Explainer: पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया कानून दो साल में ही बदलने की नौबत क्यों आई, नए बिल में क्या नया?

2024 में लागू किए गए कानून में क्या है? देश में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, नकल, फर्जी परीक्षा, फर्जी एडमिट कार्ड, उत्तर कुंजी लीक और परीक्षा माफिया के मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 बनाया था। यह कानून 12 फरवरी 2024 को पारित हुआ और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू हुआ। यह देश का पहला विशेष केंद्रीय कानून है, जो केवल सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक से निपटने के लिए बनाया गया था। यह कानून क्यों लाया गया था? सरकार ने कानून के उद्देश्य में इसकी कई वजहें बताई थी। 1. पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा था बार-बार पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के कारण परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ रही थीं। इससे भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया में देरी होती थी और लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत, समय और करियर प्रभावित हो रहा था। 2. कोई अलग केंद्रीय कानून नहीं था सरकार ने माना कि 2024 से पहले केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली से निपटने के लिए कोई विशिष्ट केंद्रीय कानून नहीं था। ऐसे मामलों में आईपीसी, आईटी एक्ट और अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई होती थी, लेकिन परीक्षा माफिया और पेपर लीक पर केंद्रित कोई व्यापक कानून नहीं था। 3. परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई जरूरी थी सरकार के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह और संस्थाएं परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाकर आर्थिक लाभ के लिए पेपर लीक और अन्य धांधली कर रहे थे। इन संगठित नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई के लिए अलग कानून की जरूरत थी। 4. परीक्षा प्रणाली में भरो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

अमेरिका-ईरान तनाव: खत्म हुआ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी? बलिदानियों के आंकड़े पर उठे सवाल, जानें पेंटागन का नया खेल

डिफेंस कैजुअल्टी एनालिसिस सिस्टम (डीसीएएस) ने हालिया हमले में मारे गए चार सैनिकों और दर्जनों घायलों के नाम ईरान युद्ध की पुरानी लिस्ट से हटा दिए हैं। अब इन्हें ‘ओवरसीज ऑपरेशंस’ नाम की नई कैटेगरी में डाला गया है।इस कदम से अब अमेरिकी सेना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आलोचकों का मानना है कि अमेरिका युद्ध में अपने सैनिकों के नुकसान को कम करके दिखाने की कोशिश कर रहा है। पेंटागन के इस नए कदम के बाद अब ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और नई कैटेगरी को मिलाकर कुल घायल सैनिकों की संख्या 642 तक पहुंच गई है।जुलाई में मारे गए चार अमरीकी जवानों को ईरान युद्ध की मुख्य लिस्ट से हटाकर ‘ओवरसीज ऑपरेशंस’ में डाला गया।जॉर्डन में 17 जुलाई को ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में तीन जवान मारे गए, जबकि 18 जुलाई को इराक में एक जवान की मौत हुई।यह पूरी हिंसा अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जा बनाए रखने के लिए की गई दो सप्ताह की एयरस्ट्राइक के बाद भड़की।देश मंत्री मार्को रूबियो ने मई में ही कहा था कि यह ऑपरेशन पूरा हो चुका है। वहीं रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संसद में सितंबर तक के खर्च का अनुमान पेश किया था।पेंटागन ने पहले लिस्ट से नाम हटने को ‘डाटा खराबी’ बताया था, लेकिन अब उन्हें नई कैटेगरी में आधिकारिक रूप से दर्ज कर दिया गया है।अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था। इसके बाद जून के मध्य में एक अंतरिम समझौते पर दस्तखत भी किए गए थे।लेकिन इसी महीने जब ईरान ने समुद्री व्यापारिक मार्ग में जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका ने दोबारा एयरस्ट्राइक शुरू कर दी। जवाब में ईरान ने अमरीकी ठिकानों की मेजबानी करने वाले पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दाग दीं। अमेरिका की सेंट्रल कमां …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Parliament Monsoon Session 2026: पेपर लीक के मुद्दे पर आज फिर संसद में बहस, राहुल गांधी बोलेंगे सरकार पर हमला

09:09 AM, 29-Jul-2026 कावेरी जल विवाद: राज्यसभा में कांग्रेस सांसद प्रवीन चक्रवर्ती ने दिया काम रोको प्रस्ताव कांग्रेस सांसद प्रवीन चक्रवर्ती ने राज्यसभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने जल शक्ति मंत्रालय पर 27 जुलाई 2026 को सदन में भ्रामक जवाब देने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कावेरी जल नियमन समिति (CWRC) के आदेश का मुद्दा भी उठाया है। समिति ने कर्नाटक को तुरंत 4 टीएमसी फीट पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। प्रवीन चक्रवर्ती का कहना है कि जल बंटवारे के इस आदेश का पालन होना चाहिए। उन्होंने संसद में इस संवेदनशील विषय पर तुरंत चर्चा की मांग की है। 09:06 AM, 29-Jul-2026 लोकसभा में एंटी-डिफेक्शन लॉ पर काम रोको प्रस्ताव, मनीष तिवारी ने उठाई नए कानून की मांग कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में काम रोको प्रस्ताव का नोटिस दिया है। वे देश में एक नए दलबदल विरोधी कानून पर चर्चा चाहते हैं। उनका कहना है कि अवसरवादिता के लिए होने वाले सामूहिक दलबदल पर रोक लगनी चाहिए। अक्सर बिना किसी वैचारिक मतभेद के सत्ता के लिए दलबदल किया जाता है। इसके साथ ही नए कानून में सांसदों और विधायकों को अपनी बात रखने की आजादी मिलनी चाहिए। उन्हें संसद के अंदर और बाहर ईमानदारी से असहमति जताने का अधिकार होना चाहिए। तिवारी का मानना है कि पार्टी व्हिप के डर के बिना जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की आवाज उठाने की छूट मिलनी चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

West Asia Crisis LIVE: ईरान ने यूक्रेन से हर्जाना मांगा, होर्मुज पर भी अड़ा तेहरान; पश्चिम एशिया में शांति कब?

03:49 AM, 29-Jul-2026 फिलहाल कैसी है होर्मुज की स्थिति? गौरतलब है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट भी खड़ा हो गया है। ईरान के सशस्त्र बलों ने उन सभी कंपनियों और देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं देने की घोषणा की है, जो ट्रंप के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। बता दें कि जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया में एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को इस अवैध कार्रवाई के परिणामों के बारे में चेतावनी दी है। यह कदम क्षेत्र में समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। 03:05 AM, 29-Jul-2026 हर्जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव में क्या? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट के बाद ईरान ने जहाजों को रोकने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा था कि जहाजों, कार्गो या संबंधित समुद्री संपत्तियों को भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान का भुगतान अमेरिकी नियंत्रण वाले ईरानी धन से किया जाएगा। उन्होंने इस फैसले को ‘उचित और न्यायसंगत’ बताते हुए कहा,।नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्री क्या बोले? अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप की इस योजना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि होर्मुज में जहाजों और कार्गो को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरानी फंड का उपयोग कर मुआवजा देने की योजना ‘भड़काऊ’ बताया। 02:38 AM, 29-Jul-2026 ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों को रोकने की चेतावनी क्यों दी? होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर गतिरोध के बीच ईरान ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह उन कंपनियों और देशों के वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोकेगा, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: कई राज्यों में मौसम की मार; दिल्ली में DCP के आदेश पर चली थी पैलेट गन; CWG में भारत को अब तक 12 पदक

देश-विदेश के महत्वपूर्ण समाचारों में आज नीट पेपर लीक की जांच कर रही सीबीआई की तरफ से 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट और आज दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई की खबर सर्वाधिक चर्चित है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के डीसीपी की खबर भी चर्चा में है। इस अधिकारी के आदेश पर ही बीते 20 जुलाई को दिल्ली में पैलेट गन से फायरिंग की गई थी। सीजेपी के संसद मार्च के दौरान चली पैलेट गन पर विपक्ष सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है। इस घटना के अलावा 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश, पहाड़ी प्रदेशों में भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित होने की खबर भी सुर्खियों में है। खेल जगत में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीट्स की ऐतिहासिक उपलब्धि का समाचार भी सुर्खियों में है। इन घटनाओं के अलावा पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जंग से तनाव, यूक्रेन-ईरान के बीच टकराव की आशंका की खबर भी प्रमुखता से प्रकाशित हो रही है। सावन के शुभारंभ के मौके पर उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक की पाबंदियां, अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर चंपत राय की कथित स्वीकारोक्ति जैसे राष्ट्रीय महत्व के समाचार भी सुर्खियों में हैं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 1 min · National Desk

West Asia Tension LIVE: ईरान ने यूक्रेन से हर्जाना मांगा, होर्मुज पर भी अड़ा तेरान; पश्चिम एशिया में शांति कब?

03:49 AM, 29-Jul-2026 फिलहाल कैसी है होर्मुज की स्थिति? गौरतलब है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट भी खड़ा हो गया है। ईरान के सशस्त्र बलों ने उन सभी कंपनियों और देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं देने की घोषणा की है, जो ट्रंप के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं। बता दें कि जलडमरूमध्य पश्चिम एशिया में एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति को इस अवैध कार्रवाई के परिणामों के बारे में चेतावनी दी है। यह कदम क्षेत्र में समुद्री व्यापार और सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। 03:05 AM, 29-Jul-2026 हर्जाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव में क्या? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर किए गए एक पोस्ट के बाद ईरान ने जहाजों को रोकने की धमकी दी। ट्रंप ने कहा था कि जहाजों, कार्गो या संबंधित समुद्री संपत्तियों को भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान का भुगतान अमेरिकी नियंत्रण वाले ईरानी धन से किया जाएगा। उन्होंने इस फैसले को ‘उचित और न्यायसंगत’ बताते हुए कहा,।नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्री क्या बोले? अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप की इस योजना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि होर्मुज में जहाजों और कार्गो को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरानी फंड का उपयोग कर मुआवजा देने की योजना ‘भड़काऊ’ बताया। 02:38 AM, 29-Jul-2026 ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों को रोकने की चेतावनी क्यों दी? होर्मुज में जहाजों की आवाजाही को लेकर गतिरोध के बीच ईरान ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह उन कंपनियों और देशों के वाणिज्यिक जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने से रोकेगा, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Ayodhya: चंपत ने माना...चढ़ावा चोरी के 81 लाख रुपये की हुई वापसी, पहली बार सामने आए इस्तीफे में किया स्वीकार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने चढ़ावा चोरी के बाद ट्रस्ट की ओर से की गई शुरुआती कार्रवाई में 81 लाख रुपये की वापसी की बात स्वीकार की है। यह स्वीकरोक्ति अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को संबोधित दोनों के संयुक्त इस्तीफा पत्र में की गई है। पहली बार सामने आए इस्तीफा पत्र में दोनों ने एसआईटी जांच की सिफारिश और स्वयं को ट्रस्ट के कार्यों से अलग करने के निर्णय का भी उल्लेख किया है। पत्र के अनुसार, 8 जून से दानपात्र की धनराशि की गणना को लेकर मीडिया में समाचार प्रकाशित होने से श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी और लोग इससे आहत थे। कुछ जिम्मेदार लोग भी अनर्गल बयान दे रहे थे। पत्र में लिखा कि गणना के दौरान 5-6 युवकों की ओर से चोरी किए जाने की घटना चार जून की रात एक ट्रस्टी के संज्ञान में आई। इसके बाद शांतिपूर्वक विचार कर पांच जून की सुबह सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, जिसमें कुछ युवकों की पहचान हुई। पत्र के मुताबिक, तत्काल पुलिस में एफआईआर दर्ज कराना उचित नहीं समझा गया और संबंधित युवकों से पूछताछ की गई। पत्र में दावा किया गया है कि पांच जून की रात से आठ जून के बीच संबंधित युवकों और उनके परिजनों ने कुल 81 लाख रुपये ट्रस्ट को वापस लौटा दिए। साथ ही चोरी स्वीकार करते हुए लिखित स्वीकृति पत्र भी दिए।श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा की ओर से दिए गए इस्तीफा पत्र में दोनों पदाधिकारियों ने कि जब चोरी के मामले की चर्चा समाचार पत्रों में बढ़ने लगी, तब ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने का अनुरोध किया, ताकि पूरे प्रकरण का सत्य सामने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Supreme Court: पर्यावरण मंजूरी से जुड़े मामले में आज आएगा अहम फैसला, सुप्रीम कोर्ट पर टिकी नजरें

सुप्रीम कोर्ट बुधवार को पूर्वव्यापी पर्यावरण मंजूरियों से संबंधित याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगा। ये याचिकाएं उन परियोजनाओं से जुड़ी हैं जिन्होंने हरित मानदंडों का उल्लंघन किया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची तथा जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ 49 याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी। शीर्ष अदालत ने छह दिनों तक सुनवाई के बाद इस साल एक अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने सरकार के कार्यालय ज्ञापन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह पूर्वव्यापी पर्यावरण मंजूरी देता है, पर ‘एकमुश्त’ नियमितीकरण नहीं है। भाटी ने तर्क दिया कि सरकार पर्यावरण संबंधी न्यायशास्त्र को कमजोर करने की कोई सिफारिश नहीं करती है और कानून के दायरे का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नियामक व्यवस्थाओं के विकास को भी समझाया, बताया कि पहले जिन उद्योगों को मंजूरी नहीं चाहिए थी, उन्हें अब हरित कानूनों के दायरे में लाया गया है। भाटी ने कहा कि कानूनी रूप से संचालित होने वाली इकाइयों को पहले बंद करना होगा, फिर विशेषज्ञ मूल्यांकन से गुजरना होगा, भारी जुर्माना देना होगा और पिछले नुकसान के लिए उपचारात्मक योजना प्रस्तुत करनी होगी।वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन और संजय पारिख सहित विभिन्न पक्षों के वकीलों ने पूर्वव्यापी मंजूरियों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों को मानदंडों का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जा सकती, वे जुर्माने का भुगतान करके बाद में अनुमति मिलने की उम्मीद नहीं कर सकते। वकील सृष्टि अग्निहोत्री ने इस विचार का विरोध किया, कहा कि परियोजनाओं को ‘प्राथमि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

NEET Paper Leak: CBI ने दाखिल की 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, फास्ट ट्रैक अदालत कल करेगी सुनवाई

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की आर्थिक अपराध शाखा ने बहुचर्चित नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राऊज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है। जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 13 आरोपियों के खिलाफ यह चार्जशीट पेश की है। सीबीआई द्वारा दाखिल की गई इस चार्जशीट को पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए विशेष रूप से गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट के समक्ष बुधवार को पेश किया जाएगा।यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 315(5), 318(4), 61(2), 238, 303(2); भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के साथ पठित 13(1)(ए); और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 10 के साथ पठित धारा 3, 4, 5 और 11 के तहत दर्ज किया गया है।इस मामले में नामजद सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।यश यादवमांगीलाल बीवालदिनेश बीवालविकास बीवालशुभम खैरनारधनंजय लोखंडेप्रह्लाद कुलकर्णीतेजस हर्षद कुमारडॉ. मनोज शिरुरेशिवराज रघुनाथ मोटेगांवकरमनीषा वाघमारेमनीषा मंधारेमनीषा संजय हवलदारसीबीआई ने अदालत को स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जांच की आंच एनटीए तक पहुंचने के बाद हाल ही में 47 एनटीए अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। बता दें कि इस धांधली को लेकर 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर पहली प्राथमिकी दर्ज की गई थी। 10 लाख में खरीदा, 12 लाख में बेचा सीबीआई की चार्जशीट के अनुसार, पेपर लीक की इस पूरी कड़ी में आरोपियों ने लाखों रुपये का खेल किया। मुख्य आरोपी मांगीलाल बिवाल ने …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Video: संसद के बाहर बढ़ी सियासी गर्मी, निशिकांत दुबे ने लगाए आरोप; कार्ति चिदंबरम ने दिया क्या जवाब?

#WATCH | Delhi: Congress MP Karti Chidambaram and BJP MP Nishikant Dubey have a brief exchange of words on the allegations made by the BJP MP about an MP having links with a UK Firm. pic.twitter.com/YL5f5CdtFc — ANI (@ANI) July 28, 2026 वीडियो में देखा जा सकता है कि भाजपा नेता निशिकांत दुबे एक सांसद के ब्रिटेन की एक फर्म से संबंध होने का आरोप लगा रहे हैं। इसके जवाब में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम जवाब देते हुए नजर आते हैं कि वो निदेशक क्यों हैं? मैं आपको बताऊंगा कि कंपनी कैसे काम करती है? इतना कहने के बाद कार्ति चिदंबरम संसद की ओर आगे बढ़ गए। दुबे और चिदंबरम के बीच यह बहस ज्यादा लंबी नहीं चली।भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 पर बहस के दौरान विपक्ष के नेताओं, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। ठाकुर ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उपायों का समर्थन करने के बजाय राजनीति में लिप्त हैं। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए, ठाकुर ने कहा, “मैं केवल इतना ही कहना चाहूंगा: ‘खुद मियां फजीहत, दूसरों को नसीहत’।“ठाकुर ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वह कांग्रेस नेता की “बेचैनी और छटपटाहट” को समझते हैं, क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री के आवास में प्रवेश का अवसर नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को लगा कि देश के युवाओं ने, न अखिलेश ने, न किसी राजनीतिक दल ने उनसे पूछा, तो वह क्या करें? इसलिए उन्होंने वही किया जो किसी भी विपक्ष के नेता को नहीं करना चाहिए - वह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 28, 2026 · 2 min · National Desk