योरिटी टीम ने मिलकर प्लेन के अंदर तलाशी अभियान शुरू किया। सर्च ऑपरेशन शुरू होने के करीब एक घंटे बाद, तड़के 4 बजे के आसपास फोन को विमान के भीतर से सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। इसके बाद सुरक्षा अधिकारियों ने राहत की सांस ली और फोन ले जाकर डिप्टी सीएम को वापस सौंपा।उपमुख्यमंत्री शिंदे रोजमर्रा की बातचीत और वीडियो कॉल के लिए मुख्य रूप से आईफोन का ही इस्तेमाल करते हैं। आधिकारिक बैठकों के दौरान वह अक्सर अपना फोन अपने पर्सनल असिस्टेंट को थमा देते हैं। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब शिंदे का फोन इस तरह कहीं छूटा हो। इससे पहले भी जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब उनका एक मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया था, जिसे बाद में पुलिस ने ढूंढकर बरामद कर लिया था।एकनाथ शिंदे बीते 5 सितंबर को अपने कुछ सहयोगियों के साथ लंदन के दौरे पर गए थे। अपने करीब एक हफ्ते के इस ब्रिटेन प्रवास के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जहां उन्हें तीन सम्मान भी दिए गए। अपनी इस यात्रा के दौरान शिंदे क्रिकेटर विराट कोहली से भी मिले थे और उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के ऐतिहासिक पूर्व निवास पर बने स्मारक का दौरा किया था। इसके अलावा लंदन की सड़कों पर शिंदे का वड़ा पाव खाते हुए अंदाज भी काफी चर्चा में रहा था, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

तीन राज्यों में अलर्ट: जम्मू से हटे तो अगला ठौर खोज रहे रोहिंग्या, अब दूसरे राज्यों में बसने की फिराक में

जम्मू के नरवाल इलाके से बेदखल किए जाने के बाद रोहिंग्या अब गुपचुप तरीके से देश के अन्य राज्यों में अपना ठिकाना बनाने की फिराक में हैं। पिछले 18 वर्षों में स्थानीय संस्कृति और भाषा में पूरी तरह घुल-बस चुके इन लोगों का अब अलग-अलग राज्यों में बिखरना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस की कार्रवाई से बचने और अपनी पहचान छिपाने के लिए ये रोहिंग्या सहानुभूति का कार्ड खेलने के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा के नूंह से लेकर हैदराबाद और बंगलूरू तक फैलने का षड्यंत्र रच रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि नरवाल में झुग्गियां और दुकानें हटाए जाने के बाद रोहिंग्या परिवारों ने अपने अगले कदम को लेकर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। यह खामोशी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। रोहिंग्याओं की शुरुआती योजना जम्मू के ही अन्य हिस्सों में अपने रिश्तेदारों के पास छिपने की है। यदि वहां बात नहीं बनती है तो ये परिवार दूसरे राज्यों के शहरों का रुख करेंगे।सूत्रों के अनुसार उन शहरों में इनके लिए पहले से ही पुराने संपर्क मौजूद हो सकते हैं। नरवाल से झुग्गी छोड़ रहे सद्दाम ने बताया कि पहली कोशिश जम्मू के दूसरे हिस्सों में रहने वाले रिश्तेदारों के पास शरण लेने की होगी। वहां जगह नहीं मिली तो पंजाब, हरियाणा के नूह, हैदराबाद या बंगलूरू जाने पर विचार करेंगे।रोहिंग्याओं के जम्मू के दूसरे हिस्सों में जाने की आशंका के बीच उधमपुर, कठुआ, रियासी, पुंछ और राजोरी को भी सतर्क किया गया है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की एजेंसियों को संभावित आवाजाही को लेकर अलर्ट किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार साल 2008 से जम्मू में डेरा डाले इन रोहिंग्याओं ने 18 वर्षों में स्थानीय बोली, पह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 18, 2026 · 2 min · National Desk

अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा का तूफान: भारत के लिए जड़ा सबसे तेज शतक, रोहित के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक शर्मा का तूफान: भारत के लिए जड़ा सबसे तेज शतक, रोहित के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया। अभिषेक ने शतक लगाया। भारत ने इसके साथ ही पावरप्ले में अपना सर्वोच्च स्कोर बनाया। अभिषेक ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए पहले 16 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और फिर 30 गेंदों पर शतक लगाया। टेस्ट खेलने वाले देशों में किसी बल्लेबाज का टी20 अंतरराष्ट्रीय में यह सबसे तेज शतक है। पावरप्ले में ही पार किया 100 रनों का आंकड़ा भारत को अभिषेक और संजू सैमसन ने दमदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले ही ओवर से धुआंधार बल्लेबाजी की। सबसे पहले अभिषेक ने गेंदबाजों को निशाने पर लेना शुरू किया और इसके बाद सैमसन ने भी हाथ खोले। इन दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही 100 रनों का आंकड़ा पार करा दिया। भारत का पावरप्ले में यह अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। भारतीय टीम इससे पहले कभी पावरप्ले में 100 रन नहीं बना सकी थी। रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा अभिषेक का यह शतक भारत के लिए टी20 में किसी बल्लेबाज का सबसे तेज सैकड़ा है। इससे पहले ये रिकॉर्ड रोहित शर्मा के नाम था जिन्होंने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ इंदौर में खेले गए मैच में 35 गेंदों पर शतक लगाया था। किसी टेस्ट नेशन देश के बल्लेबा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

IND vs AFG 3rd T20 Live score: अफगानिस्तान को दूसरा झटका, सेदिकुल्लाह भी आउट; अक्षर के एक ओवर में दो विकेट

09:50 PM, 17-Sep-2026 IND vs AFG 3rd T20 Live: अफगानिस्तान को दूसरा झटका अक्षर पटेल ने एक ही ओवर में अपना दूसरा विकेट झटक लिया। सिदीकुल्लाह अटल घुटने के बल बैठकर स्लॉग स्वीप खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में ऊंची चली गई। डीप मिडविकेट पर अभिषेक शर्मा ने आसान कैच पकड़ लिया। अटल तीन गेंदों में एक रन बनाकर आउट हुए। अक्षर पटेल ने एक ही ओवर में अपना दूसरा विकेट झटक लिया। सिदीकुल्लाह अटल घुटने के बल बैठकर स्लॉग स्वीप खेलने गए, लेकिन गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से से लगकर हवा में ऊंची चली गई। डीप मिडविकेट पर अभिषेक शर्मा ने आसान कैच पकड़ लिया। अटल तीन गेंदों में एक रन बनाकर आउट हुए। 09:43 PM, 17-Sep-2026 IND vs AFG 3rd T20 Live: अक्षर पटेल ने दिलाई भारत को पहली सफलता तीसरे ओवर की पहली ही गेंद पर अक्षर पटेल ने रहमानुल्लाह गुरबाज को बोल्ड कर दिया। गेंद ज्यादा टर्न नहीं हुई और सीधी रही। गुरबाज इसे संभाल नहीं सके और 11 गेंदों में 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी पारी में तीन चौके शामिल रहे। तीसरे ओवर की पहली ही गेंद पर अक्षर पटेल ने रहमानुल्लाह गुरबाज को बोल्ड कर दिया। गेंद ज्यादा टर्न नहीं हुई और सीधी रही। गुरबाज इसे संभाल नहीं सके और 11 गेंदों में 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी पारी में तीन चौके शामिल रहे। 09:30 PM, 17-Sep-2026 IND vs AFG 3rd T20 Live: अफगानिस्तान की पारी शुरू अफगानिस्तान की पारी का आगाज हो गया है। रहमानुल्लाह गुरबाज और इब्राहिम जादरान क्रीज पर मौजूद हैं। गुरबाज स्ट्राइक पर हैं, जबकि भारत की ओर से नितीश रेड्डी गेंदबाजी की शुरुआत करेंगे। पहले ओवर के बाद अफगानिस्तान का स्कोर 15/0 है। 09:15 PM, 17-Sep-2026 IND vs AFG 3rd T20 Live: भारत ने दिय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 17, 2026 · 2 min · National Desk

दिशा सालियान केस: सूरज पंचोली का नाम आने पर फिर छलका जिया खान की मां का दर्द, कहा- सच छिपाने का खेल चल रहा है

दिवंगत एक्ट्रेस जिया खान की मां राबिया खान ने दिशा सालियान की मौत के मामले में दर्ज सीबीआई एफआईआर में एक्टर सूरज पंचोली का नाम सामने आने के बाद अपना पहला बड़ा बयान दिया है। बिना किसी का सीधा नाम लिए राबिया खान ने सोशल मीडिया पर अपनी बात लिखी है। उन्होंने लिखा कि जब वो सुनती हैं कि छह साल पहले हुई एक और युवा लड़की दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में वही नाम दोबारा सामने आ रहा है, तो उन्हें बहुत गहरा दुख पहुंचता है। उन्होंने कहा कि यह बात सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि हर किसी को सतर्क और सावधान करने वाली है। राबिया खान ने केस से जुड़े जरूरी सबूतों को संभालकर रखने के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वो अच्छी तरह जानती हैं कि जब सबूतों को जानबूझकर मिटा दिया जाता है या उनमें फेरबदल की जाती है, तो पीड़ितों के साथ कितना बड़ा धोखा होता है। एक बार जब मामले के मुख्य सबूत ही गायब या खराब हो जाते हैं, तो फिर जांच अधिकारियों और पीड़ित परिवारों के लिए सच को साबित कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। राबिया ने दिशा सालियान के मामले में हाई कोर्ट की तरफ से मानी गई गड़बड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि शुरुआत में ही काफी लापरवाहियां हुई हैं।जिया की मां ने दावा किया कि अगर किसी मामले के सबसे अहम सबूत ही अब मौजूद नहीं रहेंगे, तो किसी भी नई जांच टीम को केस सुलझाने में बहुत बड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि एजेंसियां अब कह रही हैं कि बिना सबूत के किसी को आरोपी नहीं बनाया जा सकता। लेकिन सवाल यह है कि जब जरूरी सबूतों को पहले ही खत्म कर दिया गया है, तो फिर नई जांच से किसी को न्याय कैसे मिलेगा? राबिया ने अपनी बेटी ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

September 16, 2026 · 2 min · National Desk