Jantar Mantar Protest: आखिर किसके आदेश पर चली तीन पैलेट गन, दिल्ली पुलिस और आरएएफ आमने सामने; भारी उलझन

20 जुलाई को जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और विभिन्न छात्र संगठनों के चलो संसद मार्च के दौरान कुल पैलेट गन से पांच गोलियां चलीं थीं। नई दिल्ली जिले के संसद मार्ग थाने में दर्ज जीडी में कहा गया कि जोन-एक में पैलेट गन से दो गोलियां चलीं थीं। अब सवाल ये है कि आखिर पैलेट गन से तीन और गोलियां किस जोन में चली थीं और किस डीसीपी ने चलाने के आदेश दिए थे। पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर दिल्ली पुलिस व आरएएफ अब आमने-सामने है और एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रही हैं। कुछ दिन पहले आरएएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि उनके जवानों ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया। आरएएफ के जवान ने संसद मार्ग थाने में कराई जीडी इंट्री में कहा है कि दिल्ली पुलिस के जोन-एक में हुई इस घटना के दौरान दो पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, आरएएफ का दावा है कि कुल पांच गोलियां चलाई गईं। अब ये जांचा जा रहा कि किस जोन में इस गन का इस्तेमाल कर तीन गोलियां और चलाई गई थीं।आखिर कौन वह डीसीपी हैं, जिनके आदेश के बाद इस गन का इस्तेमाल हुआ। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान पूरी नई दिल्ली को 15 जोन में बांटा था। हालांकि ये बीच-बीच में जोन का क्षेत्रफल व उनके डीसीपी बदलते रहे थे। फिलहाल, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ने की कोशिश कर रही हैं। दिल्ली पुलिस, आरएएफ और अन्य संबंधित एजेंसियां घटना के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) देवेश चंद श्रीवास्तव पहले ही कह चुके हैं कि दिल्ली पुलिस के पास पैलेट गन नहीं है।दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि जब भी कहीं …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Farmers Protest: मांगों को लेकर सड़क पर डटे किसान तो उनकी बाट जोह रहा परिवार, जानिए अन्नदाताओं के घर के हाल

नर्मदापुरम से भोपाल पहुंचे हजारों किसान अपनी 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर तीन दिन से सड़कों पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती, तब तक वे आंदोलन खत्म कर वापस घर नहीं लौटेंगे। लेकिन किसानों के इस आंदोलन का असर अब सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी तस्वीर नर्मदापुरम के गांवों में भी दिखाई देने लगी है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 1 min · National Desk

PoK पर भारत का दो टूक संदेश: अमेरिकी अखबार की हेडलाइन 'पाकिस्तानी कश्मीर' पर जताई आपत्ति, साफ किया अपना रुख

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खबर के शीर्षक पर कड़ी आपत्ति जताई है। दूतावास ने स्पष्ट कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसा कोई क्षेत्र नहीं है, केवल ‘पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK)’ है। भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन पर भारत ने क्या कहा? भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यूयॉर्क टाइम्स की हेडलाइन भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत है। दूतावास ने कहा कि ‘पाकिस्तानी कश्मीर’ जैसी कोई इकाई मौजूद नहीं है, केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर भारत का क्या रुख है? दूतावास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। भारत का कहना है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर अवैध कब्जा कर रखा है और अब वहां के लोगों के खिलाफ हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। PoK में विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं? न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और स्वतंत्र आकलनों के हवाले से बताया गया है कि जून की शुरुआत से लेकर हालिया हिंसा तक प्रदर्शनकारियों, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों सहित कम से कम 30 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर क्या कहा? रिपोर्ट के मुताबिक, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी नामक संगठन पिछले महीने से तथाकथित क्षेत्रीय विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद की सरकार बनाने के लिए किया जाता है। भारत का कहना है कि पाकिस्ता …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

Farmers Protest: सरकार के 60% उपज खरीदने के फैसले के बाद किसानों ने खत्म किया आंदोलन, घरों की ओर लौटे

11:22 PM, 29-Jul-2026 किसानों ने खत्म किया आंदोलन बीते तीन दिनों से जारी किसान आंदोलन बुधवार रात खत्म हो गया। किसानों ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। इसके पीछे सरकार के उस फैसले को माना जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत उपज खरीदे जाने की बात कही गई। दिनभर की गहमागहमी के बाद आंदोलन खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान अब घरों की लौटने लगे हैं। बीते तीन दिनों से जारी किसान आंदोलन बुधवार रात खत्म हो गया। किसानों ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की। इसके पीछे सरकार के उस फैसले को माना जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत उपज खरीदे जाने की बात कही गई। दिनभर की गहमागहमी के बाद आंदोलन खत्म होने से शहर के लोगों ने राहत की सांस ली है। किसान अब घरों की लौटने लगे हैं। 10:50 PM, 29-Jul-2026 सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद किए सरकार के फैसले के बाद किसान दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ किसान सरकार के 60% खरीदी के फैसले से सहमत हैं, जबकि कुछ किसान अब भी 100% खरीदी की मांग पर अड़े हैं। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। इधर, राजभवन, रोशनपुरा, बाणगंगा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के फैसले के बाद किसान दो गुटों में बंट गए हैं। कुछ किसान सरकार के 60% खरीदी के फैसले से सहमत हैं, जबकि कुछ किसान अब भी 100% खरीदी की मांग पर अड़े हैं। दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा जारी है। इधर, राजभवन, रोशनपुरा, बाणगंगा और पॉलिटेक्निक चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात है। सीएम हाउस जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 30, 2026 · 2 min · National Desk

VHP: राहुल गांधी के बयान पर वीएचपी का पलटवार, कहा- बजरंग दल पर आरोपों के लिए मांगें माफी; दी क्या चेतावनी?

राहुल गांधी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि दिल्ली और अन्य स्थानों पर नीट आंदोलन में शामिल छात्रों पर बजरंग दल के सदस्य हमला कर रहे हैं। इस आरोप पर आपत्ति जताते हुए वीएचपी के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेंद्र जैन ने कहा कि राहुल गांधी जिन घटनाओं का जिक्र कर रहे हैं, उनसे बजरंग दल का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि देश का अपमान करने वालों का विरोध करने का अधिकार सभी नागरिकों को है।जैन ने बयान में कहा, “आज आपने बजरंग दल का भी नाम लिया। अगर देश के लोग सेना का अपमान करने वालों, भारत माता को गाली देने वालों या देश के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों को रोकते हैं, तो इसमें बजरंग दल कहां से आ गया?“उन्होंने कहा कि भारत का अपमान करने और देश के खिलाफ बोलने वालों का देश की जनता निश्चित रूप से विरोध करेगी। जैन ने कहा, “बजरंग दल का नाम लेना आपकी गलती थी। इस झूठ के लिए आपको माफी मांगनी चाहिए। हम आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार कर रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार झूठे बयान देकर जनता और युवाओं को गुमराह करने का प्रयास करते हैं।जैन ने कहा, “राहुल गांधी बार-बार झूठ बोलने के दोषी रहे हैं। उन्होंने लोगों और देश की छवि खराब करने के लिए कई बार झूठ बोला है। कई मामलों में उन्हें माफी भी मांगनी पड़ी। एक मामले में उन्हें दोषी भी ठहराया गया और वह जमानत पर बाहर हैं, लेकिन उन्होंने अब तक कोई सबक नहीं सीखा।” राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए भाषण और बाद में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए जैन ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता के पद पर रहते हुए वह “उकसाने वाले” और “झूठे” बयान दे रहे हैं, जिससे उस पद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

Bihar: 'मैं रूस में था, फिर भी बना दिया आरोपी', NEET केस में युवक का सनसनीखेज दावा, नया विवाद आया सामने

बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों के बीच अब एक नया विवाद सामने आया है। किशनगंज जिले के एक युवक ने दावा किया है कि उसका नाम प्रदर्शन से जुड़े मामले में दर्ज कर दिया गया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। युवक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और एफआईआर से नाम हटाने की मांग की है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। किशनगंज जिले के रहने वाले मोहम्मद सदाकत ने दावा किया है कि पुलिस ने NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामले में उनका नाम एफआईआर में शामिल कर लिया, जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहे हैं। मोहम्मद सदाकत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने कहा है कि वह पिछले चार महीने से रूस में हैं और 25 जुलाई को बहादुरगंज में हुए प्रदर्शन के दौरान भारत में मौजूद ही नहीं थे। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।वीडियो में सदाकत ने सवाल उठाया कि जब वह देश में ही नहीं थे, तो उनके खिलाफ मामला कैसे दर्ज कर दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और एफआईआर से अपना नाम हटाने की मांग की है।इस मामले पर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक हरि मोहन शुक्ला से संपर्क किया गया। उन्होंने सदाकत के दावे की न तो पुष्टि की और न ही उसका खंडन किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन से जुड़े मामलों में यदि किसी को कोई शिकायत है, तो वह पुलिस के पास आकर अपनी बात रख सकता है। उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान द …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

भोजशाला विवाद: वैकल्पिक नमाज स्थल पर फिर बढ़ा विवाद, मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इस याचिका में मध्य प्रदेश के धार जिले में विवादित भोजशाला परिसर के पास शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए वैकल्पिक स्थल उपलब्ध कराने के निर्देश का पालन न करने का आरोप लगाया गया है। 24 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा वी मोहना की पीठ ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी। हालांकि, पीठ के जल्दी स्थगित होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई कब होगी? वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने इस मामले का जिक्र तब किया जब बेंच दिन भर की कार्यवाही समाप्त करने वाली थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि याचिका पर गुरुवार को सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा, ‘आप अहमदी को वैकल्पिक स्थल का विवरण क्यों नहीं देते?’ वरिष्ठ अधिवक्ता ने क्या कहा? अहमदी ने कहा, ‘आपके आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह स्थल 1.3 किलोमीटर दूर है और (जिला) कलेक्टर ने आदेश जारी कर कहा है कि केवल यही स्थल आवंटित किया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि अदालत के पहले के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। विधि अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ने एक अन्य स्थान की पहचान कर ली है। उन्होंने पीठ के सामने कहा कि ’ नहीं, नहीं। हम फिर मिले। हमें एक और जगह मिल गई है। हालांकि, अहमदी ने प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अनुपयुक्त और बहुत दूर है। उन्होंने कहा कि भोजशाला स्थल के पास एक दरगाह है, और उसके सामने जमीन है जिसे आवंटित किया जा सकता है। कोर्ट ने पिछले सुनवाई में क्या कहा? 14 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: नई एसआईटी ने संभाली जांच की कमान, वर्चुअल बैठक में लिया सारा ब्योरा

चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच के लिए गठित नई एसआईटी ने अभी औपचारिक बैठक नहीं की है लेकिन जांच को लेकर टीम सक्रिय हो गई है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी के तीनों अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर अब तक हुई जांच और पुलिस की कार्रवाई की जानकारी ली है। राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को ही नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में प्रदेश सरकार ने 26 जुलाई को ही नई एसआईटी गठित की है। इसमें लखनऊ के आईजी किरण एस के अलावा अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को भी शामिल किया गया है। आगे की विवेचना अब इसी टीम के पर्यवेक्षण में आगे बढ़ना है। ऐसे में अब तक की विवेचना, आरोपियों से हुई पूछताछ, सामने आए साक्ष्य, संपत्तियों से जुड़े तथ्यों और अन्य बिंदुओं की समीक्षा एसआईटी के स्तर से होगी।डीआईजी और एसएसपी इस मामले से अभी तक अलग नहीं थे। दोनों की निगरानी में ही स्थानीय पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस की कार्रवाई और विवेचना में उठाए जाने वाले कदम भी इन्हीं के पर्यवेक्षण में लिए जा रहे थे। फर्क इतना था कि उनकी भूमिका पर्दे के पीछे पर्यवेक्षण तक सीमित थी। अब नई एसआईटी में शामिल होने के बाद यही अधिकारी जांच की निगरानी में औपचारिक रूप से सामने होंगे।एसआईटी में शामिल होने के बाद तीनों अधिकारियों ने आपस में समन्वय स्थापित किया है। इसके लिए उनकी वर्चुअल बैठक हुई है। इस बैठक को जांच आगे बढ़ने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। अब एसआईटी पहले से हुई कार्रवाई का पूरा ब्योरा जुटाएगी। किन पहलुओं पर काम करने की आवश्यकता है, इसका भी निर्धारण होगा। इसके बाद जरूरत के मुताबिक विवेचना की दिशा तय की जा सकती है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

केरल में पुलिस संघों के पुनर्गठन पर सियासी घमासान: पिनाराई विजयन ने UDF सरकार पर लगाए गंभीर आरोप; क्या कहा?

केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को कांग्रेस नीत यूडीएफ सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। विजयन ने पुलिस संघों के एकतरफा पुनर्गठन के जरिए राज्य पुलिस को राजनीतिक नियंत्रण में लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सरकार ने संबंधित पक्षों से बिना किसी चर्चा के पुलिस संघों का पुनर्गठन किया है, जो “बेहद अलोकतांत्रिक” है और पुलिसकर्मियों की संगठनात्मक स्वतंत्रता पर हमला है। विजयन ने दावा किया कि राज्य में वर्ष 1979 से पुलिस संघ काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संबंधित पक्षों से सलाह किए बिना मौजूदा व्यवस्था को “तानाशाही तरीके” से खत्म कर दिया।विजयन ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई समितियों की जगह तदर्थ समितियां बनाए जाने की खबरों की आलोचना करते हुए कहा कि यह पुलिस संघों की स्वायत्तता में अस्वीकार्य हस्तक्षेप है। माकपा नेता ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन के तहत ग्रेड पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों का दर्जा घटाया गया है और एक ही रैंक के कर्मचारियों को अलग-अलग संघों में बांटा गया है। उनके अनुसार, इससे पुलिस बल की एकजुटता और मनोबल कमजोर होगा।विजयन ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस का राजनीतिकरण कर उसे अपने हितों के अधीन काम करने वाला बल बनाना चाहती है। उन्होंने मांग की कि सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद इस संबंध में जारी कथित आदेश को तत्काल वापस लिया जाए। विजयन की यह टिप्पणी उन मीडिया रिपोर्टों के बीच आई है, जिनमें कहा गया है कि यूडीएफ सरकार ने मान्यता प्राप्त पुलिस संघों की संख्या तीन से घटाकर दो कर दी है। इसके चलते केरल पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन को भंग किए जाने की भी …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk

'बाबरी मस्जिद को नहीं गिराना चाहिए था' कहना राष्ट्रविरोधी नहीं: हाईकोर्ट की टिप्पणी, SDPI नेताओं को दी राहत

जज ने क्या कहा? जस्टिस माधव जामदार ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी प्राथमिकी के आधार पर दोनों लोगों के खिलाफ जारी तड़ीपार आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं लगते। खासकर तब, जब इन्हीं प्रदर्शनों में अन्य राजनीतिक दलों ने भी हिस्सा लिया था। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कार्रवाई चुनिंदा तरीके से की गई लगती है और दोनों याचिकाकर्ताओं के मुस्लिम समुदाय से होने के कारण प्रभावित हो सकती है। जज ने कहा, प्राथमिकी सभी राजनीतिक दलों के खिलाफ है। लेकिन केवल इन याचिकाकर्ताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने आगे कहा, कार्रवाई चुनिंदा तरीके से नहीं की जा सकती। क्या आपने कांग्रेस पार्टी के राजनीतिक कार्यकर्ताओं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की है? सिर्फ इसलिए कि वे एक धर्म से जुड़े हैं? कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘अयोध्या में बाबरी मस्जिद को नहीं गिराया जाना चाहिए था’, ऐसा विचार रखना राष्ट्रविरोधी नहीं है। किसी भी नागरिक को इस मुद्दे पर अपनी राय रखने का अधिकार है। याचिकाकर्ता फिरोज अब्दुल वहाब खान और मोहम्मद रफीक गुलाम रसूल अंसारी ने 3 दिसंबर 2025 को जारी तड़ीपार आदेश को चुनौती दी थी। इस आदेश के तहत उन्हें एक साल के लिए मुंबई से बाहर रहने को कहा गया था। ये आदेश 2024 और 2025 में दर्ज तीन प्राथमिकी के आधार पर जारी किए गए थे। इनमें वक्फ विधेयक को लेकर हुए प्रदर्शन, चेंबूर-गोवंडी में सीमेंट गोदामों से होने वाले वायु प्रदूषण और बाबरी मस्जिद मुद्दे से जुड़े विरोध प्रदर्शन शामिल थे। याचिकाकर्ताओं के वकील ने क्या दलील दी? याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील इब्राहिम हरबत ने दलील दी कि कथित घटनाओं में महारा …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

July 29, 2026 · 2 min · National Desk