NEET Paper Leak: CBI ने दाखिल की 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, फास्ट ट्रैक अदालत कल करेगी सुनवाई

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की आर्थिक अपराध शाखा ने बहुचर्चित नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 13 आरोपियों के खिलाफ यह चार्जशीट पेश की है। सीबीआई द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष बुधवार को पेश किया जाएगा।यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2); भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित 13(1)(ए); और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 10 के साथ पठित धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत दर्ज किया गया है।इस मामले में नामजद सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।यश यादवमांगीलाल बीवालदिनेश बीवालविकास बीवालशुभम खैरनारधनंजय लोखंडेप्रह्लाद कुलकर्णीतेजस हर्षद कुमारडॉ. मनोज शिरुरेशिवराज रघुनाथ मोटेगांवकरमनीषा वाघमारेमनीषा मंधारेमनीषा संजय हवलदारसीबीआई ने अदालत को स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जांच की आंच एनटीए तक पहुंचने के बाद हाल ही में 47 एनटीए अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। बता दें कि इस धांधली को लेकर 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 10 लाख में खरीदा, 12 लाख में बेचा सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, पेपर लीक की इस पूरी कड़ी में आरोपियों ने लाखों रुपये का खेल किया। मुख्य आरोपी मांगीलाल बिवाल ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

अहमदाबाद विमान हादसा: सिमुलेशन टेस्ट पूरे, अंतिम रिपोर्ट का मसौदा अक्तूबर में सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी सरकार

अहमदाबाद एअर इंडिया विमान दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट का मसौदा अक्तूबर के पहले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। यह जानकारी सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को दी। बता दें कि यह हदासा पिछले साल जून में हुआ था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की इस दलील पर भी ध्यान दिया कि फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स एएआईबी को अपनी जानकारी दे सकता है, जिसे एएआईबी जांच के दौरान आवश्यक पाए जाने पर देख सकता है और उस पर कार्रवाई कर सकता है। सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को क्या बताया? सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को बताया कि याचिकाकर्ताओं में से एक द्वारा दायर आवेदन के अनुसार चार सिमुलेशन परीक्षण किए जा चुके हैं। विधि अधिकारी ने कहा कि अंतिम मसौदा रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पीठ के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। अगली सुनवाई कब होगी? अदालत एक गैर सरकारी संगठन, एक कानून के छात्र और मृतक पायलट के पिता द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दुर्घटना की स्वतंत्र, अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी। अब पीठ ने इन याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए 13 अक्टूबर की तारीख तय की है। एएआईबी ने कहा था कि 12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से संबंधित कॉकपिट की आवाज रिकॉर्डिंग और हवाई छवि रिकॉर्डिंग को किसी भी बाहरी समिति या जनता के सामने प्रकट करने पर “पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध” है। इसमें कहा गया था कि ऐसी सामग्री साझा करना विमान (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम, 2025 के अनुसूची सी के साथ पढ़े गए नियम 17(1) और नियम 17(5) का उल्लंघन होगा। क्या है पूरा मामला? एयर इंडिया की बो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

UP: पूर्व राज्य मंत्री नानक दीन भुर्जी विधायक निवास की 7वीं मंजिल से गिरे, चश्मदीद ने पुलिस से बयां की सच्चाई

कैसे गिरे, किसी को जानकारी नहीं लखनऊ में नए विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिरकर पूर्व राज्य मंत्री और भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश महामंत्री नानकदीन भुर्जी की मौत के बाद भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि घटना के समय वह प्रदेश भाजपा कार्यालय में मौजूद थे। सूचना मिलते ही वह अन्य पदाधिकारियों के साथ मौके के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में पता चला कि नानकदीन भुर्जी को सिविल अस्पताल ले जाया गया है। प्रकाश पाल ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें नानकदीन भुर्जी के निधन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भुर्जी सातवीं मंजिल से कैसे गिरे और किन परिस्थितियों में यह घटना हुई, इसकी जानकारी फिलहाल किसी को नहीं है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 1 min · National Desk

असम में बाढ़ का कहर: PM मोदी ने सांसदों के साथ की समीक्षा बैठक, विधायकों ने किया एक महीने का वेतन देने का एलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने असम के विभिन्न हिस्सों में व्याप्त बाढ़ की स्थिति पर राज्य के सांसदों के साथ बैठक की। इसके साथ ही आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। पीएम मोदी ने क्या बताया? एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना की। उन्होंने एक्स पर लिखा,‘असम के सांसदों से मुलाकात की और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है। मैं सभी की सुरक्षा और कुशल मंगल की कामना करता हूं। असम में क्या है हालात? इस बीच, असम के शिवसागर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है क्योंकि नौजान गांव में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया और सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे सैकड़ों परिवार आश्रय, भोजन और सुरक्षित पेयजल तक पहुंच के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि राहत अभियान तेज कर दिए गए हैं। वहीं, असम के विधायकों ने एक बड़ा फैसला लिया है। रायजोर दल को छोड़कर सभी विधायकों ने मंगलवार को राज्य के बाढ़ पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए अपने एक महीने का वेतन दान करने की घोषणा की। अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने क्या एलान किया? अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने कहा कि वह और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन बाढ़ राहत के लिए एक महीने का वेतन दान करेंगे। उन्होंने घोषणा की, ‘हमारे अलावा, विधानसभा सचिवालय के सभी कर्मचारी पीड़ितों की राहत और पुनर्वास के लिए एक दिन का वेतन दान करेंगे।’ संसदीय कार्य मंत्री ने क्या कहा? इस पहल का स्वागत करते हुए सं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

Explainer: क्या है 3.5% नियम, जिसके आगे झुक सकती है सत्ता; भारत के युवाओं के आंदोलन से इसका क्या कनेक्शन?

फिर संख्या इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? बड़ी भागीदारी से सरकार पर कई स्तरों पर दबाव बन सकता है। बड़े प्रदर्शन सामान्य और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। आंदोलन में लाखों लोगों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत भी दे सकती है कि समाज में उसका समर्थन प्रदर्शनकारियों की संख्या से कहीं ज्यादा है। अहिंसक आंदोलन में अलग-अलग उम्र, पेशे और सामाजिक समूहों के लोग शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा आंदोलन बड़ा होने पर राजनीतिक, कारोबारी, मीडिया और दूसरे प्रभावशाली समूह भी सरकार से दूरी बना सकते हैं। चेनोवेथ की रिसर्च में सत्ता का समर्थन करने वाले समूहों का पाला बदलना सफल आंदोलनों का महत्वपूर्ण कारण माना गया है। कहां-कहां देखी गई सफलता? 3.5% रूल के पीछे की सोच को पोलैंड के सॉलिडैरिटी मूवमेंट से समझा जा सकता है। 1980 में पोलैंड के गडांस्क शहर में जहाज बनाने वाले मजदूरों ने स्वतंत्र यूनियन, बेहतर कामकाजी परिस्थितियों और राजनीतिक सुधारों की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की। लेक वालेसा के नेतृत्व में शुरू हुआ यह विरोध जल्द ही बड़े आंदोलन में बदल गया। कुछ ही महीनों में सॉलिडैरिटी मूवमेंट के करीब एक करोड़ सदस्य हो गए। यह संख्या पोलैंड के कुल वर्कफोर्स के करीब एक-तिहाई के बराबर थी। खास बात यह थी कि इसमें सिर्फ मजदूर नहीं थे। बुद्धिजीवी, कैथोलिक और कम्युनिस्ट शासन के विरोधी भी आंदोलन का हिस्सा बन गए। सरकारी कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहा। आखिरकार 1989 में बातचीत हुई, जिसके बाद आंशिक रूप से स्वतंत्र चुनाव कराए गए और सॉलिडैरिटी को राजनीतिक पार्टी के रूप में मान्यता मिली। उसी साल सॉलिडैरिटी ने इतनी संसदीय सीटें जीतीं कि वह सरकार का नेतृत्व कर सके। अगले साल पोलैंड में कम्युनिस्ट शासन समाप्त हो गया …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

पेपर लीक बिल पर घेराबंदी की तैयारी में विपक्ष?: राहुल गांधी करेंगे अगुवाई; प्रियंका भी लेंगी चर्चा में हिस्सा

लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर होने वाली चर्चा से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और गौरव गोगोई समेत कई वरिष्ठ नेता चर्चा में हिस्सा लेंगे। हालांकि, विपक्ष ने साफ किया है कि वह छात्र प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब चाहता है। क्या कांग्रेस पेपर लीक विधेयक का समर्थन कर रही है? इंडिया गठबंधन के सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और विपक्ष पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए विधेयक या उस पर चर्चा के खिलाफ नहीं हैं। उनका कहना है कि परीक्षाओं को मजबूत बनाने वाले हर कदम का समर्थन किया जाएगा, लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और कथित अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। क्या विपक्ष ने चर्चा के लिए शर्त रखी है? विपक्ष का कहना है कि वह संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सरकार को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई और जवाबदेही के मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। विपक्ष का मानना है कि इस विषय पर जवाब मिलने के बाद ही सार्थक चर्चा हो सकती है। क्या विपक्ष ने बनाई साझा रणनीति? संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में लोकसभा और राज्यसभा के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने और दिनभर की कार्यवाही को लेकर समन्वय पर चर्चा की गई। क्या पेपर लीक विधेयक में सजा बढ़ाने का प्रस्ताव है? केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन व …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

US-Israel: ईरान जंग शुरू होने के बाद ट्रंप-नेतन्याहू की पहली बैठक, मतभेदों के बीच क्या है इस्राइल का प्लान?

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों नेता अपने-अपने देशों में बढ़ते दबाव का सामना कर रहे हैं। नेतन्याहू चुनाव का सामना करने वाले हैं और ट्रंप के साथ बिगड़ते संबंधों के कारण भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, ट्रंप पर एक ऐसे युद्ध को खत्म करने का दबाव है, जो जनता के बीच ज्यादा लोकप्रिय नहीं है। इस युद्ध से आर्थिक नुकसान हुआ है और कीमतें बढ़ी हैं। यह सब नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले हो रहा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि दोनों नेता इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध को लेकर अमेरिका और लेबनान के बीच हुए समझौते के ढांचे और अब्राहम समझौते के विस्तार पर भी चर्चा करेंगे। सोमवार को पत्रकारों ने जब ट्रंप से पूछा कि क्या ईरान के मुद्दे पर वह और इस्राइली प्रधानमंत्री एक ही राय रखते हैं, तो ट्रंप ने कहा, हमारे बीच थोड़ा अंतर है। लेकिन हां, हम काफी करीब हैं। ये भी पढ़ें: उतार-चढ़ाव भरे रहे ट्रंप-नेतन्याहू के संबंध पिछले कई वर्षों से ट्रंप और नेतन्याहू के संबंध कभी मजबूत तो कभी तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि, पिछले साल जब ट्रंप दोबारा व्हाइट हाउस लौटे तो दोनों नेताओं के बीच गठबंधन पहले से ज्यादा मजबूत दिखाई दिया। फरवरी में जब दोनों देशों ने मिलकर ईरान के खिलाफ जंग शुरू की थी, तब दोनों एकजुट नजर आए थे। उन्होंने कहा था कि उनकी सेनाएं मिलकर ईरान के नेतृत्व को निशाना बना रही हैं और ऐसी सरकार के लिए रास्ता तैयार कर रही हैं, जो पश्चिमी देशों के ज्यादा करीब हो। लेकिन जैसे-जैसे ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों व ऊंची इमारतों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए। स …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: संसद में आज परीक्षा सुधार पर चर्चा; नेपाल और POJK में बवाल; जंतर-मंतर आंदोलन में कार्रवाई जारी रहेगी

देश की बड़ी खबरों में संसद सत्र की खबरें लगातार चर्चा में हैं। हंगामेदार हफ्ता बीतने के बाद आज संसद के मानसून सत्र में लोकसभा में परीक्षा से सुधारों से जुड़े विधेयक पर चर्चा कराई जाएगी। नेपाल और POJK में बवाल भी सुर्खियों में है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सरकारी एफआईआर रद्द किए जाने से इतर जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान दर्ज अन्य मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी। खेल जगत की खबरों में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल भी चर्चा में हैं। यहां पांचवें दिन के खेल में भारत ने एक-एक स्वर्ण और कांस्य पदक और चार रजत पदक मिले। उत्तर प्रदेश में 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज भी सुनवाई होगी। मनोरंजन जगत की खबरों में राम कपूर की किस कॉन्ट्रोवर्सी लगातार चर्चा में है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 1 min · National Desk

सीमा पर शांति, व्यापार में रफ्तार: क्या बदलने वाला है भारत-चीन का रिश्ता? बीजिंग वार्ता से मिले संकेत

बीजिंग में सोमवार को विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन की विदेश मामलों की उप-मंत्री हुआ चुनयिंग के बीच बैठक हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर सहमति जताई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन की उप-विदेश मंत्री हुआ चुनयिंग के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में दोनों देशों के नेताओं की सहमति को आगे बढ़ाने और आपसी हितों वाले मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 1 min · National Desk

जंतर-मंतर आंदोलन: सिर्फ सरकारी FIR ही होंगी वापस, निजी शिकायतों के आधार पर दर्ज मामलों में जारी रहेगी कार्रवाई

जंतर-मंतर पर चले 36 दिन के आंदोलन और 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस नहीं होंगी। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल वे मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पुलिस या राज्य की ओर से दर्ज किए गए हैं। निजी शिकायतों के आधार पर दर्ज एफआईआर, जिनमें महिला पत्रकारों से छेड़छाड़, मारपीट और अन्य आपराधिक आरोप शामिल हैं, वापस नहीं ली जाएंगी। इन मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। केंद्र सरकार ने पहले ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए भरोसा दिया था कि ऐसे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी के तहत दिल्ली पुलिस अपनी ओर से दर्ज मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। हालांकि सोमवार शाम तक इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी नहीं हुए।दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त देवेश चंद श्रीवास्तव के अनुसार, आंदोलन के दौरान दिल्ली में करीब 20 एफआईआर दर्ज हुईं। इनमें अधिकांश मामले प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और हिंसा से जुड़े हैं। वहीं करीब पांच एफआईआर निजी शिकायतों पर दर्ज की गई हैं। इनमें दो महिला पत्रकारों द्वारा छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।चूंकि ये निजी शिकायतों पर आधारित मामले हैं, इसलिए इन्हें सरकार या पुलिस अपने स्तर पर वापस नहीं ले सकती। इन मामलों में आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिन मामलों में दिल्ली पुलिस स्वयं शिकायतकर्ता है, केवल उन्हीं में अभियोजन पक्ष अदालत से मुकदमा वापस लेने का अनुरोध करेगा। इसके लिए पहले दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी आवश्यक होगी। एलजी की अनुमति मिलन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk