Explainer: पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया कानून दो साल में ही बदलने की नौबत क्यों आई, नए बिल में क्या नया?
2024 में लागू किए गए कानून में क्या है? देश में भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, नकल, फर्जी परीक्षा, फर्जी एडमिट कार्ड, उत्तर कुंजी लीक और परीक्षा माफिया के मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 बनाया था। यह कानून 12 फरवरी 2024 को पारित हुआ और 21 जून 2024 से पूरे देश में लागू हुआ। यह देश का पहला विशेष केंद्रीय कानून है, जो केवल सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक से निपटने के लिए बनाया गया था। यह कानून क्यों लाया गया था? सरकार ने कानून के उद्देश्य में इसकी कई वजहें बताई थी। 1. पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा था बार-बार पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के कारण परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ रही थीं। इससे भर्ती और प्रवेश प्रक्रिया में देरी होती थी और लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत, समय और करियर प्रभावित हो रहा था। 2. कोई अलग केंद्रीय कानून नहीं था सरकार ने माना कि 2024 से पहले केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली से निपटने के लिए कोई विशिष्ट केंद्रीय कानून नहीं था। ऐसे मामलों में आईपीसी, आईटी एक्ट और अन्य कानूनों के तहत कार्रवाई होती थी, लेकिन परीक्षा माफिया और पेपर लीक पर केंद्रित कोई व्यापक कानून नहीं था। 3. परीक्षा माफिया पर सख्त कार्रवाई जरूरी थी सरकार के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह और संस्थाएं परीक्षा प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाकर आर्थिक लाभ के लिए पेपर लीक और अन्य धांधली कर रहे थे। इन संगठित नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई के लिए अलग कानून की जरूरत थी। 4. परीक्षा प्रणाली में भरो …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...