भारत छोड़ो आंदोलन के 84 साल: आखिर क्यों गूंजा था 'करो या मरो', कैसे बदल गई आजादी की लड़ाई की दिशा?

भारत छोड़ो आंदोलन के 84 साल: आखिर क्यों गूंजा था ‘करो या मरो’, कैसे बदल गई आजादी की लड़ाई की दिशा? इसी ऐतिहासिक बैठक में गांधीजी ने वह संदेश दिया, जिसने पूरे देश में नई ऊर्जा भर दी करो या मरो । यह केवल एक नारा नहीं था, बल्कि अंग्रेजी शासन के खिलाफ अंतिम जनसंघर्ष का आह्वान था। उसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित किया और ब्रिटिश सरकार से साफ शब्दों में कहा कि अब भारत पर उसका शासन समाप्त होना चाहिए। इसके साथ ही शुरू हुआ भारत छोड़ो आंदोलन, जिसे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे व्यापक और निर्णायक जनआंदोलनों में से एक माना जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत क्यों हुई और इसने भारत की आजादी की लड़ाई की दिशा कैसे बदल दी? आइए जानते हैं… 8 अगस्त 1942, मुंबई का ग्वालिया टैंक मैदान (आज का अगस्त क्रांति मैदान) लोगों से खचाखच भरा हुआ था। मंच पर महात्मा गांधी मौजूद थे। देश के सामने सबसे बड़ा सवाल था क्या भारत अंग्रेजों के अधीन रहते हुए द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन का साथ देता रहेगा या अब अपनी आजादी के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगा? आखिर 1942 में ऐसा क्या हुआ कि कांग्रेस ने अंतिम लड़ाई का फैसला किया? भारत छोड़ो आंदोलन अचानक शुरू नहीं हुआ था। इसके पीछे कई वर्षों की राजनीतिक घटनाएं और उस समय की अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां थीं। सितंबर 193 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Haryana: अब मिलेगा गरिमा के साथ मौत का भी अधिकार, दो मेडिकल बोर्ड तय करेंगे तो हटेगा लाइफ सपोर्ट

हरियाणा में अब जीवन के अंतिम चरण में इलाज से जुड़े फैसलों के लिए नई कानूनी व्यवस्था लागू होने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को गरिमा के साथ मृत्यु (राइट टू डाई विद डिग्निटी) संबंधी नियम लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत जिला अस्पतालों में मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे और लिविंग विल (एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव) की व्यवस्था भी प्रभावी होगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसी मरीज का लाइफ सपोर्ट हटाने का फैसला न तो कोई डॉक्टर अकेले ले सकेगा और न ही मरीज के परिजन। इसके लिए दो अलग-अलग मेडिकल बोर्डों की मंजूरी अनिवार्य होगी। दोनों बोर्डों की सहमति मिलने के बाद ही लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। साथ ही संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी को भी इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। स्वास्थ्य महानिदेशक मनीष बंसल के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। सभी संस्थानों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद किसी मरीज का लाइफ सपोर्ट हटाने का फैसला न तो कोई डॉक्टर अकेले ले सकेगा और न ही मरीज के परिजन। इसके लिए दो अलग-अलग मेडिकल बोर्डों की मंजूरी अनिवार्य होगी। दोनों बोर्डों की सहमति मिलने के बाद ही लाइफ सपोर्ट हटाने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। साथ ही संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी को भी इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा।स्वास्थ्य महानिदेशक मनीष बंसल के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Top News: दिल्ली-NCR में बारिश से हाहाकार; भारत पर 100% टैरिफ की तैयारी में US; IIT में डिग्रियां बांटेंगे PM

Top News Today: आज शनिवार, 08 अगस्त 2026 की सुबह देश-दुनिया की बड़ी और हलचल भरी खबरों के साथ आपका अमर उजाला हाजिर है। देश-दुनिया में आज कई बड़ी घटनाएं सुर्खियों में रहीं। आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में पीएम मोदी जेन जी को डिग्रियां देंगे और मेधावी छात्रों को पदक प्रदान करेंगे। वहीं, प्रयागराज में राहुल गांधी राजस्थान और उत्तराखंड के बाद ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए पूर्वांचल के युवाओं को साधेंगे। दूसरी ओर, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर सीनेट में ग्राहम को बड़ी सफलता मिली है और बिल 86-11 के बहुमत से मंजूर हो गया है, जिससे यूक्रेन को संभावित लाभ पर चर्चा तेज है। इन खबरों के बीच मौसम ने भी दिल्ली-एनसीआर में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिससे जमीन से आसमान तक यातायात प्रभावित हुआ और कई इलाकों में जलभराव के कारण बच्चे गलियों में तैरते तो गाड़ियों को सड़कों पर रेंगते देखा गया। वहीं, झारखंड के रांची में छात्रों और सरकार के बीच आंदोलन को लेकर हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। CBI जांच पर सहमति नहीं बन सकी, अब अंतिम फैसला मुख्यमंत्री के साथ अगली बैठक में होगा और फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा। देश-दुनिया की ये सभी बड़ी खबरें विस्तार से पढ़ें एक जगह और एक ही क्लिक में… …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

IIT Delhi: आईआईटी का 57वां दीक्षांत समारोह आज, पीएम मोदी जेन जी को देंगे डिग्रियां और मेधावी छात्रों को पदक

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री जेन जी से लेकर 74 वर्षीय शोधार्थी सहित 3036 छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर मेधावी छात्रों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक और अन्य प्रतिष्ठित पदक भी देंगे। वे आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित एआई संचालित उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा परम प्रज्ञा का उद्घाटन भी करेंगे। आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने प्रेस वार्ता के दौरान ये बताया। कहा कि इस वर्ष 3036 छात्रों को डिग्री मिलेगी।इनमें 587 पीएचडी, 567 एमटेक और 1049 बीटेक के छात्र शामिल हैं। संस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 600 करोड़ रुपये के प्रायोजित अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य किया है। पिछले एक वर्ष में 196 नए पेटेंट दाखिल किए गए और 26 नए स्टार्टअप स्थापित हुए। आईआईटी दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रगति की है, जिसमें 30 देशों के साथ 88 सक्रिय समझौते शामिल हैं।आईआईटी दिल्ली ने छात्र कल्याण के लिए कई नई पहल की हैं। प्लेसमेंट में चयनित पूर्व छात्रों को अंतिम वर्ष के छात्रों का मेंटर बनाया गया है। कॉल फॉर अ फ्रेंड कार्यक्रम छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान कर रहा है। संस्थान के उप निदेशक अरविंद नेमा ने बताया कि पिछले वर्ष अक्तूबर से सभी प्रशासनिक कार्य पेपरलेस हो गए हैं।आईआईटी दिल्ली के सोनीपत और अबू धाबी परिसर में भी उल्लेखनीय …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Defence Prep: भारत में छठी पीढ़ी की उड़ान की तैयारी! फ्रांस के FCAS पर नजरें, संसदीय समिति में क्या चर्चा हुई?

रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस सरकार की अगुवाई वाले फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) के तहत विकसित किए जा रहे छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम से जुड़ने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति ने मंत्रालय से ऐसे विमानों की खरीद के लिए रोडमैप भी मांगा है। क्या छठी पीढ़ी के विमान के विकास और खरीद की योजना आगे बढ़ेगी? संसदीय समिति ने शुक्रवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय को छठी पीढ़ी के विमानों के विकास और अधिग्रहण के लिए एक स्पष्ट दिशा तय करने तथा योजना प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की सिफारिश की। समिति ने कहा कि मौजूदा समय में युद्ध तेजी से वायु-केंद्रित हो रहा है और ऐसे में भारत की हवाई क्षमता को मजबूत करना जरूरी है। किन दो अंतरराष्ट्रीय समूहों में विकसित हो रहे छठी पीढ़ी के विमान? रिपोर्ट के अनुसार, समिति को बताया गया कि छठी पीढ़ी के विमानों पर दो कंसोर्टियम काम कर रहे हैं। इनमें एक ब्रिटेन, इटली और जापान का समूह है, जबकि दूसरा फ्रांस और जर्मनी का कंसोर्टियम है। दोनों समूह छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास पर काम कर रहे हैं। क्या AMCA का डिजाइन तैयार हो चुका है? समिति ने कहा कि उसे जानकारी दी गई है कि भारतीय वायुसेना किसी एक कंसोर्टियम के साथ जुड़ने की कोशिश करेगी और छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को तुरंत ध्यान में रखेगी, ताकि उन्नत विमानों के लक्ष्य को हासिल करने में भारत पीछे न रह जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का डिजाइन तैयार हो चुका है और इसके निर्माण को लेकर बातचीत फिलहाल जारी है। समिति ने कहा कि विमान की तकनीकी क्षमता में सुधार वायुसेना की लड़ाकू क्षमता ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

Prayagraj: आज पूर्वांचल के युवाओं को साधेंगे राहुल, राजस्थान-उत्तराखंड के बाद संगम नगरी में ‘छात्रों की गूंज’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज से पूर्वांचल के युवाओं को साधेंगे। साथ ही यूपी में चुनावी शंखनाद भी करेंगे। वह केपी इंटर कॉलेज मैदान पर शाम को दो घंटे छात्रों से संवाद करेंगे। प्रयागराज प्रतियोगी छात्रों का शहर है। राजस्थान व उत्तराखंड के बाद राहुल गांधी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के सफल समापन के साथ संगम को मथने लिए कांग्रेस ने प्रयागराज को चुना है। कांग्रेस के कई बड़े नेता पहुंच चुके हैं। शनिवार को यूपी के तकरीबन 25 जिलों के शहर व जिला अध्यक्ष समेत कांग्रेस के प्रदेश में सभी छह सांसद व कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।राहुल गांधी शाम 6:30 से 8:30 बजे तक केपी इंटर कॉलेज मैदान पर छात्रों से सीध संवाद करेंगे। वह नीट के साथ आरओ/आरआरओ व अन्य भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दे के साथ भर्ती परीक्षाओं में हो रही देरी, भर्तियों में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी पर बात करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दो लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराए हैं।राहुल छात्र संवाद में शामिल होने से पहले अपने पैतृक आवास स्वराज भवन पहुंचेंगे। वहां तकरीबन ढाई घंटे वह रहेंगे। इस दौरान पार्टी के सांसद, विधायक और प्रदेश प्रभारी, सहप्रभारियों एवं वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनाव से संबंधित तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श भी करेंगे।तकरीबन दो लाख छात्र प्रयागराज की विभिन्न डेलीगेसियों व हॉस्टल में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इनमें आधे से अधिक युवा पूर्वांचल के रहने वाले हैं। वहीं, देश को कई प्रधानमंत्री दे चुका इलाहाबाद विश्वविद्यालय भी हमेशा से राजनीति के केंद्र में रहा है। साथ ही यहां मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

सीजेपी में भाई-भतीजावाद हावी?: कोर कमेटी के गठन पर फूटा गुस्सा, अभिजीत दीपके के घर के बाहर अनशन पर बैठे युवा

भारतीय राजनीत में परिवारवाद और भाई-भतीजावाद कब किस संगठन में हावी हो जाए पता ही नही चलता। अमूमन राज्य के सभी राजनीतिक दलों पर ये आरोप लगते रहते हैं। अब हाल ही में बने छात्रों के हित में सीजेपी संगठन पर भी यही आरोप लग रहे हैं। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की कोर कमेटी को लेकर विवाद सामने आया है। अभिजीत दीपके के घर के बाहर पहुंचे कुछ युवाओं ने पार्टी नेतृत्व पर परिवारवाद और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े सभी कोऑर्डिनेटर्स को प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। युवाओंं ने बताया कब तक जारी रहेगा अनशन? प्रदर्शन कर रहे युवाओं का दावा है कि वे जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की शुरुआत से ही सक्रिय रहे और आंदोलन में कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई। आरोप है कि हाल ही में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में केवल अभिजीत दीपके के करीबी और पहचान वाले लोगों को बुलाया गया जबकि आंदोलन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं का आंदोलन था। उनका दावा है कि जंतर मंतर आंदोलन से करीब 450 लोग कोऑर्डिनेटर के रूप में जुड़े थे लेकिन उन्हें बैठक में शामिल नहीं किया गया। युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि देर रात तक पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका से बैठक और आंदोलन को लेकर बातचीत होती रही लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि वे अभिजीत दीपके के घर के बाहर अनशन पर बैठेंगे और जब तक आंदोलन से जुड़े सभी युवाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना और अनशन जारी रहेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

छात्रों और सरकार के बीच वार्ता खत्म: CBI जांच पर सहमति नहीं, अंतिम फैसला CM के साथ अगली बैठक में; आंदोलन जारी

झारखंड में JPSC-JSSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और CBI जांच की मांग को लेकर जारी छात्रों के सत्याग्रह आंदोलन के 14वें दिन शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। रांची स्थित राजकीय अतिथिशाला में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि, आंदोलन की सबसे अहम मांग CBI जांच पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। ऐसे में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक इस मांग पर फैसला नहीं होता, तब तक उनका सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा। रविंद्र पासवान बोले- पहली बैठक बेहद सकारात्मक रही बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार के साथ यह उनकी पहली औपचारिक बैठक थी। उन्होंने कहा कि चर्चा का माहौल बेहद सकारात्मक रहा और सभी के साथ बैठकर ऐसा महसूस हुआ जैसे परिवार के बीच बातचीत हो रही हो। रविंद्र पासवान ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राज्य सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सभी मंत्री उनकी मांगों को वास्तविक मानते हुए उन पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने बताया कि यह बातचीत का पहला चरण था, जिसमें छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपनी सभी मांगों से अवगत कराया। आने वाले दौर की बैठकों में इन मांगों पर विस्तृत चर्चा और निर्णय की उम्मीद है। सरकार ने मांगों पर गंभीर विचार का दिया भरोसा बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। सरकार ने उनकी सभी मांगों को गंभीरता से सुना और समझा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 8, 2026 · 2 min · National Desk

सीजेपी में भाई-भतीजावाद हावी?: कोर कमेटी के गठन पर फूटा गुस्सा, अभिजीत दीपके के घर के बाहर अनशन पर बैठे युवा

भारतीय राजनीत में परिवारवाद और भाई-भतीजावाद कब किस संगठन में हावी हो जाए पता ही नही चलता। अमूमन राज्य के सभी राजनीतिक दलों पर ये आरोप लगते रहते हैं। अब हाल ही में बने छात्रों के हित में सीजेपी संगठन पर भी यही आरोप लग रहे हैं। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की कोर कमेटी को लेकर विवाद सामने आया है। अभिजीत दीपके के घर के बाहर पहुंचे कुछ युवाओं ने पार्टी नेतृत्व पर परिवारवाद और पक्षपात के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े सभी कोऑर्डिनेटर्स को प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। युवाओंं ने बताया कब तक जारी रहेगा अनशन? प्रदर्शन कर रहे युवाओं का दावा है कि वे जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की शुरुआत से ही सक्रिय रहे और आंदोलन में कोऑर्डिनेटर की भूमिका निभाई। आरोप है कि हाल ही में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में केवल अभिजीत दीपके के करीबी और पहचान वाले लोगों को बुलाया गया जबकि आंदोलन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं का आंदोलन था। उनका दावा है कि जंतर मंतर आंदोलन से करीब 450 लोग कोऑर्डिनेटर के रूप में जुड़े थे लेकिन उन्हें बैठक में शामिल नहीं किया गया। युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि देर रात तक पार्टी प्रवक्ता आशुतोष रांका से बैठक और आंदोलन को लेकर बातचीत होती रही लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि वे अभिजीत दीपके के घर के बाहर अनशन पर बैठेंगे और जब तक आंदोलन से जुड़े सभी युवाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया जाता, तब तक उनका धरना और अनशन जारी रहेगा। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 7, 2026 · 2 min · National Desk

छात्रों और सरकार के बीच वार्ता खत्म: CBI जांच पर सहमति नहीं, अंतिम फैसला CM के साथ अगली बैठक में; आंदोलन जारी

झारखंड में JPSC-JSSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और CBI जांच की मांग को लेकर जारी छात्रों के सत्याग्रह आंदोलन के 14वें दिन शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण वार्ता हुई। रांची स्थित राजकीय अतिथिशाला में करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। हालांकि, आंदोलन की सबसे अहम मांग CBI जांच पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। ऐसे में छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक इस मांग पर फैसला नहीं होता, तब तक उनका सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा। रविंद्र पासवान बोले- पहली बैठक बेहद सकारात्मक रही बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बातचीत को सकारात्मक बताते हुए कहा कि सरकार के साथ यह उनकी पहली औपचारिक बैठक थी। उन्होंने कहा कि चर्चा का माहौल बेहद सकारात्मक रहा और सभी के साथ बैठकर ऐसा महसूस हुआ जैसे परिवार के बीच बातचीत हो रही हो। रविंद्र पासवान ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि राज्य सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सभी मंत्री उनकी मांगों को वास्तविक मानते हुए उन पर गंभीरता से विचार करेंगे। उन्होंने बताया कि यह बातचीत का पहला चरण था, जिसमें छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को अपनी सभी मांगों से अवगत कराया। आने वाले दौर की बैठकों में इन मांगों पर विस्तृत चर्चा और निर्णय की उम्मीद है। सरकार ने मांगों पर गंभीर विचार का दिया भरोसा बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। सरकार ने उनकी सभी मांगों को गंभीरता से सुना और समझा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें) ...

August 7, 2026 · 2 min · National Desk